आपको अगर शक्ति का उपयोग करने का है तो वो करना चाहिए और वो सिर्फ कुरान शरीफ के अंदर नहीं है वो महाभारत के अंदर महाभारत के अंदर जो गीता का जो भाग है उसके अंदर भी श्रीकृष्ण के अर्जुन को भी जिहाद की बात ही कहते हैं [संगीत] आपके अपने यूट्यूब चैनल सत्य सनातन में कांग्रेस की हुकूमत थी आतंकवादी बम हमले हो रहे द जिस प्रकार से पब में बंदूक टैंकर के लोगों को मारा जाता है की उसी प्रकार से हिंदुओं को मारा जा रहा था उनकी दनादन हत्याएं हो रही थी लेकिन हमारा जो होम मिनिस्टर था वह समय पर लगातार सूट बदल रहा था जो सूट बूट की सरकार कहकर के तत्कालीन हुकूमत को सरकार को गलियां देते हैं उनको अपने गिवन में अपने कोर्ट के गिरेबान में झांक लेना चाहिए पुस्तक का विमोचन करने के लिए पहुंचने हैं और पाटिल वहां पर कहते हैं की जिस प्रकार से कुरान के अंदर जिहाद के बारे में कहा गया है आदेश दिया गया है ठीक उसी प्रकार से श्रीमद् भागवत गीता जी में भी कहा गया है इस विषय में बहुत सारे लोग होंगे कहेंगे की नहीं दोनों एक समान नहीं है कुछ लोग यह भी कहेंगे की शिवराज पाटिल ने एकदम सही कहा है मैं आपसे बार-बार यही कहता हूं की केवल नाम धारी हिंदू ना बनी है विचार धारी pragyavan विवेक बुद्धि से युक्त हिंदू और सनातनी बनिए क्योंकि कुरान और गीता की तुलना हो ही नहीं सकती है गीता जी में कहीं पर भी किसी भी मोमिन को ईसाई को यहूदी को बरसी को फारसी को मरने की बात नहीं कही गई केवल और केवल ये कहा गया है की जो भी धर्म कार्य करता है केवल और केवल उसके साथ में युद्ध करना है मेरे पास में यह पुस्तक के भी पालीवाल जी के और उनका पूरा साहित्य सनातन है पर उपलब्ध है मैंने कई बार अपील की है की आप लोग जो है इस पुस्तक को खरीदे उनका पूरा का पूरा साहित्य खरीदिए और वहां से आपके जो ज्ञान चक्षु है वो खुलेंगे ताकि आपको कोई भी वैचारिक खतना ना करने पाए चाहे वो जन्म से मौलाना हो और चाहे फिर नामधारी हिंदू और वैचारिक मौलाना या जिहादी या fidaahin हमलावर हो जिस प्रकार से पाटिल नहीं है बात कही है उसका पूरा-पूरा में जवाब दूंगा लेकिन साथ ही साथ मैं आप लोगों से ये भी कहना चाहूंगा की सनातन है पर जो आपका साहित्य मौजूद है उसको प्लीज अवश्य खरीदेगा अब सबसे पहले हम बात करते हैं की क्या भगवान श्री कृष्ण ने कहा की गैर हिंदू या गैर सनातनी की हत्या करनी चाहिए उन्होंने ऐसा कहीं पर भी नहीं कहा लेकिन मैं आपके सामने दो सबसे बड़े सबूत जो मैंने पिछले वीडियो में रखे द वह यहां पर रखना चाहूंगा आप इस आयत को padhiyega जरा आयत संख्या साथ में दोस्ती नहीं करनी है 489 में भी स्पष्ट कहा गया है और इन आयतों में यहां तक कहा गया है की यदि वो इस्लाम को काबुल ना करें तो उनकी हत्या कर दी जाए इस्लाम को काबुल करना क्या है ला इलाहा इल्लल्लाह को पढ़ना है मोहम्मद या अल्लाह के सामने घुटने टेकना है नमाज को अदा करना है जबकि भगवान श्री कृष्ण कहते हैं की सत्य के मार्ग पर चलो यदि वह लोग धर्म कर रहे हैं तो आप उनके साथ में युद्ध करो उन्होंने युद्ध की चुनौती दी है तो युद्ध का ही पालन करना होगा जबकि इस्लाम ने अपने इतिहास में कभी भी चुनौतियों को स्वीकार नहीं किया बल्कि उनका इतिहास यह बात बताता है की उन्होंने सद्दाम से पीठ पीछे से वॉर किया है अर्थात उन्होंने जो भारतीय परंपरा के युद्ध शैली थी या युद्ध के नियम द उनके विपरीत जाकर के अचना से पीठ पीछे से सोते हुए लोगों पर और छड़ना रूप से उनकी हत्या करने का जो नियम था वह बनाया था इस्लाम के अनुसार उनके मोमिन भाई ही केवल उनके भाई हैं जो की भगवान श्री कृष्ण जो उपदेश दे रहे हैं वहां पर अर्जुन को उपदेश है की वो दुर्योधन और उसकी सी का संघार करें वध करें युद्ध करें यहां पर जो दुर्योधन है या दुशासन है जो उनकी सी है वो भी इसी धर्म को मानने वाले हैं और इस तरफ पांचो पांडव भी इसी धर्म को मानने वाले हैं अब अगर किसी को भी मेरी बात पर यकीन ना हो तो मैं कुरान की कुछ आए द बता रहा हूं हमारे जो मुस्लिम भाई बहन हैं वो भी आयतों को पढ़ सकते हैं कुरान कहता है और सब मिलकर अल्लाह की रस्सी को मजबूत से पकड़ो और फुट में ना पढ़ो अल्लाह की उसे कृपा को याद करो जो उसने तुम पर कारी है तुम एक दूसरे के शत्रु द तो उसने तुम्हारे दिलों को परस्पर एक दूसरे से जोड़ दिया तुम उसकी कृपा से भाई भाई हो गए हो अर्थात जो लोग कन्वर्ट हो करके मुसलमान बने यह उनके लिए उपदेश था की पहले द दुश्मन लेकिन अब तुम भाई-भाई हो गए हो क्योंकि तुम मोमिन हो तुम्हारी किताबें तुम्हारा नबी एक और तुम्हारा अल्लाह एक तुम्हारी मान्यता एक लेकिन महाभारत में श्रीकृष्ण जी जो का रहे हैं वहां पर भाई होने एक धर्म के पालन करने एक खून होने की बात नहीं कही गई कहा गया है की यदि विचार से कोई धार्मिक हो गया है तो उसका विरोध करना चाहिए इसी प्रकार से 8:40 में भी यही बात कही गई है कुरान की 9 11 48 29 में भी यही बात कही गई है मोहम्मद अल्लाह के रसूल है और जो लोग उनके साथ हैं वे काफिरों के मुकाबला में कठोर हैं और आपस में मित्र हैं दयालु हैं इसी प्रकार से कहा गया है संख्या 9 और 10 और इसी तर्ज पर सब मुसलमान ने एक होकर के पाकिस्तान का बंटवारा किया था और उन्होंने कहा था की चाय हम किसी भी फिर कैसे क्यों ना हो हम सबको मिलकर के पाकिस्तान लेना है क्योंकि हम सबका नबी एक किताब एक और हमारे सबका अल्लाह भी एक है गैर मुसलमान को कभी भी मित्र नहीं बनाना चाहिए चाहे वो कितना भी अच्छा क्यों ना हो चाहे वो कितना भी धार्मिक क्यों ना हो चाहे वो ईश्वर में कितना भी विश्वास क्यों ना करता हो चाहे वो कितना भी सत्य का पालन करने वाला व्यक्ति क्यों ना हो उसके साथ में मित्रता कुकुर है पुरी तरीके से गैर इस्लामी कृत्य है और उसे व्यक्ति का भी कत्ल हो जाना चाहिए इस प्रकार का आदेश यह पुस्तक करती है और इस प्रकार की बहुत सारी आए द मैं आप लोगों को पहले बता चुका हूं जिसमें की तीन 389 उसके बाद में 73 18 4 101 4139 44 557 580 60 एक 60 960 13 यह सभी आए तो ऐसी है जिसमें की गैर इस्लामी लोगों को अपना मित्र ना बनाने का आदेश दिया है यही नहीं उन लोगों को इस्लामी लोग यहां पर तो सजा देंगे ही लेकिन जो लोग यहां पर इस्लामी ओके द्वारा सजा से बच जाएंगे उन लोगों को अल्लाह अपनी जहन्नम में सजा देगा और अल्लाह का गैर मुसलमान के साथ जो पक्षपात है उसको भी आप आयत संख्या 226 22841 5 14 5 18 और 5676 39 से लेकर के जितनी भी आए द उन सब में कहा गया है की अल्लाह सब लोगों को लेता है और अल्लाह सब गैर मुसलमान से नफरत करता है अर्थात अगर यहां पर गीता जी की तुलना कुरान से की जाएगी तो ऐसे लोगों के मुंह पर तमाचा ही लग सकता है अन्यथा और कुछ नहीं क्योंकि गीता जी कहीं पर भी धार्मिक मजहबी या पंथ से प्रेरित होकर के गैर धार्मिक लोगों का बहिष्कार करने हत्या करने युद्ध करने चल से मरने का कार्य नहीं बताता है वो केवल और केवल एक ही बात कहता है की जो भी धर्म का कार्य करता है चाहे वो भले ही दूसरे विचारधारा का हो लेकिन धार्मिक ना हो सत्य का पालन करने वाला ना हो वह व्यक्ति जो हिंसा करने वाला ना हो दूसरे की चोरी करने वाला ना हो और यह सारे के सारे नियम कहां आते हैं यह धर्म में आते हैं दोस्तों जितने भी मत पंथ और संप्रदाय बने हुए हैं उनके की कुछ मान्यताएं हैं धर्म का आधार क्या है सत्य अहिंसा प्रेम सोच संतोष निगार ब्रह्मचर्य यह सारे के सारे द्वितीय बुद्धि यहां पर धर्म की वो परिभाषा की प्राप्ति धर्म की परिभाषा है और जिसको इस्लाम तथा कृत धर्म कहा जाता है उसकी परिभाषा क्या है जो व्यक्ति नमाज अदा करेगा जान को सुनकर के उसका पालन करेगा जो व्यक्ति कुरान को पड़ेगा अल्लाह और नबी मोहम्मद को मानेगा जो हज करेगा पंच स्तंभों का पालन करेगा वही मुसलमान है क्या इनका सत्य से अहिंसा से या फिर प्रेम से कोई लेना-देना है वास्ता मतलब है नहीं इस कारण से कुरान और गीता की तुलना बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए यह होने के योग्य ही नहीं है अंत में बस नहीं कहना चाहता हूं की जिस प्रकार से के से कांग्रेस का खत्म हो चुका है 400 से 44 पर आकर के टिक्की है उसी प्रकार से के से कुरान में भी एक दिन लोगों को क्या सच्चाई है और क्या झूठ है पता लगेगा धर्म के ऊपर धर्म की पता का जरूर फिरेगी लोग धर्म की बजाए धर्म का चयन अवश्य करेंगे और एक दिन सबकी आंखें अवश्य खुलेंगे यदि आपको भी यह वीडियो जानकारी से भरपूर लगी हो अच्छे लगी हो शिवराज पाटिल का जवाब हमने यदि सही तरीके से दे पाए हो तो इस वीडियो को सबके साथ में शेयर अवश्य करें और मेरी बार-बार आपसे अपील है केवी पालीवाल जी और pnox साहब का जो साहित्य sanatanhat पर उपलब्ध है उसको आवश्यक सनातनी वैभव को वापस प्राप्त करने के लिए ज्ञान के हिंदू बनिए ज्ञान के सनातनी बनिए मेरे संग बोलिए सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।
में एक बार क्या हुआ कि उनका खूब सारा लोगों ने आप जैसे यह दोनों ने बहुत विरोध किया और उन विरोध करने वाले लोगों ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी...
-
हेलो दोस्तों प्रतीक्षा समाप्त हुई सनातन से तू आ चुका है सनातन सेतु का लिंक अब हर जगह पर आपको मिल जाएगा हमारे जितने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म...
-
लुट नमस्कार दोस्तों आप सबका एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने YouTube चैनल सत्य सनातन में बहुत समय एक बाद पाठक जब एक बार फिर से हमारे साथ...
-
मैं ये पूछना चाहती हूं जो ये भी पौराणिक जो ये कहते हैं कि महिलाओं को वेद पढ़ने का अधिकार नहीं है तो मुझे बता दो क्या तुम्हारे घर में सरस्...
No comments:
Post a Comment