Sunday, 25 January 2026

Live इस्लाम में महिलाओं की हैसियत Ex Muslim Sahil Ankur arya Satya Sanatan

झाल घ्राण में जो अधिकतर बाजी का आदेश प्रसिद्ध दिया हुआ है तो उन जिन्होंने पहले ही पत्थरबाजी के अध्यक्ष अपनी सबसे पवित्र पुस्तक के अंदर दे रखा हो तो दोनों चीजों को पर सवाल होता है उस किताब की क्रिएटिविटी के ऊपर भी के वह कितनी मानवता के पक्ष में है वह कितने ज्यादा उसमें यूनिट यहां से पता लग जाता है और दूसरी चीज कि कोई भी कमी अपनी पवित्र यात्रा के ऊपर चिपक जाता है जब जैसे कि हम लोग यह दावा जाते हैं बड़ राजस्थान जाता है अमरनाथ केदारनाथ सोमनाथ जाते हैं तो इन यात्राओं में भी लाकर होने के बाद आप भी देखिए शैतान को पत्थर बाज वहां पर यह आपको सब कुछ सभी सही है आप दबाव कर रहे हैं आप नमाज पढ़ रहे हैं आपने दिखा दे के पवित्र पवित्र बहुत सारी चीज़ें हो रही है लेकिन उसमें भी आपने हिंसा का थोड़ा सा प्रतिक आपने दिखा दिया वहीं कश्मीर से लेकर दिल्ली और कन्याकुमारी तक कोई पत्थरबाजों यह असल में जो आप और शैतान को पत्थर मारने का जो बोल रहे हो कंकड़ियां मारने का व हजका एक काम है और वह हदीसों में आता है लेकिन अगर आप और कुरान की बात करें तो दौरान उन्हें एक का सूर्य तोबा है सबसे नंबर-9 उसकी आप अ आयत नंबर 29 देखो तो उसमें साफ-साफ लिखा हुआ है कि जो अल्लाह और उसके अलावा और आखिरत के दिन परिमाण नहीं लाते और एकदम मजहबे इस्लाम को फॉलो नहीं करते आप उनसे लड़ाई करो यहां तक के वह जलील होकर जिया देख यार मुझे बिल्कुल भाई एक बात बताओ के यह यह तरीका है चेयरमैन और अगर किसी किसी शहर की किसी मुल्क कि अगर वह ऊपर ऑन हो ठीक है यह प्राइम मिनिस्टर प्रेसिडेंट हो तो वह नेशन कभी आगे नहीं बढ़ेगा कामयाब नहीं होगा यह कितनी की कलियां यह बात क्या है हमारे इसमें फीमेल प्राइम मिनिस्टर हुई है कि नहीं हुई है क्या हमारे देश के अलावा आज जो मौजूदा जो दुनिया में कई सारे मुल्क है उसमें से फीमेल प्रेसिडेंट है या नहीं है अब जर्मन की है जो चांसलर है और उन्होंने इन कबीलाई लोगों के दिमाग में दर्द भी कर रखा है तो हो सकता है उस टाइम भी कोई रही होगी कि जिसकी वजह से बता दिया गया कि पवित्र किताब है और उसका बहिष्कार कराने के लिए उसमें लाइने लिख दी गई हूं तो इस तरीके से कहना यार के यह तो बिल्कुल गलत बातें हमारे सामने हमने कई फीमेल प्रेसिडेंट को देखा है जो मर्दो से अच्छा देश चला रही है पूरा देश यह है उधर वहां का सिस्टम अच्छा है वहां का कानून अच्छा है वहां के लोग खुश है यह क्या क्या मतलब मैसेज इस्लाम दे रहा है मोहम्मद साहब क्या मैसेज देना है क्या उनको ऐसा प्रॉब्लम का औरतों के साथ कि ऐसी बातें सामने रखना है अब देखिए इसके बाद हम जानते हैं कि अब यह बहुत बड़ी खतरनाक तो आपसे पूछूं मैं ना वह तो आप बताओगे उनके जीवन में ऐसी क्या घटना हुई है कि जिनकी वजह से उनको महिलाओं से इतनी दिक्कत हुई है दिक्कत हुई है बिल्कुल नहीं तो यह जो सिस्टम खाना यह जो मोहम्मद साहब का जो जमाना था इसमें इनकी सोच जो है ना बहुत ही मेल डोमिनेंट कर देना उसको सोचती इनको औरतों को आगे बढ़ाना ही नहीं था यह साला कि आप देखोगे मोहम्मद साहब की जो शादी सबसे पहली शादी हुई है और हज़रत ख़दीजा से व्यक्ति के बिजनेसमैन थी हां बिल्कुल और वह पॉप बहुत पावरफुल नदी में पावरफुल बिजनेस वुमेन थी आप उनके व नौकरी करते थे यस प्रयोग किया आपने को कम करो टू यह आइए तो मैं पूछना चाहूंगा कि यह कौन सी है मक्खी है या मदीना की है यह आयत नहीं है यह जो मैंने बताया आपको यह सही बुखारी की हदीस है और हल्दी यानि कि बाधित बाद की बात भी नहीं यार नहीं बात की बात नहीं है यह मोहम्मद साहब के जमाने की बात चल रही है यह जितनी बातें हैं जो हदीसों में आती है यह मोहम्मद सिस्टम साइंस पेड़ अगर निकाल सकते हैं तो क्या हो सकता है वह महक है यह मदीना ही हो सकती है यह अब इसमें तो तय जमाल है वह हमको देखना पड़ेगा क्योंकि इसमें में बर्फ जमाने की बात हो रही है लेकिन खैर वह बात कभी की भी है बात यह है कि मोहम्मद साहब ने उस चीज को बताया है वह बस में एक छोटी सी बात फिर आप अपना आगे बढ़ जाना मैं यह मैं मेरा कहने का अर्थ यह था कि क्योंकि जो मक्का की जाते हैं वह बहुत सोफिस्टिकेटेड लैंग्वेज में और बहुत अच्छी चीजें हैं जे मदीना पहुंचने के बाद की जाते हैं उनमें मृतकों में खूब मुखर को यह वह सब चीजें मतलब कुछ बहुत बातें बोली हैं और इन दोनों हाथों को पढ़कर हमें पता लग जाता है कि आधुनिक उस टाइम पर कहां थे तो आई थी के ने जब हजरत क्या बताया आपने खदीजा की मृत्यु के बाद में जितनी भी महिलाएं उनके जीवन में आई है वह बहुत ही प्रभाव ही और उनके ऊपर पूरी डोमिनेंट सी इनकी बनी रही तो कहीं ऐसा ना हो कि जो स्टार्टिंग उनके स्ट्रगल पीरियड था तो उस टाइम पर तो आई थिंक मुझे नहीं लगता कि इस तरीके की आयत वो खदीजा के रहते टाइम ले पाएंगे वह बात कर चुका है पंखुड़ी में जंगे जमाल जो है ना यह बात की है यानी मोहम्मद साहब के बाद ही है क्योंकि जंगे जमाल जो है वह तालिबान हजरत अली और हज़रत आयशा के बीच में जो बाद में तो जंग हुई थी उसे जल्द ही जमानत है ना जो आदमी एवं मक्का और मदीना की बात की है असल में जब मक्का में मोहम्मद साहब हैं तो उनके जो rs10 थी यानि बहुत कम लोग थे जिन्होंने इस्लाम कबूल किया था कि हिंदू वह पावर में नहीं थे उस वजह से उनका कॉस्ट वर्जन आपको मक्खन वाली आयतों में और उनकी जिंदगी में आपको सॉफ्ट वर्जन थोड़ा देखने को मिलेगा सीरियसली लेकिन जैसे ही वह उनकी स्टैंड बनी आर्मी पावरफुल हुई उसके बाद जो मार्कंड और यह सब गंदगी है स्टार्ट हो रही हूं सब्सक्राइब करने के बाद क्योंकि आप यह स्टार्टिंग शूटिंग में कुरान की आयते उतर रही थी बकौल मोहम्मद साहब के उनको वहीं आंधी जब वह मक्का में थे तो वहां पर उनकी जो कुरान की आयतो धरती है लक उन दिनों कोमली अधीन यह आपको आपका दिन मुबारक हमको हर दिन मुबारक है ना तो वहां पर उनके पास ऑप्शन नहीं था उनके उनको पावर में यानी उनसे लड़कर जीतने का ऑप्शन नहीं था तो वहां पर सफर जनता की ठीक है आपको अपना दिन फॉलो करने का है तो वो करिए और हमको हमारे दिन फॉलो करने दीजिए ठीक है हां सूरह बकरा की आयतें लाइक रहा फिर दीन दीन में कोई जबरदस्ती नहीं और यही डायन वहीं सारे हिंदुस्तान के उलेमा आपको बताएंगे कि गैस बाहर के अरब के अलावा यह शायद कभी वोट नहीं करेंगे क्योंकि उनको मालूम है कि यह आयत जो है वह एडवोकेट हो चुकी है मनहुं की है ठीक है बिल्कुल के लाइक रफीउद्दीन यह कई सारे मुसलमानों को यह जो लंबा है यह ऐसा चूर्ण देते हैं इस आयत का जैसे कि उनको लगता है यार इस्लाम में तो कोई जबरदस्ती ही नहीं आप अपना धीन धीन फॉलो करिए इस्लाम या ना कोई जबरदस्ती नहीं है लेकिन जैसे ही वह मदीना में उनके टैंक भरते गई और जो सबसे आखिरी सूरा जो नाज़िल हुई सूरे तौबा उसने आप मिलेगा जो मैंने सबसे पहले जो आपको बताया कि जहां काफी मिले मुस्लिम मिले उनको मार दो और यह अगर वह अल्लाह का दिन कबूल नहीं करते हैं कि उनसे लड़ाई करो जब तक वह जलील होकर अजिया ना दें बिल्कुल रबड़ हलवा जो है वह लोग भी समझ में आ गई होगी कि मक्का और मदीना में इतना कॉन्ट्रैक्ट क्यों है यह कितना डिफरेंस क्यों है नील धो लें तो यहां पॉवर है बस इसी बात पर थोड़ा सा ध्यान लगाना चाहिए ताकि हमारे दर्शक क्योंकि सिर्फ चीजों को सुनने नहीं अलग पलट कर भी चीज को देखें कहां पर क्या हुआ था किस वजह से ऐसा बोला गया है और यही सवाल मेरे सामने एक बार क्या हुआ बिजी न्यूज़ की टीम इंडिया गेट और बैठा हुआ था तो उन्होंने यही बात बताइए तुम्हारा दिल तुम्हें मुबारक हमारा दिनों में तो मैंने कहा कि इसी किताब यह लिखा हुआ है कि इस्लाम के अलावा कोई दिन है ही नहीं नए इन नड्डी नाइन अल्लाह इस्लाम अ तो फिर ना के नजदीक सिर्फ और सिर्फ इस्लामी यानी कि अल्लाह जो है सिर्फ और सिर्फ इस्लाम कोई कबूल करेगा उसके अलावा आप कोई भी दिन लेकर आओगे वह अल्लाह नहीं कबूल करने वाला फिर तो वहीं किताब तो यह भी कह रही है तो मेरे का आप सिर्फ एक पॉइंट को लेकर के छुआरे हो यहां आपको यह देखना होगा कि कौन सी मत काम में लिखी हुई आए हैं जहां उन्होंने सोंठ सोंठ बोलकर मक्कारी कर दी और कौन सी मदीना है जहां उन्होंने खुलकर बोला है और इसी चीज से बताया जाता है कि आपके सर्कमस्टांसिज के साथ-साथ आपका यह जो आपकी पावर और आपकी डोमिनेंट से बढ़ती चली जाती है वहीं दूसरी दुनिया से आयुध आसमान से या सातवें आसमान से उतरी हुई नहीं बल्कि आपके सर्कमस्टांसिज के अनुसार बदली हुई है लिखी हुई है तो मैंने जब वह बात कही तो वह मंडे को छोड़कर भाग लिया कल आ कर दो

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