Tuesday, 20 January 2026

125 साल बाद होगा सबसे बडा खुलासा Subhas Chandra Bose And Gandhi Nehru History

है [संगीत] बस दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने YouTube चैनल सत्य सनातन में और आज है 23 जनवरी आज ही के दिन तकरीबन एक सौ पच्चीस साल पहले हमारे देश के सबसे पहले प्रधानमंत्री जी का जन्म हुआ था मैं बात कर रहा हूं सुभाष चंद्र बोस जी के विषय में और जिनके लिए हमने सनातन हॉट पर एक टी-शर्ट हम ले करके आए हैं या टीशर्ट पॉलिस्टर में है इसके ऊपर आपको यह डिजाइन में मिल जाएगा और इसके प्राइस भी हमने काफी कम रखे हैं जो लोग भी टीशर्ट कुमार से खरीदना चाहते हैं वह खरीद सकते हैं और हमेशा की तरह यह जरूर कहना चाहूंगा कि आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद जो भी वहां से सत्साहित्य खरीद रहे हैं जो भी वहां से प्राउड टू बी सनातनी टीशर्ट खरीद रहे हैं क्योंकि यह तरीका मुझे बहुत अच्छा लगा कि आप पेट ना करें और सीधे वहां से कुछ ना कुछ खरीदने हैं कि आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे व्यक्तित्व के विषय में जिनको कि भारत का प्रधानमंत्री होना चाहिए तब पूरे के पूरे भारतवर्ष का लेख या उनके साथ में यूज ज्यादतियां हुई जो उनके साथ में दोगला व्यवहार हुआ उसके विषय में आज की जो हमारी जनरेशन है वह बिल्कुल नहीं जानती है आज अगर कांग्रेस के दिल और दिमाग में जलन पैदा हुई है कि उनको इतना बड़ा सम्मान क्यों मिल रहा है तो समझ गए उस बात को ज्वाइन की तीसरी चौथी पूर्व कि पीड़ितों ने सुभाषबाबू के अस्तित्व को समाप्त करने के लिए डिक्शनरी यंत्र रखे थे वह सारे के सारे धराशाई होते जा रहे हैं मैंने कल के विडियो में यही बात बताई थी कि किस प्रकार से अमर जवान ज्योति गलत स्थान पर चलाई जा रही थी जो कि प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में मारे गए भारतीय सैनिकों के नाम पर बनाया गया कि स्मृतिचिह्न था जबकि पुणे ही लोगों से सुभाष बाबू बार-बार यह रिक्वेस्ट कर रहे थे कि अंग्रेजों की तरफ से मत लड़िए आप आजाद हिंद फौज की तरफ से भी लड़ेंगे तुम पूरे भारतवर्ष युवा जो सिंहासन है जो राज है वह जीत सकते हैं और फिर आपको क्या पता लगता है फिर आपको पता लगता है यह के गांधी को नेहरू को भी वीक में या आजादी फेंक दी गई और वह भी अपने एजेंट बना करके उसके ऊपर में बहुत सारी बातें कर चुका हूं लेकिन यहां पर नेहरू-गांधी खानदान की यह सच्चाई एक होना बहुत जरूरी है आप लोगों को पता है कि किस प्रकार से जिस समय पर सुभाष बाबू कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष चुने जा रहे थे उनको तकरीबन 1500 वोट पड़े थे गांधी के लिए सबसे चहेते थे पट्टाभि सीतारमैया उनको तकरीबन 1300 1377 के आसपास वोट मिले थे और जिनको प्राप्त करने के बावजूद कि अल्पमत मिलने के बावजूद गांधी ने जिसको मैं मोहनदास करमचंद गाजी बोलता हूं इस व्यक्ति ने सुभाष बाबू का बायकाट कर दिया था और वह मान सुभाष बाबू सहन नहीं कर पाए थे उन्होंने तुरंत अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया वह इस्तीफा भी आजकल काफी वायरल हो रहा है और उसके बाद में गाजी ने ने पट्टाभी सीतारमैया को ही अध्यक्ष बनाया था अर्थात यदि लोकतंत्र में कोई व्यक्ति बहुमत से भी जीत करके आ गया तिल नेहरू-गांधी खानदान ने उन लोगों तक का भी सम्मान नहीं किया जो आज लोकतंत्र की दुहाई देते हैं उन लोगों ने जिनके नेताओं ने सुभाष बाबू अरविंद महर्षि अरविंद को या सावरकर को जिन्होंने आतंकी का सीधे-सीधे उन लोगों को सम्मान मिलता है और मिलता आया है जिस समय पर 1968 के दौरान लोकसभा में खड़े होकर के कि खड़े होकर के सांसदों ने यह कहा कि हमें अंडमान निकोबार द्वीप समूह का नाम या तो स्वराज रखना चाहिए शहीदों के नाम पर रखना चाहिए यदि आप सुभाष बाबू के नाम पर रखेंगे तो वह भी चलेगा रखना रखा जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने ही सबसे पहले वहां से अपने द्वीपों को विजिट करना शुरू किया था लेकिन यह प्रस्ताव भी नहीं माना गया था उसी प्रस्ताव में यह भी कहा गया था कि जॉर्ज पंचम जिसने कि दिल्ली को राजधानी अंग्रेजों की हुकूमत के समय पर राजधानी बनाते समय अपनी मूर्ति लगवाई थी और सभी रियासतों के राजाओं के घुटने रिक्वायर थे अपने सामने उस मूर्ति को हटा करके वहां पर नेता जी की मूर्ति लगनी चाहिए काफी विद्रोह होने के बाद में मूर्ति तो हटवाई गई लेकिन वहां पर सुभाष बाबू की मूर्ति नहीं लगवाई गई थी शादी साथ मैंने आपको यह भी बताया था किस प्रकार से इंदिरा गांधी ने बड़ी चालाकी से 1971 के युद्ध में अपने भी हमारे बलिदानी सैनिक थे उनके नाम पर कोई स्मृति नहीं बनाई बल्कि अंग्रेजों की दी हुई गुलामी की निशानी इंडिया गेट के नीचे ही एक ज्योति जलाकर कह दिया कि भाई मेरी तीसरी हो गई जितने भी लोग वहां पर शहीद हुए बलिदान हुए उन सब के नाम पर मैंने इस मृत यहां पर दे दी है राज्य दी अमर जवान ज्योति को सही वॉर मेमोरियल में पहुंचाया गया तो राहुल गांधी के पेट में दर्द है यदि जिस स्थान पर राहुल गांधी के पूर्वजों के अब्बा जान या ने के जॉर्ज पंचम की मूर्ति लगी हुई थी उस स्थान पर इस देश के असली राष्ट्रपिता की मूर्ति लगने जा रही है तो राहुल गांधी के पेट में दर्द है उस बात पर बिल्कुल भी सहमत ही नहीं है कि क्योंकि जिनके खानदान निर्जन के प्राचीन युगों से चली आ रही विरासत होने जिस व्यक्ति को आतंकी कहा जिस व्यक्ति के पीछे जासूसी लगाई जिस व्यक्ति के अध्यक्ष पद से घुमा दिया जिस व्यक्ति के इतिहास को दबा दिया जिसकी फाइल्स को जलवा दिया गया नष्ट करवा दिया गया कहा जाता है कि स्वयं उनकी सुपारी देकर के उनके जहाज में बम लगवा दिया गया और बहुत सारी चीजें हैं जो कही जाती जिनका दावा किया जाता है मैं भी इस बात पर विश्वास करने में कोई 35 नहीं करता जो कि कांग्रेस का यह खानदानी रवैया रहा है सुपारी लेने और देने का क्योंकि उनके खुद के नेता बेचारे इतने सारे हेलीकॉप्टर क्रैश में मारे गए हैं तो उसमें कहां कुछ नहीं जा सकता लेकिन इस खानदान ने जिसने कि सुभाष बाबू का नाम पूरी तरीके से दबाने उनके इतिहास को दबाने पुस्तकों में ना पढ़ाए जाने उनके नाम प्रदीप का जो नाम रखे जाने का प्रस्ताव था उसको ठुकराल ने उनकी मूर्ति लगाए जाने का प्रस्ताव था उसको हटाने सब जो प्रपंच रचे थे यदि आज उन पर आज की सरकार काम कर रही है राहुल गांधी ओर के खानदान के पेट में दर्द होना दिल में आग लगना और स्थान विशेष से आग के अंगारे उगलना यह लाजमी है जितने भी कांग्रेस है उनकी स्थान विशेष से आग का निकलना लाजमी है आप एक ऐसे खानदान के विषय में बात कर रहे हैं जिन्होने स्पष्ट तौर पर पेश देश के संसाधनों के ऊपर सबसे पहला यदि पक किसी का है तो मुसलमान अल्पसंख्यक तो कहने की बात मुसलमान है क्योंकि वह कप बोर्ड के नाम पर जो कानून हिंदुओं के सिर पर थोपे गए हैं वह स्पष्ट कहते हैं कि यदि कोई मौलाना कोई मुस्लिम कहीं पर भी अपने जमीन को वर्क अप करना चाहता है या फिर कोई भी मुस्लिम किसी भी स्थान पर जाकर कह दे कि यह वक्फ बोर्ड की जमीन है तो उसमें मैं किसी की भी नहीं सुनी जाएगी और वह जमीन उठाकर के वक्त के नाम कर दी जाएगी आपको भी पता है गुजरात में अभी श्री कृष्ण के मंदिर कि जब तबीयत दावा ठोका गया था और अभी सूरत में भी एक सोसाइटी की जमीन पर भी यह दावा ठोक दिया गया है मैं बार-बार आप लोगों से कहता हूं कि यदि आप किसी सोसाइटी में मकान खरीद रहे प्लॉट खरीदने तो वहां के बिल्डर से वहां के जो बिचोलियों होते हैं उनसे इस बात को पहले क्लियर कीजिए कि क्या वहां पर आस-पास में किसी को भी मुस्लिम को प्लॉट या मकान तो नहीं बचा जा रहा एक व्यक्ति को भी यदि बेचा जा रहा है तो तुरंत टू सोसाइटी में जो मकान का एक प्लॉट लेने का आपका विचारों को त्याग दीजिए क्योंकि कल वह व्यक्ति उस प्लाट को वर्कर नाम कर सकता है वहां पर मशीन की मदद से बनेगा पूरी दुनिया की बे डेफरड उठ सकती है और जो आतंक बचेगा उससे आप परेशान होंगे कल ओने-पोने दामों में आपको जमीन बेचकर के वहां से भागना पड़ेगा और यह बड़ा ही अच्छा सिस्टम इन लोगों ने अपनाया हुआ है है इस वजह से विचार कीजिए और इन बिल्डर्स पर इनको ट्रैक्स पर दबाव बनाएंगे कि हम ऐसे स्थान में बिल्कुल भी नहीं रहेंगे आपको बिलकुल क्लीन स्थान हमें देना पड़ेगा आज लैंड जी हां यदि हमारे देश के अंदर सर्वाधिक बढ़ रहा है यदि विपक्ष के नाम पर सरकारी बड़ी संस्थाओं के बाद सबसे अधिक जमीन है तकरीबन आठ लाख हेक्टेयर से ज्यादा तो उसके पीछे इसी नेहरू-गांधी खानदान की साजिश हैं वहीं नेहरू-गांधी खानदान इस देश को कभी भी जय नहीं कर पाया आजादी नहीं दिला पाया खैरात मिली हुई इस आजादी का क्या आप अचार डालेंगे जिसमें कि कानून भी आपके पक्ष में नहीं जहां पर आप अपने धार्मिक ग्रंथ ना पढ़ा सकें आप अपनी बहन बेटियों की रक्षा ना कर सके और ऊपर से से कानून के जिसमें हम लोगों के साथ में दोगला व्यवहार होता हो तो फिर भी वहीं पीड़ित हैं वहीं कमजोर हैं वहीं रोने वाले भी हैं और वही मामलों को यौवन में उठाने वाले भी है जरा सोचिए और मुझे जवाब दीजिए कि यदि सुभाष बाबू इस देश के पहले प्रधानमंत्री होते जिनकी सुरक्षा नीतियां इतनी जबरदस्त थी कि जिस पर अयाश लेहरु और मोहनदास करमचंद गांधी कभी सोच भी नहीं सकते थे पुंढीर विचारधारा यदि उनकी होती और हमारे देश को उसी आधार पर आजादी मिलती जिस पर आधार पर वह गुलाम हुआ था तो आज हमारे देश की तस्वीर क्या होती है आप अपने बच्चों को सुभाषबाबू के विषय में जरूर पढ़ाएं जिन लोगों को सुभाषबाबू से संबंधित पुस्तकें खरीदनी है वह भी हम जल्द ही और जितने भी वाले क्रांतिकारियों ने इस शब्द की पुस्तकों एवं सनातन आंच पर ला रहे हैं और हमारा ट्रिब्यूट सबसे पहले सुभाष बाबू के लिए था इसीलिए हमने उनके नाम पर आवाज तेज जनवरी 125वीं वर्षगांठ पर सुभाष बाबू के नाम से टीशर्ट भी लांच की है और कि इस रतन हट उसी प्रकार से सपोर्ट करते रहिए अपने बच्चों को अपने जो परिवार के सदस्य हैं खासकर के बहन बेटियों को जागरूक करते रहिए उनको अपने क्रांतिकारियों के विषय में अवश्य बताइए आप और लगातार जिस प्रकार से आप सत्य सनातन को सपोर्ट कर रहे हैं वह भी सपोर्ट आप जारी रखिए कॉलोनियों में प्लॉट लेने से पहले मेरे इस बिंदु का विचार अवश्य कीजिए का तो आज का वीडियो आपको कैसा लगा यह हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा सुभाष बाबू के जीवन से आपने क्या सीखा यह भी हमें अवश्य बताइएगा और कांग्रेस ने किस प्रकार से यह जितने भी ढोंग रचे हैं उस भाभी का नाम डुबोने के लिए उसमें भी यदि आपको कुछ और अन्य जानकारियां हूं वह भी हमें बताइएगा मेरे सिम बोले सत्य सनातन वैदिक धर्म की जाए जय हिंद वंदे मातरम

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