Saturday, 31 January 2026

कैसे एक मुस्लिम बन चुकी लडकी निकली नर्क से बाहर Book Changed Her Life Ghar Vapsi

[संगीत] मुझे मालूम है कि इस तरह की सच्चाई जो जो भी इंसान बताना चाहता है उसको थ्रेट आ जाते हैं डेथ थ्रेट आ जाते हैं लोग क्योंकि मुस्लिम कम्युनिटी नहीं चाहती है कि उनका सच सामने आए तो जो भी उनके खिलाफ आवाज उठाता है वो उस आवाज को दबाने की कोशिश करते हैं पर यह किताब लिखना एक बहुत बड़ी जोखिम की बात तो है पर मेरा जीवन मेरे जीवन का उद्धार हुआ हैसे इस किताब में आपको सारी चीजें पढ़ने को मिलेंगी जो 1400 सालों से मु कम करती आ रही है और सिर्फ और सिर्फ भारत में नहीं पूरा वर्ल्ड वाइड इनका एक प्रोपेगेंडा है जो यह लोग चला रहे हैं और मैं सबसे यही कहूंगी कि यह किताब जरूर पढ़े लड़कियों अपनी बेटियों को पढ़ाए बल्कि लड़कों को भी यह किताब पढ़नी [संगीत] चाहिए ज्योति जी नमस्ते नमस्ते सर जैसा कि हमारी फोन पर बात हुई थी कि आप एक वीडियो बनवाना चाह रहे थे जिसके अंदर आप कुछ अपने जीवन से जुड़ी हुई घटनाओं के बारे में कुछ बताना चाह रहे थे और साथ ही आप जिस पुस्तक के बारे में अभी कहना कहने वाले हैं तो उसके लेखक तक भी आप कुछ संदेश पहुंचाना चाहते थे तो आप जो कहना चाहते हैं अब आप कह सकते हैं अपने बैकग्राउंड से शुरू कीजिए आप मैं एक हिंदू फैमिली से बिलोंग करती थी और मेरी परवरिश बचपन से इसी आइडियो के साथ हुई थी कि सब धर्म एक जैसे होते हैं स्कूल में भी यही सिखाया जाता है पोयम्स होती है कि हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में आपस में भाई भाई मजहब नहीं सिखा तास जी तो इस तरह की चीजें बचपन से ही हमारे दिमाग में डाली जाती है तो मेरी भी अपब्रिंगिंग इन्हीं खलातो के साथ हुई पर जब मैं बड़ी हुई तो कई सोर्सेस से यह भी सुनने को मिलता था कि मुस्लिम लोग जो है वो काफी नफरत फैलाते हैं और टेररिज्म में तो सब मुस्लिम ही है और ये भी सुनने में आया था कि मुस्लिम लोग जो होते हैं वो अपने दूसरे धर्मों की लड़कियों को अपने धर्म में लाकर कन्वर्ट करते हैं उसे शादिया करते हैं जिसे हम ल जिहाद कते तो यह सब सुनने में आती थी चीज पर यकीन नहीं हो पाता था कि भगवान के नाम पर कोई ऐसी नफरत इतनी ज्यादा नफरत फैला सकता है क्योंकि हम सब एक ही भगवान के बच्चे हैं तो भगवान तो यह मैसेज नहीं भेज सकता हमें अला के जिहाद करें या दहशत फैलाए तो समझ में फिर यही आता था कि शायद कुछ ऐसे लोग हैं जो नफरत फैलाना चाह रहे हैं तो अगर ऐसा आपका अपब्रिंगिंग हो तो आपकी सोच तो यही कहेगी कि ये कुछ लोग है जो भटके हुए हैं और दूसरों को भी नफरत सिखा रहे तो ऐसा ही कुछ मेरा भी मानना था पर ये इन चीजों में कितनी सच्चाई है वो मुझे भी जानने को मिली अपनी जिंदगी में वो कैसे मैं जब कॉलेज में थी तो मेरी मुलाकात एक लड़के से हुई जिसका नाम आकिब था आप थोड़ा सा आपसे ये मैं आपको कहना चाहूंगा कोई भी ऐसी डिटेल मत बताइएगा जिससे की आप पर पिन पॉइंट किया जा सके आइडेंट किया जा सके जी जी आकिब के साथ मेरी फ्रेंडशिप हुई हम रिलेशनशिप में आए और बाद शादी तक पहुंच गई पर यह तो मुझे पता था कि मेरे मम्मी पापा इस रिश्ते को कभी मानेंगे नहीं एक्सेप्ट नहीं करेंगे क्योंकि बचपन से उन्होंने ये तो सिखाया था कि सब धर्म एक जैसे हैं बट कहीं ना कहीं एक अन सेड रूल तो था घर का कहीं ना कहीं एक अन सेड रूल था कि अन कहा हा अनकही बात थी कि आप किसी मुस्लिम से तो शादी नहीं कर सकते अच्छा ठीक क्योंकि ये ये चीज थी पर क्यों ऐसा है ये कभी हमारे मां-बाप ने हमें बताया नहीं यह चीज नहीं पता थी तो आकिब के साथ जब शादी की बात उठी तो मेरे पास तो एक ही रास्ता था वो यह था कि मुझे घर से भागना होगा इतना आप मतलब ठीक है पर भागने की आपने कोशिश नहीं की घर वालों को मनाया जा सके किसी तरीके से अगर आपको वो इतना सही लगता था देखो यह चीज मुझे पता थी कि वो बाकी मुस्लिम लड़कों से अलग है मतलब जैसा मैं सुनती थी कि मुस्लिम लोग काफी कट्टर होते हैं मस्जिद जाते हैं सिर्फ और पांच टाइम नमाज पढ़ते हैं तो यह सब चीजें मुझे आकिब में नहीं दिखी वो मेरे साथ मंदिर भी आता था अच्छा हमने कई बार आरती भी साथ में अटेंड की है चढ़ावा चढ़ाया है तो मुझे यह चीज समझ में आई थी कि यह थोड़ा तो अलग है बाकी कट्टर मुस्लिमों से अलग है ठीक है और उसने कभी भी मेरे पर यह पाबंदी नहीं लगाई कि शादी के बाद मैं अपना रिलीजन फॉलो नहीं कर पाऊंगी उसने मुझे हमेशा यही कहा कि मैं अपना धर्म फॉलो कर पाऊंगी अपनी आजादी से ठीक तो जब ये बंदिश मुझ पर नहीं थी तो मैं कविंस हो गई कि य सचमुच में मुझसे प प्यार करता है और ये मेरा ख्याल रखेगा और मैं अपनी जिंदगी उसके साथ देखने लगी तो मैं आपको यह बता रही थी कि बात यहां तक पहुंची कि हमने डिसाइड किया कि तो यह सारी बातें जो मैंने आपको कहा कि फ्रीडम थी व मंदिर जाता था यह सारी बातें सिर्फ वही तक सीमत थी जब तक मैं घर से नहीं बा जब मैं उसके घर पहुंची तब उन्हें पता था कि अब मेरे पास चॉइस कम है घर वापस जा मैं अपने घर वापस नहीं जा सकती लेकिन क्यों नहीं जा सकते थे उस टाइम प क्या था कि मुझे लग रहा था कि जैसे घर के बड़े बुजुर्ग होते हैं वो थोड़े कट्टर होते हैं हमारे घर में भी यही होता है कि बड़े लोग थोड़े कट्टर होते हैं और जो बाकी की जनरेशन है यंग जनरेशन है वो ज्यादा इन चीजों को मानती नहीं है तो हम भी अपने बड़ों के लिए घर में काफी सारी चीज करते हैं तो मुझे लगा उसी तरह से आक भी उन्ही बंदिशों में होगा तो मैं आपको यह बता रही थी कि जब तक मैं घर से नहीं भागी थी तब तक मेरे पास य सारी फ्रीडम थी पर जैसे ही मैं वहां पहुंची तो मेरे पर दबाव बनाया गया कि अगर मुझे आकिब से शादी करनी है तो मुझे इस्लाम कबूल करना होगा क्योंकि बिना इस्लाम कबूल करे अगर हम शादी करेंगे तो वो शादी हराम मानी जाएगी अगर हमारी कोई औलाद भी होती है शादी से तो वह भी इलेजिटीमेट मानी जाएगी तो इतना बड़ा स्टेप मुझे उस टाइम पर लगाय पर क्योंकि आकिब मेरे साथ था व मुझे सपोर्ट कर रहा था सारी चीजों में तो मैंने सोचा कि यह सिर्फ एक फॉर्मेलिटी है और जो वादे आक ने मेरे साथ किए हैं वो उन वादों को निभाएगा खैर ऐसा कुछ हुआ नहीं अपने उसने मेरे साथ वादे किए थे व तो उसने नहीं उसने क्या किया शादी निकाह निकाह होते ही दूसरे दिन मुझे बोला गया कि अब से मुझे हिजाब करना हो वो सबसे पहला शौक था व किसने बोला आपको वो आक ने मुझसे कहा अपने बुजुर्ग के दबाव में आक अपने मन से इससे पहले जो भी बात हुई कि मुझे इलाम करना होगा वो सब उसने मुझे कहा कि यह बुजुर्गों की वजह से हो रहा है पर शादी के अगले ही दिन सारी बातें आके मुझसे खुद कहता था कि वो चाहता है मैं यह सब करू क्योंकि अल्लाह ने हमें य बताया है और हमें यही रास्ता जो है तो आपने उसको पूछा नहीं कि भाई शादी से पहले तो आप कहते थे कि मैं पूरी फ्रीडम से रह सकती हूं वो सब चीज इन्हीं बातों प हमारी कई बार लड़ाई होती थी इस बात प हमारी लड़ाई हुई कई बार और एंड में नतीजा यही होता था कि मैं लहू लुहान हो के बस कोने में पड़ी रहती थी आए दिन मेरे साथ मारपीट होती थी और मेंटल टॉर्चर फिजिकल टचर किसी को मैं कह नहीं सकती थी क्योंकि मुझे खुद में ही अपने ऊपर शर्म आती थी कि मैंने यह कदम खुद उठाया घर से भाग कर तो आ गई थी पर मैंने यह नहीं सोचा था कि आगे मेरे साथ क्या होगा मेरा घर से अकेले निकलना बंद हो गया मैं अपना धर्म नहीं फॉलो कर पा रही थी मैं पूजा नहीं कर सकती थी मैं शादी के समय अपने साथ एक मूर्ति लेगी थी गणेश जी की मेरी आंखों के सामने वो मूर्ति डस्ट बिन में फेंक दी गई और सबसे बड़ा शौक तो मुझे तब लगा जब आकर एक दूसरी औरत लेकर आया अच्छा और उसने मुझे कहा कि यह तुम्हारी बहन है मैंने दूसरी शादी कर ली है अब तुम दोनों को साथ में रहना है बहनों की तरह उस दिन मुझे समझ में आ गया कि मैं बहुत बुरे तरीके से फस गई हूं और जो बातें मैं सुनती थी वो सच है मैं मैं एक सवाल पूछना चाह रहा था आपसे ये जो दूसरी औरत को लेकर आया वो हिंदू थी मुसलमान थी वो भी हिंदू थी अच्छा जी अच्छा फिर फिर आपने क्या किया फिर मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था उस टाइम पर मैं बहुत ज्यादा शौक में थी कि मैंने अपनी जिंदगी के साथ क्या कर लिया मैंने क्या सपने सजाए थे अपने लिए कि मेरी जिंदगी कैसी होगी और यह मेरे साथ क्या हो रहा था मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था यह सब चीज मैं सोच भी नहीं सकती थी कि मेरे साथ होंगी मैं एक पयो फैमिली से बिलोंग करती थी मैंने बचपन से लेकर कभी अंडा भी नहीं खाया था और मुझे वहां पर रोज गोश्त बना के खिलाया जाता था वो भी बीफ जबरदस्ती कच्चा मास मेरे मुह में ूसा जाता था और मारपीट होती थी रोज अगर मैंने वो खाया नहीं तो मेरे को मार पीट के जबरदस्ती वो ूस के अंदर खिलाया जाता था आप वहां से कैसे निकले फर वहां से निकलने का मौका मुझे एक दिन मिला बहुत मुश्किल से मैं बहुत हिम्मत करके वहां से मैं भाग कर आई क्योंकि वहां पे घर के बड़े जो थे हमेशा आंगन में होते थे तो वहां से निकलने का रास्ता एक ही था आंगन से एक दिन पता नहीं कुछ तो हुआ घर के पास और सब लोग भागते हुए बाहर निकल गए हम क्योंकि बाहर शोर मच रहा था तो मैं भी अपने कमरे से बाहर देखने आई कि क्या हो रहा है हम बाहर कोई दंगा हो रहा था हम सब लोग बाहर गए और एकदम से मेरे दिमाग में आया कि यही एक मौका है मेरे पास बहुत जी उस उस दंगे की वजह से मैं निकल कर आ गई पर मेरे पास जाने को कोई जगह नहीं थी एक घंटे तक मैं भागती रही भागती रही और फिर मुझे एक वहां पे मंदिर दिखा आर्य समाज मंदिर था वहां पे अच्छा तो वहां पर मैं गई मैंने दरवाजा खटखटाया हम और किसी तरह उनको कन्वेंस किया कि मेरे को वहां एक दो दिन के लिए रहने दे जब तक मैं आगे देखू कि मुझे कहां जाना है तो ये फिर ये कितने पहली बात होगी मेरे ख्याल से दो तीन साल आपने फोन प बताया था जी नहीं ये सात महीने पहले की बात है सात महीने पहले आप भागे हैं जी और आप निकाह और वो शादी वगैरह कितने टाइम पहले की बात है शादी को मेरे कम से कम भी डेढ़ साल हो गया था डेढ़ साल आप वहां रहे और इस डेढ़ साल में आपने कंसीव नहीं किया मतलब बच्चे वगैरह कुछ जी हुआ था [संगीत] शादी के करीब एक महीने बाद ही मुझे पता चला था कि मैं फोर मंथ्स प्रेगनेंट हूं पर वो बच्चा ठहर नहीं पाया था मेरा मिसकैरेज हो गया था उसके बाद कभी आपने कंसीव नहीं किया तो हमारी काफी लड़ाई लड़ाई झगड़े होते रहते थे उसके बाद जब मेरा मिसकैरेज हु उसके बाद से मैं कटी कटी रहने लगी थी आकिब से तो शायद वही कारण था कि वह दूसरी लड़की भी लाया था शादी करके और उसके बाद से कभी मैंने उसे अपने करीब आने ही नहीं दिया मैं बस यही सोचती थी कि मैं कैसे निकलू इस चंगुल से कैसे मैं भागू और मैं दिन रात बस यही प्लानिंग करती रहती थी कि कैसे मैं यहां से निकलू और अगर मैं आज सोचूं भी तो मैं यह सोचती हूं कि अच्छा ही हुआ कि मेरा बच्चा इस दुनिया में नहीं आ पाया क्योंकि अगर तो वह लड़की होती तो वो भी उसी नर्क से गुजरती जिस नर्क से मैं गुजर रही थी और अगर लड़का होता तो वो यही सब किसी और के साथ करता जो सब मेरे साथ हो रहा था अच्छा ही हुआ ज्योति जी इस पुस्तक के बारे में बताइए कि आपके जीवन में इसकी क्या महत्व था और आप इसके संपर्क में कैसे आए तो जिस समाज में ठहर रही थी जो मैंने आपको पहले बताया वहां के कई कार्यक्रम होते रहते थे और मैं वहां से जुड़ चुकी थी काफी सारे लोगों से मैं मिलती थी जो वहा आते थे बातचीत होती थी और मैं वहा आना जाना मेरा काफी कॉमन था तब तक आप वहां से चले गए थे जी जी अच्छा कुछ दिन मैं वहा रही थी उसके बाद मैंने अपना बंदोबस्त किया पर मैं आर्य समाज से जुड़ी रही क्योंकि मुझे काफी सारी बातें सीखने को म जानने को मिली और मुझे अच्छा लगा तो एक वहा सम्मेलन था वेद सम्मेलन हुआ था एक बार तो वहां पर मुझे एक दीदी मिली वह जो दीदी थी जब उन्होंने मेरी कहानी जानी और उन्हें पता चला कि मेरे साथ यह सब हुआ है तो उन्होंने मुझे यह पुस्तक दी और कहा कि यह पुस्तक तुम पढ़ो और तुम्हें जो भी तुम्हारे सवाल है उन सबका जवाब तुम्हें मिलेगा सवाल मतलब जी क्योंकि जब मैं वहां से निकल कर आई तो मैं यही सोचती रहती थी कि मुझ में ऐसी क्या कमी थी जो आकिब ने मेरे साथ यह सब किया जो प्यार उसका मेरे प्रति था शादी से पहले वह प्यार कहां चले गया क्या वो प्यार झूठा था जो उसने मुझसे किया या फिर जो बाद में उसने अपना रूप दिखाया वह सच था यही बातें मेरे दिमाग में घूमती रहती थी कि क्या मैंने इतनी बड़ी गलती करी वह बातों को इग्नोर करके जो कहीं से सुनने को मिलती थी इस धर्म के लोगों के बारे में यह सब बातें सोच सोच के मैं डिप्रेशन में जा रही थी और उन दीदी से मैंने य सारी बातें शेयर करी थी तभी उन्होंने मुझे पुस्तक दी थी यह पुस्तक से मुझे पता चला कि जो इस्लाम है इस्लाम के जो फॉलोअर्स है वो आज से नहीं बल्कि 1400 सालों से अपना यह जो जिहाद है वह करते आ रहे हैं इस बात का कोई सबूत है आपके पास जो इस बात का सबूत हमारे पास हमारी सबकी आंखों के सामने है पर हम उसको कोइंसिडेंस मानते हैं या उन बातों को खारिज कर देते हैं क्योंकि वो हमारे लॉजिक के साथ नहीं बैठता है इस किताब में उसकी कोई सबूत नहीं इस किताब में आपको सारी चीजें पढ़ने को मिलेंगी जो 1400 सालों से मुसलमान कौम करती आ रही है और सिर्फ और सिर्फ भारत में नहीं हम पूरा वर्ल्ड वाइड इनका एक प्रोपेगेंडा है जो ये लोग चला रहे हैं हम इनका मेन जो मिशन है मुसलमानों का वो यही है कि पूरे वर्ल्ड को ये एक इस्लामिक ग्लोब बनाना चाहते हैं जहां सिर्फ या तो इस्लामिक लोग रहेंगे और जो नॉन इस्लामिक लोग हैं या तो वो कन्वर्ट होंगे या फिर वो मारे जाएंगे जैसे कश्मीर में भी हमने देखा था जी और जैसे अभी बांग्लादेश में भी कुछ हुआ ऐसे तो ये जो हम इंसिडेंट सुन रहे हैं ये बस एक शुरुआत है अगर हम आज इन बातों को सीरियसली नहीं लेंगे इनके खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे अपने बच्चों को नहीं सिखाएंगे तो हमारा वही हाल होगा जो बाकी कंट्रीज में हो चुका है जैसे कि इजिप्ट में हुआ है अफगानिस्तान में हुआ है पाकिस्तान में हुआ है एक समय पर यह कौम माइनॉरिटी थी और अब इतने सारे इस्लामिक नेशन बन चुके हैं और यही चीज इंडिया में भी होगी अगर हम आज सेकुलरिज्म का डंका लेकर चलते रहेंगे तो ज्योति जी मेरा एक सवाल है जवाब जब तक व पर थे तो जो इस पुस्तक में कुछ ऐसा लिखा है या जो आप सुनते आए थे जो यह बताती थी चीज कि भाई यह लोग ऐसा करते हैं वैसा करते ऐसा कुछ आपने वहा होते हुए देखा कभी अपनी आंखों से कोई ऐसी बात हुई हो कभी ऐसा कुछ हुआ जरूरी नहीं है डिटेल में जाए बस एक जनरली बता दीजिए तो सबसे पहली चीज जो इस्लाम कहता है वो तो यही है कि जो बाकी धर्म के लोग है वो काफिर है तो वो आईडियोलॉजी वो ब्री करते हैं अच्छा रोज उनकी बातों में उनकी हरकतों में व सारी बातें वो करते हैं इसीलिए तो शादी के अगले ही दिन मुझे हिजाब पहनने को बोला गया क्योंकि अगर मैं हिजाब नहीं पहनूंगी तो मैं मुस्लिम नहीं हूं ना तभी मेरी मूर्ति को जो मैंने भगवान की मूर्ति साथ में ली थी उसे डस्ट पिन में फेंक दिया गया क्योंकि उनके लिए उसकी कोई अहमियत नहीं है तो यही कुछ चीजें मैंने जी जिनके बारे में मुझे बाद में पता चला और अगर यह किताब मुझे पहले मिली होती मुझे पहले य सब सच्चाई का पता चलता तो शायद मुझे उस नर्क से नहीं गुजरना पड़ता पर अब मैं यही कहना चाहूंगी जो भी लोग यह वीडियो देख रहे हैं उनसे मेरी यही रिक्वेस्ट है कि अपनी आंखें खोले असलियत को देखें और सिर्फ जो हमें बातें कही गई हैं उन परे विश्वास ना करें अपना सच खुद ढूंढे और अगर कोई ऐसा इंसान है जो इस्लाम की सच्चाई जानना चाहता है तो उसके लिए यह किताब पढ़ना बहुत जरूरी है क्योंकि इसमें डिटेल में आपको सारी बातों का पता चलेगा जो इतने सारे सालों से यह कौम करती आई है और किस तरीके से ये अपना प्रोपेगेंडा फैलाते हैं किस तरीके से यह लोगों को कन्वर्ट करते हैं ब्रेन वाश करते हैं आप तो उन दीदी का बहुत ज्यादा धन्यवाद देती होंगी जिन्ने आपको य किताब पढ़ाई मैं कहती हूं वो मेरी जिंदगी में एक बोलते हैं ना गाइडिंग लाइट वो गाइडिंग लाइट बनकर आई और आप हैरान होंगे यह बात जान के कि या तो यह मेरी किस्मत थी या एक इत्तेफाक था आप जो मर्जी कहे वो खुद एक एक्स मुस्लिम रही एक्स मुस्लिम मतलब मतलब कि वह पहले मु मुस्लिम थी और जब उन्हें अपने मजहब के बारे में पता चला असलियत पता चली तो उन्होंने अपना रिलीजन छोड़ दिया और वो हिंदू बन गई जैसे आप पहले मैं समझा नहीं जैसे आप मुसलमान बने थे फिर आप वापस हिंदू बन गए अभी क्योंकि जैसा मैं आपके हाथ में चूड़िया भी देख रहा हूं वैसे ही वो भी वो हिंदू वो पैदा ही मुसलमान हुई थी वो पैदा ही मुसलमान हुई थी उनकी परवरिश मुसलमान घर में हुई थी अच्छा पर जो वो देखते आई बड़े होते अच्छा मतलब अपनी परवरिश में अपब्रिंगिंग में वो देख कर आए कि उनके साथ आसपास उनकी मां के साथ चाची के साथ मतलब जैसे व्यवहार बाकी औरतों के साथ होता था जो आईडियोलॉजी प्रीच की जाती थी उस सब की सच्चाई जब उनके सामने आई तो उन्होंने अपना धर्म जो है वो छोड़ दिया और वो भी अपने घर से भागकर अपना धर्म छोड़कर एक अच्छे हिंदू परिवार में आई जी और अब वो एक हिंदू मन की ही रहती है अच्छा मेरे ख्याल से अब आखिर में इस वीडियो का समापन करते हुए जो किताब के लेखक है उन उनके लिए कोई आपका संदेश हो या उन्हें आप कुछ कहना चाहते हो वो एक बार बोल दीजिए मैं तहे दिल से अंकुर जी का शुक्रिया अदा करना चाहूंगी कि उन्होंने किताब लिखी इतना जोखिम उठाते हुए भी क्योंकि थ थोड़ा नीचे की तर हका पीछे जी जी तो मैं यह कह रही थी कि मुझे मालूम है कि इस तरह की सच्चाई जो जो भी इन बताना चाहता है उसको थ्रेट्स आ जाते हैं डेथ थ्रेट्स आ जाते हैं लोग क्योंकि मुस्लिम कम्युनिटी नहीं चाहती है कि उनका सच सामने आए तो जो भी उनके खिलाफ आवाज उठाता है वो उस आवाज को दबाने की कोशिश करते हैं पर यह किताब लिखना एक बहुत बड़ी जोखिम की बात तो है पर मेरा जीवन मेरे जीवन का उद्धार हुआ है इससे और मैं सबसे यही कहूंगी कि यह किताब जरूर पढ़े लड़कियों अपनी बेटियों को पढ़ाएं बल्कि लड़कों को भी यह किताब पढ़नी चाहिए इस किताब का नाम ढाई मोर्चे का चक्र जी अच्छा इसके साथ में कोई और भी कोई किताब जो आप रिकमेंड करना चाहते हैं कि लोग [संगीत] पढ़े मुझे लगता है इसके साथ साथ अगर कोई किताब किसी को पढ़नी चाहिए तो वह है कुरान क्योंकि जब कोई इंसान कुरान पढ़ेगा हम तो उसे सच्चाई पता चल जाएगी क्योंकि सुनी सुनाई बातों पे यकीन करना थोड़ा मुश्किल होता है पर वो पढ़ेगा कैसे अरबी तो किसी को आते नहीं तो जब मैं अपना सच ढूंढ रही थी तो मैंने भी ऑनलाइन जाके google.com अच्छा quran.com पे आपको कुरान की सारी वर्सेस सब कुछ मतलब जैसे एज इट इज है वैसे मिल जाएगा उसकी ट्रांसलेशन भी होगी मैं कहूंगी कि कुन कुरान कॉ पर अगर आप जाएंगे तो वहां पर भी आपको जो ऑथेंटिक चीज कुरान में लिखी है उनकी ट्रांसलेशन के साथ मिलेंगी तो मेरी बात पर यकीन ना करना चाहे इस किताब पर ना यकीन करना चाहे पर जो उनके अल्लाह की एक आवाज है वो तो कुरान ही वो लोग कहते हैं तो उसी को पढ़ ले उसी में देखें क्या सब लिखा है ठीक है ज्योति जी आपने यह वीडियो के लिए अपना समय निकालकर और जो आप मैसेज देना चाहते हैं ऑडियंस को आपने भी एक बहुत हिम्मत वाला काम किया है बेशक आपकी आइडेंटिटी को कोशिश करेंगे बल्कि पूरी तरह से हम इसमें अगर कोई ऐसा पार्ट होगा जहां पर लगता है कि आपकी आइडेंटिटी रिवील हो सकती है उसको ब्लर कर देंगे और नाम तो खैर उस बी प करही देंगे और ठीक है बाकी हम प्रयास करेंगे अपनी से पूरी तरह कि अंकुर जी तक आपका ये संदेश पहुंच पाए जी और जो भी लोग इसको देखें वो आपकी इस एक्सपीरियंस से कुछ सीख पाए समझ पाए और अपने देश को अपने धर्म को डूबने से बचा सके इसी के साथ आगे लेते हैं ज्योति जी नमस्ते नमस्ते

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