ठीक है दवा क्वेश्चन आते में लोगों को मैंने समझाया कि भैया आप लोगों को आर्य समाज के लोगों को कुछ भला-बुरा करने से पहले 10 बार इस बात को सोचना चाहिए कि जिस समय यहां पर निजाम का राज था उस समय मंदिरों की रक्षा करने के लिए सनातन धर्मियों के मंदिरों की रक्षा करने के लिए भी आर्यसमाजी वीर दल खड़े होते थे इस बात को लोगों को भूलना नहीं चाहिए चाहे डायन सरस्वती महाराज ने खंडन किया होगा मूर्तिपूजा का लेकिन इन मूर्तियों के रक्षा के लिए वे आर्य समाजी बंद वगैरह करके धंधे ले करके खड़े हुए और इस प्रकार के इन वीरों को निर्माण किया स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज ने जिनको हम भूल नहीं सकते हैं नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है आज का विषय है कृष्णा एंड हिस लीला इस नाम से एक बहुत अश्लील फिल्म बनाई गई है नेटफ्लिक्स पर आई है राणा दग्गुबाती इसके निर्माता है जिनकों भल्लाल देव के नाम से भी जानते हैं और इस तरह की बहुत सारी फिल्में भी तक आ करके जा चुकी है इसीलिए इस वीडियो में मैं समीक्षा करूंगा कि क्यों लगाता अपने सभी फिल्में आ रही है लगातार आए चली जा रही हैं हिंदुओं का जितना चीरहरण हो सकता था वह किया जा रहा है हर वेब सीरीज में हर फिल्म में लेकिन यह रुकने का नाम क्यों नहीं ले रहा है इसके पीछे हम और आप भोजन की जिम्मेदारी है उसके ऊपर में कॉल करके बात करूंगा इसलिए पहले बता दूं कि यह कड़वा सच है जिसको कि आपको दिखाया नहीं जाता है जिसको की बताया नहीं जाता है जिसके ऊपर अक्षर बात नहीं की जाती है लेकिन जब तक आप गंदगी के ऊपर मिट्टी डालते रहेंगे घर के अंदर वह बदबू ऐसे ही मानती रहेगी इसकी सफाई के लिए थोड़ा तो कष्ट उठाना पड़ेगा सच कड़वा होता है लेकिन वह कड़वा सच दवाई का काम करता है जहर का नहीं अभी तो जो भी कुछ हमने देखा नेटफ्लिक्स पर सेक्रेट गेम हो चाहे वह लीला हो चाहे अब यह जो शरीर जाए है उससे पहले लवरात्रि नाम की फिल्म आई थी या फिर पाताल लोक हो छिपा हो और इसके साथ-साथ गॉडमैन भी एक आई थी फिल्म ug5 पर उसको हटवा दिया गया लेकिन ऐसे यह बहुत सारी सीरीज हैं साथ-साथ आर्मी का जो मनोबल तोड़ने का काम है वह भी साथ-साथ चलता रहता है महिलाओं को किस प्रकार से उनकी अश्लील जितना भी चरित्र चित्रण किया जा सकता है रसभरी जैसी फिल्मों के द्वारा वह किया जाता रहेगा हिंदू को इस प्रकार से बदनाम किया जाता रहेगा 70% फिल्मों में हिंदू आतंकवाद कहें या अतिक्रमण बाद कहें तिलक वाले गुंडे कहें या भगवा साफा कि डालने वाले गुंडे कहे यह सब चीज चलती रहती हैं सिखों और हिंदुओं का जितना मजाक उड़ता है उससे हम और आप अछूते नहीं है यह जो फिल्म बनी है इसमें डिनोट किया गया जान-बूझकर के श्रीकृष्ण और उनकी प्रेमिका का जिस प्रकार से वर्णन रासलीला में होता है उन राधा जी का लेकिन अभी तक उनको परमपिता परमेश्वर भगवान मानने वाले लोग सड़कों पर नहीं आए बाहर नहीं निकले वह भी WhatsApp यूनिवर्सिटी पर फॉरवर्ड मैसेज को पढ़ पढ़ कर के वीडियोस बना रहे हैं लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं हैं और इसमें जो सबसे बड़ा फैक्टर को यह है कि 1920 से लेकर के जब कभी श्री कृष्ण महाराज के ऊपर रंगीला कृष्ण और कृष्ण तेरी गीता चलानी पड़ेगी इस तरह की किताबें लिख करके बहुत प्रचारित और प्रसारित की गई थी यही नहीं माता सीता जी के ऊपर भी एक आपत्तिजनक टाइटल के साथ में किताब लिखी गई थी तब भी यह सभी लोग अपने बिलों में छिपे हुए थे उस समय पर यदि पंडित चमूपति जी सामने आते यदि उस समय पर महाशय राजपाल जी सामने नाते और उस समय पर सामने आकर के रंगीला रसूल नाम की किताब लिखी होती तो यह सब पुस्तके आज तक भारतवर्ष में बिक रही होती चल रही होती अर्थात जिस प्रकार से गोविंद गिरि महाराज ने कहा कि आर्य समाज तो वह सारा है जिसने भले ही स्वर्ण मूर्ति पूजा करती हो लेकिन मूर्तियों और मंदिरों की रक्षार्थ सबसे बड़ी आर्मी बनाकर कि उन्होंने निजाम की सेना के सामने खड़ी कर दी थी अपनी जान पर लड़ करके अपने प्राणों की आहुति देकर के मंदिरों और मूर्तियों की रक्षा की थी लेकिन इतिहास नहीं बताया जाता है जब हम उन सब लोगों को सपोर्ट करते हैं तब उस पर गौर नहीं किया जाता बल्कि पीठ पीछे से ज्ञान मार्ग के ऊपर कुठाराघात लगातार किया जाता है इस वजह से आज यह दुर्गति हुई है यह है कारण क्योंकि मैं तो इस बात को दो साल पहले कह चुका हूं कि यह जो भक्ति मार्ग और ज्ञान मार्ग यह कैंची के दो फलक की तरह है जिसके बीच में यदि कोई भी आएगा तो वह कट जाएगा कट करके टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा लेकिन इस बात को हमेशा अवॉइड करके दूसरी तरफ रखकर के हवन करने वाले समाज के ऊपर हमेशा प्रहार होता रहा है मित्रों जिस समय पर आजादी से पहले खलीफत आंदोलन चला जिस समय पर नोवाखली हुआ उन समयों पर डर के मारे बहुत सारे हिंदुओं ने अपना मतांतरण कर लिया था लेकिन उस समय पर स्वामी श्रद्धानंद जी ने लाखों लोगों को कि केरल हो मालाबार क्षेत्र में जा करके स्वम उन्होंने लोगों की घर वापसी कराई थी मेवात के क्षत्रियों को वापस घर वापसी उन्होने कराई थी हरियाणा उत्तर प्रदेश से लेकर के अर्थात नोट से लेकर कि साउथ तक और इस फैसले करके वेस्ट तक आर्य समाज ने जो बुद्धि का कार्यक्रम चला था उसी के कारण उनके सैकड़ों लोगों को जान की बाजी लगाने पड़ी और प्राणों की आहूति देनी पड़ी तब जाकर के रक्षार्थ इन्होंने यह सब कार्य किए थे मैं यह नहीं कहता कि सभी लोग आर्य समाज से रिमूव करके खड़े हुए हैं लेकिन जो इस दोनों समाज को कैंची के रूप में नहीं समझते हैं वह आज भी अत्यंत कटु शब्दों से आलोचना करते हैं मैं एक छोटे से दृष्टांत से बताना चाहता हूं कि इन दोनों विचारधाराओं में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है और जो छोटा-मोटा फर्क भी है उसको लेकर के जो आज दोनों आमने-सामने खड़े हुए हैं उन्हीं के कारण यह फील में बन रही है क्योंकि यदि ज्ञान मार्ग के लोग उस बात का सटीक एग्जांपल देखकर के सिद्धांत देकर के दृष्टांत देकर के समझा दें तो आज कुछ लोग जो है वह उनकी काट करने पर आ जाते हैं यदि भगवान श्री कृष्ण महाराज का इस प्रकार का चित्रण ना किया गया होता इस प्रकार से प्रचारित व प्रसारित ना किया हो गया होता तो आज डायरेक्टर्स एंड प्रोड्यूसर्स की कोई औकात नहीं थी कि लगातार इस तरीके की फिल्में बन रही होती सारी बात छोड़ दीजिए केवल डांडिया रास की बेगम बात कर दो डांडिया रास भी प्रेम रस उसमें भी आंखें चार हो ना और उनका एक-दूसरे के प्रेम में डूबे रहना यही सब दिखाया जाता है यदि भगवान श्री कृष्ण महाराज के पुत्र सुदर्शन धारी स्वरूप का वर्णन किया गया होता तो यह झक मारते कुछ भी करते लेकिन उसी स्वरूप को आगे रखते लेकिन हमारे जो प्रचार-प्रसार मंडली थी जो भक्तिमार्ग की प्रचार-प्रसार मंडली थी उन्होंने इस रासलीला को तो बहुत आगे तक बढ़ाया जो साथ ही अदृश्य है वह ही दिखाया और वही आजकल फिल्मों में आ रहा है और आए दिन हिंदू अपने माथे में युवा खत्म करता है और कहता है कि हाय रे हमारी भावनाएं आहत हो गई लेकिन उसके पीछे के ज्ञान कर्म को नहीं जान पाता है भगवान श्री कृष्ण महाराज स्वम आठवें अध्याय में इस बात को स्पष्ट कहते हैं कि आपको ध्यान योग साधना करते हुए अपने प्राण को अपने सहस्र ऑयल लेकर के जाना है आपको ॐ का उच्चारण करते जाना है ऐसे समय में जब छठे अध्याय में आसन योग प्राणायाम के विषय में कॉल करके बात की गई है जब ध्यान और उपासना के विषय में कॉल करके बात की गई है जब बताया गया है कि सांख्या है संख्या पूरे ज्ञान के ऊपर बताया गया है कि मेरी उपासना किस प्रकार से हो सकती है लेकिन फिर भी फिर भी हम गलत तरीकों से पड़े हुए हैं यही कारण है कि हम सब लोग जो गलत कि कैसे ईश्वर उपासना कर रहे हैं हम सब लोग अब श्रापित हो चुके हैं और श्रापित होने का परिणाम स्वरूप यह है कि अब हमारी जितनी भी भावनाएं हैं उन पर कुठाराघात कठोर से कठोर आघात हो रहा है कि दृष्टांत से समझाना चाहता हूं मेरे साथ में एक भाई ने बातचीत की और उन्होंने कहा कि आप तो साकार नहीं मानते हो निराकार मानते हो और यही हमारे आपके बीच के झगड़े का कारण है मैंने कहा इस झगड़े को निपटाने नहीं तो यह सारे जितने विधर्मी लोग हैं यह इसका फायदा उठा ले जाएंगे और अब बात होती है साकार और निराकार के ऊपर मैंने का शिकार है तो चेतन भी है अथवा चेतन है तो उन्होंने कहा कि नहीं चेतन है चेतन स्वरूप है तो साकार में यदि चेतन स्वरूप हैं तो जिस प्रकार से साकार चेतन स्वरूप होता है क्या वह उसी प्रकार से ही दिखते हैं इन चर्मचक्षुओं के द्वारा चुकी चेतन और साकार तो इन चर्म चक्षुओं से दिख सकता है यही इनका दुबई है तो उन्होंने कहा कि नहीं वह तो एक अगोचर है वह है एक अगोचर सबके प्राणपति तो हम भी तो यही कह रहे हैं कि वह वाउचर है क्या उनकी शक्ति केवल एक मात्र एक ही स्थान पर है तूने का नहीं वह तो सर्वव्यापक हैं मैंने कहा वही तो हम भी कह रहे हैं कि वह सर्वव्यापक हैं वह वाउचर है और उनकी शक्ति सब जगह पर समान रूप से है कहीं पर भी बैठ करके आप उनका नाम ले सकते हैं और सबसे बड़ी चीज वह चर्म चक्षुओं से दिखाई ही नहीं देते उनका आवास तो प्रत्येक शुद्ध आत्मा के निवास जहां पर होता है उसी हृदय में उनका निवास है और उस हर आदमी को हम शेयर करके नहीं देख सकते हरदा तो साकार है लेकिन उसके लिए मैं ध्यान उपासना और अंतर्मुखी होना पड़ेगा और वह ध्यान उपासना का पूरा तरीका उन्होंने श्रीमद भगवत गीता जी में बताया हुआ है फिर उसके बाद आया कि वह कण-कण में व्यापक हैं कण-कण में व्याप्त हैं तो मैंने कहा कि वह कण कण में व्याप्त हो अथवा ना हो लेकिन यहां पूरा अनंत ब्रह्मांड उस एक ईश्वर में ही व्यस्त है बस इतनी सी बात है और हम कहते हैं कि वह सर्वत्र विद्यमान है वह मूर्ति में भी है लेकिन प्रॉब्लम यहां हो जाती है जब कहते हैं कि मूर्ति में ही है ईश्वर सर्वव्यापक है और यह अनंत ब्रह्मांड उस ईश्वर मे व्याप्त है इतना सा बस थोड़ा सा थोड़ी सी बात है इतना सा बस फर्क मात्रा है यदि यह दूर हो जाए तो इन लोगों की कोई औकात नहीं है यह हमारे महापुरुषों हमारे भगवान हमारे परम पिता परमेश्वर किसी का भी ईवन हमारे जो प्रतिक चिन्ह है इवन जो हमारी कथाएं हैं उनके ऊपर भी एक पर भी सवाल नहीं उठा सकते हैं लेकिन यह कारण बन चुका है कि अंकुर आर्य पिछले दो साल से लगातार एक समन्वय की भावना से लगा हुआ है लेकिन कि एक 1992 का केस अजमेर दरगाह का केस उठाने पर उसके ऊपर तैयार हो जाती है लेकिन जिनको हम भगवान मान रहे हैं परमपिता परमेश्वर मान रहे हैं उनके ऊपर लगातार लांछन लग जाते हैं उनके ऊपर कोई fir नहीं होती है एक YouTube चैनल नहीं हजारों YouTube चैनल मैं आपको दिखा दूंगा लाखों वीडियोस दिखा दूंगा जिसमें इस कदर चरित्रहरण किया गया है भगवान का इस कदर उस इतिहास को तोड़ मरोड़ कर के दिखाया गया है लेकिन जितने भी धर्म के ठेकेदार हैं सारे के सारे अपनी व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी में लीन है मग्न है अपने मठों को बढ़ाने में लगे हुए हैं एक पर भी केस नहीं किया आ संस्था के ऊपर सवाल किया एक कॉमेडियन ने तो तुरंत केस कर दिया लेकिन जिसको परमपिता परमेश्वर कह रहे हैं उनका कितना भी चरित्रहरण हो जाए कितना भी उनके ऊपर आरोप प्रत्यारोप लग जाए लेकिन यह लोग उनके ऊपर केस नहीं करते हैं यही विडंबना है और आपको यह बात समझ अपने पड़ेगी के यह लोग ऐसा क्यों नहीं करते हैं उनका चरित्र हरण करने वाले लोगों पर एक्शन क्यों नहीं लेते हैं ज्ञान मार्ग भक्ति मार कुछ लोग कहते हैं ज्ञान मार्ग में क्या भक्तिमार्ग नहीं है ईश्वर प्रणिधान नदवा सिर्फ इतने से सूत्र में पूरा भक्तिमार्ग छिपा हुआ है कभी विस्तार से मैं इसके ऊपर बात करूंगा इस वीडियो में सिर्फ इतना ही आप सब लोग इन फिल्मों का बहिष्कार करें हो सके तो उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जा सके ठोकरें बड़े-बड़े मठाधीश मोटे पेट वाले जितने दुकानदार है वह इस पर कोई कार्यवाही नहीं करेंगे आप सभी लोग आगे बढ़े इनिशिएटिव लें अ ओ मेरे सनम बोली सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम
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😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।
में एक बार क्या हुआ कि उनका खूब सारा लोगों ने आप जैसे यह दोनों ने बहुत विरोध किया और उन विरोध करने वाले लोगों ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी...
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हेलो दोस्तों प्रतीक्षा समाप्त हुई सनातन से तू आ चुका है सनातन सेतु का लिंक अब हर जगह पर आपको मिल जाएगा हमारे जितने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म...
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लुट नमस्कार दोस्तों आप सबका एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने YouTube चैनल सत्य सनातन में बहुत समय एक बाद पाठक जब एक बार फिर से हमारे साथ...
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मैं ये पूछना चाहती हूं जो ये भी पौराणिक जो ये कहते हैं कि महिलाओं को वेद पढ़ने का अधिकार नहीं है तो मुझे बता दो क्या तुम्हारे घर में सरस्...
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