Saturday, 31 January 2026

कु'रान का भंडाफोड भाग-२ Double Standard Of Q'ran And Isslam

नमस्ते दोस्तों मैं अंकुर आर्य आप सब का एक बार फिर से स्वागत करता हूं आपके अपने यूट्यूब चैनल सत्य सनातन हमने आपको बताया था की किस प्रकार से kuranek जगह पर यह दवा करती है की यह कुरान कोई नई किताब नहीं है बल्कि अल्लाह ने जो पूर्व में पुस्तके दी हैं यह unhin की तफसीर है यह unhin की तस्दीक करती है मैं आपको आयत padhakar के सुनना चाहूंगा कुरान पर 11 है सूर्य युनुस रुक पंच की आयत संख्या 37 है इसमें कहते हैं की यह किताब यानी की कुरान इस किस्म की नहीं है किस सिवाय और कोई उसे अपनी तरफ से बना करके ले आवे बल्कि जो किताबें इसके पहले आई है यह कुरान उनकी तस्दीक करती है और उनकी तफसील है यानी की उनका विस्तार है इसमें संदेह नहीं है की यह खुदा की ही utaari हुई किताब है लेकिन दोस्तों हम यहां पर बात कर रहे हैं विरोधाभास की किस प्रकार से कुरान में ऐसे-ऐसे विरोध आए हैं प्रकट हुए हैं की जो पूर्व की पुस्तकों में लिखे ही नहीं गए या फिर जो लिखे गए द उनका जस्ट उलट यहां पर चिपका दिया ऐसे मुस्लिम किस मुंह से कुरान का सामना करेंगे या हमारा सामना करेंगे या अपनी पूर्व की पुस्तकों का सामना करेंगे यह तो बाद की बात है लेकिन वीडियो को अवश्य देखें और अगर आपको लगता है की इसमें कुछ पॉइंट है जिस पर आप अपनी तरफ से सफाई दे सकते हैं तो अवश्य दें और अगर आपको ये वीडियो अच्छी लगती है तो उसको सब के साथ में शेयर करना ना भूले [संगीत] दोस्तों जहां एक तरफ इंजन सामान्य बात करती है किसी को गली गलौज करने की बात नहीं करती है दूसरों के विषय में भड़काने की बात नहीं करती है वहीं पर कुरान उसका विरोधाभास करती है और उसकी इस आयत को पुरी देती है jismein कहा गया था की यह तो पूर्व की पुस्तक यानी की इंजील आदि की तफसील है हम इस बात को कुरान से ही पढ़ कर आपको सुनना चाहेंगे कुरान पर सूरा आले इमरान रुको तीन आयत संज्ञा है 28 इसमें लिखा है musalmanon को चाहिए की musalmanon को छोड़कर के जितने भी काफिर हैं उनको अपना दोस्त ना बनाएं और जो वैसा करेगा उसका अल्लाह से कुछ सरोकार नहीं है यानी की यह लोगों को तोड़ने की बात करती है तो उनको पकड़ो और जहां पर पाओ उनको कत्ल करो उनसे मित्र और सहायता ना करो कुरान पर पंच सूर्य मल खरीद लिए हैं और उनके बदले में उनको जन्नत देगा ताकि ताकि रह में लड़े और मारे तथा काफिरो को वो मार दें यह सूरत में काफिरों से लड़े और चाहिए की वह तुमने शक्ति पाएं सुर तोबा है और आयात संख्या 123 है जो लोग अल्लाह और उसके पैगंबर से लड़ते हैं उनकी सजा तो यही है की उनको मार डाला जाए या उनको सूली पर चड्ढा दिया जाए या उनके हाथ पांव उल्टी दिशा में काट दिए जाएं मैदा की आयत संख्या है 33 काफिरो से लड़ते रहो यहां तक की फसाद बाकी ना रहे और सब और खुदा ही का दिन हो जाए अफल की संख्या है 39 यहां पर भी यह अपनी पूर्व की पुस्तकों का विरोध करती है और अपनी ही बताई हुई इस आयत का विरोध करती है इस प्रकार से हमको पता लगता है की एक अल्लाह के मुंह से निकली हुई है दो किताबें नहीं है अब आप लोग इसके बारे में निर्णय करें क्योंकि हम इन दोनों में से ही निकले से नहीं है आगे हम बात करते हैं की इस मसीह जगत का nyaay करेगा इस प्रकार की बात जो है वो इंजन करती है इंजन में योजना 522 में कहा जाता है और पिता किसी का nyaay भी नहीं करता बल्कि nyaay करने का सब कम तो पुत्र को saunp दिया है पुत्र कौन है इस मसीह है आगे क्योंकि उसने एक दिन thaharaya है jismein की वह अपने खुदा के बेटे इस के द्वारा धर्म से जगत का nyaay करेगा जिसे उसने thaharaya है यानी की जिसने उसको बनाया है उसे मारे हुए में से जिंदा कर यह बात सब पर प्रमाणित कर दी जाएगी preritton के कम 17 31 में यह बात लिखी हुई है अब अगर हम कुरान की बात करें तो कुरान फिर से अपनी उसे बात को nakaarthi उसी धोती है jismein उसने कहा था की वह पूर्व की पुस्तक तो जब वह अर्थात उनका पैगंबर अपने गिरोह में आता है दोस्तों गिरोह की बात चल रही है देखना ध्यान से सुनना पैगंबर अपने गिरोह में आता है तो उसके गिरोह में nyaay के साथ फैसला होता है खुदा ने कहा और हर एक गिरोह में हम साक्षी अर्थात पैगंबर अलग-अलग कर देंगे फिर कहेंगे अपनी दलील पेश करो तब जानेंगे अल्लाह के बाद सच्ची है यह बात आती है सूर्य को सात और आयत है उसकी 75 आगे कहते हैं सूर्य निशा की आयात संख्या 171 में यह अल्लाह एक है और वह इस लायक नहीं है की उसकी कोई भी संतान हो यानी की यहां पर भी वह उसकी संतान होने के जो दावे किए गए द इंजन में उनको ही पुरी तरीके से ठुकरा देता है nakaar देता है इस प्रकार से हमको पता लगता है वह कहती तो है की वो पूर्व की पुस्तकों की तफसील है और एक ही अल्लाह एक ही खुदा के मुंह की बोली हुई पुस्तक है लेकिन वह अपनी करनी में इस बात को सिद्ध नहीं कर पाती दोस्तों आगे अगर हम बढ़े तो इंजन में जहां पर लिखा गया है की talaqshuda ashuddh स्त्री को वापस पति स्वीकार ना करें वहीं पर कुरान कहती है की किसी थर्ड पर्सन से पहले रेप कर करके आए फिर पूर्व प्रति उसको स्वीकार कर सकता है aaiae इसको पढ़ते हैं हम यदि कोई पुरुष किसी स्त्री को byaahale और उसके बाद में usmein कुछ लज्जा की बात पाकर उससे आप प्रसन्न हो तो वह उसके लिए त्यागपत्र लिखकर उसके हाथ में देकर उसे अपने घर से निकल सकता है यह है व्यवस्था विवरण एक आगे व्यवस्था विवरण दो में कहता है और जब वह उसके घर से निकल जाए तो दूसरे पुरुष की वो हो सकती है दूसरे को शादी कर सकती है परंतु यदि वह दूसरा पुरुष भी उसे उसी प्रकार से निकल दे तो उसका पहला पति जिसने उसे प्रथम बार में निकाला था वह उसके ashuddh होने के बाद में उसे अपनी पत्नी बना बनाए क्योंकि यहोवा के सम्मुख ghrinit बात है यह है व्यवस्था विवरण चार में लेकिन कुरान क्या कहता है वो कहते हैं की संभोग करने के पास बाद में लेकिन कुरान क्या कहती है की संभोग करने के बाद में पूर्व पति के पास में आया जा सकता है इसके लिए हमको जाना पड़ेगा कुरान पर दो सूर्य बकर की रुको 29 और आए द उसकी 230 में जहां पर लिखा गया है जब औरत को तीसरी बार तलाक दे दी हो तो उसके बाद जब तक औरत दूसरे पति के साथ निकाह ना कर ले उसे पहले पति के लिए वह हलाल नहीं हो सकती है इनके हलाल होने के लिए उसको क्या करना पड़ेगा हलाला के बारे में तो आप सभी लोग जानते ही हैं इसके बारे में हमें बहुत ज्यादा विस्तार करने की आवश्यकता भी नहीं है तो आप लोगों को पता लगता है की किस प्रकार से कुरान अपने पूर्व की पुस्तकों के विषय में भी गलत सलात भी बोलती है उनकी बातों का खानदान भी करती है उनकी बातों का निषेध भी करती है और उनके जस्ट विपरीत जाकर के कुछ नहीं आए द छाप मार दी है लिख डालती है अब हमको पता करना चाहिए की इन दोनों में से सच कौन है क्योंकि सच दोस्तों दो नहीं हो सकते हैं बड़की आयु पुस्तक सच है या पूर्व की आई हुई पुस्तक सच है जिससे कॉपी पेस्ट मारा गया है वह सच है या फिर जो कॉपी पेस्ट है कई mamalon में वो सच है वो हमको भी सोचना चाहिए और जितने भी विचारक लोग हैं मुस्लिम लोग हैं उनको भी ये बात सोचनी चाहिए शराब और मांस खाने का निषेध इंजन से रोमियो 1421 में अगर हम पढ़े तो वहां पर हमको मिलता है की तुम और कुछ ऐसा करें जिससे की तेरा भाई ठोकर खाए लेकिन मांस की अर्जन देती है कुरान उसके लिए हमें जाना पड़ेगा कुरान पर 17 सूर्य हज रुको पंच आयत संख्या 36 में जहां पर लिखा है और हमने तुम्हारे लिए कुर्बानी के unton को उन चीजों में से कर दिया है जो खुदा के साथ नाम जड़ की जाती है unmen तुम्हारे लिए फायदे हैं तो उनको खड़ा रखकर उन पर खुदा का नाम लो फिर जब वह किसी पहलू पर गिर पड़े तो usmein से खाओ और सब्र वालों और फकीरों को खिलाओ हमने तुम्हारे बस में इस जानवर को कर दिया है ताकि तुम खुदा का शुक्र करो कांटों मारो खाओ ऐसा बहुत सारे वीडियो आजकल सोशल मीडिया पर यूट्यूब पर चल भी रहे हैं jismein खड़ा हुआ ऊंट काट दिया था उसको मारा जाता है ताकि तुमको और musafiron को लाभ पहुंचे कुरान पर 7 सूर्य मैदा रुक तेरा आयत संख्या है 96 वही जिसने नदी को तुम्हारे नदी कर गया है ताकि तुम usmein से मछली निकल कर के उनका ताजा मांस खाओ यह है नहल की आयत संख्या 14 वह चीज जो murrar हो या बहता हुआ खून या सूअर का मांस यह chijen नापाक हैं या हुकुम के इन में बहुत सारा गुरुदास व्याप्त है खुदा मांस खून में चर्बी खाता है यह बात हमको इंजील से जानने को मिलती है मेरी सेवा टहल करने को मेरे समीप आया करें और मुझे चर्बी और लघु चढ़ने को मेरे सन्मुख खड़े हुआ करें परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है ये आपको मिलेगा दहेज खेल 47 15 में पढ़ने को यहोवा अर्थात ईसाइयों का खुदा कहता है की तुम्हारे भेद बाली मेरे किस कम के हैं मैं तो मेड हूं valiyon में पाल हुए पशुओं की चर्बी से गया हो लिखी गई है खुदा तक घोषणा खून नहीं pahunchte हैं इस बात को कहती है कुरान यानी की पूर्व में गोश्त चर्बी खून वगैरा सब पहुंचता है लेकिन कुरान के लिए माना कर रही है कहती है यानी यहां पर इंजील की एक तरीके से विरोध किया गया उसकी बात को काटा गया है इस प्रकार से भी यहां पर हमको पता लगता है की कुरान में बाइबल का बहुत सारा खानदान किया गया है यह स्पष्ट होता है की इनकी vyavasthaen दूसरी हैं इनमें आपस में बहुत सारा विरोधाभास है और बहुत सारी ऐसी बातें हैं जो लिखकर भी ऐसी कर दी गई हैं जिससे मैं पता लगता है की कहां भले ही गया हो की यह पूर्व की पुस्तकों की ही तस्वीर है लेकिन वैसा है नहीं अल्लाह का ज्ञान बार-बार पलटता रहता है बदलता रहता है समय के साथ में परिवर्तित होता रहता है और हमको लगता है की कई बार वो अपनी बातों को भूल जाता है पूर्व में कहीं बातों को भूल जाता है वह कहीं पर कुछ बोलता है तो कहीं पर कुछ बोल देता है दोस्तों यह बातें तरक्की है ना की किसी की अस्थाई श्रद्धा की बातें हैं इन बातों के ऊपर बातें करना इसलिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि दोनों ही इब्राहिम या इस्लाम हो अपने chamatkaron को लेकर के और ऐसी अटपटी बातों को लेकर के समाज में जाते हैं और वहां पर मत करने का प्रयास करते हैं मतदान हमारे देश का एक बहुत बड़े समस्या बन चुकी है जिससे की हमारे सामाजिक विघटन और यहां के जनसंख्या का यहां की sankhiyki का एक तरीके से दोहन भी होता है और usmein एक तरीके का विचलन पैदा होता है जिससे की समाज और sarkaron को उसकी भरपाई करने के लिए बहुत सारा बजट भी बनाना पड़ता है आरक्षण आदि देने में भी बहुत सारी गड़बड़ी होती हैं और सामाजिक जो संगठन होता है usmein भी विखंडन होता है इसलिए इसको एक सामाजिक विषय के तौर पर ही देखना चाहिए की क्या यह बातें विषय किसी भी प्रकार से विश्वास करने योग्य हैं अथवा नहीं है क्योंकि अगर कोई भी प्रोडक्ट आपके सामने लाया जाता है तो उसके विषय में वो तो अच्छे-अच्छे बातें bataenge लेकिन एक सबवे समाज को चाहिए की उसके विषय में वो बातें भी बताएं जो अक्सर chhipai गई है और जो unmen विरोधाभास पैदा करती है उनकी बताई हुई क्वालिटीज के विरोधाभास उसके उलट पैदा करती हैं या वास्तव में होती है सामाजिक सुधार के sakshatra में आप हमारे सहयोगी बने इसी प्रकार से जितने भी पाखंड संसार में समाज में रचयिता से हुए हैं चाहे वह हिंदुओं में ही व्याप्त क्यों ना हो इन सबको निकल कर बाहर fenkane के लिए आप सत्य सनातन यूट्यूब चैनल के साथ में बने रहे यह वीडियो यदि आपको लगता है जानकारी से भरपूर है तो उसको संकेत साथ में शेयर अवश्य करें इस चैनल को सब्सक्राइब करें और अपने सभी मित्रों से अवश्य karaen आगे भी हम इसी प्रकार के pakhandon को उखाड़ rahengane वाले वीडियो तर्कसंगत वीडियो लेकर के आते रहेंगे मेरे संग बोलिए सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

No comments:

Post a Comment

😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।

में एक बार क्या हुआ कि उनका खूब सारा लोगों ने आप जैसे यह दोनों ने बहुत विरोध किया और उन विरोध करने वाले लोगों ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी...