Tuesday, 20 January 2026

#BHY 15 भटके हुए युवा Rahul Amethi Vote Ji'had Pak Fielding For Rahul Unknown Gnman

राहुल गांधी वो टेली ब्रांड्स वाले हैं मैं पहले बहुत निराश था अब जब से मैं हमटी से हार हूं तब से मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अब मेरा कॉन्फिडेंस इतना हाई हो गया है कि मैं कहीं से भी हार सकता हूं मैं राय बरेली से हारू इस बार और अगली बार झुमरी तलैया से एक एक आदमी कह रहा था कि जिस जिस आदमी को पूरे हिंदुस्तान में कोई लौंडिया नहीं दे रहा है आप कह रहे हो कि हम सरकार दे दें उसको चलाने के लिए वो सोनिया गांधी ने राहुल गांधी से कहा कि बेटा बहुमत लाओ वो बहु नहीं लाए हां इसलिए नहीं लाए बहुमत अपनी ही पार्टी को अपने ही हातो फूक दो डरो मत मूत दो ये भी अच्छा था हां आप इतनी दूर से चल कर के आए हैं और ये मेरी पहली पुस्तक है जीवन की और मैं चाहूंगा कि आप इसे एक बार अवश्य पढ़े डी मोनेटाइज तो होना ही है मैं प्रचार कर दूं अपनी किताब का कि भैया देखो कहीं ना कहीं से तो कुछ तो आना चाहिए भाई भाई किताब बहुत महत्त्वपूर्ण है किताब जरूर [संगीत] लें यहां पे जो आज बैठे हुए हैं वो इसलिए बैठे हुए हैं क्योंकि अजीत भाई यहां नहीं है और हम यहां आए हैं कब्जा करने के लिए तो इस घर के अंदर है आठ दरवाजे तो हम दोदो डिस्ट्रीब्यूटर लेंगे इस घर का एक एक्सरे करना जरूरी है ताकि हम लोग को पता चले अजीत के पास है क्या एटली और ये अच्छी बात है कि अजीत भाई यहां नहीं है और उनका यहां पर कोई फीड भी नहीं है एटली अगर उनकी टीम ने कहीं निष्पक्ष तरीके से एक्स निष्पक्ष तरीके से डिस्ट्रीब्यूशन करेंगे एक्सरे एक्स एक्सरे करेंगे इनका आपको पता है इ छत के ऊपर एक हेलीपैड है उसके चार टुकड़े होंगे ठीक है कोई अलग-अलग अपना पहिया उतरवा लेगा कोई दिक्कत नहीं है लेकिन नहीं बेच के पैसे क ले लेंगे ना ध्यान से बेचना क्योंकि कुछ भी बेचो ग सीधे अडानी के पास अडानी के पास चला जाएगा पैसा ओए या बोलके लाइट जला ₹ बेजने और उनके पास स्विमिंग पूल भी है हां तो वो पिछली बार भी जिक्र हुआ था अब उसका पानी हमें चार जगह बाटना चा जगह बांटना है एक जाएगा अमेरिका आपके पास ढाई लीटर तो डनी जी के पास भी जाना है आई थिंक वो ढाई किलो पानी होएगा ढाई लीटर में होता है पानी नहीं जब आटा लीटर में हो सकता है तो पानी किलो में नहीं हो सकता ये बात एक मुजफरनगर जाएगा और दो जाएगा ठीक है तो ढाई क्विंटल पानी एडस भी बता दो सबको एड्रेस भी बता दो सबको ये स्कीम भी बता दो फिर तो आप सबको बाटला हाउस में पता चल जाएगा हमारा एड्रेस क्या है एक बार रिकॉर्डिंग शुरू होगी फिर एड्रेस बताइए हो रही है रिकॉर्डिंग अच्छा हो रही है अ चल रही तो नमस्कार मित्रों आप सभी का स्वागत है अगर रिकॉर्डिंग स्टार्ट हो चुकी है हम बस यह कहना चाहते हैं कि अजीत भाई क्योंकि आज यहां पर नहीं है और एक बड़ी पार्टी बहुत बड़ी पार्टी सनातन के नाम से बनी उसकी ओर से उनको सांसद का टिकट मिला है पीओके से और वे वहां पर चुनाव प्रचार के लिए पहुंच चुके हैं और हम भी पॉडकास्ट के बाद में वहां पर निकलने वाले हैं और और अजीत भाई ने अपना वहां का एड्रेस भी दिया था तो हमने कहा कि आप डरो मत भागो मत और आप वहीं पर डटे रहिए जैसे कि आजकल आप देख भी रहे हैं कुछ नेता लोग कहीं से भी भाग जाते हैं और कहते हैं दूसरों को कहते हैं डरो मत और खुद कहीं भी निकल जाते हैं निकल लेते हैं तो आज का जो हमारा भटके हुए युवा है इसके कुछ सब्जेक्ट हैं जो आपको समय पर पता लगते रहेंगे क्योंकि हमें भी खुद याद नहीं है कि सब्जेक्ट है क्या तो लेकिन पहले बुक तो दे दो भाई को अच्छा हां आप इतनी दूर से चल कर के आए हैं और ये मेरी पहली पुस्तक है जीवन की और मैं चाहूंगा कि आप इसे एक बार अवश्य पढ़े तो जिस प्रकार से आप एक बिहार के नागरिक होने के नाते खुलकर लेते हैं वामपंथियों की क्लास तो इससे आपको पता लगेगा कि आप सेंटेंस कंप्लीट कर दिया जी जी जी जी हम सेंटेंस पूरा कंप्लीट करते हैं लोगों को लगता है कि हम कुछ अलग बात कर रहे हैं हां तो मुद्दे पे आ जाओ यार आज मुद्दे पर हां मुद्दे पे मैं आ रहा था कि भाई नरेंद्र मोदी जी ने अब जो फुल फ्लैग में जो खेल रहे हैं हम और उन्होंने तो एक सबसे पहले तो उन्होंने वोट जिहाद की बात कही और उन्होंने कहा कि वोट जिहाद चल रहा है तो लव जिहाद लैंड जिहाद इन सब चीजों को जिसको हम लोग आपस में कभी अपने बात करते रहते थे अच्छा अजीत भाई आ चुके हैं क्या अजीत भाई राम राम भाई बहुत देर से हम आए हुए हैं अच्छा आपने स्कीम सुन ली क्या डिस्ट्रीब्यूशन वाली सारी सारी सुन ली भाई तुम सवाल पूछ लो ना तो अजीत भाई अजीत भाई आप पीओके में कार सेवा का कुछ प्लान है डेट है बताइए तो हम लोग बताइएगा हम जरूर आएंगे हमने अमेरिका से भारी भरकम लोग बुलाए हैं 4 जून के बाद चलेंगे सारे लोग चला जाएगा एकदम पथर उठाने के लिए कसरत भी किया जा रहा है ऐसा नहीं है श्याम भाई का एक्सेंट चेंज हो जाता जैसे अजीत भाई से बात करते हैं तो अजीत अजीत भाई आप जैसे कि आप बीच में आई गए हैं तो हम जानना चाहेंगे कि जो वोट जिहाद चल रही है तो यह बीच में मोदी जी ऐसे ऐसे जो बयान दे रहे हैं यह उनकी कुछ घबराहट है छटपटाहट है जैसे कि विपक्ष पूरा बोल रहा है या फिर वास्तविक मुद्दे हैं जिनको वह ला रहे हैं बीच में कि हम लोग जागरूक हो वोटर समाज जागरूक हो ये 2024 से पहले की झलकी दिखा रहे कि यह कुछ होने वाला है 2024 में हां यह भी है मेरा यह मानना है कि लंबे समय तक मोदी ने तो इनफैक्ट पहले चरण तक केवल डेवलपमेंट की ही बात की तो उसके बाद यह लोग क्या कर रहे थे लोग कास्ट सर्वे करवा लेंगे फाइनेंस सर्वे फलाना डिमका ये सब कर रहे थे तो अंततः उनको फ्रंट फुट पर आके खेलना पड़ा कि भाई मुसलमानों के साथ क्या-क्या यह लोग करने की प्लानिंग कर रहे हैं कल तो यहां तक बोल दिया कि कांट्रैक्ट में पब्लिक कांट्रैक्ट जो होगा उसमें भी मुसलमानों को प्रेफरेंस दिया जाएगा और कल एक व्यक्ति मुझसे प्रश्न भी पूछ रहा था कि यह एक तरह से क्या मुसलमानों को टारगेट करने का नहीं है और इस परे ईसीआई को संज्ञान नहीं लेना चाहिए तो मुझे नहीं लगता है कि अगर संज्ञान लेंगे फिर तो राहुल गांधी घर ही बैठ जाएगा वो तो कास्ट की ही बात कर रहा है वह इसी तरह से जितने भी फॉल्ट लाइंस हैं उसी की बात कर रहा है और उसे लग रहा है कि यह सब करके जो है अब हम जीत जाएंगे चुनाव पहले चरण तक हर बात जो डेवलपमेंट को लेकर थी यह बोलते रहे अपोजिशन अपनी निर्लज नहीं त्याग रहा सलमान खुर्शीद की जो है भतीजी वो बोल रहे कि आपको वोट जिहाद करना होगा तो जब कोई दूसरा पक्ष लगातार एक सस्टेंड कैंपेन कर रहा है कि उसे इसी लाइन पे ही जाना है तो मुझे नहीं लगता है कि एक चुनाव के मध्य में जब मेकिट और ब्रेकट है हिंदुओं के लिए तो मोदी को या किसी भी पार्टी को जो सत्ता में जाना चाहते हो उसको किसी भी तरह की आदर्शवादी दिखानी चाहिए क्योंकि आपके शत्रु जो है वह आदर्शवादी नहीं है तो यह सारा बर्डन आप ही अपने ऊपर यह लोड लेकर के क्यों घूमे इसीलिए मोदी को फ्रंट फुट पर खेलना चाहिए और दूसरी बात यह भी है कि वो खाली बोल रहा है ऐसा ऐसा नहीं है कि ही इज गोइंग टू टारगेट मुस्लिम कम्युनिटी इन आफ्टर फोथ ऑफ जून ऐसा नहीं है हर जगह मोदी आज टारगेट कर रहा है कल जाकर बोल रहा है कि हज में हमने जो है सबसे ज्यादा सीटें आपको दी यह भी तो चल रहा है तो क्या मुसलमान समाज को यह सब नहीं दिख रहा है कि सड़क जब बन रही है तो तुमको क्या कहते हैं कि तुम जो है नीचे वाले खेत से चलो ऐसा तो हो नहीं रहा है जब आपको किसी भी तरह से गवर्नमेंट की ओर से कोई भी टारगेटिंग नहीं हो रही है हां आप आप बुलडोजर से किसी का घर टूटता है तो आप नॉर्मली कहते हो आतंकी का मजहब नहीं होता और जो ही घर टूटता है वह आपका बाप बन जाता है तो इसमें समस्या होनी चाहिए सबको और यह उस कम्युनिटी के लिए आत्मा अवलोकन का समय है कि आप अल्टीमेटली चाहते क्या हो आप एक पार्टी की पॉलिटिक्स को अपने ईमान से जोड़ करके देख रहे हो और क्या तुम्हारा ईमान यह नहीं सिखाता है सच बोलो तुम एक्सेप्ट कर रहे हो कि तुम्हें भोजन भी मिल रहा है तुम्हें सारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और और अचानक से फिर कहते हो कि नहीं भाजपा को वोट देंगे वह हमारे ईमान के विरोध में है तो जब एक कम्युनिटी इस तरह से कमर कस के तैयार बैठी हुई है कि हमें मोदी को किसी भी हाल में हराए ना हराए उससे मतलब ही नहीं हम वोट नहीं देंगे तो फिर मोदी को भी जो फैक्ट्स है उस परे तो बात करनी होगी मुझे नहीं लगता कि मोदी कहीं भी हवाबाजी या रिटोरिक कर रहा है जो एक्चुअल में हो रहा है जो लिखा हुआ है घोषणा पत्र में कि इनके पर्सनल लॉज को टच नहीं किया जाएगा वेल्थ डिस्ट्रीब्यूशन की बातें हैं अब यह कह दो कि नहीं एग्जैक्ट कीवर्ड जो है मिसमैच कर रहा है तो हमारे तो माथे पर वो लिखा हुआ नहीं है और मोदी के तो बिल्कुल नहीं लिखा हुआ है तो यह लोग करते रहे और दूसरी बात यह भी है कि एक डेढ़ घंटे की स्पीच होती है उसमें मुश्किल से पाच सात मिनट यह बात बोली जाती है बाकी के 55 मिनट बाकी के 75 मिनट मोदी तो डेवलपमेंट की ही बात कर रहा है तो उसको क्यों नहीं पकड़ के तुम काउंटर कर पा रहे हो तो मुझे लगता है कि यह वोट जिहाद और यह सब जो है वो करना आवश्यक था और यदि रिटोरिक पर ही चुनाव लड़ा जा रहा है तो आई डोंट थिंक मोदी शुड बैक ऑफ या उसको वो आदर्शवादी राजनीति की बातें करें पर इसमें सबसे बड़ा चक्कर यह भी है ना कि केवल वोट जिहाद की बात नहीं हो रही है बात हो रही है कि तुम्हें काट काट के भागीरथी में बहा दूंगा बात ये भी हो रही है टीएमसी के नेताओं के द्वारा तो डर की जो बात है तो वो कहते हैं डर का माहौल है मोदी की वजह से और जबक डर का माहौल बन रहा है उनकी वजह से डि र शिप बोलते हैं नरेंद्र मोदी की वजह से जबकि हम पश्चिम बंगाल जैसे जो पंचायत इलेक्शन होते हैं उसमें हम देखते हैं जो वहां के नेताओं की भाषा है उसमें हम देखते हैं गर्वित भाई जैसे कि आपने अभी बात कही है मैं उसी पर आप ये जानना चाहूंगा कि अभी तो नरेंद्र मोदी का यह वाला है पिछले वाले पोड कास्ट में जब हम बात कर रहे थे तब भी ऐसा ही कुछ आया था तो ये जो कंटीन्यूअसली मोदी की बातें हैं और उनकी जो क्लिप उठा उठा के सब जगह पोस्ट करी जा रही है वो नरेंद्र मोदी जो बोल रहा है यह तो है कि एक समाज के खिलाफ है लेकिन दूसरी तरफ जब वही लोग कह रहे हैं कि ये वोट जिहाद है उस पर कोई भी पत्रकार क्यों नहीं आवाज उठा रहा है कि यह भाई गलत है जब कोई कहता है कि हम भागीरथ में बहा देंगे वो गलत क्यों नहीं होता है क्योंकि वो देखो चक्कर क्या है ना इन ये कहां खेल जाते हैं यह खेल जाते हैं कि यह तो ऐसे ही किसी छुट भैया नेता ने बोल दिया वो प्रधानमंत्री बोलता बोल रहा है प्रधानमंत्री की कुछ गरिमा होती है वो यहां पे खेल जाता है इस वजह से वो उसको मुद्दा नहीं बनाते अदर वाइज जो सेंसिबिलिटी है वो यह कहती है कि कि भाई आप उस पर भी बोलो उतना ही और जितना इस पर बोल रहे हो और दूसरी बात यह है कि जो मोदी बोल रहे हैं क्या वो गलत है सबसे बड़ी बात तो य सबसे बड़ा प्रश्न तो यही आया था ना क्या अग अगर वो लव जिहाद के बारे में एक अक्षर बोल देते हैं लव जिहाद सुना था लैंड जिहाद सुना था वोट जिहाद पहली बार आया तो क्या लव जिहाद गलत है क्या लव जिहाद को इतने बड़े प्लेटफार्म से क्रेडिबिलिटी मिलनी नहीं चाहिए थी कि भाई ऐसा कुछ होता है अगर मोदी बोलते हैं कि भाई लव जिहाद कुछ होता है तो उसकी जो इंटेंसिटी है वो नीचे तक जाती है अब फिर चाहे कितने ही ध्रुव राठी बोल ले कि नहीं नहीं कुछ नहीं होता है फिर चाहे वो कितने ही श्रीनिवासन जैन बुक लिख ले कि लव जिहाद इज अ कंस्पिरेशन डेली आ रही है भाई खबरें डेली तो तो इस तरीके की जो हजारों हजार खबर हैं मेरे ख्याल से एक साल में आई थिंक ऑप इंडिया ने एक आर्टिकल पब्लिश किया था जिसमें 160 एक साल के इंसीडेंट्स ऐसे बताए थे उन्होंने एक साल में 365 दिनों में मतलब हर दूसरे दिन इस तरीके की घटना हो रही है जो रिकॉर्डेड है जो रिकॉर्डेड है दूसरी बात कि अगर सॉरी टू कट अक्रॉस दूसरी बात कि अगर यह सिर्फ हिंदुस्तान में यह कंस्पिरेशन हो रही होती तो ठीक है आप इसको कंस्पिरेशन बोल सकते थे यही चीज़ आपके इंग्लैंड में रथम में हो रही है न्यूकासल में हो रही है लेस्टर में हो रही है यही चीज़ आपके नेदर हैैंड में हो रही है यही चीज आपके यूके में हो रही है यूएस में हो रही है वहां भी पंजाबी सिख फैमिलीज कंपलेट हिंदू नहीं जाके कंप्लेंट कर र सिख फैमिली जाके कंप्लेंट कर रही है कि हमारी लड़कियों को यह लोग स्कूल के बाहर खड़े खड़े हो के पाकिस्तान में तो दिनदहाड़े उठती है नाबालिक लड़की पाकिस्तान में पाकिस्तान में पाकिस्तान में हर रोज तीन लड़कियों का डाटा है हर रोज तीन लड़कियों का डटा ठीक है ये डटा आपका रोथम की भाई ने बात करी तो रोथम में 1400 लड़कियों का डेटा है जो पुराना डटा है सारा और 19000 लड़कियों का डटा है यूके में हर साल का में आई थक इन्होने किया है कि 19000 लड़किया जो ग्रूमिंग जिहाद है ग्रूमिंग गैंग का शिकार हुई का डाटा है और सारे के सारे ग्रूमिंग गैंग जो है पाकिस्तानी है पाकिस्तानी कौन है हिंदू मुस्लिम है के कैथोलिक्स भी तो है केरला के कैथोलिक्स को भैया हमने तो पैसा नहीं दिया बोलो बिल्कुल वो तो अगेंस्ट है बल्की वो तो रोजाना आकर के धर्मांतरण करते हैं थाराम वगैरह जितने भी शहर है ना सबकी बात हुई है तो टोटल 50 शहरों से ये रिपोर्ट है यूके के भीतर 50 शहरों से यही कि ग्रूमिंग जिहाद होता हैम जिहाद ग्रूमिंग जिहाद और लैंड जिहाद प तो हम हजार बार बात कर चुके हैं भा शहरों की अगर बात हुई है तो उसकी एक छोटी सी क्लिप भेजेंगे आपको वो यहां पर लगा देना ताकि यह लगे कि भैया ऑथेंटिकली बोल रहे वहां पे इस तर की बातें चल रही है सो इन दडकन अप ट रें टा एंडटी वी बिलीव ग्रूमिंग हैव क्रेडिबल रिपोर्ट्स ऑफ देम गोंग ऑन नेशनल कम एजेंसी ओनली बन व फाइ बीबीसी जिन्होने 10 12 साल तक इस टॉपिक को इग्नोर किया है उनको भी डॉक्यूमेंट्री पब्लिश करनी पड़ी कि यार बहुत गालिया पड़ रही है अब कुछ ना कुछ तो साउथ ए ग बिल्कुल तो आपसे मेरा ये सवाल है कि अभी उन्होंने यह भी बोला है क्या कवर किया है वाह आप तो हीरो आप तो हीरो कि कोई भी कोई मदरसा छाप नहीं बोल रहा है वोट जिहाद के बारे में एजुकेटेड लोग बोल रहे हैं ये जो मदरसे वाला जो वर्ड था हम लोग यूज करते थे अजीत भाई नरेंद्र मोदी मच से बोल रहे हैं कि कोई मदरसा वाला नहीं बोल रहा है ये तो वेल एजुकेटेड लोग बोल रहे हैं तो मतलब यार इतना फ्रंट प खेलना आकर के और यह सच है और यह जरूरत है और यह मतलब यह वक्त की भी जरूरत थी यह ना सच है ना जरूरत है व तो ठीक है अलग बात हो गई यह कॉन्फिडेंस है कि भाई हम पहुंच गए हैं इतना ऊपर अभी कोई कुछ नहीं लड़ने वाला ये मेरे ख्याल होता पांचवें छठे फेज में इस तरीके की बातें होती तो समझ में फिर भी आता ये दूसरे तीसरे फेज से अगर बोल रहे हैं ना ये तो ये बहुत कॉन्फिडेंस एक हां कॉन्फिडेंस हम कह सकते हैं लेकिन नरेंद्र मोदी जी का इस लेवल पर आकर के किसी भी चीज को बयान करना अपनी चीजों को डिफेंड करना और यह दिखाना कि उन लोगों के अंदर कितनी हताशा है क्या लग रहा है कि भाई दो फेस निपटे हैं तीसरे फेस में आकर के नरेंद्र मोदी जी सब बातें करने लग गए तो वो जो अभी तक की कंस्पिरेशन चल रही थी के अ क्या बोलते थे व वोटिंग परसेंटेज कम है अब तो वो भी वोटिंग परसेंटेज प तो मेरा अगला सवाल आएगा वो आपके आपके पास आएगा कि नरेंद्र मोदी तो बिल्कुल पूरी तरीके से जो है इस्लामिक ताकतों के आगे झुक चुके हैं अब नहीं बोलेंगे एक भी वर्ड नहीं निकलेगा और उसी पार्टी को जॉइन करके अजीत भारती पीओ के लड़ भी रहे हैं तो ये जो ये जो नैरेटिव बनाया जा रहा था नरेंद्र मोदी कार सेवा भी होगी जून में कार सेवा करवा रहे हैं पीओके में तो ये जो नैरेटिव अभी तलक बन रहा था तो यह नरेंद्र मोदी तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं या सिर्फ एक लग रहा है कि बस इलेक्शन इलेक्शन तक चलेगा इनका यह फिर आ जाएगा बाद में के पसमांदा मेरा भाई है पहली बात तो मैं आपने जो बात कही थी उससे मैं बिल्कुल डिसएग्री करना चाहता हूं इन्होंने कहा कि भाई राहुल गांधी अमेठी से भाग रहे हैं मैं कंपलीटली डिसएग्री करता हूं देखिए राहुल गांधी जी एक ऐसे डायनेमिक युवा नेता है जो अपने आप को चैलेंज करते हैं अनलाइक मोदी जी जो एक ही जगह से बार-बार जाक इलेक्शन लड़ेंगे उनको पता है कि जीत जाएंगे ये तो बात राहुल गांधी जी अपने आप को चैलेंज करते हैं कि देखिए मैं कई अलग-अलग सीटों से इलेक्शन हार सकता हूं जी जी जी सिर्फ से भी आ सकता हूं और अगले अगले यू नो 2029 में हो सकता है नई जगह जाएंगे कि चलिए हम इस बार जमशेदपुर से इलेक्शन चलके ु तो टैलेंटेड लोग जो होते हैं जो डायनामिक लोग होते हैं जो सेल्फ इंप्रूवमेंट में विश्वास रखते हैं वो इस तरह अपने लेते ये तो अच्छी बात तो मैं मेरा मानना है कि राहुल गांधी जी अपने आप को चैलेंज कर रहे हैं बकुल कि एक नई जगह से चल के हारते हैं बकुल और कितने वोटों से हार सकते हैं ो तो और उन्हीं की योजना के तहत हम यू नो कि हम ये स्विमिंग पूल का पानी हेलीपैड और दरवाजे सब बांट पाएंगे नहीं तो हो भी नहीं पाएगा यही राहुल गांधी वो टेली ब्रांड्स वाले हैं मैं पहले बहुत निराश था अब जब से मैं अटी से हारा हूं तब से मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अब मेरा कॉन्फिडेंस इतना हाई हो गया है कि मैं कहीं से भी हार सकता हूं मैं राय बरेली से हारू इस बार और अगली बार झुमरी तलैया से असली गीगा चैड है तो एक बार वा से भी हार के दिखाए उसम सता है इसीलिए वा गए हैं कि भाई एक बार तो यहां से भी हारेंगे तो सवाल वही नरेंद्र मोदी जी के ऊपर है कि भाई नरेंद्र मोदी जी डायरेक्ट मदरसा छाप बोल दे रहे हैं क्या चल रहा है भाई क्या करवा के मानोगे 400 आ रही है 500 550 तक जाना है क्या भाई देखिए मेरा है ना कि किसी भी सीट पे अगर आप लोगों को वोटर्स को निकलवाना है मोबिलाइज करना है तो ज्यादातर 1015 दिन पहले वहां पर आप लोग जाके मेहनत करते हैं वहां पर जाके रैली वाली निकलती है लोग जाके पैंफलेट वगैरह बांटते हैं तो आप देखिए जहां-जहां पर भी वोटिंग होने वाली है अगले दो-तीन हफ्ते में वहां वहां पर मोदी जी जाके गरिया रहे हैं लोगों को कि अब निकलो तो क् पहले दो-तीन महीने पहले ये सब इस तरह के बयान देने की जरूरत नहीं थी बिक दो-तीन महीने पहले लोगों को आप बता रहे हो कि भैया देखिए ये ये डेवलपमेंट का काम किया है हुआ है कि नहीं य पर काम हुआ उसके बाद आपको 10 15 दिन पहले लोगों को रिमाइंड कराना है कि यह डेवलपमेंट चाहिए यह काम चाहिए यह प्रगति चाहिए तो जरा निकलो घर से और जाकर वोट करो तो ये वही है 101 दिन पहले मोदी जी जाक हड़का देते हैं जैसे 2019 में भी यही किया था 101 दिन जाके पहले हड़का दिया था कि देखिए ये लोग जम्मू कश्मीर में यह कर रहे हैं हमने जम्मू कश्मीर में यह किया है यह करेंगे उसी तरह यही काम है य कि 10 15 दिन पहले एनर्जाइजर देना है वोटर्स को और मुझे लगता है होंगे भी जिस तरह की बातें कर रहे हैं और खासकर जहां पर अब इलेक्शन होने वाला है हिंदी बेल्ट में इलेक्शन होने वाला है वहां पर कांग्रेस बीजेपी हेड टू हेड जा रहे हैं कांग्रेस सपा बीजेपी सपा हेड टू हेड जा रही है तो वहां पर यह जो बयान है वो तो काफी कारगर भी साबित होंगे मेरे और उन कोई झुलाने वाली चीज भी नहीं चीज भी नहीं है अच्छा मीडिया के उससे आया था कि भाई अबकी बार जो इलेक्शन काफी कमजोर रहा हैर भाई मैं यहां पर कुछ बोलना [संगीत] चाहूंगा यह जो बात अभी श्याम बोल रहे थे ना कि अभी क्यों इस तरह से बोला जा रहा है और आपने जो पूछा कि यह खुलम खुला क्यों हो रहा है मुझे लगता है कि हाईएस्ट सीट ऑफ पावर से इस तरह की बातें बोली जानी चाहिए थी यह एक्नॉलेजमेंट आना चाहिए था केरल की हाई कोर्ट ने सबसे पहले लव जिहाद को रिकॉग्नाइज किया था उसी तरह एक लंबा कालखंड बीत चुका है जब हमारे पास इसका डाटा है और प्रूवन स्टोरीज है इसलिए अगर आप ध्रुव राठी यूनिवर्सिटी ऑफ सोशल साइंसेस से आते हैं तो यह सारा डाटा जो है वह गलत हो जाता है तीन ही लव जिहाद आज तक हुए हैं और वह भी उस तरह से लव्ज याद नहीं थे जैसे संगी कहते थे तो इस तरह की बातें करना उसका एक पॉलिटिकल एस्पेक्ट तो है कि अभी हम कैंपेनिंग के दौरान कह रहे हैं और हमारे लोग जो है थोड़े चार्जड अप हो लेकिन उसका दूसरा एस्पेक्ट यह है कि यह सामान्य लोगों के अ दैनिक डिस्कोर्स का दैनिक चर्चा का भी विषय बनेगा और वो भी इस बात को एक्नॉलेज करेंगे कि भाई नरेंद्र मोदी बोल रहा है यह कोई मतलब रैंडम य का बंदा नहीं बोल रहा है नरेंद्र मोदी बोल रहा है लाखों लोगों के सामने बोल रहा है और व फिर करोड़ों लोगों तक जो है वह लगातार पहुंच रहा है तो इस कारण से इस बात की संस्तुति करना मुझे लग रहा है कि आने वाले समय के लिए पॉलिटिकल डिस्कोर्स क्या होगा सोशल डिस्कोर्स क्या होगा उसकी जो है आधारशीला एक तरह से ऐसे पॉलिटिकल स्पीस से रखी जा रही है अच्छा इसमें एक चीज और अजीत भाई की बात में ऐड कर रहा हूं मैं वो यह थी कि भाई लव जिहाद के केस मतलब जो अगर श्री श्रीनिवासन जैन जैसे लोग जो हैं वो ये पूछते हैं कि भाई लव जिहाद का डाटा क्या है लव जिहाद कितने केसेस हुए हैं बताओ तो भाई लव जिहाद के अगेंस्ट कहीं कानून है मतलब अब तो एक दो जगह बने हैं इससे पहले कहीं कानून था अगर किसी चीज का कोई कानून ही नहीं है उसके अगेंस्ट एफआईआर कैसे रजिस्टर होगी डेटा क आ जब एफआईआर ही रजिस्टर नहीं होगी तो साला डटा कहां से आएगा और जब डाटा नहीं आएगा तो इनको देंगे कैसे ऐसे ही वो साला लिंचिंग वाला भी कर मैं वही बोलने वाला था आप बोलिए बोलिए लिंचिंग वाला भी ऐसे ही था लिंचिंग का डाटा सरकार रिकॉर्ड नहीं करती है और उस कारण से उसका एक प्रॉपर कंपैरिजन जैसे ये बोल रहे थे ना कि अब लिंचिंग इतना बढ़ गई उतना बढ़ गई 80 पर लिंचिंग मोदी के आने के बाद होने लगी इस टाइप के डेटा आने लगे थे जब वो इंडिया स्पेंट जैसी संस्थाएं बीच में आ गई थी जी तो उसका पहले से कंपैरिजन का कोई रिकॉर्ड हमारे पास नहीं था कंपैरिजन हो ही नहीं सकता था हां और जो हमारी एनसीआरबी एन एनसीआरबी होता है ना हां एनसीआरबी की जो अब इसको निकालने का सिर्फ एक ही तरीका है कि पहले से मतलब किन लोगों की लिंचिंग होती है लोग कोई चोर है कोई गांव में गया है गाय चुरा रहा है पशु चुरा रहा है उसको लोगों ने पकड़ के मार दिया यही लिंचिंग होती थी राइट अब पहले से जब हम इसका एनसीआरबी से कंपैरिजन करते हैं तो पहले से कम लोग चोरी कर रहे थे जो उसमें स्टीलिंग जो होता है ना पशुधन चोरी जो होता है उसके उसका रिकॉर्ड होता है उसमें एनसीआरबी की रिपोर्ट में तो पहले से कम पशु चोरी हो रहे थे 2014 के बाद ये रिपोर्ट्स में आया था जी तो उससे सिर्फ अंदाजा लगाया जा सकता है कि लिंचिंग्स जो है वो कम हो रही हैं अब क्योंकि उन्हीं लोगों की लिंचिंग होती थी जो अधिकांश वही होते हैं राइट अधिकांश वही हो जो पशुधन चरा रहे हैं जी जी और आप अगर देखिए भी तो जनरली जो कम्युनल राइट्स और कम्युनल वायलेंस की स्टेटिस्टिक्स भी आप देखें पिछले 20-30 सालों की तो क रेग ए र इप्रू ई है और इसलिए तो आप देखिए इंडिया स्पें का इतना हल्ला हुआ था जिस तरह से अभी य डिक्टेटरशिप का हल्ला हो रहा है उसी तरह से 2019 के इलेक्शन के पाच छ महीने पहले इसी तरह से इतना हल्ला हुआ था कि भाई लिंचिंग हो रही है लिंचिंग हो रही है मुसलमानों को सिस्टमिकली टारगेट करके एथनिक क्लेंस किया जा रहा है बेसिकली यहां तक बोल दिया था उसके बाद आप देखिए इलेक्शन खत्म हुआ रिजल्ट आया रिजल्ट आने के हफ्ते भर के बाद इमेंट गया दुकान बंद करके निकल लिए सब लोग यही आपको दिखाता है कि कितना ये अगर ये आपको इतना कमिटेड होते कि भई हमको लिंचिंग खत्म करनी है ये खत्म करनी है तो ये बंद करके निकल क्यों गया इसके बाद इन्होंने नया चालू किया था वो जय श्री राम वाला जय श्री राम कह के मार रहे हैं वो नया ड्रामा चालू जय श्रीराम इज अ वर क्राय 37 इलीट प्रोड्यूसर्स एंड डायरेक्टर्स एंड राइटर्स उन्होंने मोदी जी को चिट्ठी लिखी थीट वर्ड इ डूंग इस पे मैंने एक पूरा चैप्टर राम से बड़ा राम का नाम जी पूरा चैप्टर इसमें लिखा है और उसमें सारी चीजें मैंने लिखी बताई भी है कि कैसे वो सारी चीजें झूठी थी और बनाया उस टाइम गया था जब ये केस चल रहा था ताकि यह दिखाया जा सके अगर किसी भी तरीके से राम मंदिर बन भी रहा है तो वकील वकील वहां जाकर जज को यह दिखा सके कि अगर यह मंदिर बन गया तो उसके बाद ये लोग किस तरीके से और ज्यादा अग्रेसिव हो जाएंगे हिंदू तो यानी किसी भी तरीके से बस राम को रोको और राम के नाम पर कितना लोगों ने खाया है तो खैर अभी ये बात ना यह बात बिना बुक प्रमोट किए भी की जा सकती थी मौका छोड़ा नहीं बुक प्रमोट होती रहनी चाहिए ऐसा है ना कि कहीं कहीं कोई चीज लिखित हो तो अच्छा लगता है क्योंकि उसमें आंकड़े होते हैं तो अगर सारे ही आंकड़े चाहिए तो भाई बुक पढ़ लेना और अंकुर भाई एक बात और है कि 2019 में मैं ऑफ इंडिया का एडिटर था और मैंने अपने रहते हुए यह मई से लेकर के जुलाई अगस्त तक का डाटा है जितने भी इंसिडेंट जितने भी आए थे जय श्रीराम बोल कर के मारा कहीं क्रिकेट मैच चल रहा है बच्चों में लड़ाई हुई और लिखवा जय श्री राम वो गुड़गांव वाला याद होगा बोला कि मेरा टोपी जो है फेंक दिया सीसीटीवी में आ एक साला खुद ही टोपी फेंक के और खुद ही कर रहे हैं 50 इंसीडेंट्स विदन 60 70 डेज 50 इंसिडेंट आए एक भी सही नहीं था एक भी नहीं तो यह वही यह पूरा था किसी तरह से इसको इक्वेट कर दो अल्लाह अकबर से कि अल्लाह अकबर बोला बम फटा और जय श्रीराम बोला तो जो है पिटाई हो ग मतलब दोनों ऐसे भी अगर सही में भी इस तरह से हो होता तो भी आप दोनों को बराबर नहीं रख सकते इस तरीके के ट्वीट्स भी आए थे कि अल्लाह हू अकबर को तो आप बदनाम करते हैं लेकिन जय श्री राम बोल के तो देखो उससे बड़े आतंकवादी और ये जो क्रिकेट वाला ये बोल रहे हैं सेक्रेड गेम पार्ट टू में ये सीन दिया गया था कि किस तरीके से हिंदू लड़कों ने एक मुस्लिम लड़के को ऐसे क्रिकेट खेलते हुए मारा पीटा और फिर वही नारेबाजी वाला सिस्टम उसमें जोड़ा गया था सेक्रेड गेम पार्ट टू में सबने वो देख दिया मुक्केबाजी मुक्केबाजी में जयश्रीराम तो नहीं पर मुक्केबाजी में भारत माता की जय करते हुए मारते पीटते दिखा रहे हैं हर जग मतलब वो पूरा टिव बनाया गया था और उसम बहुत कोशिश की गई स्पेशल मेंशन उन सभी टैक्सी ड्राइवर्स को भी देना चाहता हूं जिनकी गाड़ियों में बैठ के हमारे जर्नलिस्ट इलेक्शंस कवर करते हैं जो जब भी इलेक्शन जब भी टैक्सी ड्राइवर की बातें होती है इस देश में सबसे यूनिक पॉलिटिकल और कल्चरल और सोशल इनसाइट टैक्सी ड्राइवर से बढ़िया कोई नहीं देता है जब भी बरखा दत्त या राजदीप देसाई टैक्सी ड्रा टैक्सी ड्राइवर के पास बैठते हैं टैक्सी ड्राइव को कहानी सुनाता है पूरे शहर की कि यह शहर 187 में एस्टेब्लिश किया गया था उस समय से बहुत बढ़िया रिलेशनशिप रहा है हिंदू और मुसलमानों के बीच में लेकिन 2014 का डेट है कि उसके बाद से मैं गाड़ी चलाते हुए भी मेरे हाथ कांपते हैं कि मुझे कब पकड़ लिया जाएगा और जय श्री राम बुलवा दिया जाएगा तो शाउट आउट टू ऑल द टैक्सी ड्राइवर्स सुप्रिया श्री ने तो डेली मैं सीपी में निकल रही थी कॉफी की शॉप पे जा रही थी एक बूढ़ा आया मुझे टकराया बोल रहा है आपकी हवा चल रही है भाजपा हार रही है शट आउट टू ऑल द बुढ़ा ल्स बु एक इसमें क्या देना अभी इसकी वाली बात हुई तो 2015 की बात है मोदी चुनाव जीते थे 9 महीने हुए थे अभी हां ओबामा भारत आए ठीक है उससे पहले क्या है उससे एक डेढ़ महीने पहले बहुत सारी खबरें चला दी गई देखो इस चर्च पे हमला हो गया उस चर्च पे हमला हो गया इस चर्च पे हमला हो गया और ओबामा आके बोल के गया कि भैया अपने माइनॉरिटी का थोड़ा ध्यान रखो ये करो वो करो उसके बाद उसके बाद फैक्ट चेक होता है कि एक बच्चे ने एक चर्च पे खेलते खेलते ना पत्थर प पता है जिस समय पर वो ये बोल रहे थे उस समय पर वो एक ड्रोन का बटन ढूंढ रहे थे कि बटन किधर है कि मैं अफगानी वेडिंग के ऊपर ये बंद हां मैं वही कह रहा था उर अमेरिका में क्या कर रहे थे यहां चार पाच बच्चे निप उन चर्च का जो फैक्ट चेक हुआ ना तो ये पता चला कि एक बच्चे ने ऐसे ही खेलते खेलते पत्थर मार दिया था उसका काच टूट गया था तो जिसके बेसिस पे ओबामा ने ये कह दिया कि भाई अपने माइनॉरिटी का ख्याल रखो हमले हो रहे हैं तो अभी हम जो इलेक्शन की भी बात चल रही थी और पहले ये आया कि भैया बहुत डाउन रहा है इस बार इलेक्शन हम फिर चुनाव आयोग का डटा सामने आता है हम तो हम जो बात कर रहे थे लास्ट पॉडकास्ट में वोट जिहाद वोट जिहाद बात कर रहे यस हम जो लास्ट वाले में जब हम आपके यहां पे थे तो हम ये बात कर रहे थे कि अगर वोट परसेंटेज कम हुआ तो हो सकता है कि जो हिंदू थोड़ा नर्वस हो गया है या किसी तरीके से सोच रहा है कि भैया ये जीतेगा तो मुझे देना नहीं है और ये तो जीतेंगे नहीं तो मैं जाऊंगा ही नहीं तो अब तो हमें पता लग रहा है कि भाई पिछली बार जितना ही वोट परसेंटेज है तो भाई इसमें आपको क्या लग रहा है कि किसका वोट शेर बढ़ रहा है क्योंकि यह भी बात इसमें हो सकती है कि अपोजिशन क्योंकि भैया खटाखट ₹ लाख दे रहा है ठीक है हमारी आपकी प्रॉपर्टी बांट देगा सब मैं वही सोच रहा था कि हम लोग कहां ये टाइम वेस्ट कर रहे हैं फर्जी 101 [हंसी] हां देखना शुरू करन साल श वालो का क्या होगा श उसके बारे में गांधी जी ने कुछ नहीं बोला ट आईम 100% गांधी सपोर्टर तो मैं तो भाई आपके जो बात उन्होंने बोली है मैं तो वही फॉलो करता हूं तलब मैं क्वेश्चन भूल गया यही तो बते हु तेही सवाल भूल ग मैं कह रहा था कि जो अभी रियल डाटा निकल कर के आया चुनाव आयोग का जी उस पर आपका क्या मानना है कि मतलब वो 400 पार की तरफ जा रहे हैं या कांग्रेस जो कह रही है कि फुल कॉन्फिडेंट हो ग हम 150 सीट जीत रहे हैं कॉन्फिडेंस तो देखो क हम 150 जीत रहे हैं वो 150 जीत रहे हैं यार देखो इसमें अब कोई सेफोलॉजिस्ट वगैरह वाली तो बात है नहीं पर जितना मुझे लगता है कि सेम अगर आंकड़ा छू रहे हैं अब एक्चुअली में ये होता है ना पिछली बार बढ़ा था हां उससे पिछली बार से मतलब बढ़ा था पिछली बार फिर अगर हम हर बार देखे ना बढ़ता जा रहा है तो कहां तक बढ़ा होगे आप है ना तो इसमें जो प्रथम और द्वितीय चरण का मतदान हुआ है उसमें मतदान सही हुआ है पिछली बार जितना ही हुआ है और ये इनके पक्ष में ही जा रहा है और ये क्या नाम है अपना जयपुर डायलॉग्स था या पता नहीं किसने ये डाला हुआ था कि वो लोग नहीं निकल रहे हैं वो लोग कमा रहे हैं अच्छा हां ऐसा वो पता नहीं किस बेस पर कर रहे हैं वो मुझे तो नहीं पता बट ऐसा उन्होंने बोला और जो सबसे बड़ी बात है ना कि नरेंद्र मोदी के आप कोई भी इंटरव्यू देख लो रिसेंट कोई भी इंटरव्यू होगा उन बॉडी लैंग्वेज जिस कॉन्फिडेंस से वो व्यक्ति बात कर रहा है वो स्पष्ट रूप से दिखा रहा है कि पहले और दूसरे चरण में जो पहले सीट आई थी 2019 में उससे ज्यादा ही आ रही है और वो अपने टारगेट पे धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं उनका मुझे ये प्लान लग रहा है पहले मुझे भी लगा था कि प्रथम चरण में मतदान कम हुआ है तो कहीं इस वजह से तो नहीं इन्होंने ये सब शुरू कर दिया है जो चौके वोट जिहाद एंड ऑल यहां पर बात पहुंच गई है और दूसरी चीज चलो ये तो खैर तीर तुक्के वाली बात की हमने हम बेसिकली बात कर रहे थे वोट जिहाद वाली जी जी मुझे ऐसा लगता है कि यह बात करनी बहुत जरूरी हो जाती है क्योंकि की यह पिछले 60 70 सालों से बात की नहीं गई है जिस समय हमारे प्यारे नेहरू जी वाह नेहरू जी नेहरू जी तो हमारे प्यारे नेहरू जी ने प्रथम चुनाव लड़ा है वो छ महीने चला है वो चुनाव 1951 में चालू हुआ था 1952 तक चला है जी हा छ महीने तक चलता रहा वो चुनाव उस पहले चुनाव में उन लोगों को टिकट दी गई है जिन्होंने मुस्लिम लीग जवाइन की थी जिन्होंने भारत का पार्टीशन करवाया था और जो उल्लू के पट्ठे पाकिस्तान नहीं गए थे यहीं पे बस गए थे ना जो रह गए थे ये लखनऊ खन साइड में उनको टिकट मिली है वो केवल और केवल जो हम बात कर रहे हैं ना मुस्लिम अपीज मेंट वाली उस कारण से दी गई थी उस टाइम किसी ने नहीं बोला फिर हमारी प्यारी इंदिरा जी आई ठीक है उन्होंने आई थिंक 69 में चुनाव लड़ा था उन्होंने सपोर्ट लिया उसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ ड आ गया अगले दो तीन सालों के भीतर ठीक है वो किस लिए आया क्योंकि इस चुनाव से पहले आप देखिए इनकी एक रैली मिलती है उधर कौन से अपने देवबंदी देव बंदियों के बीच में मरकज में जाकर उनकी एक स्पीच है व सुनिए जरा आई थिंक अवेलेबल हैय पर जी तो उसमें देखिए किस प्रकार के वादे किए जा रहे हैं पूरी अपीज मेंट चल रही है कम्युनिस्ट पटाए गए क्योंकि कांग्रेस पार्टी टूट रही थी जी जी ये अलग बना रही थी ना कम्युनिस्ट पटाए गए ये मुसलमान पटाए गए और उसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड आया किसी ने कुछ नहीं बोला इसके बाद राजीव जी आ गए हमारे प्यारे उन्होंने शाबान एंड ल सारी चीजें कर दी किसी ने घंटा कुछ नहीं बोला जी तो ये कॉल आउट करना बहुत जरूरी था आगे ये मनमोहन सिंह की सरकार में तो हिंदू आतंकवाद सब कुछ गांधी प्यारे हैं बस ी प्या मनमोहन सिंह प्यारे नहीं मन मनमोहन जी तो वैसे ही प्यारे हैं अच्छा बेचारे यार उनकी क्या ऑटोमेटिक प्या फड हो रहा था वो भी व्यक्ति बेचारा तो उन्होंने देख लो उनकी स उन्होंने तो त सब प्यारे हैं मनमोहन जी बेचारे हैं जो एनएससी कह रही थी वही वही वो कर रहे थे ना इस पॉडकास्ट की एंटी माइनॉरिटी स्टैस के खिलाफ आवाज उठाना बहुत जरूरी है मैं वही कह रहा हूं कि आपने इतने ब्लास्ट हुए हैं उस पूरे कालखंड में 2000 एक से ही शुरू हो जाइए और 2010 तक साला इतने ब्लास्ट हुए हैं के गिनती भूल जाए आदमी घर वाले बोलते थे कि बाहर मत जाओ मार्केट में मत जाओ यहां पे मत जाओ साला इतना डर बैठ गया था पिक्चरें बनने लगी थी नसटी जैसी हां तो पॉइंट यही है कि उस कालखंड में भी यदि आप हिंदू आतंकवाद की बात निकाल कर ले आओ और साला कौन सा बिल था कम्युलस बिल ले कम्युनल वायलेंस बिल जिसमें बाय डिफॉल्ट यदि कोई कम्युनल वायलेंस होता है तो उसका दोषी माना जाएगा हिंदू को हिंदू को ही माना जाएगा जी तो अगर आप ऐसे कालखंड में भी मतलब इतना सब होने के बाद भी नहीं बोले तो भाई अब बोलना बनता है क्योंकि आप मेनिफेस्टो में चीजें ऐसी लेकर आ रहे हो कि हम तो रिजर्वेशन देंगे जैसा अजीत वाज सेइंग के रिजर्वेशन देंगे गवर्नमेंट के टेंडर्स में गवर्नमेंट जो टेंडर निकालते है ना 10 टेंडर निकाले तीन मुसलमान लेगा हम साला क्या चल रहा है क्या साला ग भी बेच रहे हो क्या बकुल बिल्कुल बिल्कुल तो यही मैं कहना चाह रहा हूं कि इसीलिए यह बोला जाना बहुत जरूरी है और प्रखरता से बोला जाना है हमें कोई पृथ्वीराज सिंड्रोम में नहीं रहना कि साला मेरे सामने गौरी बैठा है घुटने पे और मैं उसकी मुंडी नहीं उड़ा रहा हूं जी जी मुंडी उड़ा देनी चाहिए उसी टाइम अदर वाइज क्या है कि आप हजार साल के लिए देश को अब आ वीडियो डी मोनेटाइज हो गया देखो इसमें मित्रों हां ये ये ऐसी ऐसी बातें चल रही है ये तो होता है हरबार होता है आधे घंटे पहले ही हो चुका तो मैं बस यही कहना चाह रहा हूं कि पूरे सिंड्रोम से हमें बाहर आना चाहिए और पृथ्वीराज इ हीरो पर हमें इस सिंड्रोम से बाहर आना चाहिए सामने यद शत्रु है तो उसको और और ऐसा कुछ नहीं है कि कांग्रेस शत्रु है बट उनके मेनिफेस्टो में जो चीज अपीज मेंट शत्रु है अपीज मेंट नहीं होनी चाहिए एंड अगर ऐसा बोलने से कांग्रेस को नुकसान होता है तो बोला जाना चाहिए बिल्कुल अजीत भाई अभी एक सवाल है आप आप से इसी से जुड़ा हुआ नरेंद्र मोदी ने एक और वहीं पर स्पीच दी थी के मैं जब तक जिंदा हूं मैं तब तक आदिवासियों का ओबीसी का और अपने एससी का जो आरक्षण है वह मुस्लिम्स को नहीं जाने दूंगा नहीं तीन बार बोला था नहीं जाने दूंगा नहीं जाने दूंगा नहीं जाने दूंगा तो ये भी तो एक स्ट्रेटेजी है क्योंकि कांग्रेस सारे के सारे वादे ही ऐसे कर रही है वो कह रही है कि हम डिस्ट्रीब्यूटर देंगे हम आरक्षण देंगे कर्नाटक में यही चीज अभी बात चल बिल के ऊपर जिसको बाद में फिर बताया जा रहा है कि राज्यपाल ने शायद कि वो डिनायर दिया लेकिन क्या इस तरीके की राजनीति करना देश के अंदर किसी भी पार्टी के लिए हितकर है कि हमारे 140 करोड़ लोगों का हित संवर जाएगा या देश संवर जाएगा कि भाई हम तो आरक्षण उठाकर उधर सप्लाई कर देंगे इस परे तो मुझे लगता है कि जिस तरह से घुमा करके मोदी ने ले लिया पूरे एंडडी वालों की इन लोगों ने सोचा था कि हम गरीबों की बात कर रहे हैं तो मोदी गरीबों में मतलब कैसे बोलेगा कि नहीं गरीबों का पैसा गरीबों का आरक्षण वह जो है यह तो अमीर गरीब टाइप का कर रहे थे और मोदी ने बोला कि नहीं यार महिलाओं के मंगलसूत्र ले लेगा आदिवासियों की चांदी ले ये लोग जहां सोच भी नहीं सकते थे हम और आप नहीं सोच सकते थे कि आदिवासी महिलाओं के चांदी की बात मोदी कर देगा वोह वेट करता रहा कि इसको साला कनेक्ट करें कैसे क्योंकि अमीरों से लेकर के गरीबों में बांटने की बातें हो रही थी तो उसने कह दिया कि आपकी तिजोरी में जो सोना पड़ा है उसको भी बांट देंगे और यह कहते कहते जब तक जय राम रमेश डिनायर रहा कि नहीं नहीं हमने कहां लिखा है राजदीप जो है वो नाचने लगा न न न न न न ननन देखो मैंने पढ़ा है इसमें कहां है यार कहीं पर भी नहीं है यार तब तक मोदी अगले लेवल पर जंप करके बोला कि इन्होंने तो यह देखो यह लिखा हुआ है और सिद्धाराम मैया उधर बांट रहा है आरक्षण सिद्धा र मैया ने जो शिवकुमार के साथ गेम खेला है वहां पे वो तो मुझे लगता है पॉलिटिकल मास्टर स्ट्रोक है कि वो कांग्रेस की ले रहा है कि डीके शिवकुमार की ले रहा है या मोदी की लेने की सोच रहा है यह उनको सोचना चाहिए तो इस पर वही है कि मैं बार-बार कहता हूं कि एक शब्द का भी मार्जिन नहीं है इस इलेक्शन में कांग्रेस या इंडी वालों के पास शब्द छोड़िए भाव का भी मार्जिन नहीं है कि तुम कुछ बोलोगे तुम बोलोगे कि मेरे पिता की मैं अस्थियां लपेट के और टुकड़े लेकर आए तो उस परे भी तुम्हें मौक किया जाएगा कि तुम हमें कहते हो नेहरू पर मत जाओ तुम बार-बार अपने बाप के चीथर की मतलब धन पे अपनी खत्म होती ठंडी पड़ चुकी राजनीति को सेकने की चेष्टा कर रही हो तो इस तरह ऐसे समय में जब चाहे मोदी हो योगी हो ऑलरेडी और जो अभी बात कर रहे थे ना आप लोग की दो चरणों के बाद जो डेटा आया है डटा तो आ गया आप कि भाई लगभग जो पहले था ये 6 पर कम नहीं हुआ 66 पर पर ही है इसका तात्पर्य यही है कि अमित शाह ने जो बात बोली है कि हम 100 से ज्यादा नहीं बहुत ज्यादा दो चरणों में सीटें ला रहे हैं और अमित शाह हो या पियूष गोयल हो या इस तरह के लोग फर्जी हवाहवाई बातें नहीं करते हैं और दूसरी तरफ आप देखि कि राहुल जी जो है वह बहुत बेचारा हमारी तरफ बिहार में एक शब्द है कथनाएगन 1 स पर पहुंचा है कि हम 1 स तो यार पक्का ले लेंगे तो जिसका लक्ष्य ही 1 स पर है व वो क्या कर पाएगा और ऐसे समय में जब नरेंद्र मोदी जो तुम नहीं कह रहे हो उस पर भी घुमा करके तुम्हें पेल रहा है और एक बात और एक बात इसमें यहां प्लग करना चाहूंगा कि इन्होंने क्याक मतलब किस किस चीज में इन्होंने प्रोपेगेंडा करने की चेष्टा नहीं की अमित शाह वाला जो फेक वीडियो चलाए कितने मूर्ख है कि अगर सोशल मीडिया पर फेक वीडियो तुमको चलाना भी है तो यार 7 तारीख को चुनाव है तो 6 तारीख को चला चू किया टाइप साला तुम 10 दिन पहले चला कर के और जेल में भी जा रहे हो 10 12 स्टेट में तो ऐसे तो इनके स्ट्रेटजिस्ट है ऐसे ही मोदी का भी वो कुमार कुमार विश्वास से सीखना चाहिए कुमार विश्वास आए थे ना पंजाब चुनाव से एक दिन पहले ये खालिस्तानी हों से इन्होंने कुमार विश्वास अजीत भाई मेरा एक सवाल यही के यही आपसे है और अगला सवाल है फिर सब पे मैं जाऊंगा के राहुल जी तो एक नारा दे रहे हैं डरो मत भागो डरो मत मूत दो तो उस पर आपका क्या विचार है अभी अभी जो आप हम लास्ट टाइम भी बात कर रहे थे कि वायनाड का एक बार हो जाए तब ये बताएंगे कि अमेट से लड़ना आया लेकिन य तो पूरा का पूरा गेम ही बजा दिया मतलब वो अटी पूरी तरीके से छोड़कर और फिर रायबरेली जाने है क्या होगा उनका रायबरेली में भाई मैंने कल शाम में मेरा लाइव अगर किसी ने देखा है 9 बजे 9:30 बजे के लगभग में मैंने यह बात बोल दी कि अमेठी से राहुल को नहीं लड़ाना चाहिए अगर इनको भाजपा को शौक करना है तो तो इन्होंने क्या क्या मेरी बात संभवत सुनी और बोला राय बरेली से लड़ा दो मैंने एगजैक्टली यही बात बोली कि राहुल को रायबरेली से लड़ा और अमेठी से प्रियंका गांधी को दो तब तुम्हारा कुछ कंटेस्ट बनेगा और यहां पर इन्होंने मतलब आधा काम किया आधा काम करने से अब समस्या यह हो गई कि लड़ कर के हार जाना लड़ कर के हार जाना और पहले ही भाग जाना दोनों में अंतर यह होता है कि जब तक परिणाम नहीं आते हैं तब तक आप छाती ठोक के कह सकते हैं कि हम जीत सकते हैं हम जीत रहे हैं तो आपका कार्यकर्ता थोड़ा सा इंस्पायर्ड फील करेगा लेकिन यहां पर ऐसा कुछ होता हुआ नहीं दिख रहा है जो लोग बेचारे हाथ से हालात बदल रहे थे उनके हालात जो है बहुत ज्यादा बदल गए हैं उनके हाथों की लकीरें मिट चुकी हैं अरे नहीं वह फोटो भी किशोरों का ही लगा रखा है किसी नहीं नहीं बुजुर्ग का लगा दे कि हाथ बदलेगा हालात लगा भी रखा है स्कूल के लड़कों का ही स्कूल कॉलेज के लड़को का ही हाथ के बारे में मुझे एक बार एक एक एक और बात बताए कि कांग्रेस का जो हाथ है ना उसमें भाग्य की रेखा नहीं है इस कारण से इनका भाग्य जो है पलट नहीं रहा है तो इन्होंने एक बार यह कर्नाटक चुनाव के समय में किया मल्लिकार्जुन खरगे का एक वीडियो वो जहां बैठ रहा है वहां एक्चुअल में भाग्य रेखा उन्होंने डाला था लेकिन बाद में फिर वही हाथ से हालात ये लोग बदलने लगे तो फिर जो है वो घिस गया थोड़ा ज्यादा ही राहुल जी की टाइम से शादी हो गई होती तो उसमें भाग्य रेखा भी होती एक एक आदमी कह रहा था कि जिस जिस आदमी को पूरे हिंदुस्तान में कोई लौंडिया नहीं दे रहा है आप कह रहे हो कि हम सरकार दे दें उसको चलाने के लिए वो सोनिया गांधी ने राहुल गांधी से कहा कि बेटा बहुमत लाओ वो बहु नहीं लाए हां इसलिए नहीं लाए बहुमत [हंसी] उन्होंने कहा मम्मी ने बोला है तो नहीं मम्मी ने मना किया है ममी ने मना भाई मैं गर्वित से पूछना चाहूंगा के यह जो अमेठी से भागना है क्या बताता है मतलब राहुल गांधी डरे हुए हैं या वही इनकी बात कि वो स्ट्रेटजी चेंज करते हैं एक रिकॉर्ड बनाना चाहते आपने वो वीडियो नहीं देखा जो उन्होने पोस्ट किया राहुल गांधी ने कली जहां वो जहां वो गरीबों से कनेक्ट करने की कोशिश कर रहे थे दिखा रहे थे कि ही मैन ऑफ कर सकता है वो बंदा ही इज अ मैन ऑफ द पीपल वो बिल्कुल यू नो दरिद्र नारायण टाइप के आदमी है लेकिन वीडियो उन्होंने बनाया कि वो एक प्राइवेट जेट में बैठे हुए थे जी और अंग्रेजी में बात कर रहे थे चेस के बारे में कि उन्होंने और बता रहे थे कि वो हां कैस्पर उनके फेवरेट चेस प्लेयर हैं और जब वो सिर्फ इतने नन्हे से मुन्ने से बचे थे तो उनको किसी बहुत बड़े चेस जीनियस ने आके चेस खेलना सिखाया था पांच मिनट में चेस सीख के उन्होंने उस बंदे को हरा दिया अरे वाह पहली बार मैंने पहली बार चेस खेला और उसी को ही हरा दिया जिसने मेरे को सिखाया 10 साल में नरेंद्र मोदी से राजनीति सीख के उसे नहीं हरा पाया तो मैं क्या कह रहा हूं कि आप लोग जो ये इल्जाम लगा रहे हैं कि ये आदमी डर गया या भाग रहा है मुझे समझ में नहीं आता कि एक चेस जीनियस जो दो मिनट में चेस सीख के लोगों को हरा दे सकता है वो क्यों भागेगा मेटी सेही बात है ये जयराम रमेश जी ने ट्वीट भी किया है कि ये एक फडी चेस की स्ट्रेटजी है अच्छा अच्छा ये हम जैसे चुन्नू मुन्नू लोग नहीं समझ सकते ये एक बहुत हाई लेवल की स्ट्रेटजी है हा ये मोदी को समझ में नहीं आ रहा कि राहुल गांधी जी ने क्या किया बेसिक भाई आपको समझ में आ रहा है अब तो मैं क्या ही बोल सकता हूं भाई ने ऐसा पॉइंट मार दिया नहीं तो मैं तो कहने वाला था अपनी ही पार्टी को अपने ही हा तो फूक दो डरो मत मूत दो ये भी अच्छा था आपका क्या पॉइंट है बोल दिया था उने अच्छा इस पर आपको कुछ नहीं बोलना है इनको भी 15 लाख चाहिए इसीलिए ना मैं तो सिर्फ ये बात बोलना चाहता हूं देखिए जो इन्होंने बोला है ना बेसिकली सॉरी जो इन्होंने बोला है ना ये खड़गे जी ने ही बोला था प्राइवेटली जब लोग उनके पास आए थे किय ये किसने डाला है ये वीडियो राहुल का तो उसके बाद खड़ जी ने भी यही बोला था बोल दिया अब क्या करें छोड़ो छोड़ो साला कल मेहनत करेंगे हुआ तो हुआ हुआ कांग्रेस ऑफिस में हर आए दिन यही लाइन बोली जाती है बोल दिया ना अब क्या करें कर वो संजय निरूपम ने सही बोला है कि भाई ये भाजपा वालों ने दिया हुआ टर्म नहीं है राहुल गांधी को ये हम ही लोगों ने लोग बोलते थे इसको बोल दिया कौन खुला छोड़ देता है इसको वही हो जाती है बात तो अभी जो हमारा अगला सवाल है हम अनुज भाई से स्टार्ट करते हैं कि कोवी शील्ड के ऊपर अब बड़ा हंगामा मच रहा है लोग बड़े परेशान है कह रहे हैं हमारा खून का थक्का जम गया हाय खून का थक्का जम गया ऐसा ना छाती पर हाथ रख रख के बहुत लोग कह रहे हैं और वो था एक पता नहीं कौन एक आज भा को बोलने नहीं देना क्या बिल्कुल कांग्रेस आ हो रही है मित्र आवाज दबाई जा रही है देखो वो जैसे ही उन्होने राहुल जी का और नेहरू जी को प्यारे कहा वैसे ही देखो जी को भी प्यारे जी को भी राहुल जी को भी ीव जी को इसलिए यह जितने भी राइट विंगर्स है उनकी आवाज दबाने लग गए अनुज भाई मैं आपके पास दोबारा से आता हूं सॉरी माफी के साथ में दोबारा सवाल पढ़ देता हूं आपको याद ना रहा होगा के यह जो कोविड वाला जो मैटर अभी चला है इसका असर रहना है 44 दिन तक लेकिन बीत चुके हैं 3 साल जिस टाइम यह सब महामारी फैल रही थी सब कह रहे थे कि अब तक हमने वैक्सीन क्यों नहीं लगवाई उससे पहले कह थे फाइजर क्यों नहीं लगवा रहे हो अपनी ही बनवाई तो उसके बाद कह रहे थे कि फटाफट क्यों नहीं लगवा रहे हो फिर उसके बाद कहा दूसरी क्यों नहीं लगवा रहे फिर कहा बूस्टर क्यों नहीं लगवा रहे और अब कह रहे कि क्यों क्यों लगवा दी क्यों लगवाई थी जी मेरा मानना यह है कि जिस टाइम की ये बातें हैं सार उस टाइम हम पडेम में थे घर में बैठे हुए थे एक दूसरे से हाथ मिलाना सामने खड़े होना तक भी पॉसिबल नहीं था पड़ोसी भी जो थे ना वो फोन प बात करते थे ये कंडीशन थी एक घर में अगर कोई बाहर निकल के आ गया ना उसे दूसरे कमरे में बिठा देते थे कि भाई यहां बैठो मैं खुद बिकॉज कुछ कंडीशन ऐसी हो गई थी मैं खुद लगभग 15 दिन तक मेरा मैं उसमें इफेक्टेड नहीं था उस समय पर मैं लोगों से मुझे मिलना पड़ा था ऐसी कंडी हो गई थी हां तो मुझे करीब-करीब 10 12 दिन में बिल्कुल अलग रहा था क्वांटन र तो ये हमारी कंडीशंस थी काम नहीं कर पा रहे थे लोग ऑफिसेल अब ऐसी कंडीशन में वैक्सीन आती है चाहे कोई भी आती है हां ठीक है उस वैक्सीन से ये स्थितियां ठीक होती है और उस वैक्सीन का एक कोलेट डैमेज जिसको हम मान सकते हैं ये सारी कंडीशन जो पैदा हो रही है हार्ट अटैक्स एंड ऑल ये सारी जो कंप्लेंट्स आ रही है उसको मैं कोलेट डैमेज क्योंकि जो कोविड की कंडीशन थी उसमें भी कितनी असंख्य मृत्यु हो रही है भारत में भी सेकंड वेव तो हमने देखी है वर्ल्ड वाइड हमने देखा है तो वैक्सीन ने वो कंडीशन से हमें बचाया है प्लस उस वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स की वजह से यह सारी जो अब कंडीशन पैदा हो रही है जिसमें हार्ट अटैक्स आ रहे हैं जिसमें लोगों को चक्कर आ रहे हैं इस टाइप की कंडीशंस पैदा हो रही है तो मैं इसको साइड इफेक्ट मानता हूं या फिर अंग्रेजी फिल्मों में जैसे कोलेट डैमेज कह देते हैं वो बोलना नहीं चाहिए वैसे जी जी बट वही मैं मानता हूं इसे वैसे आयुर्वेद में भी लिखा है कि हम भोजन को खाते हैं भोजन हमें खाता है जितना हम भोजन करते हैं वो हमारी आयु को कम करता जाता है हर चीज का है अगर आप नमक खा रहे हो आप मैक्सिमम जैसा पानी भी है एक लिमिट से अगर ज्यादा लोगे आप सोच रहे हो कि हमें बहुत ज्यादा प्यास लग रही है गर्मी लग रही है तो वो भी आपके लिए हानिप हो सकता है गुड भी शक्कर भी हो सकता है अजीत भाई के पास जाएंगे अजीत भाई आपने इसके ऊपर बोला भी है और हमने वो सुना भी है लेकिन मैं चाहूंगा कि थोड़ा सा आप इसको और एक्सप्लेन करें कि एक तरफ तो आयुर्वेदिक औषधियों के ऊपर अभी सुप्रीम कोर्ट ने भी कितनी बड़ी बात कह दी और फिर कह दिया कि भैया तुम्हें तो हम उधेड़ के रख देंगे जबकि उन दवाइयों का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता आयुर्वेद की ये सबसे बड़ी खासियत है कि उनका कोई साइड इफेक्ट तो नहीं होता है और दूसरी तरफ यह था कि भाई यह तो बात है य अभी रोहित सरदाना के जो फैमिली मेंबर्स हैं वो खुद कह रहे थे कि भाई अगर उस टाइम तल वैक्सीन आ चुकी होती ना तो कहीं ना कहीं हम अपने बंदे को बचा लिए होते तो वैसे लोग भी हैं और इस तरी के लोग भी जिनको इस तरीके की राजनीति करने है जो पहले कह रहे थे कि अब अखिलेश यादव को ले लो आप है ना तो वो कह रहे थे कि कब आएगी कब आएगी और फिर कह दे मैंने लगवा आंगा तो इस तरीके की तो राजनीति करने वाले को सेपरेट करें लेकिन आम जन भावना को समझते हुए ये दोनों चीजों पर मेरा आपका आपके साथ में सवाल है एक तरफ हम आपको उधेड़ कर रख देंगे दूसरी तरफ यह कोलेट डैमेजेस और एंड ऑल यह जो साइड इफेक्ट की आप बात कर रहे हैं एलोपैथी के दो तरह के साइड इफेक्ट होते हैं एक तो आपके शरीर पर होता है और दूसरा जब आप न्यायपालिका आदि में जाते हैं तो एलोपैथी का एक साइड इफेक्ट मनी के रूप में आता है गग फार्मा का एक साइड इफेक्ट अपना होता है और उस साइड इफेक्ट के कारण जो है इनके जो मेन इफेक्ट को मेंटेन किया जाता है और फिर इस तरह की बातें आती है कि वी विल रिप यू अपार्ट यह वाली बात है ऐसे मुझे लगता है कि मेरे फ्रेंड सर्कल में 20 2 लोग मिले होंगे जिन्होंने कोरोनिल का किट मंगवाया और उसके बाद वह स्वस्थ हुए हैं डेंगू पडेम की तरह भारत में फैलता था तो गिलोय का डंठल पानी में डुबो करके ओवरनाइट रखकर पीने से लोगों के प्लेटलेट काउंस इमीडिएट बूस्ट हुए यह सारी चीजें हैं बिग फार्मा जिस तरह से मैनेज करना चाह रहा था फाइजर ने जितने रुपए इधर पंप किए हैं आप याद कीजिए ना यह लोग किस तरह से पुश कर रहे थे फाइजर का 44 बिलियन डॉलर भारत में बिजनेस होता अगर वो दो डोज मिनिमम बेच पाता यहां पर 2 डलर का उसका एक डोज था और एक बिलियन आदमी यहां पर मान लीजिए तो उस हिसाब से मैं मान करके चल रहा उतना बड़ा मार्केट उसका इनके हाथ से निकल गया और जब बात हम कोविड शील्ड या फिर को वैक्सीन की करते हैं या किसी भी वैक्सीन की करते हैं किसी वायरोलॉजिस्ट से आप बात कर लीजिए आपके समक्ष हमेशा एफीकेसी डाटा होता है कि कितना एफिशिएंट है ये उसमें आपको चुनाव करना पड़ेगा कि 90 पर ठीक है 10 प्र लोगों में अगर इसके कुछ साइड इफेक्ट आते हैं फिर भी दिस वैक्सीन इज गुड एनफ 90 पर बहुत अच्छा डाटा माना जाता है और इसका क्या है इसमें 7 करोड़ में एक आदमी के मरने की संभावना है पूरे भारत में केवल 18 केसेस इस तरह के आए खून का थक्का जमने के और इसमें कुछ भी नया नहीं है दो-तीन साल पहले जब यह बात चली थी उस वक्त भी उसके साइड इफेक्ट्स की लिस्ट थी उसमें लिखा हुआ था कि रेयरेस्ट ऑफ रेयर केसेस में ब्लड क्लॉटिंग हो सकती है ये जो टीटीएस बोला जा रहा है और अभी वही है ना कि अभी जिंदा है और बेचारे कि यार हमको कब हार्ट अटैक आएगा ऐसे लोग मतलब ऐसे मूर्खा अधिराज हैं जिनको लग रहा है यार कहीं से मुझे मिनी हार्ट अटैक टाइक का भी आ जाए साले पेट में गैस बन रही है तुम्हारी वो वो को भी शील्ड का इफेक्ट नहीं पड़ रहा है गैस बन रही है खाना ठीक से खाओ तुम लोग जाकर के और वो गैस भी इसलिए बन रही है ना कि मोदी तुमको पेले हुए हैं कई बार पेलने से भी गैस हो जाता है तो इन लोगों को आइडिया नहीं है भाई अपना तुम जाकर के वह डायग्नोसिस करवाओ ठीक से तो कोवी शील्ड को लेकर के यह इनके कई झूठों की श्रृंखला में एक और झूठ नया झूठ था इनका फेक रिजर्वेशन वाला चला गया अभी एआई को लेकर के चले गए इनको समझ में नहीं आ रहा है कि मोदी और अमित शाह कहां-कहां से आएगा और क्या-क्या घुसे के कितनी बार घुमा कटहल घुसे के चला जाएगा तुम में और तुम साले कटल में सोचो कितने वैक्सीन लगते होंगे तुम्हारा पूरा जीवन जो है ना वो वो बेकार करके चला जाएगा मोदी और इनको लग रहा है कि नहीं हमको भी शील्ड पर माहौल थोड़ा सा बना लेते हैं तो मजा आ जाएगा मोदी बैक फुट मोदी बैक फुट प चला जाएगा मोदी साले हमेशा फ्रंट फुट प आधी पिच प आके खेलता है आधा उसका शॉर्टेड है 272 तो आ रहे हैं मुझे अब मुझे यह 10 11 गज जो बचा है ना मैं वहां से करूंगा तुम्हारी हर बॉल फुल टॉस आएगी तो उसी फुल टॉस में से एक यह था और इनको लगा कि माहौल बना के फिर से पैनिक बांट करके जो भारत की जनता अप्रैल 2021 की स्थिति याद कीजिए जब सेकंड वेव था और पटपट के लोग मर रहे थे उस वक्त जिस भारत की जनता ने इस सरकार में धैर्य अपना नहीं खोया इस सरकार में आस्था दिखाई तुम्हें लगता है कि अभी इतने हम जीवित बच गए हैं और तुम यह कोविड शील्ड प प्रोपेगेंडा करके मतलब हवा बांध दोगे तो मुझे लगता है कि मूर्खता कर रहे हैं ये लोग यूपी में चुनाव थे उसके बाद थो और सबसे ज्यादा जो डटा जो डेटा आ रहा था या लाशें जो आ रही थी वो जितना भी बखत घूम रही थी वो यूपी में ही तो घूम रही थी नहीं जितने भी ये फेक न्यूज़ वगैरह चली थी य गंगा के किनारे पर नेपाल की दिखाई गई बांग्लादेश की जितनी खबरें दिखाई गई इवन 90 के बहुत सारे फोटोज थे वो दिखाए गए कि उत्तर प्रदेश से आ रहा है रीजन यही था कि इधर किसान आंदोलन फेल हो चुका था इनको लग रहा था कि 22 में किसी भी तरीके से हमने जो पिच बनाई है उसको हम अखिलेश जी को सौंप दें और कहना फिर अजीत भाई का कि खोद के कोई और चला गया तो अभी यह चीज चल रही है आपके पास मैं आऊंगा श्याम भाई कि किसी भी तरीके से एक बार मेरे को मिनी हार्ट अटैक आ जाए और मैं उसको डाल दूं और मोदी के ऊपर आरोप आ जाए और फिर मोदी हार जाए और कम से कम राहुल गांधी जी की 150 सीट पक्की हो जाए ये तो यार एक समय पर हुआ करता था कि लोग देश के लिए जान दिया करते थे यू नो भगत सिंह टाइप के चंद्रशेखर आजाद टाइप के लोग होते थे देश के लिए जान दिया करते थे आप सोचिए कि आपके ग्रेव स्टोन पर लिखा जाएगा कि हमने ल गांधी जी के लिए जान तो कौन घुसने देगा आपको स्वर्ग में भगवान भी देखेंगे कि अच्छा यह बॉर्डर पर लड़ते हुए मरे हैं इनको यह जो भी करते हुए मरे हैं य राहुल गांधी के लिए कोवी शील्ड के लिए यह क्या बोलते हैं फलाने के लिए जा मिनी हार्ट अटक से म भगवान नहीं बोले जाओ यार वास आले ढंग करके दोबारा वापस आ इसमें नहीं घुसने देंगे तो वो भी है तो इस वैक्सीन का तो य कि इंडिया में उस लेवल की पहली बात तो वैक्सीन हेजिन है भी नहीं जो वेस्टर्न देशों में है इंडिया में लोगों को वैक्सीन पे ओवर वेल्मल विश्वास था विश्वास है और आगे जाते हुए भी विश्वास रहेगा इंडिया के लोग इनफैक्ट बहुत प्राउड फील करते हैं और यह आप डायस्पोरा में भी देख सकते हैं इंडिया के लोग बहुत प्राउड फील करते हैं कि इंडिया में इंडियन मेड वैक्सीन से लोगों को वैक्सीनेट किया गया है तो ऐसे देश में तो ऐसे भी एक मास लेवल की वैक्सीन एजेंसी क्रिएट करना मुश्किल है और अगर आप ट करने की कोशिश करेंगे तो देर अ वेरी गुड चांस कि ये बैकफायर कर जाएगा क्योंकि लोग बोलेंगे कि यह हमारे देश में बना है ये हमने करवाया है यह हमारा सबसे बड़ा दुनिया का वैक्सीनेशन प्रोग्राम रहा है और आप इस पर सवाल खड़ा कर रहे हैं तो लोग उसी से चिट जाएंगे उसम मोदी जी को कुछ बोलने की भी जरूरत नहीं है क्योंकि लोग ऑटोमेटिक उससे चड़ जाएंगे पूरे विश्व में बटी है वहां के लोग अब तक मोदी जी का बहुत वेरी बिग सोर्स ऑफ प्राउड प्राइड फॉर इंडि कितने देशों में कम से कम हमारे देश ने जो वैक्सीन पहुंचाई थी 90 के आसपास देश हां और आई थिंक ज्यादातर जो ग्लोबल साउथ की कंट्रीज है वो हां हां वही सवाल मेरा आपसे है अनुज भाई के ये जो एक तरफ है एलोपैथी एक तरफ है आयुर्वेद आयुर्वेद को देखते ही सार जो हमारे अ मतलब आप समझ सकते हैं मैं वो शब्द नहीं यूज कर सकता कि भड़क जाते हैं अचानक से भड़क जाते हैं और कहते हैं हम बखिया उधेड़ देंगे दूसरी तरफ इतने सारे हमने विज्ञापनों प बात करी है कि कितने फेक नैरेटिव लगाए जाते हैं पूरा पैसा बहाया जाता है है ना ठंडा मतलब कोका कोला और हम तो गोरापन ला देंगे हमारा यह दूध पियोगे तो बच्चा जो है वह अपना सारे के सारे जितने स्तनपान भूल जाएगा स्तनपान भी भूल जाएगा ओलंपिक जीत जाएगा लंपिक जीतेगा गर्मी नहीं लगेगी अगर आपने हमारा पाउडर पी लिया तो सूरज जो है आपका पानी नहीं खींच पाएगा पाइप डाल के वैसे वैसे ड चलते हैं दूसरी तरफ मैंने बताया आपको आयुर्वेद जिसका कोई नुकसान भी नहीं होता है हिंदुस्तान के अंदर वो अजीत भाई वाली बात बात याद आती है कि अगर हम सबको अपनी असेट दिखानी पड़े कि सब पार्टी को दिखानी पड़े तो कम से कम वो लोग कोटर भाई उनको भी दिखानी पड़ेगी दिखानी चाहिए जी मेरा यह मानना है ये बहुत ही फर्जी इशू है आयुर्वेद वर्सेस एलोपैथ की मुझे हमने जैसे पहले भी इस पे डिस्कशन किया था कि हमें दोनों चीजों की जरूरत है जहां जो चीज काम कर रही है वहां पे उसको यूज करो अब इसमें क्या है ना कि एलोपैथी वाले इनको खाने के चक्कर में है होम्योपैथी या फिर आ और हमारे जो स्वामी रामदेव जी हैं वो भी नहीं छोड़ते वो भी वक्के मारते रहते हैं इनके बोलते हैं वो भी तो मुझे लगता है कि हमें दोनों चीजों की जरूरत है पर ये जो इस इस वर का ना एक पूरा बहुत बड़ा इतिहास है और यह जो अजीत वा से फार्मा लॉबी यह मैं आपको थोड़ा सा बताता हूं कि एक अमेरिका में यूएस में एक बिजनेसमैन हुआ करते थे उसका नाम था जॉन डी अ रॉकफेलर इस नाम से एक बिजनेसमैन होते थे ये ऑयल बैरन थे तो इनकी ऑयल की रिफ रिफाइनरी थी 18702 रिफाइनरी थी और 1880 90 आते-आते अमेरिका की 90 पर ऑयल रिफाइनरी इनके पास चली गई थी हम पूरी मोनोपोली थी तो ये क्या हुआ कि 1911 में वहां पर एक लॉ होता है अमेरिका में कि आप मोनोपोली नहीं कर सकते हैं तो 1911 में क्या हुआ इनकी जोय कंपनी थी तेल की कंपनी रिफाइनरी इसको 34 पार्ट्स में डिवाइड कर दिया क्या मोनोपोली चला रहे हो तो फिर उसी दौरान में क्या हो रहा था कि रिसर्च चल रही थी कि पेट्रो केमिकल्स जो है पेट्रो केमिकल्स के थ्रू आप दवाइयां और उनमें जो फॉर एग्जांपल बेंजीन होता है वो पेट्रोकेमिकल से बनता है और बेंजीन का प्रयोग जो है ये ड्रग्स में होता है दवाइयों में तो इस व्यक्ति को इसके दिमाग में आया के ये तो बहुत बड़ा बिजनेस बन सकता है मेरा साला पेट्रोल तो चल ही रहा है उस पेट्रोल से पेट्रो केमिकल्स का प्रयोग करते हुए मैं फार्मा बिजनेस में क्यों नहीं जाता जी तो इस व्यक्ति ने क्या किया कि जो यूएस में उस समय तक प्राकृतिक चिकित्सा अधिक चलती थी यूएस नहीं ऑल ओवर वर्ल्ड ही ऐसा था ठीक है तो ये इस टाइप के ड्रग्स तो क जो परंपरागत चिकित्सा थी वो हर जगह ही चलती थी ठीक है और उसमें उसमें कोई गलत नहीं है ठीक है मैं जैसे मैं तो इसी चीज का पक्ष दूं भा आपके खांसी जुकाम बुखार जो बेसिक सी चीजें हैं वो हम मैं तो कभी भी दवाइयां नहीं लेता इन चीजों की मैं अपना घर में ठीक कर लेता हूं इन चीजों को बि पर जैसे फॉर एग्जांपल अभी आपको तो पता ही है कि मेरी सर्जरी हुई थी ठीक है उसमें उसमें आपको हॉस्पिटल्स का यूज करना है बिलकुल है ना जो मेरी फुट सर्जरी में मैंने हॉस्पिटल का यूज़ किया तो मुझे लगता है कि दोनों चीजें महत्त्वपूर्ण है जरूरी है और एक दूसरे की पूरक भी कही जा सकती है कई अब अब इसमें वॉर कहां से आ जाती है तो जो हमारे प्यारे जॉन डी र इन्होंने क्या किया इन्होंने जो अमेरिका में हां यूएस के भीतर जो चिकित्सा पद्धति थी उसको इन्होंने स्टैंडर्डाइज करना शुरू कर दिया एक संस्था बनाई एक संस्था बनाई बल्कि एक व्यक्ति को इन्होंने नियुक्त किया उसका मैं नाम भूल गया अलेक्जेंडर कुछ नाम था उसका तो उस व्यक्ति को नियुक्त किया गया वो ऑल ओवर अमेरिका यूएस घूमा उन्होंने सारी चिकित्सा पद्धति सारी चीजें दे और उन्होंने पेपर्स बना दिए जिसे कहते हैं ना रूल्स प्रोटोकॉल्स इस तरीके से पढ़ाई होगी मेडिकल कॉलेजेस में इस तरीके की दवाइयां होंगी जिसे कहते है ना एक सेट रूल फॉर ऑल उस टाइप के रूल्स बना दिए और जब वो रूल्स बन गए तो उसी तरीके से पढ़ाई होने लगी उस पेपर में पहली बार जो प्राकृतिक चिकित्सा थी उसको क्वेकरी कहा गया है जादू टोना अं नीम हकीम जैसा हम बोल देते हैं बना दिवाकरी शब्द जो जो है प्रथम पहली बार वहां पर यूज किया गया है और उसका प्रयोग हम आज तक देखते हैं आयुर्वेद होम्योपैथी के ऊपर आज तक उसका प्रयोग देखा जाता है जी जी तो वहां से ये रूल शुरू होता है अब इस चीज का प्रयोग जो है ना जब ये सारे स्टैंडर्ड बन गए दूसरी तरफ नहीं बने थे तो सिर्फ इन स्टैंडर्ड्स के बनने की वजह से 75 प्र जो कॉलेजेस हैं यूएस के भीतर वो बंद हो जाते हैं जहां पर कॉलेजेस हो गए हॉस्पिटल्स हो गए बंद हो जाते हैं और न्यू हॉस्पिटल्स हम वो ओपन होने शुरू हो जाते हैं जो रॉकर फेलर का जो पूरा आईडिया था उन बेसिस पर उन रूल्स पर और उनके बेसिस पर फिर पढ़ाई होने लग जाती है अब ये कामयाब हुआ यहां पर तो फिर क्या हुआ एक नई संस्था बनाई गई उसके से जो एक व्यक्ति की महत्वाकांक्षा थी ना मोनोपोली करने की उसको आदत थी पेट्रोल में उसने किया था उसने फार्मा में कर डाला और उसके लिए जो पहले से एस्टेब्लिश इंडस्ट्रीज थी चिकित्सा की उनको खत्म होना जरूरी था हम तो इस तरीके से उसको खत्म किया गया है अदर वाइज मुझे नहीं लगता कि अगर अगर दोनों साथ सस्टेन करते हैं ना बिकॉज मैंने लास्ट टाइम आपको अपना एक्सपीरियंस बताया था मुझे जो आई प्रॉब्लम का वो कैसे ठीक हुआ मैंने पता नहीं हजारों हजार रुप की पता नहीं लाख भी हो सकते हैं लाखों में मैंने खर्चा किया हो हॉस्पिटल्स में मैं गया हूं उसमें कभी मुझे लाभ नहीं हुआ बट मैं फ्री में ठीक हुआ उसके बाद मैंने आपको अपना एक्सपीरियंस बताया सो मुझे लगता है कि दोनों चीजें जो है वो साथ साथ चल हमने उस पॉडकास्ट के नीचे बहुत सारे कमेंट पढ़े कि जिसमें लोगों ने बताया अपने अपने एक्सपीरियंस दिए आपके बाद में कि हमारे साथ में भी क्याक हुआ है और हम उनको आयुर्वेद से योग से प्राणायाम से कितने फायदे हुए हैं तो मैं यही चीज मानता हूं कि आप अपना बेसिक आयुर्वेद योग वगैरह कीजिए और उसके बाद जब आपको जरूरत पड़ रही है आप हॉस्पिटल्स का भी यूज कीजिए सिंपल सी बात है नए सवाल की शुरुआत श्याम भाई मैं आपसे करूंगा के हम काफी टाइम से अननोन गनमैन की बात सुनते आ रहे थे और यहां पटाखा वहां पटाखा तो काफी समय से पेटीशन भी कर रहा हूं कि अननोन गमन को भारत त्न मिलना चाहिए मिलना चाहिए आपका तो मैंने देखा भी है तो अभी लेकिन गार्डियन ने बोला है के यह जो कुछ चल रहा है इसके सबके पीछे हिंदुस्तान की संस्था जो रॉ है उसका हाथ है नरेंद्र मोदी का हाथ है सरकार का हाथ है तो आपको क्या लगता है कि मतलब ये पर हाथ तो कांग्रेस का है ना नहीं वो हालात बदलने के लिए वो सिर्फ हालात बदलने के लिए हालात ों बदल रहे जज बातों के हालात बदलने के लिए है भाई साहब वो सिर्फ ठीक है वो सिर्फ वही करने कुछ समय में वैसे ही हालात बदलने पड़ेंगे स ठीक है मैं बहुत आगे नहीं बढूंगा फिर कहेंगे कि सवाल करने में 75 पर समय ले लेते देखिए वीडियो ऑलरेडी डी मोनेटाइज हो र जी बिल्कुल खुल के बोलना चाहिए हमें तो मतलब ही नहीं है भाई मोटेशन तो है ही नहीं भाई किताब खरीद लेना इसीलिए मैं कह रहा हूं मरे हुए को आप और नहीं मार सकते तो जब डिमॉनेटाइज हो ही गया तो फिर क्या मरा है नस्क तो नहीं मर गई है नस्क मर गई क्या बंदे की मौत की बात कर रहा हूं ओबवियसली हां तो बोलो ना यार कुछ आप बोल ही नहीं रहे हो आप मतलब ऐसा क्यों हिंदुस्तान में आए हो यहां मतलब भले ही यहां तानाशाही हो लेकिन आप खुल के बोल सकते हैं बाकी बाद में हम देख लेंगे र रचित भाई से बात कर लेंगे बाद में मैं तो आया हूं तानाशाही से लड़ने के लिए तानाशाही से लड़ने के लिए ही मैं आया हूं यहां रचित भाई सेब बात कर लेना वो आपको बता देंगे यहां कोई तानाशाही नहीं टिप्स दे देंगे आपको क सस्टेन करना है तानाशा बात मैं चेक कर लूंगा उनके साथ और जहां तक अननोन गमन की बात है और तो मैं तो मैं तो काफी समय सेय बोल रहा हूं कि जितना प्रो मोदी प्रोपेगेंडा गार्डियन कैरावन जैसी मैगजीन किया है पिछले साल डेढ़ साल में उतना कोई भी राइट विंगर बीजेपी आईटी सेल पास भी नहीं पहुंच पाए उस जितना खूबसूरत प्रो मोदी प्रोपेगेंडा पोस्टर्स ये लोग बनाते हैं कैवान के पोस्टर्स आप देखिए जयशंकर जी इतने खूबसूरत है कि यार जयशंकर के फैन उनको फ्रेम करवा के घर लता नहीं यार फुल एचडी निकाल के लेके आते हैं लोग उसको फ्रेम करवा के घर पे लगावा रहे बोल रहे हैं थैंक यू क सोच रहा थद सपोर्ट कर रहे नेल के लिए हम फुल एचडी फोटो व से निकालते हैं हां हां वही तो तो तो मैं वही कह रहा हूं कि ये जो गार्डियन गार्डियन ने ये आर्टिकल छापा ये सोच के कि देखिए पकड़ लिया फाइनली मिल गया हमको एक करने के लिए हां और मोदी जी क्या कर रहे हैं कि यही आर्टिकल जाके रैली में दिखा र ये देखो हमने करवाया है ये देख रहे हो जितना अ बोल रहे आर्टिकल भी बोल रहे है कि हमने करवाया है जिसको जितने आर्टिकल लिखा कल पाकिस्तान ने बोला है पाकिस्तान की कौन है वो एक महिला पाकिस्तान की एक्सनल अफेयर मिनिस्ट्री देख लो वो वो बोल रहा है अरे इमरान तो अपनी रैली में एस ज शंकर का बड़ी स्क्रीन प वीडियो चलवा रहा है वो कह रहा है कि देखो भाई इनकी ताकत देखो यह काम डरती नहीं है अब किसी से घबराना नहीं है आपने घबराना नहीं है गर्वित भाई यह कह के और फिर ये मैगजींस बोलती है कि नरेंद्र मोदी को वोट नहीं देना है यार कमाल की बा ये तो ये तो वही पॉ थ ना कि ये देखिए ये लड़का बहुत अच्छा है सुशील है पिता पिता नहीं है कुछ नहीं कर नौकरी बहुत अच्छी है आपकी लड़की की बहुत इज्जत करेगा इससे शादी मत कर अबे यार पाकिस्तानी थोड़े है ना वोटर अ पाकिस्तान में हमारे अननोन गन मैन जो वहां आतंकवादी है उनको निपटा रहे हैं तो भाई तुम हिंदुस्तान में रह के वोट मत करो हुआ क्या है ना गार्डियन ने लिखा मब बहुत इंटरेस्टिंग स्टोरी है गार्डियन ने लिखा के हिंदुस्तान की एजेंसी रॉ रॉ लिखा उन्होंने आर ए डब्लू आर एंड ए डब्लू नहीं लिखा रॉ लिखा ठीक है फिर बाद में जब लोगों ने पॉइंट आउट किया तो उसने उन्हें चेंज भी किया फिर बाद में तो उने भारत की एजेंसी रॉ उन्होंने क्या किया उन्होंने पाकिस्तान में जिहादियों को हायर किया फिर जिहादियों को बोला देख वो जिहादी है पर वो जिहादी नहीं है वो काफिर है मार दे तो इस जिहादी ने उस जिहादी को मार दिया ये सोच के कि वो जिहादी जिहादी नहीं है वो जिहादी काफिर है काफिर है गेम ऑफ थ्र लेवल काने ब दिया मतलब वो कौन था वो जो छोटू छोटू था उसम गेम ऑफ थ्रस में उस लेवल का जीनियस बना दिया फिर उसके बाद कह रहे हैं कि देखो जिहादी से जिहादी को मरवाने के बाद तुम मोदी को वोट मत दो मत करना पाकिस्तान की आधी जिहादी इन्होंने साफ कर दिए हैं जो हमारे देश की धरती पे हमारी सिक्योरिटी फोर्सेस प आतंकवाद करने के लिए हमला करने के लिए रिस्पांसिबल थे उनको घर में घुस के मोदी ने मरवा दिया वोट मत करना वोट मत कर क्या था ना 2019 में मोदी जी आर्मी एयरफोर्स सब कह रहे थे कि हमने पाकिस्तान में घुस के मारा है ये नहीं मान रहे थे नहीं नहीं इन्होंने नहीं मारा प्रूफ दो प्रूफ दो कवे मारा अभी अभी क्या हो रहा है अभी ये सब कह रहे हैं कि मोदी जी ने पाकिस्तान में घर में घुस के मारा है मोदी जी कह रहे हैं हमने नहीं मारा है प्रूफ दो प्रूफ दो तो साला लाइव कम सना फुल सर्कल चल रहा है यहां पे बेस्ट वही है ना कि मोदी जी बोल देते हमने कुछ नहीं किया मर गए तो मर गए और उनका जो लेग वर्क है सारी मेहनत का काम गार्डियन कर दे रही है ये लो प्रूफ ये लो प्रूफ म प्रम अभी गजब की बात तो यह हो गई कि पहले तो वाशिंग ये इसने गार्डियन ने लिख दिया पाकिस्तान में 20 टेररिस्ट मारे ठीक है उसके बाद वाशिंगटन पोस्ट आया और वाशिंगटन पोस्ट ने कहा नहीं नहीं गार्डियन भाई केवल पाकिस्तान में घुस के नहीं मारा है यूएसए में भी घुस के मारा है और तो और जिस मोदी जिस इंडिया को हम सेकंड फिडल समझते थे जिसके ऊपर हम नहीं देते थे अब यूएसए को उसके ऊपर ध्यान देना पड़ेगा गार्डियन भाई ऐसे नहीं चलेगा ये मोदी का इंडिया हो गया है बहुत खतरनाक हो गया है अब यह सब लिखने के बाद तुम सोच रहे हो कि भारत का वोटर मोदी को वोट नहीं सुनो वोट मत देना ऐसे और इवन कनाडा में मारे हैं यूएस में मारे हैं पाकिस्तान तो खैर हो ही रहा है इटली जर्मनी मतलब मैंने एक वीडियो में बहुत सारे देशों के आकड़े दिए थे इटली और जर्मनी में भी इस तरीके की खबरें थी और वो आंकड़े में अच्छा सारे हैं इसमें इस्लामिक आतंकवादी भी है और ये खालिस्तानी वाले हैं हा ये सारे के सारे हैं जो आपके देश पर हमला करेगा उसको मोदी छोड़ेगा नहीं इसके लिए वोट मत कर वोट मत करना वाह अजीत भाई किस समाज से यह आवान हो रहा है हिंदुस्तान में रहने वाले के आप मोदी को वोट ना करें क्योंकि वह आतंकवादियों का सफाया कर रहा है आप बताए साला क्वेश्चन है क्या आंसर है नहीं नहीं मैं जाना चाहता हूं अजीत भाई से वो तो आपको भी पता है कि किस समाज से ये आह्वान किया जा रहा है और वो समाज वैसे भी नहीं ही करने वाला था और जैसा कि श्याम ने बोला कि भाई मतलब यार श्याम ने क्या मतलब हर आदमी के बुद्धि विवेक के लिए है कि पूरी कांग्रेस और इंडी कहां से यह स्ट्रेटेजी बनाती है व आपका हम नाम है स्वयं पित्रोदा सत्यनारायण भाई वह इस तरह के चूया पे वाले आईडिया मुझे लगता है कि देता है कि ब्रो ब्रो लिखवा देते हैं ब्रो मणिशंकर यर उतरे भी नहीं है मैदान में तो आप लोग 350 प ही हो अभी 370 तो अयर जी के आने के बाद होंगे हां ये लोग वही करते हैं इन्हे लगता है कि यार भारत वाले जो है ना गोरी चमरी वाले अखबार जहां छप के आते हैं उस परे विश्वास जरूर कर लेंगे तो यह डालो यार कैसे मतलब पूरा भारत जो है पूरे विश्व में जाकर के दादागिरी कर रहा है तो हम तो बोल रहे हैं कि हमें तो चाहिए भाई ऐसा ध्रुव राठी डिक्टेटर का वीडियो बनाता है और लोग कह रहे हैं कि भाई हमें डिक्टेटर चाहिए हमें मोदी एज ए डिक्टेटर चाहिए हम तो वेट कर रहे थे मोदी ऐसा बने और मोदी खुल के कहे कि हां भैया हम जहां जाते हैं पेल के आते हैं तो आम जनता को तो मुझे नहीं लगता है कि इसे किसी भी प्रकार की समस्या होनी चाहिए और यह एक प्रो मोदी सेंटीमेंट ही बन रहा है ये थाली में सजा सजा के देते हैं कि भाई पहला चरण है गार्डियन का ले लीजिए दूसरा चरण है वॉल स्ट्रीट जर्नल और वाशिंगटन पोस्ट का इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग करवा देंगे तीसरे के लिए भी हम लोग लिख रहे हैं बीच में कहीं कहीं और उस वक्त उसका यूज किया जाएगा तीसरे के लिए मणि शंकर यर से लिखवाए आर्टिकल वो न्यूयॉर्क टाइम्स में आएगा जी तो इसमें क्या था ना इसमें रॉ की भी एक पूरी कहानी है पहले क्या होता था रॉ को ना वही नहीं दिया जाता था रॉ कहता था कि भाई हम करने के लिए हम मतलब अभी जैसे हमारे लिबरल हिंदू वाले भाई हैं वो बनाते हैं मुसाड व साड की कहानियों के ऊपर रॉ की कहानियां उन्हें मिलती नहीं अब उन्हे र की कहानिया भी मिी ठीक है तो अब रॉ जो था ना र कहता था कि हम कैपेबल है जो मुसाड करता है हम उस तरीके की चीजें कर सकते हैं जो हमारी सरकार थी वो कहते अबे चुप रहो बे तुम्हें कुछ नहीं आता बैठे रहो ठीक है मोदी का 2014 के पहले का ये भाषण था जिसमें वो कहता था कि भाई हम अपनी रॉ को उस तरीके से ट्रेन उस तरीके से मतलब छूट देंगे कि उस तरीके के ऑपरेशन आप करें बाहर के देशों में इस तरी जैसे मुसाड कर रहा है वो सब चीजें करें तो ये 2014 से पहले उन्होंने बोला था और 2014 के बाद आपको बहुत सारे रूल्स जो है वो चेंज होते हुए दिखाई भी देंगे और इस तरीके की चीजें होती हुई दिखाई भी दे रही है एक्चुअली में क्या था कि जो हमारी इंटेलिजेंस थी वो हमारे प्यारे नेहरू जी जो थे जी से टपक रहा था भाई साहब उनको और नेहरू जी की तो हर उसमें लेते हैं हर हर बार नेहरू जी बोलते तो प्यारा जरूर ला लगा देते सामने तो उनको अंग्रेज देके गए थे हा अंगेज अपना दे गई थी प्यारा प्यारे अंगेज दे गया था अंग्रेज कहां दे गया था उनको एडविना दे गई चलिए अना एडविना जी का मैं बहुत सम्मान करता हूं वो भी प्यारी है इज्जत करते आप बस समान ही है क्या था कि उनको तो थाली में सजी हुई मिली थी वो इंटेलिजेंस उनको दली में लजी मिली थी नहीं हम गी बात नहीं करेंगे हम सरकारी स्क टाइज हो गया जेल भी जाएंगे और क्या तो फिर क्या हुआ ली साड़ी में सजी मिली उनको तो मिल गया मामला जी फिर क्या हुआ उन्होंने मिल गया उन्होंने उस पूरे सिस्टम को ऑलमोस्ट बिल्कुल नेगलेक्ट कर दिया जी और कुछ नहीं हुआ फिर 70 में हम यह मान सकते हैं कि 70 में हमारी जो इंटेलिजेंस आई थिंक रॉ मुझे एग्जैक्ट ईयर याद नहीं है जी जी लेकिन क्या हुआ था कि इसका 80 में प्रयोग किया गया है जब खालिस्तान मूवमेंट और ये सारी चीजें चल रही थी 80 में इनकी टीम्स बनी है ए टीम बी टीम छह टीमें बनी थी जो अलग-अलग एक्शंस ले रही थी राजीव गांधी के समय की मैं बात कर रहा हूं राजीव गांधी के समय में इसका प्रयोग किया गया है आर एंड ई डब्लू का लेकिन जैसे ही इंद्र कुमार गुजराल आते हैं 9697 97 में आई थिंक वो आए हैं उन्होंने कह दिया क्या जरूरत है इसकी कोई ऑपरेशन नहीं होना बिल्कुल बल स्थगित कर दिया गया वही मोरारजी देसाई वाली बकुल उसको स्थगित कर दिया गया बिल्कुल बंद कर दिया गया कोई ऑपरेशन नहीं किया उसके बाद रने उसके बाद अटल जी के समय में भी ऑलमोस्ट यही चला है कोई पॉलिसी चेंज नहीं हुआ मनमोहन सिंह में तो ऑफकोर्स उन्होने चाहते थे इस तरीके की चीज करना पर वो कोलिशन थी आजकल बहुत सारे लोग ये कहते कि कोशन में बहुत मनमोहन सिंह के समय में भी मनमोहन सिंह के समय में भी कोई एक्शन इस चीज नहीं हुआ है इवन मनमोहन सिंह के समय में तो यह था ना कि हमारी वायु सेना बोल रही थी कि भाई हम ये 261 का ब ले लेते हैं उस पर उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया वार्ता से संभाल लेंगे तो ये अब 2014 के बाद कोई पॉलिसी चेंज हुई है नहीं हुई है यह काम रॉ कर रही है नहीं कर रही है हम तो नहीं जानते बट जो भी हो रहा है बहुत अच्छा हो रहा है हमारे दिल को सुकून मिलता है जैसे ही कोई ठोका जाता है ना हमें ऐसा लगता है हम रक्त के प्यासे लोग जो तो हमें लगता है कि साले ठोके जाने चाहिए आतंकवादी इनके देश में घुस घुस कर मारा जा रहा है ना जो उसको भारत रत्न दिया जाना चाहिए जो व्यक्ति मेरा मेरी यही होप है कि अगले फेज थ्री फेज फोर के समय पे न्यूयॉर्क टाइम्स लॉस एंजलिस टाइम्स का भी एक आर्टिकल है जिसमें बताया जाए कि मोदी जी ने सिर्फ उन टेररिस्ट को मरवाया नहीं है बल्कि पाकिस्तान जाके नवाज शरीफ को चार लपड़े घर वापस तो ये सब भी थोड़ा डाला जाए मुझे बहुत खुशी होगी और भारतीय मोदी को वोट ना करें भारतीय वो मोदी को वोट ना करें गार्डियन ने ना मतलब पहले आर्टिकल लिखा ठीक है पहले आर्टिकल में उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में घुस के 20 आतंकियों को कैसे कैसे जिहादियों से जिहादियों को मरवा के मोदी ने क्या काम कर दिया ठीक है उसके आई थिंक 10 12 दिन के बाद गार्डियन ने दूसरा आर्टिकल लिखा जिसमें कहा देखो देखो जो हमने बोला था वो राजनाथ सिंह ने मान भी लिया राज राजनाथ सिंह ने कह दिया हिंट दे दिया मतलब कि हां जो ये बोल र है सही बोल ठीक है सही चल रहा है राजनाथ सिंह ने बेसिकली कहा था के इसमें क्या दिक्कत है हमने तो पहले भी कहा था कि हम तो घर में घुस के मारेंगे मतलब वो तो मौके पे चौका मार रहे थे हमने तो पहले भी कहा था हम घर में घुस के मारेंगे हम तो उसी टाइप के लोग हैं ये है और वो है अमित शाह से पूछा गया यही क्वेश्चन कि भाई गार्डियन ने ऐसा ऐसा कहा है तो अमित शाह ने कहा कि तुम्हें क्या दिक्कत है अगर वो लोग मर रहे हैं कोई मार रहा है हम मार रहे हैं कोई और मार रहा है कोई मार रहा है वो मर रहे सब अपना अपना काम कर रहे हैं एजेंसी तोई फायदा लेंगे ना यार अमित शाह का मुझे याद आ गया क् उनसे कहा गया कि राहुल गांधी आपसे पूछ रहे हैं कि आपको कैसे पता कि आपके 400 आएंगे तो उन्होंने कहा कि यही सवाल उनसे जाकर करो कि उनको कैसे पता कि उनके 150 ही आएंगे सीधा सधे सी बात है तो उसके पास कोई जवाब था ही नहीं तो अभी वो कह रहा देवांग अमित शाह से कह रहा के 400 सीटों की 400 पार की क्या जरूरत है बहुमत लाके भी आप मतलब कानून वगैरह बना सकते हो देश को चला सकते हो अमित शाह देवांग को कह रहे हैं कि किसी देवांग को अगर यह लगता है कि हमारी 400 सीट नहीं आनी चाहिए इसका अर्थ यह थोड़ी कि हम काम करना बंद कर दही बात है हम तो बढ़ाएंगे ना अपनी पार्टी को इस पूरे इस पूरे ये प्रोपेगेंडा आउटलेट्स के बारे में मेरा फेवरेट चीज ये है कि ये लोग इतना अच्छा आर्ट बनाते जैसे इकॉनम का एक आर्ट आया था जि उन्होने पूरा पोस्टर डाला था कि मोदी किस तरह से भारत को बर्बाद कर रहा है लेकिन वो पोस्टर इतना अच्छा बनाया था क कि मैंने देखा कि उसके अगले दिन 10 12 [हंसी] [हंसी] आल बनता है वो मतलब उसके तो कैरीकेचर्स बनवा है हर चीज लेकर के उसका बैकग्राउंड आप देख लो हर चीज में वही तो बात है कि मैं भी सोचता हूं कि उनको कैसा लगता होगा जो बना रहे हैं कि ये सारे साले मोदी सपोर्टर हमारा पोस्टर लगा ले रहे हैं यार और क्या उसको उठाओ बैकग्राउंड में लगाओ ऊपर लगाओ अपना फोटो और बढ़िया सा टाइटल शम हम लोग इतनी मेहनत कर दो तीन तीन हफ्ते बना के पोस्टर लगा रहे कई बार तो ऐसा भी होता है वो पीछे लिखा होता है बगल में जयश्री राम होता बीच में मोद होता है गजब बेजती है यार तो ठीक है अजीत भाई आपसे एक सवाल है कभी हुमायूं कबीर टीएमसी के एक नेता है जिन्होंने साफ-साफ कहा है कि तुम जो मतलब जो वहां के माइनॉरिटी हिंदू हैं इनको हम माइनॉरिटी नहीं मेजॉरिटी है नहीं नहीं माइनॉरिटी में 30 पर तो जो हुमायूं कबीर की बात पर आते हैं हम कि उन्होंने सि स्पष्ट कहा है टीएमसी के नेता है कि तुम माइनॉरिटी यानी 30 पर जो है हिंदू हम इनको समझ रहे हो मैं बोलूंगा नहीं भले ही डी मोनेटाइज हो गया हो लेकिन हम तुम्हें नदी में बहा देंगे गंगा में बहा देंगे तो ये तानाशाही नहीं है और लोगों के जनहित की बात करना तानाशाही हो जाता है और वह मीडिया जो इनको सपोर्ट करते हुए अभी हम देख रहे थे विषर शर्मा का वीडियो कि वो बता रहा है कि यह भी एक अचीवमेंट है कि राहुल गांधी रायबरेली से लड़ रहे हैं और वो यूपी छोड़ के नहीं जा रहे हैं भले ही पता हो अमेठी हार रहे हैं इस इस पर हम जरूर आपका एक मतलब एक विस्तृत चर्चा जरूर चाहेंगे क्योंकि लोगों का ब्रेन वॉश करने में इन लोगों का बड़ा योगदान रहा है अभी तक जहां तक यह हुमायूं कबीर वाली बात है यह पहली नहीं है टीएमसी पहले करती है और बाद में बताती है कि भाई हम ऐसा कर चुके हैं हमारे पास डेटा है 135 जो है संघ और भाजपा के कार्यकर्ता को हम लोग निपटा चुके हैं 2021 के चुनाव से पहले 2021 की जनवरी फरवरी का मैं डाटा आपको बता रहा हूं 135 कार्यकर्ता ऑलरेडी फिर संदेश खाली है है फिर वर्धमान के ब्लास्ट है फिर मालदा आपके पास आता है हर जगह पर इन्होंने ऐसा किया हुआ है और अभी हाल ही में कुछ समय पूर्व भी इनका एक इलेक्टेड रिप्रेजेंटेटिव खुल्लम खुल्ला बोल रहा था कि हाथ काट देंगे खाल खींच लेंगे यदि तुमने टीएमसी को छोड़ कर के किसी और को भी वोट दिया 2021 के चुनाव के जब परिणाम आए थे उसके बाद हमारे पास इस तरह की मतलब खबरें आ रही थी कि आदिवासियों के गांव चला दिए गए जिनका घर थैच रूफ वाला या कच्चा मकन है उसको तो ऐसे ही डिमोलिश कर दिया यादि व भाजपा का वोटर था या भाजपा का कार्य करता था उसके बाद एक जो लोकल वहां का पत्रकार है उससे मेरी बात हो रही थी तो उसने बताया कि भाई यहां पर अगर सीमेंट का घर जिसका था तो वेट किया भाड़े पर जेसीबी लाया और उसके बाद उसके घर को तोड़ा गया यह सारा कुछ हो रहा है तो यह जो बोल रहे हैं वह तो बहुत ही छोटी सी बात है कि हम गंगा में तुमको दो घंटे के अंदर जो है वो बहा देंगे यह बहुत छोटी सी बात है और ऐसा कुछ भी नया नहीं है जो बंगाल में नहीं हुआ और जहां तक डिक्टेटरशिप की बात है तो महिलाओं के ऊपर जो है इस तरह के लांच मुझे नहीं लगता है कि लगाने चाहिए वो स्त्री है वह कुछ भी कर सकती है वह यह सब करने के बाद भी वह पैर में जो है व प्लास्टर बांध करके कच्चा प्लास्टर पक्का प्लास्टर आ जाएगी और आपको बोले खेला होबे तो इस तरह की उनकी रणनीति होती है और जहां पर एक साइजेबल नंबर ऑफ वोट बैंक 30 पर हो जाता है मुसलमानों का वहां पर आप नाक रगड़ के मर जाओगे हिंदू ऐसे क्या मैं बताऊं मतलब इस तरह के कीड़े उनके भीतर जो है ना वह टेंटाकल्स वाले घुसे हुए हैं कि वह उस खुजली में आनंद प्राप्त कर रहे हैं खाज हो चुका है पूरे शरीर पे लेकिन वह सोच रहे हैं कि नहीं नहीं यार नोच लेते हैं बहुत मजा ही आ रहा है और उस को वो लोग ढो रहे हैं और इन लोगों को इलेक्ट कर रहे हैं वही दूसरी तरफ हैदराबाद देख लीजिए 60 पर मुसलमान है और मजाल है कि वहां से कोई हिंदू कैंडिडेट कभी भी जीत जाए संभव ही नहीं है 30 35 पर जहां भी यह लोग हैं वहां पर यह कर सकते हैं और मुर्शिदाबाद में तो बोल रहा है 70 प्र है हम तो उसका बोलना तो एकदम टेक्निकली आंकड़ों के बेसिस पर यदि देखा जाए लॉजिकली देखा जाए और हिस्टोरिक देखा जाए तो सारे कली को आप मिला देंगे ना तो वो वो वो जो बोल रहे हैं वो बिल्कुल ही सही बोल रहे हैं और इसमें किसी को भी कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि एक्चुअल में चुनाव के बाद धमकी जो दी ना इसकी इससे पहले एक जो वीडियो आया था उसमें बोला था कि जो सेंट्रल फोर्सेस हैं वह सदा के लिए नहीं रहेंगे जिला पर्षद हमारा है एमएलए हमारा है सांसद हमारा है हम देखेंगे तुम कहां जाओगे तो जो पार्टी और जिसके नेता इस तरह के थ्रेट्स ओपन में देते हैं और उनका कोई भी कुछ भी नहीं उखाड़ सकता इलेक्शन कमीशन हो न्यायपालिका हो जो बिना काम का सुओ मोटो लेते रहती है संज्ञान कहां है यह लोग कुछ नहीं करते हैं और यह सब फिर लगता है हमें कि यह पूरा का पूरा सिस्टम रिग्ड है वहां पर संभवत भाजपा भी कुछ करना नहीं चाहती 2021 का इलेक्शन कैंपेन याद कीजिए ना एनआरसी और सीए पर चर्चा जो है बंद हो गई थी नवंबर के बाद बंगाल में जहां सबसे अधिक घुस बैठ हैं वहां पर तुमने एनआरसी और सीए पर बात क्यों नहीं की क्या तुम्हें यूएस से कुछ कम्युनिकेशन आया था क्या था यह 56 इंच का सीना उस वक्त कहां चला गया था और आज जब तुम्हें संदेश खाली में लग रहा है कि वहां से कुछ हो सकता है इसलिए इन लोगों ने पुश किया मुझे नहीं लगता है कि किसी भी पार्टी को आज के समय में पीड़िता हों को न्याय दिलाने से कोई भी मतलब है यह अपने पार्टी के मरे हुए लोगों की संख्या का प्रयोग करके चुनाव जीतने में विश्वास रखते हैं बार-बार ऐसा इन्होंने किया है हालांकि अभी पॉलिटिकल कैंपेन चल रहा है तो मैं उतना अधिक हार्स क्रिटिसिजम नहीं करना चाहूंगा लेकिन फिर भी कर तो दिया है काम भर तो य यही मेरे विचार है इसको लेकर के जी गर्वित भाई हां जी अभिसार शर्मा की हम बात कर रहे थे हम न्यूज़ क्लिक की बात कर रहे थे उसकी भी बात कर रहे थे इतने बुरे दिन आ गए हमरे उसकी बात कर इसका रीजन यह था कि 3 करोड़ रुपए का जो इल्जाम लगा था न्यूज क्लिक को मिले उसमें सबसे बड़ी बात यह खुल कर आई है कि दिल्ली के दंगों में उन पैसों का इस्तेमाल किया गया हैा और हम अभी भी मतलब एक बहुत बड़ा तबका है जो इन लोगों को सुनता है और यह मान के चलता है कि ये लोग जो कह रहे हैं वो बिल्कुल सही है जो देश के अंदर आग लगवाने में एक मीडिएट के रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं और व भी एक दुश्मन देश के हाथ की कठपुतली बनके मैं बस जस्ट इतना कि इलेक्शन चल रहा है वो लोग भी इसमें कैंपेनिंग में लगे हुए हैं हम क्या संदेश लोगों को दे सकते हैं बस इस विषय में मैं बहुत बड़ा इस पर कोई कमेंट नहीं चाहूंगा लेकिन यह कल की ही जो खबर आई है उसके विषय में बस मैं चाहता हूं कि आप जरूर बोले कुछ न्यूज क्लिक के ऊपर ना हमने एक पूरी वीडियो कवर की थी जब ये पूरा इशू उठा था जी और इसमें ना जो हमारी रिसर्च थी उसमें हमें पता चला ये था के केवल न्यूज़ क्लिक नहीं थी चाइना चाइना टाइम्स करके वो चाइना क्या ग्लोबल टाइम्स ग्लोबल टाइम एक्चुअली में क्या था कि ये पूरा चाइना का तो ऑनेस्टली बताऊं चाइना का तो नाम खराब है ज्यादा हम ये प्रोपेगेंडा इतना शरीफ देश है वेस्टर्न कंट्रीज जो है वो बहुत पहले से कर रही हैं ये सारा प्रोपेगेंडा जिसमें कहते है ना मीडिया को खरीद लो मीडिया को पैसे आवंटित कर दो चीन तो इस खेल में 2008 के ओलंपिक के बाद आया है रीजन बीइंग 1984 में जो ओलंपिक हुए उन्होंने धेय बनाया कि हमें अपने देश में ओलंपिक करवाना है हम उन्होंने बिडिंग की 2008 की बिडिंग जीती बिडिंग जीतने के बाद तैयारी शुरू कर दी 2003 में उनके जो आर्मी वगैरह के डॉक्युमेंट्स मिलते हैं उसमें यह बात आती है कि हमें चाइना की स्टोरी को विश्व में फैलाना है पर साला हुआ उल्टा 2008 में ओलंपिक हुए हैं 2008 के ओलंपिक के समय जितनी भी कवरेज हुई है चीन की वेस्टर्न मीडिया में या सारी जगह वो युगर मुसलमानों के ऊपर हुई है ठीक है या फिर आपके तिब्बत प हुई है मान अधिकारों पे हुई है इन सारी चीजों पे ज्यादा हो रहा है ठीक है थोड़ा बहुत वो नेस्ट वाला स्टेडियम दिखा दिया उसके साथ में दिखा दिया तिब्बत में ये हो रहा है है ना ये सब ड्रामेबाजी हुई है अब चीन को लगता है कि भाई ये तो बहुत गलत हुआ हमारे साथ हमने इतनी मेहनत की और साला ये ऐसा तो हमें चीन की स्टोरी को बताना है उसके बाद वो इस गेम में आते हैं वेस्टर्न कंट्री 100 साल से इन ये आपका पूरा स्वास्तिक वाला क्या मामला है स्वस्तिक वाला क्या मामला है है ना स्वस्तिक को हकन क्रॉ ये सारे मामले पूरे प्रोपेगेंडा बहुत पहले से चल रहे हैं अब जो चीन का जब हमने संदर्भ लिया चीन ने सबसे पहले अफ्रीका में शुरू किया है तो उनके चैनल्स चालू किए इन्होंने ग्लोबल चैनल्स जो होते हैं सीसीटीएन सीसीटीवी वगैरह जैसे महा फॉडी चैनल ये चालू करके इन्होंने अफ्रीका में अच्छी सैलरी पर जर्नलिस्ट को रखा वहां पे कई देशों में जैसे यह अलजजीरा काम करता है ना वैसा काम करने का प्रयास किया उसके बाद ये बाकी वेस्टर्न कंट्रीज में भी गए वहां पे रेडियो चैनल्स पर ब्रॉडकास्टिंग चालू की वहां की जो अखबार थे उन अखबारों में आप चाइना वॉच नाम से आर्टिकल्स पढ़ोगे वो आर्टिकल्स बिल्कुल ऐसे लगेंगे जैसे केजरीवाल जी ने छपवा हैं वो भी ऐसे ही छपवा हैं उसमें क्या होता बचारे का नाम ले ही लिया आपने जिंदा कर ही दिया उसमें उन आर्टिकल्स में चाइना वॉच के अंडर जो आर्टिकल्स आते थे ना उनमें आपको पता ही नहीं चलेगा तो उन आर्टिकल्स में ना आपको पता ही नहीं चलेगा ये चाइना वॉच के अंदर जो आर्टिकल थे उनमें पता ही नहीं चलेगा आपको कि आर्टिकल पेड है स्पर्ड है वसे लगेगा वो रिपोर्ट कर रहा है इसी तरीके से केजरीवाल जी ने छपवा हैं अपने आर्टिकल चुनाव प्रचार हिंदू ने क्या किया ना द हिंदू ने जैसे ही ये न्यूज क्लिक वाली खबर वायरल होती है कि इन्होंने पैसा वैसा लिया है चाइना से तो द हिंदू ने अरे ये साले ये फस गए अपने पुराने आर्टिकल चाइना वॉच वाले बट बट बट बट डिलीट करने कितने सारे आर्टिकल उन्होंने डिलीट किए तो टाइम्स ऑफ इंडिया हो गया हिंदुस्तान टाइम्स हो गया सारे सबने वो रिपोर्टिंग की है उस टाइप हां अब क्या है ना कि कोई देश आ रहा है आपको पैसे दे रहा है आप कर रहे हो वो एक अलग मैटर हो जाता है बट मेरा सवाल फिर वही है कि दिल्ली दंगों में पैसा इस्तेमाल हुआ है दिल्ली दंगों में मैं एक्चुअली में इसकी जो ये लेटेस्ट खबर आई है जो आप बता रहे हो इसकी मुझे डिटेल्स नहीं पता कि अब न्यूज़ क्लिक को पैसा आया उन्होंने दिल्ली दंगों में इन्वेस्ट कर दिया आप ये कहना चाह रहे हो हां नहीं आया ही उसके लिए है ये तो फिर देखो फिर तो ये इनप सालों पे एनएसए एनएसए लग जाना चाहिए कह रहा हूं कि हम लोग बड़े ध्यान से इन लोगों को सुन रहे होते हैं और यह लोग यह काम कर रहे होते हैं जिस तरीके के एलिगेशन अभी तक है ना तो हिसाब तो ये कहता ना जो बात आप कह रहे हो उसके अनुसार मुझे इसकी डिटेल्स नहीं पता है अजीत भाई बोलना चाह रहे अजत भा अजीत भाई हां मुझे इसकी पूरी डिटेल जो है बहुत ही अच्छे से पता है क्योंकि मैं उस वक्त यही काम कर ही रहा था जब 2020 के राइट जब प्लान हुए थे तो इसमें यदि आप हकाई ने एक ट्वीट बड़ा बढ़िया बनाया तो उसको अगर आप के पढ़ोगे तो उसमें जो प्रवीर पुर कायस्थ है उसके टेरर ग्रुप से मतलब लिंक्स थे फंड्स जो है इन्होंने लस्कर और मायस जो हैं यह माओवादी उनके थ्रू जो है राउट किए गए हैं शर्जील इमाम को प्रोटेस्ट को फेल करने के लिए पैसे दिए गए थे शर्जील इमाम वही व्यक्ति है जो आईआईटी एन है जिसको कहा जाता है मुसलमान है आईटीए है और बताइए उसको जेल में हजार दिनों से रखा हुआ है यह आदमी वही है जो एएमयू हो या फिर आपका यहां पे जो जामिया है इन जगहों प जाके तेरा मेरा रिश्ता क्या यह सब कर रहा था बोल रहा था कि 500 जिलों में 500 शहरों में अगर मुसलमान सड़कों प आके चक्का जाम कर दे तो पूरा देश जो है ठप हो जाएगा चिकन नेक को काटने की बात कर रहा था इसको फंडिंग जो है न्यूज़ क्लिक के माध्यम से हुई है उसके बाद चाहे तिस्ता शितल वाद हो अ इन लोगों ने भी उस वक्त न्यूज़ सिंडिकेशन के नाम पे और ये सब ंग एनजीओ के नाम पे इन्होंने जो है पैसे लिए हैं यहां से न्यूज क्लिक से और उस सारे पैसे का प्रयोग हुआ है कि मुसलमानों को आप इंसाइट कीजिए वायलेंस के लिए याद कीजिए यदि आप लोग दिल्ली में थे अंकुर आप तो थे ही उस समय पर इंडिपेंडेंट रिपब्लिक ऑफ शाहीन बाग बना हुआ था आप पत्रकार है तो आपको चीट बनवानी पड़ेगी कि आप कहां से आए हैं और आप कितने देर वहां रह सकते हैं और आप क्या पूछोगे बताओगे लेकिन रवीश कुमार की विसार की या अन्य लोगों की वहां पर एंट्री बेधड़क होती थी और वहां से प्राइम टाइम होते थे 100 100 प्राइम टाइम हुए हैं 100 दिन में इस तरह से ये लोग कर रहे थे तो आपको क्या लगता है कि मतलब कोई भी बिजनेसमैन जो राधिका रॉय प्रणय रॉय टाइप का है जिसने शेल कंपनियां बनाक 55 हज करोड़ के जिसके ऊपर मतलब मनी लरिंग के आरोप लगे हैं 234 करोड़ इन्होंने इनकम टैक्स ट्राइबल का इनको मतलब चपत लगी हुई है पेनल्टी देने का यह लोग ऐसे ही मतलब मजे मजे आपको लगता है कि किसानों के समर्थन में है जो 100 रवीश कुमार जो एपिसोड करता है याय या फिर यह शाहीन भा के समर्थन नहीं प्योर बिजनेस की बात है कि जहां से पैसा आएगा उसके समर्थन में यह लोग खड़े हो जाएंगे 100 क्या 200 एपिसोड करेंगे पीएफआई वाज हेड क्वार्टर इन शाहीनबाग 60 करोड़ रप इनके पास कैश में था 0 करोड़ कैश में 100 करोड़ का कॉर्पस था इनका मस्जिदों से अजान के बाद बुलवाया जाता था जितने भी एरिया थे मस्जिद के सामने जो है मुसलमानों को इकट्ठा किया जाता था 2020 के दंगों के समय उसमें शर्जील इमाम टाइप के लोग उमर खालिद टाइप के लोग यह सब किंग पिन थे और छोटे-छोटे ू चैनलों के माध्यम से और इन पोर्टल के माध्यम से यह सारे के सारे फंडिंग जो है राउट हो रहे थे इसी में अभी तो य टिप ऑफ द आइसबर्ग है दिल्ली दंगों में और भी फंडिंग के जब तार जो है देखे जाएंगे तो आपको इसमें पिंजरा तोर गिरोह है स्क्रॉल वायर क्विंट यह सब क्या कर रहे थे उस समय इन सब की जांच होगी और इन सब के तार आपको जो वहां से जुड़े हुए मिलेंगे तो यह कोई छोटी घटना नहीं है कि एक छोटे से मतलब नॉन डिस्क्रिप्ट पोर्टल का एक टेरर लिंक एस्टेब्लिश हो जाना कि लश्कर और पूरा जो रेड कॉरिडोर है माटो का जो यह वामपंथियों ने मुसलमानों को अपने फूट सोल्जर की तरफ यूज किया प्रोपेगेंडा को पुश करने के लिए यह सारा का सारा जो है हमें आने वाले समय में देखने को मिलेगा बिल्कुल और यह विषय मैंने जानबूझ के इसलिए भी उठाया था क्योंकि नरेंद्र मोदी का जो सेकंड टर्म स्टार्ट हुआ ही था उसके बाद ये सारे भस शुरू हुए फिर किसान आंदोलन शुरू हुआ इसका रीजन यह भी था वोटिंग चल रही है और मैं जानबूझ के उन लोगों तलक जिनका शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस है और जो संजय सिंघानिया बने बैठे हुए हैं और जिनको पता ही नहीं है कि पिछले चार पांच साल में क्या-क्या घटित हो गया है हम उनको बताना ये चाहते हैं उनको रिमाइंड कराना चाहते हैं कि यही ही वो लोग थे जो आज आपको बता रहे हैं कि हम तुम्हारी आंखें खोलेंगे वही वो लोग थे जो कह रहे थे कि हम 500 शहर में चक्काजाम करेंगे वही लोग थे जो कह रहे थे कि हम चिकन नेक काट देंगे आर्मी को वहां एंटर नहीं होने देंगे एक इंडिपेंडेंट स्टेट बना लेंगे और जिस शर्जील इमाम की बात की है उसका तो जो पाकिस्तान प्रेम है उस पर तो हमने मतलब काफी बार विस्तृत चर्चा भी की है तो यह सारी चीजें अब लोगों के सामने आनी बहुत जरूरी है कि यही वो लोग थे जो इस देश को खत्म करना चाह रहे थे और एक गाजा पट्टी पूरी की पूरी शाइन भाग में बना ली थी कि आप वीजा पासपोर्ट के बिना यहां घुस ही नहीं सकते इससे थोड़ा सा और हम आगे बढ़ते हैं कि पाकिस्तान जिस तरीके से उस पूरे के पूरे आंदोलन के टाइम पीछे से उनके रीड की हड्डी बनकर का खड़ा रहा उधर से चाइना खड़ा रहा इवन टर्की के बहुत सारे लिंक्स हैं जो दिल्ली के अंदर यह सारी चीजें हुई हैं पाकिस्तान अब कह रहा है फवाद अब कह रहा है कि भैया मवाद बाद में फलाना पहले ही जो है ना राहुल गांधी जी को हमें जिताना है क्योंकि अगर राहुल गांधी जी जीत गए तो हो लगता है कि वो 15 लाख में से एक आधा लाख और दो चार लीटर आटा हम तक भी पहुंच जाएगा दो चार लीटर ये पाइपलाइन आई थिंक वहां लगेगी और आटा यहां से पाइपलाइन के जरिए वहां से वहां तक जाया करेगा तो मैं अनुज भाई से स्टार्ट करूंगा कि भाई पाकिस्तान का राहुल प्रेम कांग्रेस प्रेम या फिर मोदी से नफरत क्या मोदी से नफरत से नफरत है और सिंपली उसका रीजन यही है के जिस आप अब इसमें फिर लोग ये क्लिप निकाल साला देखो मोदी समर्थक साला देखो मोदी भ साला कुछ भी बोल सकते हैं परंतु आप ये डाटा खुद निकाल कर देख लीजिए के 2014 के बाद से जो फंडिंग ऑफ पाकिस्तान बाय अदर कंट्रीज हम उसमें बहुत डिप आना शुरू हो जाता है 2014 से 2018 तक आप देखिए लगातार डिप आपको मिलेगा पाकिस्तान सला व अब देख लो आज क्या हाल है उसका रीजन क्या है कि वो जिस कर्जे पर चलता था वो कर्जा नहीं मिलता है जी जी क्योंकि उसका जो पुराना कर्जा था उसको चुकाने के लिए उसको एक नया कर्जा चाहिए होता था और वो नया कर्जा मिलता मिल नहीं रहा है तो पुराना कर्जा चुका नहीं पा रहा है तो यह सब हो रहा है आई थिंक सलमान ने तो कह भी था कि मेरा पाच अरब डॉलर वाही वापस कर तू अभी चाहिए मुझे कमाल की बात तो ये है कि ये सीपक अच्छा ये दोनों भाई ना आपस में एक दूसरे का टाइम चुरा लेते हैं पता ही नहीं लगता है कने को हम सोचते हैं मैंने कहा यार इससे सवाल पूछ लेता भाई अब मैं इससे क्या पूछू यार ये जवाब दे चुका है जवाब क्या तो शुरू हो शुरू भी हो चुका है सवा की जरूर इनको आसपास ही बैठाना चाहिए सही बात है तो कहीं पे भी बैठे बोलना ही तो है एक पॉडकास्ट इधर चल रहा है एक पॉडकास्ट इधर चल र और कई बार क्या होता है ना बड़ा छोटे को नहीं बोलने दे अब नेक्स्ट पॉडकास्ट में ऐसा होगा कि बड़े वाला छोटे को नहीं बोलने देगा आज हम देख रहे हैं कि छोटे भाई ने बड़े भाई की आवाज को दबा दिया है दोस्तों ऐसा हम नहीं चलने देंगे हम टाइम का भी डिस्ट्रीब्यूशन बराबर बराबर करेंगे साहब ने सही कहा था डेमोक्रेसी के बारे में और तानाशाही के बारे में हम एक लाइव एग्जांपल देख रहे हैं अब हमको भी जरूरत है कि हम तीन यहां तो तानाशाही च तो मुझे अजीत को आपको जरूरत है कि हम भी इंडिया गेट के सामने जाए ऐसे डोले लटका के थोड़ा खड़े हो थोड़ा पोज मारे बैकग्राउंड में गाना होना बजे तो थोड़ा डेमोक्रेसी से भी लड़ाई डेमोक्रेसी के लिए ले लगा के थोड़ा इने ड बोला है आप कुछ बोल रहे थे मैं क्या बोल रहा था मैं खुद ही बो उनका टाइम चुराते हुए दोनों में ो शम भाई के एक हाथ में पूरा ध्रुव राठी आ जाएगा आपने इनका नाम सेम ही रख दिया है क्या तो स ही है अब बिहार के सत्यनारायण भी समम हो जाता है और श्याम भी शम हो जाता है क्या किया जाए जी गर्वित भाई क्या क्या कर पाकिस्तान कांग्रेस राहुल गांधी प्रेजिंग अच्छा तो भाई देखो मण कीवर्ड दे रिपोर्ट कर लो आप अपने आप मणि शंकर अर भाई साहब गए थे पाकिस्तान में पाकिस्तान को कह हमारा सपोर्ट करो हमारा सपोर्ट करो और सपोर्ट करने के लिए कह रहे थे भाई तुम्हारा तुम हमारा सपोर्ट करोगे तो फ्रेंडली सरकार आएगी फ्रेंडली सरकार आएगी तो मिलकर के मोदी को हराना है दोनों देशों के रिश्ते जो है अच्छे होंगे ठीक है फिर उसके बाद आप देखना के जब 2019 का चुनाव आया था तो उस टाइम पर ल एक एकदम से ही ना इमरान खान ने क्या किया था मोदी की तारीफें करनी शुरू कर दी थी और इन्होने ने माहौल बनाना शुरू करा देखो देखो इमरान खान मोदी की तारीफ कर रहा है पाकिस्तान मोदी की तारीफ कर रहा है पाकिस्तान मोदी का दोस्त है तो मोदी को वोट मत दो साला लोगों ने उस पे भी ले ली इनकी तो इनका अब तो बेसिकली ये है कि पाकिस्तान जो है वो प्रमोट कर रहा है ये सारी बातें करके जैसे वो अननोन गनमैन की वजह से प्रमोशन हो रहा है वैसे ही कहने का मतलब ये है कि अजीत भाई जो आप कह रहे थे कि तीसरे चरण से पहले एक बार फिर से थाली में परोस देंगे ये तीसरे चरण से पहले आपका दे दिया पाकिस्तान ने दे दिया इस बार ना मतलब वय अभी अभी आप देखिए अगर पाकिस्तान को तो पिछले 10 सालों में एक इस लेवल का वो होता है ना जो अगर अजगर किसी जानवर को पकड़ता है तो किस तरह से उसको बिल्कुल निचोड़ होता है तो अभी मोदी जी ने वैसे ही पाकिस्तान को धीरे-धीरे ओवर अ पीरियड ऑफ 10 इयर्स निचोड़ के रखा हुआ है दे कंपलीटली स्टार्ट फॉर ऑक्सीजन क्योंकि ना उनको पैसा मिल रहा है पहले जब भी बात होती थी इंडिया की तो हमेशा पाकिस्तान के साथ होती थी अब इंडिया को अलग से ट्रीट किया जा रहा है इट्स अ डिफरेंट एंटिटी पाकिस्तान कंप्लीट सेपरेटेड पहले अरब लीडर्स जब भारत आते थे तो पाकिस्तान में जरूर रुकते थे अब आजकल रुकते नहीं है कि साला वहां जाएंगे तो तीन घंटे भीख ही मांगेंगे यार चाहे फालतू का वहां जाए तो ये लोग अपना डायरेक्ट इंडिया आके घर लौट जाते हैं तो उधर से प्रेशर बन रहा है पैसा नहीं आ रहा है नीचे चाइना का जो सीपैक है वहां कुछ आगे नहीं बढ़ रहा है वहां बलोच ने गंद मचाई हुई है उधर तालिबान ने ऐसा तेल लगा के बंबू किया हुआ है कि हगने के लिए भी तालिबान से परमिशन मांगनी पड़ती है कि थोड़ा बंबू साइड में कर लो तो इतनी प्रॉब्लम हो रखी है इतना प्रेशर बना हुआ है कि या तो आपको आतंकवाद भूलना पड़ेगा आपको पीओके शायद भूलना पड़ेगा अगले कुछ सालों में या फिर दो-तीन बांग्लादेश और निकल जाएंगे अगर इसी तरह से प्रेशर बना रहा तो तो इनको चाहिए कि एक प्रेशर वल्व आए राहुल गांधी के फॉर्म में कि भाई आओ अमन की आशा शुरू करो हमारे लोगों को गजल गाने के लिए अपने पुरानी दिल्ली के किले में बुलाओ तोक थोड़ा हमारा भी प्रेशर बने थोड़ा लोन आना शुरू हो थोड़ा इधर उ दो तीन बम हम भी पड़े कुछ कसाब आए कुछ अफजल आए एटली एगजैक्टली तो वो गले से कम से कम वो फंदा हटे हमारा जी जी अजीत भाई मैं यह बोल रहा था कि अगर यार करना ही है यह सब तो कम से कम किसी यंग लोग को भेज दे पाकिस्तान में कि फ्रेंडली रिलेशन रहेगा मनी शंकर अयर को कौन लेगा यार मतलब थोड़ा सा ये भी इनको सोचना चाहिए नंबर वन बीजेपी एजेंट को थोड़ा रिस्पेक्ट से बात करो हमारे सबसे सीनियर एजेंट वो तो राहुल गांधी है ना मण शंकर यर इज अ क्लोज सेकंड वो हमेशा इलेक्शन के दो हफ्ते पहले आके ऐसा बोल देते कि तुरंत पाच 10 सीटें बढ़ जाती है वो मतलब आएंगे चौथे पांचवे चरण में आएंगे पांच चरण पहला स पित्रोदा ने खुद संभाल लिया था वो तब आएंगे जब 350 वाला आर हो 350 आ रही है वो कहेंगे 370 करनी है करनी है तो 370 किए बिना मैं मरूंगा नहीं अजीत भाई आपका टाइम इसी पर ही सवाल वही है सेम फिर से सवाल पूछिए मैं भूल गया सवाल के पाकिस्तान फवाद कांग्रेस हु प्रेजिंग यह कोई मतलब कोई पुरानी नई बात तो है नहीं यह तो लंबे समय से आप देखि ना कि 2019 से पहले भी 2014 से ही पाकिस्तान से तो सपोर्ट मिलता रहा और आज के समय में पाकिस्तान के बट्स का सपोर्ट इनके जो स्टार कैंपेनर श्रीमान ध्रुव राठी जी हैं तो उनको तो मिल ही रहा है उनके तो मतलब मिलियंस ऑफ व्यू नमस्कार तो उनका तो आ ही रहा है तो पाकि न से तो लंबे समय से सपोर्ट इनको मिल ही रहा है तो इसमें कोई भी नई बात नहीं कि फवाद बोल दे कल को जो मुझे लग रहा है नवाज शरीफ जो चुम्मा उम्मा ना भेज दे और एक महिला को भी मैंने देखा झंडा उंडा लगा के बोल रही थी कि नहीं भारत जो बहुत परेशान कर रहा है हमारी हमारी मार रहा है सॉरी हमारे आतंकवादी भाइयों को मार रहा है तो ठीक है यह कांग्रेस की तो ये पॉलिसी है लुक वेस्ट भारत वाले मोदी जी लुक ईस्ट करते हैं वो लुक वेस्ट तो लंबे समय से करते वेस्ट में भी बहुत ज्यादा वेस्ट नहीं वेस्ट माने पाकिस्तान यहीं पर करेंगे और जैसे श्याम बोल रहे थे कि भाई कुछ समय बाद तो हमें मतलब पीओके जो है वो नेगोशिएट करेगा कि यार एकाद बिलियन डॉलर ले लो और ये ले जाओ यार जमीन का ही तो टुकड़ा है हमें क्या करना वहां पर हम तो ऐसे भी कुछ नहीं कर सकते हैं वैसे तो मैं कहूं कि नेक्स्ट टाइम अगर मरियम शरीफ प्रधानमंत्री बनती है तो बड़ा अच्छा रहेगा भारत के लिए और भारत के साथन ब अच्छे रिलेशन बन सकते हैं और भारत का फोकस भी इटली से हट के अपने पड़ोसी देश पर आ सकता है बात तो सही है बिल्कुल मेरी बात पर अगर अजीत भाई आप समझ पाए हो तो अजीत भाई तो मिनट से पहले समझ जाते हैं ऐसी बात क्रश है भाई अजीत भाई का मुझे आज ही पता लगा है अच्छा हां मरियम शरीफ मरियम शरीफ पंजाब की जो चीफ मिनिस्टर है हिना रब्बानी खर ने क्या किया है नहीं हिना रब्बानी अभी थोड़ा है एड हो उनका क्या है ना उनकी आवाज थोड़ी ज्यादा मर्दाना है वो पीछे से बोलेगी अरे यार कौन है भाई तुम चुप रहो सर तुम चुप रहो बस तुम्हें बैठना है हिना हिना एक्चुअली प्रधानमंत्री नहीं बन सकती है उससे पहले तो मरियम बन जाएंगी नहीं चलो ठीक है ठीक है इतना सपोर्ट मरियम का है इस पॉडकास्ट में मुझे नहीं पता था यस नहीं अभी यहां से पहले आरफा का होता था अभी आरफा से ना सरकते से रखते फिर वहां हम गए कश्मीर कश्मीर से फिर पीओके पहुंचे फिर वहां से पाकिस्तानी चले गए अबकी बार अच्छा तो जी पाकिस्तान में भी थोड़ा हमारे सपोर्ट की आवश्यकता है जरूरत तो है और वहां पर भी हमें अच्छा आप लोगों में से काफी लोग अभी राहुल गांधी जी के जो रायबरेली व चले गए हैं काफी लोग खुश भी थे आते ही तो श्याम भाई ने तो कह दिया कि वह आ रहे हैं अगर बन रही है तो भैया हमारा सपोर्ट फुल उनके लिए है और कैंपेन भी करेंगे क्योंकि वो चाहते हैं कि वो लोकसभा में खड़े रहे इवन बीजेपी भी चाहती है कि वो लोकसभा में खड़े रहे इसलिए कोई कैंडिडेट मस्त सा खड़ा ही नहीं कि बरा 9 साल के हो भी जाएंगे रहेंगे तो बीजेपी उनमें आईवी घुसा के खड़ा कर देगी उनको पाच महीने के लिए चुपचाप यहां बोलते रहो कुछ ना कुछ अरे वो कौन है यार कितना कंटेंट देता है वो आदमी इस तरह के कंटेंट दाताओं को मुझे नहीं लगता है कि अलग रखना चाहिए इन्हें तो भाजपा अपने मतलब विधायकों के बल पर राज्यसभा से ही भेज दे कि नहीं भाई हमें चाहिए राहुल जी हमें चाहिए भाई निर्विरोध इनको जितवा देना चाहिए तो मित्रों आज के इस पॉडकास्ट में सिर्फ इतना ही और हम थैंक बोल चाहेंगे एक बार फिर से धन्यवाद बोलना चाहेंगे आपकी बहुत डिमांड भी थी कि शाम भाई को लाओ चाहे आप ऑनलाइन ही उनको जोड़ लो ये हम सबके कमेंट्स में भी आता था और शाम भाई आज पहली बार फिजिकली यहां पर उपस्थित है हमने भी पहली बार इ साक्षात साक्षात देखा है 6 साल से तो हम बात ही कर रहे थे अजीत भाई का आज यहां वो हमसे थोड़ा दूर बैठे हुए लेकिन उतनी जगह नहीं थी तो इनको उधर भेजना पड़ा उधर सेट कर दिया अंकुर भाई मेरी जो स्थिति है ना डार्क नाइट में वो चाइना वाला चोर नहीं था जो टीवी पर आया था तो मेरी स्थिति वैसी हो गई है मैं जो है ना एक केद्र वाल जी की तरह यह भी अपनी आत्मा ट्रांसफर कर सकते हैं तो इस बार टीवी में ट्रांसफर हो रखी है आत्मा हां यह हम हम जो है ना इसको भी बीच में लगा देंगे कि किस प्रकार से आप वहीं से ही नमस्कार दोस्तों करते रहे और फिर मजा बहुत आया आज आखिरकार आई इस इस वाले पॉडकास्ट में और देखो दोस्तों डी मोनेटाइज तो होना ही है मैं प्रचार कर द अपनी किताब का कि भैया देखो कहीं ना कहीं से तो कुछ तो आना चाहिए भाई भाई किताब बहुत महत्त्वपूर्ण है किताब जरूर ले और नेक्स्ट जो हमारा पोड कास्ट रहेगा वो रहेगा अजीत भाई के चैनल पर और घर पे तो अजीत भाई के ही रहेगा कब्जा कर लिया है हमने यहां पर तो हमने कंप्लीट कब्जा कर लिया है यह खत्म होने दो हमने कहा था कि सपोर्ट के लिए हम जाएंगे अजीत भाई का चुनाव प्रचार करने के लिए लेकिन अब नहीं अब यहीं पर सब कुछ सज चुका है तो हम यही रहेंगे अजीत भाई बाय बाय ये आपकी 105 की स्क्रीन में ले जा रहा हूं नहीं इसके चार टुकड़े होंगे मित्रों मित्रों इसके चार टुकड़े होंगे बराबर बराबर ब टॉप राइट कॉर्नर में ले अच्छा 120 है 120 है अच्छा 120 है 40 40 बट जाएगा हां ठीक हैम चला लेंगे जी हमारा बड़ा हो जाएगा मित्रों मैं सभी के क्यूआर कोड जितने भी चैनल हैं अजीत भाई श्याम भाई गर्वित भाई अनुज भाई सभी के ये जो नहीं तुम्हारे दो भाइयों के चार पांच चैनल हैं तो सारे क को द तो सबको सब्सक्राइब अवश्य करें और इसी प्रकार से अपना समर्थन बनाए रखें हम अगले बीएच वाई में फिर से आपसे मिलते हैं इस वीडियो को शेयर करें चैनल्स को सब्सक्राइब करें जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम

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😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।

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