Tuesday, 3 February 2026

मुल्ला मुलायम कहलाने वाले नेताजी की रामद्रोह कथा Mulayam Singh Full History Satya Sanatan

नमस्कार दोस्तों आप सबका एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने यूट्यूब चैनल सत्य सनातन में आज मुल्ला मुलायम सिंह जी का निधन हो गया है किसी ने कहा मृत्यु हो गई है किसी ने कहा स्वर्गवास हो गया है तो किसी ने यह भी कहा की उनका इंतकाल हुआ है और अब उनको जन्नत आता हो जाएगी ये इंतकाल और जन्नत वाली जो बात है ये थोड़ी सी चुभने वाली है लेकिन ऐसा हो भी क्यों ना क्योंकि उन्होंने वो कृत्य किया था जो कोई मुसलमान भी नहीं कर पाया था हमारे धर्म में कहते हैं की मरणोपरांत किसी की बुराई नहीं करनी चाहिए लेकिन ऐसा भी कहीं पर नहीं लिखा है की किसी के विषय में सत्य नहीं बोलना चाहिए बल्कि धर्म का पहला लक्षण ही सत्य है आज इस अवसर पर मुल्ला मुलायम सिंह या कहिए की मौलाना मुलायम सिंह जी के विषय में हमें यह बात जनहानि अत्यंत आवश्यक है जो उन्होंने उपाधि सोम धारण की थी और मौलाना ने उनको दी थी अब से तकरीबन 2022 दिन के बाद में 2 नवंबर ए रहा है 2 नवंबर ही कला दिन था जिस दिन राम भक्तों पर कर सेवकों पर अंधाधुंध गोलिया चलवाई गई थी जलियांवाला बाग हत्याकांड अंग्रेजों ने हिंदुओं के खिलाफ किया था हिंदुस्तानियों के खिलाफ किया था हिंदुस्तानी एवं के खिलाफ किया था लेकिन यहां पर जो कांड हुआ है वो एक गौ भक्त कॉम से संबंधित मुलायम सिंह यादव के द्वारा हिंदुओं पर ही कराया गया राम भक्तों पर करवाया गया था उसे जन्मभूमि पर जहां पर भगवान श्री राम का जन्म हुआ जहां पर उनका बचपन खेला और जहां पर उन्होंने शासन किया और इस धारा को संचालित किया था उसी धारा पर एक व्यक्ति मरते मरते अपने खून से सीताराम लिखता है लेकिन सीआरपीएफ के टुकड़ी पीछे से आकर के उसे व्यक्ति के सर में सात गोलियां दाग दी है आप यकीन नहीं मानेंगे की जितने भी लोग मारे एक के भी पैर में गोली नहीं लगी थी सबके दिनों में और सिरों में गोलियां लगी 1990 की यानी की हमारी पैदाइश के समय यह कांड हो रहा था और हमें इस बात के विषय में पता भी नहीं था बाद में इतिहास को बदला गया किताबें बदली गई और हमारे हिंदू बच्चों के दिमाग में ये बात भर दी गई की वहां पर कोई राम जन्म भूमि नहीं थी उसके लिए कोई लड़ाई नहीं लड़ी गई बल्कि यह लड़ाई तो राजनीतिक है यह राजनीतिक सातों को हथियाना की बात है वहां पर तो हॉस्पिटल बन जाना चाहिए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बयान आज भी सब में मशहूर है लेकिन आज वही लोग जिनके नेगन मंदिर का विरोध करते रहे राम जन्मभूमि को गली देते रहे राम भगवान को गली देते हैं आज भी वही लोग का रहे हैं की हम राम जन्म भूमि के दर्शन करने के लिए आपको फ्री में भेजेंगे जो वो फ्री में जाने के चक्कर में रहते हैं मुल्ला मुलायम सिंह यादव जी के विषय में आज की इस वीडियो को अवश्य देखें इस कहानी तो जरूर suniyega कोठारी बंधु जिस समय पर बिना कटियार जी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहे द उसे समय पर जब गोलियां चली तो दो छोटे-छोटे भाई नवयुवक 20 22 साल के भाई द जब गोलियों के दंड आवाज़ सुनी दौड़कर के पास के घर में घुस गए क्या आप यकीन मानेंगे की सीआरपीएफ ने वहां से लोगों को निकल करके बाहर उनके साइन और सिरों में गोलियां दाग दी अपने छोटे भाई को आहट होता देख बड़ा भाई तुरंत जैसे ही बाहर निकल कर के आया उसको भी गोली मार दी गई दृश्य कुछ-कुछ ऐसा लगता है जैसे पाकिस्तानी आतंकवादी हिंदुस्तानी फौजियों को मार रहे हो जैसे की किसी फिल्म में कोई खूंखार या निरीक्षण और एकदम से क्रूर विलन हीरो के परिवार को धन दनादन गोलियों से भून रहा हो एक भाई को पड़कर के दूसरे को बुला रहा हो एक को गोली मार देता है दूसरा दौड़ करके आता है आपने सारी चीज फिल्मों में देखी होंगी सुनी होंगी लेकिन इस सच्चाई साक्षी रही है अयोध्या की भूमि और इसका आदेश पारित करने वाला था मुल्ला मुलायम सिंह यादव जिस समय पर यह गोलीबारी करवाई गई थी उसका लिखित में कोई आदेश नहीं था इस हत्याकांड के बाद में मजिस्ट्रेट से इसके आदेश पर सिग्नेचर करवाए गए द यही नहीं मुल्ला मुलायम सिंह यादव अपने मरने से कुछ ही वर्ष पहले ये भी कहते हैं की अगर जरूरत पड़ती तो मैं और भी लोगों को मरवाता लेकिन मैं वहां पर यह कार्य नहीं होने देता 5 सितंबर 2020 को जिस समय पर आदेश आया राम जन्म भूमि के जितने भी चाहने वाले दर्शन करने वाले या उन लोगों के परिवार वाले जिन्होंने बलिदान दिया है उन सब के दिलों में तो प्रसन्नता थी लेकिन बच्चों से लड़कों से गलतियां हो जाती हैं और ज्यादा कर सेवकों को मरवाता मैं मुल्ला मुलायम सिंह यादव हूं मुसलमान होगा हक और हकूक उत्तर प्रदेश में हम देकर के रहेंगे इस देश के अंदर कुंभ का प्रबंधन आज़म खान जैसे कट्टर मुस्लिम आतंकवादियों के समर्थक व्यक्ति को देना ऐसे-ऐसे कुकृत्य करने वाले मुल्ला मुलायम सिंह यादव का इतिहास हिंदू विरोध से भरा पड़ा है लेकिन अंत में क्या हुआ मुगलों के इतिहास से हुए उनके टीपू ने उनको ऐसे हटाकर खुद राजगद्दी पर असिन हो गया क्या इस पूरे पाप में अकेले मुल्ला मुलायम सिंह यादव ही अपराधी रहे हैं नहीं उनके सभी लालू प्रसाद यादव भी इससे ज्यादा हकदार रहे हैं असल में बात ये थी की सितंबर में इस बात की घोषणा हुई की हमें राम जन्म भूमि वापस लेनी है 30 अक्टूबर को अयोध्या में यह यात्रा रुकनी थी 30 अक्टूबर को ही पंच राम भक्तों को गोली मार दी गई थी इसके बाद में 2 नवंबर को फिर से गोलीबारी हुई थी जिस समय पर यह कार्य हुआ उसी समय पर आडवाणी के लिए खुले चेतावनी मुल्ला मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश की गद्दी से दी थी और उन्होंने कहा की अयोध्या में घुसकर के दिखाओ इससे उसे समय के जो तत्कालीन प्रधानमंत्री बीपी सिंह द उनका हम आहट हो गया क्योंकि उसे समय पर वीपी सिंह और मुल्ला मुलायम सिंह यादव में फनी बैठी थी कौन बड़ा नेता कौन बड़ा लीडर एक प्रधानमंत्री एक मुख्यमंत्री से लड़ रहा था और इसके चलते उसने अपने गुर्गे यानी के लालू प्रसाद यादव को आदेश दिया के तुम आडवाणी की जो रथ यात्रा है उसको बिहार में ही रुकवा लो ने ना केवल इसको रास्ते में रुकवाया बल्कि आडवाणी समेत सभी नेताओं को बंदी भी बना लिया साथ ही साथ मुसलमान का मसीहा बनने के लिए जितनी बयान बाजी लालू और उसके गुरु के कर सकते द उन्होंने सब कुछ किया इसके बाद में मुल्ला मुलायम सिंह की भावनाएं हुई और उन्होंने कहा की हमें मुसलमान का सबसे बड़ा मसीहा बन्ना है इसके साथ ही साथ उन्होंने फैसला किया की अब हमें nursingstha पर उतरना पड़ेगा कुर्ता पर उतरना पड़ेगा ना उनका ओढ़ा देखा ना उनका भगवा देखा ना हाथ का झंडा देखा ना साइन वास्ते हुए राम देखे सीधे साइन में और सर में गोली मारी गई जहां पर भी राम का नाम बसता हो जप जाता हो वहीं पर दाना डैन गोलियां दागी गई मैंने आपको बताया की श्री गंगानगर राजस्थान के निवासी एक व्यक्ति को जब गोली लगी और वो तड़पते हुए सड़क पर गिर पड़े तो उन्होंने अपने खून से सड़क पर ही सीताराम लिख दिया लोगों ने जिस समय पर इस दृश्य को देखा उनका कलेजा फया लोगों को समझ नहीं आया की यह उन्होंने अपना नाम लिखा है या फिर भगवान का स्मरण करते हुए उनके प्रांत हो गए हैं ऐसी स्थिति में भी मुल्ला मुलायम सिंह यादव के आदेश से इस प्रकार राक्षसी सी बनकर के उभरी सीआरपीएफ ने उनके सर में सात गोलियां दाग दी किसी को भी बख्शा नहीं गया जिस समय पर इस आंकड़े को देखा गया अखबारों ने कहा किसी ने कहा 50 लोग मारे गए किसी ने 70 तो किसी ने 100 से भी अधिक उसे समय के पुलिस वाले भी यह नहीं बता पाए की हमने कितने राउंड गोलिया चलाई हैं लेकिन बाद में आधिकारिक घोषणा की गई की 17 ही लोग मारे गए हैं इसकी वजह समझते हैं आप ना तो ramsevakon को अन्य मरते और गिरते हुए लोगों को सहायता करने दी और ना ही किसी को स्वयं से उठाया गया आशु गैस के जिस समय पर गोले छोड़े जा रहे द जो परिवार चो से पानी डालकर के आशु गैस का धुआं कम करने का प्रयास कर रहे द उनको भी नीचे से ही गोली मारकर के धड़ाम नीचे गिरा दिया गया था बाद में लोगों की lashhen बोरी में भर के तीतर बितर कर दी गई मुल्ला मुलायम सिंह यादव का इतिहास यहीं पर नहीं रुकता है आपको रामपुर तिराहा याद होगा रामपुर तिराहा वही तिराहा है जहां पर उत्तराखंड के डिमांड करने वाले भोले भले और मासूम उत्तराखंड वीडियो को अगवा कर लिया गया था बाद में पता लगा की उनकी लड़कियों उनकी महिलाओं के साथ में इन्हीं के sattadhin लोगों कार्यकर्ताओं के द्वारा गैंग रेप किया गया था उनको मार करके काटकर के नदियों में फेंक दिया गया था उत्तराखंड की मांग तो वर्षों के बाद पुरी हुई थी लेकिन जब देवबंद से मुजफ्फरनगर आते हैं या फिर हरिद्वार से मुजफ्फरनगर जाते हैं तो वहां बीच में एक स्थान आता है जिसका नाम है रामपुर तिराहा यह तिराहा उन्हीं उत्तराखंड वीडियो के लिए उनकी स्मृति में बनाया गया है इस संस्था के बावजूद इस खानदान ने उत्तर प्रदेश में दशकों तक शासन किया इस्लामी तुष्टिकरण किया हिंदुओं की भावनाओं को आहट किया दीपावली और होली जैसे पवित्र त्योहारों को प्रतिबंधित करने का कार्य किया लड़कों से गलतियां हो जाती है ऐसा का कर के लड़कियों के साथ में होने वाले दुष्कर्म को भी जस्टिफाई किया आज उत्तर प्रदेश की जनता जब जाग ही रही है और इस प्रकार की आसुरी शक्तियों से निजात का ही रही है तो ऐसे समय में इसी इतिहासकार आपको मालूम होना बहुत जरूरी है इस छोटी सी वीडियो में दर्शकों के पाप तो नहीं गिनावा सकता ना बता सकता लेकिन संक्षेप में जितना कहा है इतना आखिरकार पर्याप्त है इस वीडियो में सिर्फ इतना ही यदि वीडियो जय हिंद वंदे मातरम जय श्री राम

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