मित्रों आज हम बात करने वाले हैं कि कब-कब इस्लामिक झंडे मंदिरों के ऊपर फहराए गए कब-कब मंदिरों के सामने हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने वाले तथा उनको सीधे-सीधे जान से मारने की धमकी देने वाले वीडियोस बजाए गए आज हम चर्चा करने वाले हैं उन गद्दार हिंदू पत्तल कारों के विषय में जिन्होंने कहा कि राम गोपाल मिश्रा को गोली इसलिए मार दी गई क्योंकि उसने हरा झंडा गिरा दिया था आज मैं आपको ऐसे दर्जनों वीडियो भेजूंगा और ये सारे वीडियो आप मेरे टे ग्रा तथा उन पर देख सकते हैं जहां पर मैं आपको नंगा सच दिखाने वाले वीडियोस क्लिप भेजता हूं ताकि आप इनको देख सकें वो वीडियोस जो हम youtube's को भी अवश्य ही जवाइन करें लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिंदुओं को न्याय की देवी का श्राप क्या था हिंदुओं को न्याय की देवी ने जो हजारों वर्षों पूर्व श्राप दिया था हम आज तक उस श्राप से उभर नहीं पाए हैं जिन्होंने मेरा कोर्स ढाई मोरचे का चक पड़ा है उनको पता है कि न्याय की देवी ने हमें कौन सा श्राप दिया था और उससे उभरने का क्या तरीका है हजारों वर्षों से जो हम शारीरिक आर्थिक और मानसिक गुलामी आज तक ढो रहे हैं उसको तोड़ने का तरीका क्या है मेरे हिंदू भाइयों बहनों राम गोपाल मिश्रा जी की पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आ चुकी है यह वीडियो भी मैं अपने से पेश आया गया था इसके नाखून उखाड़ लिए गए इसको करंट लगाया गया इसका सिर फाड़ दिया गया इसकी गर्दन पर वार किया गया और यही नहीं इसको मरते दम तक पीटा गया इसको गोली मारी गई 35 छर्रे इसके शरीर से मिले हैं और इसमें भी देखिए कि महिलाओं और बच्चों का पूर्ण योगदान था छतों से पत्थर मिले हैं वहां पर बंदूक प्राप्त हुई है और भी बहुत सारे ना जाने कितने अलाह बरामद हुए हैं लेकिन आप देख लेना न्याय की देवी का श्राप है कि वो न्याय आपके पक्ष में नहीं होगा बल्कि उन्हीं के पक्ष में होगा क्योंकि उन्होंने पहले ही सब तरह के हथियार जुटा रखे हैं उनके वकील जज थाने ऑलरेडी खरीदे हुए हैं उनके टूटे-फूटे घरों में भी महंगे महंगे हथियार मिलते हैं और हमारे महंगे महंगे घरों में भी कोई हथियार नहीं मिलता बल्कि आईफो मिलते हैं दो लाख रुपए के क्योंकि हमारे तो कथावाचक भी यही कहते हैं कि हम तो जैसे ही नया फोन आता है आ एकदम से उसको खरीदते हैं पापा को कह देते हैं लेकिन जब मैंने आपसे कहा कि 37 का ही हथियार खरीद लो इस हथियार से आप ही नहीं आपकी पुश्ते बच जाएंगी एक ऐसा हथियार जिससे पूरा का पूरा गांव बच सकता है लेकिन उसमें हिंदुओं के हाथ पैर कांपने लग जाते हैं लाइसेंस लेंगे हथियार लेंगे बंदूक लेंगे लेकिन दिमाग के अंदर जो हथियार पैदा करना था वह आपने नहीं किया राम गोपाल मिश्रा की यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट थूक की है उन हिंदुओं के मुंह पर जो अपनी दुर्गा माता के आटो हाथों में हथियार देते हैं लेकिन खुद एक डंडा तक लेकर नहीं चलते जिनसे एक अपना भाई नहीं बचाया गया वो मूर्ति के टूटने पर रोश मना रहे हैं अब देखिए यह वीडियो ओम नीचे लिखा हुआ है ऊपर हरा ध्वज लगाया जा रहा है और गाना क्या बजाया जा रहा है कि हम गाजी हैं मैं यहां है लेकिन मुसलमानों से मैं पूछना चाहता हूं कि कितने हिंदुओं ने तुमको गोली मारी थी और यह हर साल का इन लोगों का ड्रामा है मंदिर में घुस कर के पेशाब करते हुए इस मोहम्मदी का वीडियो देखिए इसको गोली नहीं मारी गई थी इसको जिंदा पकड़ा गया और पुलिस को सौंप दिया गया था छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति के सामने यह इस्लामिक झंडा फहराते हुए मुसलमानों को देखिए इनको भी किसी भी मराठी ने गोली छोड़िए थप्पड़ तक नहीं मारा था यह आज तक पुलिस में पकड़े नहीं गए हैं लेकिन दुर्गा मूर्ति का हाथ तोड़कर खंडित कर देने पर उनका झंडा गिरा देने मात्र से इतना रोश उत्पन्न हो गया कि उन्होंने देश का कानून अपने हाथ में ले लिया जिस संविधान की ये या चंद्रशेखर रावण या मायावती रात दिन दुहाई देते हैं उसी को तोड़ने का काम किया इसका अगला वीडियो देखिए ठीक मंदिर के सामने से हथियार लहराते हुए छोटे-छोटे बच्चे मुसलमान यह धमकी देते हुए गाने चला रहे हैं कि भारत का बच्चा-बच्चा हमारे पैगंबर और हमारे ख्वाजा का नौकर है उसका गुलाम है जो लोग कह रहे थे कि रामगोपाल मिश्रा को मुसलमानों के मोहल्ले से नहीं निकलना चाहिए वही मुसलमान हर साल अपना ताजिया लेकर हथियार लहराते हुए हिंदुओं के मोहल्ले से निकलते हैं और उनको गाली देते हैं लेकिन किसी हिंदू का खून नहीं खोलता तीसरा वीडियो देखिए मंदिर के सामने हथियार लहराए जा रहे हैं गालियां दी जा रही हैं हिंदुओं को इस्लामिक झंडे फहराए जा रहे हैं और यही वह जुलूस होते हैं जिनमें इस्लामिक के साथ-साथ में पाकिस्तान तक के झंडे फहराए जाते हैं हिंदुओं को गंदी और भद्दी गालियां मिलती हैं लेकिन उसके बावजूद भी किसी ने कुछ नहीं बोला था राम गपाल मिश्रा को इसलिए मार दिया गया क्योंकि उसने वहां हरा झंडा उतारकर भगवा झंडा लगाने का प्रयास किया था यही कह रहे हैं ना आपके सारे के सारे बिके हुए पत्तल का और जातिवादी लोग लेकिन मंदिर और ओम के ध्वज के ऊपर यह फहर हुए हरे झंडे देखिए गणपति के ऊपर फेरता हुआ यह झंडा देखिए चौथा वीडियो देखिए हाथों में हथियार देखिए संख्या गिनने भारी पड़ जाएंगी इस्लामिक गाने चल रहे हैं लेकिन पुलिस से बचने के लिए तिरंगे फहराए जा रहे हैं अब याद कीजिए उन लोगों को जो लोग कहते हैं कि कावड़ ये तिरंगा लेकर चलते हैं ताकि पुलिस उनको ना छेड़े लेकिन क्या यहां पर यह लोग आरएसएस या आर्य समाज से संबंधित हैं क्या यह वीडियो जन्नत से आया है या फिर जुम्मा ग्रह से आया है नहीं यह हिंदुस्तान का वीडियो है यह उसी हिंदी बेल्ट का वीडियो है जहां पर हिंदुओं को सबसे ज्यादा प्रताड़ित किया गया था लेकिन जातिवादी हिंदू खास तौर पर मुलायम सिंह पार्टी से संबंधित लोग हिंदुओं को गाली दे रहे हैं कि देखिए रामगोपाल मिश्रा नफरत था इसलिए जान से मारा गया मैं पूछना चाहता हूं कि इतने सारे वीडियोस मैंने आपको दिखा दिए क्या इसमें किसी एक मुसलमान को भी आहत किया गया इस्लाम में संगीत हराम है नाचना गाना डीजे वगैरह सब हराम है लेकिन हिंदुओं की भावना आहत करने की बारी आए तो इसे सुन्नत माना जाता होगा शायद इससे ही जन्नत अता होती होगी पांचवी वीडियो में देखिए साफ और स्पष्ट आपको मंदिर दिखाई दे रहा है और मंदिर के सामने नाचते हुए यह हथियारबंद सूअर भी दिख रहे होंगे इनके हाथों में इस्लामिक झंडे हैं और यह हिंदुओं को गाली देने वाले डीजे पर गाने बजा रहे हैं लेकिन किसी मुसलमान को आहत नहीं किया गया था ये सारे के सारे यहां से हिंदू को गाली देते हुए आगे बढ़ गए थे पुलिस इनकी सुरक्षा में लगी हुई थी अगला यह वीडियो देखिए मंदिर के सामने पूरे स्वरों के बच्चों की फौज है हाथों में हथियार हैं सारे नाबालिक लड़के हैं अब कोई भी मुस्लिम पत्तल का यह नहीं पूछेगी कि इनमें लड़कियां कहां है जैसे कि वो होली के त्यौहारों पर पूछती हैं इनके हाथों में हथियार हैं ये सारे नाबालिक हैं मंदिर के सामने से गुजर रहे हैं और हिंदुओं को जान से मारने की धमकी देने वाले नारे लगा रहे हैं उनको काफिर बता रहे हैं और कह रहे हैं कि हमसे जो टकराएगा वो मिट्टी में में मिल जाएगा इनसे कौन टकरा रहा है जरा विचार कीजिए लेकिन यह केवल और केवल अपने पड़ोसी हिंदुओं के दिलों में खौफ भरने का एक तरीका मात्र है यह वीडियो देखिए महाराणा प्रताप की मूर्ति लगी हुई है और उसके सामने जो भी आया सामने उसको चीर और फाड़ के डीजे पर सोंग्स चल रहे हैं कौन इनके सामने आ रहा है कौन इनका विरोध कर सकता है हिंदुओं से इनका विरोध हो सकता था लेकिन उनको यह धमकियां दे रहे हैं और वो भी तब जबकि मंदिरों के ऊपर हरे ध्वज लगा दिए गए हो यह वो वीडियोस हैं दोस्तों जो कभी सोशल मीडिया पर आते ही नहीं हैं आपको सोशल मीडिया पर केवल वो वीडियो दिखाई देंगे जिसमें कि मस्जिद के सामने गाना चल रहा है कि जो देशद्रोही है उसकी मां का घोषणा लेकिन जो देशद्रोही है उससे मुसलमान ही हमेशा अपने आप को क्यों कनेक्ट करता है क्या मुसलमान देशद्रोही है क्या वह यह गाना सुनकर उसको अपने ऊपर लेता है क्या देशद्रोही उसका निकनेम है या उसका वास्तविक नाम है वो क्यों भड़कता है यह बात सुन कर के क्योंकि उसके अंदर जो पाप बैठा हुआ है वह डोलता है वह बताता है कि कहीं ना कहीं तुम ही को इंगित करने के लिए गाना चलाया गया है वरना उनको तो इस गाने पर खुद नाचना चाहिए कि हां वास्तविकता यही है कि जो देशद्रोही है उनको वास्तव में इसी प्रकार का ट्रीटमेंट मिलना चाहिए लेकिन वो इसको अपने ऊपर लेते हैं और हिंदुओं के ऊपर हमले करते हैं यानी कि स्पष्ट सी बात है वो भी मानते हैं हैं कि वही इस देश के द्रोही हैं तो उनकी मां का घोषणा तो सभी को मिलकर करना चाहिए था लेकिन अफसोस कि हमारी पुलिस भी उन्हीं को प्रोटेक्ट करती है शिवजी की मूर्ति के सामने से जबरदस्त यह ताजिया निकाला गया जिसमें कि इस्लामिक झंडे फैर रहे हैं और यहां मूर्ति भंजन की बात हो रही है हाथों में हथियार हैं इतना कड़वा सच आपको कोई नहीं दिखाएगा कोई भी अपने चैनल या अपने वीडियो के डिमॉनेटाइज होने का खतरा नहीं उठाना चाहता लेकिन हमारा काम है आपको य सच्चाई यां दिखाना इस पर मैंने एक पूरा का पूरा कर बैठे रहेंगे अगर आप कुछ भी नहीं करेंगे तो भी आपका वह हशर होना ही है क्योंकि या तो आपको गर्दन कटवा है या फिर खतना उससे पहले यह जॉम्बीज रुकने वाले बिल्कुल भी नहीं हैं अगला वीडियो गोरखपुर का है भव्य मंदिर है लेकिन सामने ला इलाहा के झंडे फहर रहे हैं मुसलमान बताना चाहते हैं कि हम किसी को भी बकने वाले नहीं हैं चाहे वह कोई भी क्यों ना हो आपकी पवित्रता गई भाड़ में तेल लेने लेकिन इस्लामिक लोग हमेशा हिंदुओं की भावनाओं को इसी प्रकार से जूते की नोक के नीचे रौद दे आए हैं उनको आज भी लगता है कि हम वही 800 साल पूर्व के शासन में हैं या फिर उसको वापस लाने के रास्ते में हैं लेकिन हिंदू सोचता है कि अभी भी भाईचारे की पीपनी बजाने से काम चल जाएगा आप जरा देखिए कि हिंदुओं की इन लगातार होती हुई हत्याओं पर ना कांग्रेस ना समाजवादी पार्टी ना अन्य लिबरल या फिर वामपंथी गिरोह कुछ बोल रहे हैं उन सब की सिंपैथी उस अब्दुल हमीद के साथ में है जिसके घर में मिश्रा की हत्या की गई थी आप सभी जानते हैं कि नबी मोहम्मद के नवासो की जान बचाने के लिए हिंदुओं ने खास तौर पर राजा दाहिर ने अपना पूरा का पूरा परिवार दांव पर लगा दिया था लेकिन उन्हीं हसन और हुसैन के याद में निकाले जाने वाले ताजिए यानी कि मातम हिंदू मंदिरों पर ही हमले की तरह पेश आते हैं इन लोगों के हाथों में हथियार देखिए क्या इनका मंदिर के साथ में कोई हिसाब किताब बाकी था क्या यह हिंदुओं को डराकर इस प्रकार से हिंदुस्तान के अंदर आराम से रह सकते हैं हां बिल्कुल रह सकते हैं क्योंकि हिंदुओं ने एक तो अपने इतिहास को नहीं पढ़ा और न्याय की देवी के जो श्राप लगे हुए हैं उनसे बचने का कोई प्रयास भी नहीं किया द्वारकाधीश के सामने का यह वीडियो देखिए हिंदुओं के बड़े पूज्य मंदिरों में से एक मंदिर है लेकिन उसके सामने भी ला इलाहा के नारे लग रहे हैं मंदिर में घुसने का प्रयास किया जाता है उसी के सामने तलवारें भांजी जाती हैं और आतिशबाजी की जाती है और फिर कहा जाता है कि हमसे जो टकराएगा मिट्टी में मिल जाएगा भारत का बच्चा बच्चा मेरे ख्वाजा का गुलाम है कहा जाता है कि हम गाजी हैं कहा जाता है कि हम काफिरों को नहीं बख्श लेकिन दोस्तों हिंदुओं ने कभी कोई कंकर नहीं उछाली इसको सहिष्णुता समझा जाए भाईचारा समझा जाए या कायरता आप स्वयं बताइए मंदिर के सामने से छोटे-छोटे नाबालिक लड़कों के हाथ में लहर हुए य हथियार देखिए क्या आपने कभी रामनवमी पर या किसी झांकी में लोगों के हाथों में हिंदुओं के हाथों में इस प्रकार के हथियार देखे वह मूर्ति में अपनी अष्ट हस्त दुर्गा के हाथ में तो अस्त्र शस्त्र दे देते हैं लेकिन जब पत्थर मारने से वह टूट जाते हैं तो उनकी रक्षा के लिए इनके पास में एक छोटा सा भिंडी काटने वाला चाकू भी नहीं होता काश कि अगर वह होता तो मिश्रा शायद बच जाते लेकिन वह निहत थे ही वहां पर ड़ जाते हैं निहत्थे लोगों को घरों में घेर करके उनको करंट दे देकर मारा जाता है और हिंदू भाईचारे का पाठ हिंदुओं को ही पढ़ा रहा होता है यह शक्ति प्रदर्शन देखिए ठीक पीछे मंदिर है हिंदुओं का मोहल्ला है जानबूझकर यहां पर अपने आप को गाजी बताने वाले डीजे पर सोंग्स चलाए जा रहे हैं साथ ही साथ 15 मिनट के लिए पुलिस को हटा लो कहने वाला अकबरुद्दीन ओवैसी का बीच-बीच में डायलॉग भी चलाया जाता है अब जरा सोचिए कि इनके हाथों में हथियार कितने हैं इनकी भीड़ भीड़ कितनी है यह हिंदुओं के बीच में जाकर उनको गाली दे रहे हैं अगर पुलिस हट जाए तो वास्तव में यह वह कर सकते हैं जिसके लिए इनको तैयार किया गया है या जॉम्बी बनाया गया है लेकिन मुझे पता है कि अपने भाई जानों के इतने सारे वीडियोस देखने के साथ साथ बहुत सारे सेकुलर हिंदू इस वीडियो को बंद कर चुके होंगे लेकिन मेरा वीडियो दिखाना भी बंद नहीं हुआ है नाक पूछने की जिनको तमीज नहीं आई है जिनका ससु पोटी भी अभी निक्कर में ही निकलता है उनके हाथों में लहरता हुए य हथियार देखिए यह हिंदुओं के खिलाफ खड़े होने वाली एक नई फौज है जो जल्द ही इस देश पर काबिज होना चाहती है पुलिस अभी भी इन्हीं के तलवे चाट रही है नरेंद्र मोदी जी इनके लिए 3000 नई योजनाएं लाने वाले हैं टैक्स पेयर्स का पैसा खींच खींच कर चूस चूस करके इन लोगों में बांटा जाने वाला है बस आप इंतजार कीजिए हिंदू हृदय सम्राट जल्द ही मुस्लिम हृदय सम्राट बनने जा रहे हैं और उनकी पार्टी जल्द ही उनका तुष्टीकरण या तृप्ति करने वाली कांग्रेस बनने जा रही है यह खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है लेकिन हमारी सरकारें सो रही हैं सामने मंदिर है और यह जानबूझकर उसके सामने इस्लामिक झंडा फहरा रहा है लेकिन किसी हिंदू की मजाल के इस पर एक कंकर तक उछाल दे यही हमारी सहिष्णुता हमारी कायरता समझ ली जाती है लेकिन सरकार हो या पुलिस शासन प्रशासन या फौज हमारी इस कायरता को ही हमारा डीएनए समझकर हमें मरने के लिए छोड़ देती है अंतिम वीडियो देखिए यह इस्लामिक झंडे और हथियार हिंदुओं के मोहल्ले में घुसकर दिखाए जा रहे हैं छोटी-छोटी बहन बेटियों को डराया धमकाया जाता है उनका बाहर निकलना पूरी तरीके से दूभर हो जाता है बुजुर्ग लोग इनसे डरे सहमे और घबराए होते हैं जिन मोहल्लों से गुजर जाते हैं वहां से लोगों का पलायन शुरू हो जाता है अब आप जरा सोचिए कि इतने सारे वीडियोस तो अकेले मैंने दिखा दिए लेकिन क्या यह वीडियोस उन लोगों के पास में नहीं है जो राम गपाल मिश्रा की हत्या को जस्टिफाई कर रहे हैं बिल्कुल होंगे लेकिन प्रोपेगेंडा इकोसिस्टम उनका पैसा और उनका आपके प्रति शत्रु बोध एकदम क्लियर है आप लोगों का शत्रु बोध क्लियर नहीं है मैंने पहले भी कहा था कि ₹ 70 का हथियार है पूरा गांव का गांव इस अकेले हथियार से बच सकता है अकेले अगर आपने ले लिया तो पूरा गांव अगर इसको पढ़े तो पूरा गांव प्रोटेक्ट हो सकता है शहर के शहर और पूरा देश का देश प्रोटेक्ट हो सकता है अगर हम उनके इको सिस्टम को समझ जाएं लेकिन बाकी आपकी मर्जी है इंसान 50600 हजार लाइसेंस और लाखों रुपए बंदूक खरीदने में लगा देता है लेकिन उसको चलाने का विवेक किसी के पास नहीं होता वह बुद्धि वह शत्रु बोध होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि हथियार बदल चुके हैं यह नैरेटिव का युद्ध है यह नैरेटिव के युद्ध में नैरेटिव के ही हथियार काम आते हैं और सबसे अच्छी बात यह है कि नैरेटिव के हथियार में लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती वह सिर्फ एक छोटी सी किताब या एक कोर्स में समाहित हो हो सकता है अगर ये वीडियो आपको जानकारी से भरपूर लगे क्योंकि अच्छी तो बिल्कुल भी लगने वाली नहीं है तो इसको सबके साथ में शेयर अवश्य करें अवेयरनेस फैलाएं और साथ ही साथ हमारे egramswaraj.gov.in
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