कि कुछ मेरे मित्र ने पूछा है कि रमजान आने वाले उसके बाद में यह जाएगी तो क्या ऐसे में हमें यदि बुलाया जाए तो क्या उनके घर पर भोजन करना चाहिए तो मेरी अगर सलाह मानें तो नहीं करना चाहिए क्योंकि जिस प्रकार से संक्रमण फैलाते हुए कुछ लोग आपको मिल जाएंगे टोपी वाले गैंग के उसको देखकर तो यही लगता है कि आपको ऐसा नहीं करना चाहिए दूसरी चीज कि हम लोग बड़े ही मार्मिक यदि होते हैं और हम अचानक से जब भी इस तरीके के कोई भी त्योहार आते हैं तो हम सभी को विश करते हैं जिस प्रकार से भारत के निजाम ने भी रमजान के लिए विशेष दी है उन्होंने ट्वीट किया है बकायदा और इस प्रकार से उन्होंने पाकिस्तान को एक बहुत बड़ी क्षति पहुंचा दी है उसका मुंहतोड़ जवाब दिया है उन्होंने अब इस प्रकार से यदि हम रमजान के बाद में किसी के घर पर भोजनादि करने के लिए जाते हैं तो उससे पहले हमें रमजान के विषय में सोचना चाहिए इसको शब्द दिया गया है जो रोजे होते हैं उनको दिया गया है सोम सबद सुणत इसका अर्थ होता है घोड़ों आ ना यानी कि युद्ध की तैयारियां यदि कुछ युद्धों को छोड़ दिया जाए तो हमने जिस प्रकार से पिछले दिनों इस पाठ्यक्रम के साथ में बात की थी और उसने बताया था कि अधिकतर युद्ध ऐसे हैं जो रमजान के दौरान ही लड़े जाते थे और उस युद्ध में भी इन सब लोगों की प्रैक्टिस होती थी कि किस प्रकार से आपको सुबह से लेकर शाम तक बिना भोजन के रहना होता है युद्ध के दौरान आप युद्ध के दौरान तीनो समय भोजन चौथे टाइम चाय यह सब नहीं कर सकते तो यह है जो रमजान है यह पूरी की पूरी तैयारी है एक ऐसी बटालियन की जिसको इस्लाम के नाम से जानते हैं काफिरों के खिलाफ युद्ध की तैयारियां और यह तैयारियां हर साल होती हैं इसको पवित्र नाम दिया गया है जान-बूझकर के ताकि लोगों को उलझाए रखा जा सके ताकि इसकी सच्चाई को लोग ना पहचान सके लेकिन इस दौरान होता क्या है इस दौरान किसी भी गैर-इस्लामिक व्यक्ति को दावा पेश करना यानि कि उसको इस्लाम की दावत देना यह बहुत पवित्र कार्य माना गया है साथ ही साथ जगह इस सब के बाद में कि जो नींद आती है उस समय पर भी मिठाई अधिक बनाई जाती है और गैर इस्लामिक लोगों को बुलाकर के वक्त लाया जाता है यह भी उस दावत का यह दूसरा स्वरूप माना गया है यानी के यदि कोई व्यक्ति आईडियोलॉजिकल तौर पर आपसे उस टाइम पर आप कि अटलजी को स्वीकारना करेक्ट चेतना करें तो भी उसके साथ में मीठा-मीठा बंद करके जरूर रहना चाहिए भविष्य में कहीं ना कहीं वह की तरफ जरूर ही जुट जाएगा इस तरीके का जो दावा है वह किया जाता है तीसरा होता है कि जो आपको कुरान से मिलेगा इसमें भी बताया गया है कुरान के यदि हमारे तो को खंगालें तो उसमें भी बताया गया है कि पहले गैर इस्लामिक लोगों को घरों उनको यह दावा पेश करो यदि वह नहीं मानता है तो उस को समझाओ यदि फिर भी नहीं मानता है तो यह जो रमजान के दिन है यदि यह आराम के दिन को कहा गया है वाकई में यह राम के दिन है इन हराम की दिनों के बीत जाने के बाद में फिर इस तरीके के जो लोग हैं जो अस्वीकार करते हैं उन लोगों की में का भी प्रावधान है इसमें कहा गया है कि उनको गहरा चाहिए उनको घेर वोट करके मार डालना चाहिए यदि वह लोग इस्लाम को स्वीकार न करें यदि अल्लाह को स्वीकार ना करें और वह अल्लाह कौन सा है वह अल्लाह है जो कुरान में है और कुरान किस प्रवीण वह आई थी मोहम्मद के ऊपर और मोहम्मद अल्लाह को जानता है अल्लाह सिर्फ मोहम्मद को जानता है तीसरा इन दोनों के बीच में कोई गवाह है ही नहीं जो बता सके यानी एक दूसरे की पीठ खुजा एक-दूसरे की पीठ थपथपाई इसको सिंपल शब्दों में यह कह सकते हैं कि गंगाधर ही शक्तिमान है और शक्तिमान ही गंगाधर है यह दूसरे कि मैं ही एक-दूसरे के बारे में जानते हैं उन यह इनके अलावा कोई भी इन दोनों के विषय में पूरी तरीके से नहीं जानता है तो इस प्रकार से आप लोग इन सभी समस्याओं को बहुत देखभाल करके गुजारे क्योंकि इस समय पर वह मरने मिटने के लिए तैयार हैं केवल और केवल काफिरों कन्वर्ट करने अथवा उनको समाप्त करने के लिए जो जहर उनके शुक्रवार है वह हम पिछले दिनों से देख रहे हैं कि किस हद तक इन लोगों के माइंड को इनको इनके ब्रेन को व्हाट्सएप किया गया है काफिरों के खिलाफ वह जैसे ही रमजान शुरू हुए साथ हिंदुस्तान के निजाम ने अपने जो डिलीवरी आई थी वह सारे के सारे दिखा करके खोलकर के सामने रखती दुकान अब खुल जाएंगी आदर्श हाउस में रखा जाएगा सब सामान मिला करेगा साथ-साथ तक ट्वीट भी किया जिसमें कहा कि आप सभी को रमजान की मुबारकबाद न खोज रहा था बहुत देर तक सोचता रहा कि क्या पालघर में हुए हमले में जो संत समाज के लोग निर्मम हत्या जिन लोगों की गई चार उनके लिए कुछ भाव भीनी श्रद्धांजलि आधी शब्दों से कुछ भी मोदी जी ने लिखा हो मुझे नहीं मिला कि कुछ एक और लोग जो थे जिनका स्वर्गवास हुआ है उनके विषय मे ने खोजा नहीं मिला है लेकिन क्योंकि निजाम है क्योंकि विश्वास जीतना है इसलिए बड़े-बड़े फैसले लिए गए इस देश का बहुसंख्यक समाज हमेशा से ठगा जाता रहा है आप लोगों ने होली मनाई अपने घरों में रह करके मैंने स्व मनाई घर में जो हल्दी बेसन आधी था तो उसी से ही व होली मनाई गई थी उसके बाद में रामनवमी आई है उसके बाद में फिर सोनिया ने बहुत सारे त्योहार हैं मैं किस-किस का नाम लूं जितना नाम लेता हूं इतना फिर दुख भी होता है बहुत सारी चीजें हुई है लेकिन किसी पर भी हम लोगों को न तो बाहर निकलने दिया गया और ना ही उसको मनाने दिया गया सब लोगों ने अपना मन मसोसकर के जिस भी कैसे भी प्रकार से लोगों ने अपने घरों में रह करके ही अपने निजाम के आदेश का पालन किया लेकिन मैंने आपको अब से 10 दिन पहले यह बात बताई थी फिर जैसे ही 24-अप्रैल से 24 मई तक के लिए को शुरू होंगे उस दौरान भीड़ बढ़ती चली जाएगी लेकिन क्या भारत के निजाम ने इस विषय में कुछ कहा है कि उन्होंने कहा है कि साथ ही साथ आप लोग जो इस तरीके की बेहूदगियां कर रहे हैं उस पर भी थोड़ा कंट्रोल करेंगे नहीं कहा है भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है जो बेहद गया है वह लगातार बढ़ती जा रही है साथ-साथ जो कोण संक्रमित लोगों की संख्या है वह लगातार बढ़ती जा रही है अब हजार बारह सौ तेरह सौ पंद्रह सौ की संख्या प्रतिदिन मरीज जो है वह बढ़ते जा रहे हैं अब जिन लोगों की मौत हो रही है वह संख्या बढ़ती जा रही है कंफर्म जो है उनकी संख्या बढ़ती जा रही है है ऐसे समय में जो संकट है वह बढ़ता जा रहा है लेकिन बाजारों को खोल दिया गया है इसकी वजह अधिक किसी को भी हो सकता है लगे कि भई क्योंकि लॉन्ग गाउन 2.0 है काफी दिन हो गए हैं दिक्कत आ रही थी इस वजह से यह सब कुछ हुआ है है जो दिक्कत है तब थी वह दिक्कत है अब होंगी जो वहां पर भीड़ जमा होगी उसके चलते आप लोग फिर भी दुकानों तक नहीं पहुंच पाएंगे उन्हें संकटों का सामना करते हुए आपको उतना ही सम्मान मिलेगा जितना पहले मिलता था लेकिन इसको जान-बूझकर के विश्वास जीतने के लिए खोला गया है ऐसा मेरा मानना है आप लोगों का क्या मानना है वह आपके ऊपर है लेकिन अगर हम कुछ पॉइंट्स को निर्धारित करते हुए देखें कि जिस प्रकार से लगातार हिंदुओं के ऊपर होते हुए अत्याचार पत्थरबाजी थूक गैंग का सक्रिय होना लोगों को लहू-लुहान तक किया जाना है यहां तक कि आंध्रप्रदेश में एक नर्स के द्वारा जमाती के पैर पकड़वाकर के माफी मंगवाने तक का भी सीन हमारे सामने आया है यहां तक कि पुलिसवाले क्या यहां तक कि सुरक्षाकर्मी क्या सब लोगों को मारपीट कर के बराबर कर दिया गया लेकिन भारत के बीजों का एक भी ट्वीट नहीं आया इससे बहुत फर्क पड़ता है इससे आत्मविश्वास के ऊपर फर्क पड़ता है यह एक बार भी कह दे जाता किस तरीके की बेहद गया बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं होंगी तो क्या घट जाता मुझे नहीं लगता कि बहुत ज्यादा कुछ घट जाता लेकिन इससे लोगों में आत्मविश्वास आता वह जिनको हम देवदूत कहते हैं चाहे वह डॉक्टरों चाय हमारे सुरक्षाकर्मी हो उनका कम से कम थोड़ा कहीं ना कहीं आत्मबल बढ़ता लेकिन उसको बढ़ाने का प्रयास नहीं किया गया अजाने लगातार चल रही हैं अजान से मतलब क्या अजवाइन का मतलब यह के लोगों को बुलाने के लिए आ जाओ अब अब शुरुआत में अजान की जाती है इसका मतलब क्या होता है आओ बुखार ने के लिए लेकिन लॉन्ग गाउन में आएगा कौन सबके लिए तो मना ही है फिर किसको बुलाया जा रहा है बार-बार तो क्या आप मेरठ के उस बाजार की भीड़ को भूल चुके हैं जिसमें हजारों लोगों का हुजूम लगा करके उस टाइम पर खरीदारी कर रहे हैं तो आपने क्या वह चित्र भुला दिए हैं वह वीडियोस भुला दिए हैं जो पिछले रविवार ही आजादपुर मंडी से आए थे या उससे पिछले रविवार क्या भूल चुके हैं या उससे पिछले रविवार के या इन लोगों के क्षेत्रों से जो भीड़ के चित्र आते हैं क्या उनको भूल चुके हैं लेकिन आओ की पुकार ही क्यों यह इसलिए ताकि लोगों को बताया जा सके इस लुक डाउन में दूर तक आवाज पहुंचाई जा सके कि नहीं है इस अल्लाह के अलावा कोई सत्य पूज्य असद 0 मोहम्मद उर रसूल अल्लाह यानि कि मैं गवाही देता हूं कि मोहम्मद ही उसका रसूल है वह कौन दे रहा है मौलाना उसने क्या मोहम्मद को देखा है कि वह कौन देगा कमाई वह दे सकता है जिसने किसी को देखा है तो क्या अल्लाह यहां पर गवाही दे रहा है कौन गवाही दे रहा है और यहां के बहुसंख्यक समाज और जितने भी गैर मुस्लिम लोग हैं उनकी भावनाओं को आहत करने के लिए केवल एक है ताकि उनको बताया जा सके कि तुम्हारी कोई औकात नहीं है और अल्लाह के अलावा कोई भी पूज्य नहीं है अर्थात जो आप अपने घरों में पूछते हैं जिनको आप अपने घरों में बैठकर के आजकल लोगों में पूछ रहे हैं वह सब के सब पूज्य नहीं है आपके सिर पर चढ़कर के एक अजान में तीन बार और दिन में पांच बार योनि के दिन में 15 बार और साल में जितनी बार होगा मल्टीप्लाई करके देख लेना आपकी भावनाओं को आहत करने के लिए बार-बार कहा जाता है और उन्हीं भावनाओं को धार्मिक भावनाओं को बार-बार आहत करने वाले लोगों को यह छूट दी जा रही है भारत के निजाम की तरफ से जो कि अक्षम्य होगी इस वीडियो के अंत में मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि जो लोग पूरे गैर-इस्लामिक संसार की भावनाओं को एक स्थान पर खड़े होकर के दिन में 15000 गाली देते हो 15 बार उसको कोसते हो बंद शुक्र उनको नकारते हो 15 बार उनके पूर्वजों को दुत्कार तय हो नकारते हो उन लोगों से हमें कोई उम्मीद नहीं है और वह लोग हमें पाठ न पढ़ायें कि हम नफ़रत फैला रहे हैं या हम आप लोगों से नफरत करते हैं क्योंकि कोई भी व्यक्ति सच्चाई यदि बता रहा है उसकी सच्चाई का या तो जवाब दिया जाना चाहिए और या फिर अपना मूल लेकर दफा हो जाना चाहिए भारत के निजाम से हमें इस तरीके की कोई उम्मीद नहीं थी लेकिन वैसा ही हुआ जैसा कि हमें उस समय पर शंकाएं थी हो सकता है कुछ राजनीतिक लोगों की भावनाएं मेरे इस विडियो से बात हुई हूं मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि मैं यह मानता हूं कि मेरे धर्म की रक्षा यदि नहीं हुई तो मेरी इस पूरी कौम की रक्षा नहीं हो सकती हैं मेरे संग बोलिए सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।
में एक बार क्या हुआ कि उनका खूब सारा लोगों ने आप जैसे यह दोनों ने बहुत विरोध किया और उन विरोध करने वाले लोगों ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी...
-
हेलो दोस्तों प्रतीक्षा समाप्त हुई सनातन से तू आ चुका है सनातन सेतु का लिंक अब हर जगह पर आपको मिल जाएगा हमारे जितने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म...
-
लुट नमस्कार दोस्तों आप सबका एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने YouTube चैनल सत्य सनातन में बहुत समय एक बाद पाठक जब एक बार फिर से हमारे साथ...
-
मैं ये पूछना चाहती हूं जो ये भी पौराणिक जो ये कहते हैं कि महिलाओं को वेद पढ़ने का अधिकार नहीं है तो मुझे बता दो क्या तुम्हारे घर में सरस्...
No comments:
Post a Comment