कि मैं दोस्तों एक बार फिर से आप सबका स्वागत है आपके अपने YouTube चैनल सत्य सनातन में आपको याद होना चाहिए एक बाइक चोर तथा झारखंड में कुछ लोगों ने पकड़ लिया था पतली पतली संगठनों से उसको कुछ उसकी पिटाई कर दी थी और 5 दिन के बाद में पुलिस कस्टडी में वह व्यक्ति मर गया था लेकिन हिंदुस्तान के उसके ही मजहब के लोगों ने वह मामला यौन तक पहुंचा दिया था क्योंकि उनकी भावनाएं आहत हुई थी और उन्होंने रूमर एक गलतफहमी लोगों के अंदर झूठ बोल करके प्रचारित की के हिंदूवादी लोगों ने इस व्यक्ति की हत्या की है आप उस व्यक्ति को जानते हैं और उस पूरे के पूरे केस को आप ढंग से पहचानते भी है लेकिन जब पालघर के अंदर संतों की पीट-पीटकर के कैमरे के सामने कैमरे के सामने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी उस मामले को भारत में भी अच्छे तरीके से सुना जा रहा है अथवा नहीं सुना जा रहा है हिंदुओं में वह बात अभी तक जिंदा है भी अथवा नहीं मुझे कोई गारंटी नहीं है लेकिन उनकी आवाज़ उठाने वाले उन संतों की वह वीडियो जिसमें उनको निर्ममता के साथ पिटाई जा रहा था उस विडियो को देख करके यदि एक पत्रकार आंदोलित हो जाता है और यदि वह कुछ शब्द कहता है तो उस पर ऊपर कई सारे धाराओं में केस हो जाता है अर्थात वे इस बात को समझ सकते हैं कि जो लोग यह कहते हैं कि यह तो ऑलरेडी हिंदू राष्ट्र है वह इस बात का जवाब जरूर दें कि यदि आपकी भावनाओं ही नहीं आपके साधु-संतों तक को मार दिया जाए आपकी बहनों को सैकड़ों की तादात में लगा करके लाइन में नाइंथ क्लास से लेकर के ग्रेजुएशन तक उन बच्चों के रैप कर ले जाए मजहब के नाम पर मजहब का डर दिखाकर के खौफ दिखाकर के उसके बावजूद यदि आप आवाज उठाते हैं और आप ही के ऊपर FIR रहती है तो मुझे शक होता है कि हिंदू राष्ट्र तो छोड़िए सेकुलर कंट्री भी नहीं कि है यहां पर केवल और केवल जो फ्रीडम ऑफ स्पीच है फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन है वह केवल और केवल उस मजहब के नाम पर सुरक्षित करके रखे गए हैं जिसकी कि मैं बात कर रहा हूं बहुसंख्यक हिंदू समाज के यहां पर ना कोई भावनाएं हैं चाहे उनको आप कितना भी तार-तार क्यों ना करें वह सब कुछ कूल लगता है लेकिन जैसे ही आप जवाब देने बनाएंगे या तो आपको यह कहकर के पीछे हटा दिया जाएगा कि भाई यही तुम्हारे धर्म में सिखाया बस और या फिर आप के खिलाफ f i r करके आपको अंदर भेजने की पूरी पूरी कोशिश की जाएगी लेकिन हम लोग भी जानते हैं सत्यमेव जयते नानृतम् अर्थात सत्य की ही विजय होती है झूठ की नहीं और आज यह बात सिद्ध हुई है मुंबई हाई कोर्ट से जब अर्नव गोस्वामी जी को उनके ऊपर जितनी भी FIR दर्ज थी उन सब से उनको पारित कर दिया गया है के लोगों ने जांच करके परंपरा करके मुझे समझ नहीं आता कि बार कि पुलिस वालों की पढ़ाई किस नाम की होती है कि उनको जो बता दिया जाए गवर्नमेंट तो यह है कि पुलिस पहले कई बार पुत्र भी कहते हैं अरे यार कौन सी लग रही है उधर है नायरा दी बढ़ा दो खुद सजेस्ट करते हैं यह बढ़ा दो अच्छी यह लग सकती है बीबर दो लेकिन कि उनको खुद नहीं पता है कि जो बोला गया है भाई उसमें यह तो चलता ही नहीं है लेकिन यह होता है कि पावर का दुरुपयोग एक होता है ने अपने पद का अपने अधिकार का दुरुपयोग यह सब करने के बावजूद पूरी ताकत लगाने के बावजूद अपने जितने चमचे थे वह सब कोई इन पत्रकार के पीछे लगा देने के बावजूद सत्य की विजय हुई और वह अपने विक्ट्री साइन के साथ में कोर्ट से बाहर निकले और इस पूरी खबर को मैं आपको बताना चाहता हूं आर्टिकल के माध्यम से सूर्य आर्टिकल मुझे मिला है ऑफ इंडिया से आप लोग भी ऑफ इंडिया को फॉलो करें ऑफ इंडिया आपको जो भी कोई खबर कहीं पर भी होती है कि उसकी तह तक पहुंचकर आप तक पहुंच जाता है बंबई हाई कोर्ट ने रिपब्लिक भारत न्यूज़ चैनल के मुख्य संपादक प्रणव गोस्वामी के खिलाफ महाराष्ट्र पालघर में हुई साधुओं की हत्या के मुद्दे पर कथित सांप्रदायिकता फैलाने के आरोप में और मुंबई के बांद्रा रेलवे में प्रवासी कामगारों के जमा होने को लेकर के मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज की गई 2 FIR पर रोक लगा दी है और यह कहां कहां पर FIR होती हमेशा जहां पर कांग्रेस का शासन होता है कांग्रेस का पूरा आश्वासन मिला हो चाहे उसका पैर का अंगूठा ही केवल शासन में शामिल हों वहां पर भी FIR हो जाती है बंबई हाई कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ कोई भी प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता एक भी मामला नहीं बनता है कोर्ट ने मुंबई पुलिस को आदेश दिया है कि अर्नव गोस्वामी के खिलाफ कोई भी कठोर कार्यवाही नहीं की जानी चाहिए हम सबको जैसे कि पता है कि उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए 153 ये बम 153 बी 295 अजय 2985 से ज़ोर फेज़ 52806 200 के तहत मामला दर्ज किया गया था अर्णब गोस्वामी की ओर से उनके वकील हरीश साल्वे ने इस मामले में कहा कि प्रणव पर की गई यह FIR राजनीति से प्रेरित है और जो कि हमेशा होती भी है यदि किसी भी कांग्रेस शासित राज्य से इस प्रकार के फायर होंगी तो आप समझ जाना कि पूरी तरीके से मिला साइड है लोगों को डराने-धमकाने या उनको जान का जोखिम पैदा करने के लिए कार्य किए जाते हैं महाराज सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने के परिणाम स्वरूप यह FIR दर्ज की गई है यहां तक कि यहां पर यह गौर करने वाली बात है कि एडिटर्स गिल्ड जो होता है वह पत्रकारों की सुरक्षा के लिए तक उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए होता है लेकिन इसमें भी वर्णन गोस्वामी के मामले में वह पूरी तरीके से चुप्पी साधे रहा अब बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा उन्हें राहत प्रदान किए जाने के बाद में मुंबई पुलिस उनके खिलाफ तो वहीं नहीं कर पाएगी अब होगा क्या होगा यह के इसी तरीके की जो भी बुलंद आवाज ए होंगी आप समझ जाना के यदि किसी भी कांग्रेस शासित राज्य से इस प्रकार के fir होती है तो समझ लीजिए कि वह टारगेट पर है समझ लीजिए कि उसकी आवाज को दबाने की पूरी कोशिश की जा रही है लेकिन हमारा यह दृढ़ विश्वास है कि सत्य की ही विजय होती है झूठ की कवि विजय नहीं होती है बल्कि कई बार ऐसे मामलों को कुरेद कर के इन मामलों को उठाने वाले और झूठे आरोप लगाने वाले लोग उल्टे फस जाते हैं ऐसा ही हर बार देखने में आता है वो मेरे संग बोली सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम अ
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