मुसलमानों को किसी रिजर्वेशन की जरूरत नहीं मुसलमान को किसी खर्च की जरूरत नहीं अगर मुसलमान अपना वक बोर्ड सही हिसाब से चलाएगा तो मुसलमान हुकूमत को कर्जा दे सकता है 27000 एकर जमीन गुलबर्गा के अंदर 27 हज एकड़ जमीन वक बोर्ड की मिल्कियत है जिसमें 17000 एकड़ हमारे ही लोग कब्जा करके बैठे हैं हमारे ही लोग कब्जा करके बैठे हैं दोस्तों हमारी पुस्तक ढाई मोर्चे का चक्रव्यू इस्लामिक लोगों में भी खास तौर पर महिलाओं के बीच में बहुत ज्यादा फेमस है और वह चाहे हिंदुओं से मुसलमान बनी हुई लड़कियां हो चाहे ऑलरेडी जो मुस्लिम हैं हालाकि वो भी कभी कन्वर्ट ही हुई थी पर उनमें भी यह पुस्तक बहुत ज्यादा फेमस हो चुकी है महिलाओं के अंदर इस पुस्तक की प्रसिद्धि का कारण क्या है हम उन्हीं के ही मुंह से जानेंगे और वह इंटरव्यूज जल्द ही हमारे इसी चैनल पर प्रकाशित भी होने वाले हैं लेकिन क्या आपने इस पुस्तक को पढ़ा है जहां उस कम्युनिटी के पुरुष इस पुस्तक को पढ़ने के बाद में इस बैन की बात कर रहे हैं तो महिलाएं कह रही हैं कि इस पुस्तक ने हमारा जीवन ही बदल दिया क्या आपने इस किताब को अभी तक पढ़ा है इसका लिंक डिस्क्रिप्शन और पिन कमेंट में दे दिया [संगीत] है 77 पर दिल्ली पर वकफा है छह नए हिंदू मंदिरों के ऊपर वक्फ बोर्ड ने दावा ठोक दिया है दिल्ली के छह मंदिरों पर वक्फ बोर्ड का दावा है जी हां बड़ी खबर आपको बता बता रहा हूं छह मंदिरों पर यह वफ का दावा सामने आ गया है जहां पर हिंदुओं के मंदिरों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है यह वक्फ बोर्ड य उनकी जमीन पर बना हुआ है यह उनका दावा खोखला है झूठा है उसके अंदर कोई दम नहीं है यह जो जमीन है सनातन मंदिर की 1958 में हमने भारत सरकार से इसकी कीमत देके ली है जाकिर नायक भले ही भारत को छोड़कर भाग गया हो हालांकि भले उसकी पूरी की पूरी कम्युनिटी हिंदुस्तान की सरकार यहां के हिंदुओ को गाली दे रही हो कि अब यहां पर तानाशाही आ चुकी है लेकिन फिर भी जाकिर नायक का यह वीडियो सुनिए जिसमें वह कह रहा है कि हिंदुस्तान के अंदर जो वक बोर्ड बना हुआ है वह इस्लामिक देशों से भी ज्यादा सख्त और मुसलमानों के हित में है इंडिया को तो डेमोक्रेटिक कंट्री बनाए न हमरे जो मुसलमान थे उन्होने जो मुस्लिम पर्सनल लॉ बोट कायम किया यह फिनोम है तो इसलिए कोई भी गैर मुस्लिम कंट्री दुनिया की है इंडिया इ वन ऑफ द बेस्ट और द बेस्ट क्योंकि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड है वफ की प्रॉपर्टी जो है जो मुसलमान ने ड्राफ्ट कि कांस्टिट्यूशन में येय वफ के जो पॉइंट्स है इ बेटर देन मेनी ऑफ द मुस्लिम कंट्री मुस्लिम कंट्री के जो वक्फ के पॉइंट्स है वो इंडियन वक बोर्ड और पावरफुल इतना महफूज किया गया है अरविंद केजरीवाल स्वयं कह रहा है कि हम वकफा पड़े आपको तन मन धन से केजरीवाल भी और दिल्ली सरकार भी पूरी तरह से वक्फ बोड़ के साथ है एक मौलाना अपने वीडियो में कह रहा है कि हिंदुस्तान के अंदर लाखों एकड़ जमीन वकफा जाते हैं उसमें सबसे पहला नंबर हिंदुस्तान का है जहां सबसे ज्यादा जायदाद वक्त की है सचर कमेटी ने रिपोर्ट में मौजूद है कि जो एस्टिमेशन किया है वक्त की जायदाद का वो 60 लाख एकर है 6 मिलियन एकर्स यानी 2428 स्क्वायर किलोमीटर की जायदाद है हिंदुस्तान में लेकिन फिर भी हिंदुस्तान के अंदर से मुसलमानों का आर एंड डी रोना खत्म नहीं हो रहा है यही नहीं हिंदुओं में भी लोगों को ना केवल उनके ऊपर आरोप लगाकर जेलों में डाला जा रहा है बल्कि उनको एकजुट करने वाले या राष्ट्रवाद की भावना से उनको एकत्रित करने वाले लोगों के ऊपर भी प्रतिबंध लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं ऐसा ही एक प्रसिद्ध नाम है आचार्य धीरेंद्र शास्त्री जी यह राष्ट्रवाद के लिए हिंदुत्व के लिए सभी हिंदुओं को एकत्रित करने में जीजन से लगे पड़े हैं उन्होंने हिंदुओं में एकता का प्राण फूकने के लिए हर संभव प्रयास किया है और उन्होंने ठीक उसी प्रकार से काम करना शुरू किया है जिस प्रकार से इस समय पर देश के हिंदुओं को आवश्यकता थी लेकिन उनकी जुबान बंद करने के लिए एक दो नहीं बल्कि दर्जनों उपाय उन लोगों के द्वारा किए जा चुके हैं पहले उनके ऊपर बहुत सारे आरोप लगे फिर उनको समाचारों में बुलाकर उनको कार्यक्रमों में बुलाकर अपमानित करने की कोशिश की गई उसी प्रकार का एक केस हमने अनुर आचार्य के साथ में भी देखा वह व्यक्ति चाहे कुछ भी बोलता हो लेकिन लोग उसको सुनने के लिए जाते हैं वह अपने समाज का एक कथावाचक है लेकिन एक न्यूज़ चैनल में बुलाकर उसके सामने गोबर रख दिया गया और कहा गया कि आप ही तो कहते हैं ना कि फेस पर लगाना चाहिए हिंदुओं का अपमान करने के लिए हर तरीके का उपाय अपनाया जा रहा है लेकिन क्या मुसलमान जो कहते हैं कि हम कोरोना को थूक से भगा सकते हैं जो लोग भोजन में थूकने के लिए प्रेरित करते हैं जो हिंदुस्तान का गजवा हिंद करने का प्रयास करते हैं जो आज भी कहते हैं कि सोमनाथ मंदिर को तोड़ा जाएगा जो राम मंदिर को तोड़ने की बात करते हैं जिन लोगों में ताबीज का इस्तेमाल आज भी होता है जो कम्युनिटी आज भी ऊंट का पेशाब पीने की बात करती है क्योंकि उससे उनके अनुसार हर बीमारी का इलाज होता है जो कम्युनिटी एक नाबालिक शिशु का खतना कर देती है उसके साथ में हिंसा करती है उन सबके बारे में इस प्रकार की बातें क्यों नहीं की जाती क्योंकि उनको भी सर तन से अलग होने का खतरा रहता है इसी तरीके की पिटीशन लेकर एक वकील गयासुद्दीन जबलपुर हाई कोर्ट पहुंचता है और वह कहता है कि बाबा बागेश्वर की कथा को बैन करवा देना चाहिए क्योंकि इससे यहां की जो आदिवासी जनता है उसकी भावनाएं आहत होती हैं आदिवासियों का यहां पर जिक्र क्यों किया गया व पहले बता देता हूं पूरा का पूरा अंदर का वीडियो बाद में दिखाऊंगा एक्चुअली बाबा वाघेश्वर ने पूरा अपना ध्यान आदिवासी समाज पर ही दिया है क्योंकि इन्हीं का सर्वाधिक कन्वर्जन होता है वह इस्लाम तो नहीं लेकिन क्रिश्चियनिटी को बहुत तेजी से कबूल कर रहे हैं उनके क्षेत्रों में लगातार कंटीन्यूअसली बहुत सारे चर्चे बनते जा रहे हैं उनके इस मता तरण से केवल हिंदुओं को ही नुकसान है ऐसे में जब वह आदिवासी समाज को एकजुट कर उनको सनातन की ओर अग्र सरित करने का प्रयास कर रहे थे ऐसे में दूसरा एक कल्ट जिसकी खुद के देशों में ईसाइयों से नहीं बनती वह भारतवर्ष में उनको प्रोटेक्ट करने के लिए कोर्ट में खड़ा हो जाता है और यह मदरसा छाप वकील वहां किस बदतमीजी से पेश आता है और वहां के जज उसको किस कदर रलते और पेलते हैं इस वीडियो में देख लीजिए और जरा भी उल्टी सीधी बहस करें यहीं से जेल भेजूंगा मैं माइंड यू सारी वकालत खत्म हो जाएगी समझ गए यू शड नो हाउ ट आ इन हाई कोर्ट किसने भेजा आपको वही तो बता रहा आप समझने को तैयार नहीं है कंट में प्रावधान है मानता का उत्तर हैप माननीय न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल जी ने इस सूअर के पिल्ले को उसकी भाषा में ही समझा दिया है लेकिन आपको क्या लगता है कि यह कौम किसी भी भाषा को समझती होगी इनका केवल और केवल एक ही कार्य है एक ही उद्देश्य है और वह है पूरे भारतवर्ष के ऊपर येन केन प्रकारेण एट एनी कोस्ट बाय हुक और बाय क्रुक कब्जा करना और वह कब्जा इस समय पर कोई भी कम्युनिटी कर रही हो और इनके उद्देश्यों में सहयोगी बनकर उभर रही हो यह उसी को सपोर्ट करने लग जाते हैं जैसे कि हिंदुओं को पहले जातियों में तोड़कर उनको क्षीण करना और जैसे दो बैलों की कथा थी उसमें दोनों बैलों को अलग-अलग करके उनका शिकार किया गया या फिर लकड़ी के गट्ठर वाली कहानी के गट्ठर जब एक साथ था उसको कोई नहीं तोड़ पाया लेकिन एक-एक करके सब लकड़ियों को तोड़ दिया गया था वह बचपन की कहानियां हम भूल गए हालांकि बताया यह जाता है कि जो बचपन में हम पढ़ लेते हैं सीख लेते हैं वह ताज जिंदगी नहीं भूलते यह कहानियां वो हैं जो सबने पढ़ी हैं लेकिन हम उन्हीं पर खड़े होकर मूत रहे हैं हिंदुओं के पतन का कारण हिंदुओं के सिवाय कोई भी नहीं है और हिंदुओं को जागरूक होना नहीं है लेकिन फिर भी 1 प्र उम्मीद के साथ सत्य सनातन आपके सामने खड़ा हुआ है लगातार इस लड़ाई को लड़ रहा है यदि आप भी किसी भी परिस्थिति में अपने संत समाज के साथ में खड़े हुए हैं तो इस वीडियो को सर्वाधिक लोगों तक पहुंचाए और सनातन के खिलाफ चल रहे इन षडयंत्र के बारे में सबको अवेयर अवश्य कीजिए जिनको हमारी पुस्तक ढाई मोर्चे का चक्रव्यू लेनी है वो इस क्यूआर कोड के माध्यम से या फिर डिस्क्रिप्शन और पिन कमेंट में दिए हुए हुए लिंक के माध्यम से भी खरीद सकते हैं अभी इस पर काफी छूट भी चल रही है और साथ ही साथ यह कैश ऑन डिलीवरी तथा फ्री डिलीवरी के साथ उपलब्ध है मेरे संग बोले सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।
में एक बार क्या हुआ कि उनका खूब सारा लोगों ने आप जैसे यह दोनों ने बहुत विरोध किया और उन विरोध करने वाले लोगों ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी...
-
हेलो दोस्तों प्रतीक्षा समाप्त हुई सनातन से तू आ चुका है सनातन सेतु का लिंक अब हर जगह पर आपको मिल जाएगा हमारे जितने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म...
-
लुट नमस्कार दोस्तों आप सबका एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने YouTube चैनल सत्य सनातन में बहुत समय एक बाद पाठक जब एक बार फिर से हमारे साथ...
-
मैं ये पूछना चाहती हूं जो ये भी पौराणिक जो ये कहते हैं कि महिलाओं को वेद पढ़ने का अधिकार नहीं है तो मुझे बता दो क्या तुम्हारे घर में सरस्...
No comments:
Post a Comment