Sunday, 25 January 2026

Live डिबेट में जमातियों की पोल खोल डाली घरवापसी पर बडा बयान Satya Sanatan Ankur Arya

यदि तंजीम अच्छा कार्य कर रही है यदि तबलीग जमात अच्छा कार्य कर रही है तो शुद्धीकरण का कार्य कहां से बुरा हो गया बस इतना बता दीजिए ये संदीप सिंह जी दलित चिंतक कम और राहुल गांधी चिंतक ज्यादा लग रहे हैं दलितों को हिंदू ही नहीं मानते आर्य समाज ने अपने समय में जब भी काम किया व दलितों के लिए काम किया सोचि के लिए काम किया वंचितों के लिए काम किया चर्चा के लिए हमारे साथ गेस्ट पैनल जुड़ा हुआ है हमारे साथ समीर सिंह जुड़ गए हैं प्रवक्ता बीजेपी मनीष सिंह हमारे साथ हैं प्रवक्ता समाजवादी पार्टी मेहताब उस्मानी जी जुड़ गए मुस्लिम स्कॉलर अंकुर आर्य जी हमारे बीच में है आर्य समाजी हैं और संदीप सिंह जी है दलित चिंतक बहुत-बहुत स्वागत है आप सभी मेहमानों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि घर वापसी मतलब ऐसे लोग जो भटक कर के दूसरे पंथ या धर्मों के साथ चले गए या किसी मजबूरी वर्ष किसी लालच वर्ष उसको जवाइन किया गया तो अब एक ऐसा मूवमेंट चलना चाहिए जिसका बीड़ा कभी आरएस समाज ने उठाया था या दयानंद सरस्वती जी ने उठाया था तो आज उसकी जरूरत है धर्मांतरण भी रुकेगा इससे आस्था जी जी योगी आदित्यनाथ जी और समीर सिंह जी की अज्ञानता का कल में धीरे-धीरे एकएक आपके सवाल का जो जवाब होगा उससे मैं खोलना चाहता हूं भारतीय जनता पार्टी कब आर्य समाज के लोगों का कब हिंदू समाज के लोगों का कब मुस्लिम समाज के लोगों का कब सिख समाज के लोगों का किसी भी समाज सुधारकों का भारतीय जनता पार्टी ने कभी सम्मान नहीं किया है राजनीतिक रूप से लाभ लेने के लिए सत्ता का हासिल करने के लिए समाज सुधारकों के विचारों का इन्होंने दोहन किया है क्षरण किया है इन्होंने कभी समाज सुधारकों को सम्मान नहीं दिया है कुरार जी आप देख रहे हैं कि विषय और डिबेट किस तरफ जा रहा है जिस धर्मांतरण की बात हुई है या जिस घर वापसी की बात हुई है लोग उसको प्योर चुनावी एजेंडा मान रहे हैं और कह रहे हैं कि इसकी जरूरत नहीं है यह सिर्फ चुनाव जीतने के लिए छोड़ा गया एक शगुफा है धन्यवाद बात सबसे पहले तो आपने कि हमें बुलाया है और सब दूसरी बात मैं बता दूं यहां पर के उसी स्पीच में ही योगी जी महाराज ने कहा है कि मैं पहली बार 95 में यहां पर आया था तब भी उन्होंने अपना पक्ष रखा था और योगी जी महाराज हमेशा जब भी कोई आर्य समाज का कोई कार्य होता है ना केवल उनका पूरा सम्मान करते हैं बल्कि वहां पर हमेशा जाते भी हैं और मुझे बहुत अच्छा लगा कि सपा के नेता हैं उन्होंने यह बात मानी कम से कम कि आर्य समाज जो है वो समाज सुधार का कार्य कर रहा है उन्होंने राजनीतिक कारणों से उसके ऊपर बड़ा आरोप रख दिया वो अलग है लेकिन मैं ये चाहूंगा कि देख मैं राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं यहां पर तो जो धर्म मुस्लिम स्कॉलर आए हुए हैं वो भी राजनीतिक बात कर रहे हैं यह बात गलत है आप बस इतना बताइए कि यदि तंजीम अच्छा कार्य कर रही है यदि तबलीग जमात अच्छा कार्य कर रही है तो शुद्धीकरण का कार्य कहां से बुरा हो गया बस इतना बता दीजिए अभी एक आंकड़े के अनुसार मुसलमान सबसे ज्यादा बने भारतवर्ष के अंदर शुद्धि बहुत कम हुई है ये उसको बहुत अच्छा बताते हैं कि वो लोग तो अपनी स्वीकृति ले रहे हैं इस्लाम ऐसा है कि उसको सब जगह फैला रहे हैं लेकिन जब कुछ भटके हुए लोग अपने धर्म वापसी करना चाहते हैं तब ये उसको राजनी तब ये राजनीति बताने आप मुस्लिम स्लर हो मुद्दे की बात कीजिए राजनीति की बात म मुझे पता था आप धर्म में घुसाओ इस बात को पहली बात तो तबलीगी जमात कभी भी किसी भी मन से ये नहीं कहती कि आप घर वापसी करो आप हमार सुनोगे आप आपके नेताओं के अलावा हिंदुस्तान कते बा क कते जब सुनो नहीं सुनो नहीं तो गलत म बो सुनो आपने जब उनका पक्ष लिया है तो बदा सासद भी नहीं थे आप बताइए 95 से ऐसे मानता हूं तो इसलिए तो इस तरीके की बात करते वड में व प आते में तो लोग कोके जी आपसे सवाल जवाब उसका जवाब दीजिए नेता जनता च नेता जनता चुनती है करोड़ की जनता अपना नेतान है दे का कर आप जिस ला पर रहे बता दीजिए कितने को संविधान कहता है देश के संविधान के मुताबिक वर्ष की आयु जिसकी होती है किसी भी समा ता रखता है उसके लिए जो बेसिक क्राइटेरिया डिसाइड किया गया है वो चुनाव लड़ सकता है आप भी लड़ सकते हैं महताब उस्मानी साहब आपसे भी कोई नहीं पूछेगा कि आप हाव पढ़ के आए कि स्टैनफोर्ड एमआईटी बस्टन कहां से पास आउट होकर आए बहरहाल विषय को भटका नहीं है लेकिन हमारे बीच में संदीप सिंह भी है दलित चिंतक वो अभी तक अपनी बात नहीं रख पाए हैं संदीप जी आप सुन रहे हैं यह बहस कहां से कहां जा रही है यहां दो तरह की बातें हो रही है एक तो ये कि आर्य समाज और घर वापसी की बात इसलिए हुई है क्योंकि 24 का चुनाव है और दूसरी तरफ ये कहा जा रहा है कि घर वापसी की बात करनी है तो फिर बढ़ी हुई कीमत पूर्व क्यों ना हो देखिए जिस प्रकार से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ही नफरत भरा प्रचार पूरे देश के अंदर कर रहे हैं किस तरीके का नफरत भरा प्रचार जब जहां जहां दंगे होते हैं चाहे वो दिल्ली दंगे हो नू के अंदर हिंसा हो वहां वहां आरएसएस बदरंग दल हिंदू युवा वाहिनी इनके लोग पाए जाते हैं और दंगों में लीन पाए जाते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश के अंदर नफरत फैलाने का कार्य कर रहे हैं जिस तरीके से आपने देखा यह मत मत है लेन मैं कहूंगी चुनावी मंच नहीं हैय चुनावी मंच नहीं है यहां पर फैक्स रखिए फैक्स रख देखिए ये देखिए डीजल पेट्रोल की बात होती है तो हिंदू मुस्लिम करेंगे राम मंदिर राम मंदिर करेंगे आप देखिए धर्म को और राजनीति को मिलाने वाला कार्य कौन करता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिसने देश के अंदर नफरत फैला रखी है आज मैं सोशल मीडिया प जाती यहां पर एक मिनट आप कह रहे हैं जनता की बातो मेंला रहा है अरद भवन के अंदर बा जा जी देख सोशल मीडिया पर एक मेरी पूरी बात एक बार खत्म हो जाए एक मिनट के लिए सोशल मीडिया पर एक पोस्टर वायरल पोस्टर भारतीय जनता पार्टी राहुल गाधी जा क्या बोलना चाहते बोलिए भारतीय जनता पार्टी सोशल मीडिया से एक पोस्टर जारी करती हैम राहुल गांधी को रावण बनाकर दिखाया जाता है पूरे देश के मु ऐ लगता है य पर बहुत ज्यादा सोशल मीडिया को कोट करने की जरूरत है नहीं दोनों तर हर पॉलिटिकल तरफ सेने प्रति लिए किया जाता है लेकिन यहा पर हम डिबेट के फरम पर ज जनता से जुड़ी बात कर रहे सब बता देंगे आपने किस तरह दर्शाया वो भी बता देंगे आपके लोगों ने किस तरह के नारे लगाए विषय य नहीं है सोशल मीडिया बना ही इसलिए उसका इस्तेमाल किस तरह से हो रहा है समर्थन करते राहुल गांधी को रा बना आप समर्थन कर रही बस इतनी बात कना चाहता हूं यह संदीप सिंह जी दलित चिंतक कम और राहुल गांधी चिंतक ज्यादा लग रहे हैं तो इस तरीके की बात कम करो दलितो की य आपको चिंता होती मेरे भाई साहब पता होना चाए था मेरी बात एक सेकंड सुन लीजिए बस आप मैं आपका दलित चिंतन अभी स्पष्ट हो जाएगा सन 1923 में ख्वाजा हसन निजामी ने एक किताब लिखी थी और उसका नाम था दाई इस्लाम और उसने कहा कि 6 करोड़ दलितों को यदि हमने मुसलमान बना लिया 6 1923 की बात हो है तो हम बराबर हो जाएंगे और जो हमें अधिकार लेना है वो ले लेंगे तब जाकर के दलितों का मता होना शुरू हु था अगर आप दलित चिंतक होते तो आपको पता होना चाहिए था कि आज दलितों की क्या स्थिति है मत्रित कौन हो रहा है सबसे ज्यादा किसके ऊपर जल मुस्त हो र है तब आप आवाज नहीं उठाते आप राहुल जी के साथ में फोटो खींचवाए निश्चिंत रहिए आप चिंतक नहीं राहुल गांधी के भविष चिंतक चलिए ठीक है आगे बढ़ते सि डरो म संदीप जी बात आ गई आपकी बात आ गई आपकी आप दलित चिंतक है मैंने सवाल आपसे पूछा लेकिन आपने एक बार भी दलित शब्द का इस्तेमाल नहीं किया कोई बात नहीं आपका मत है आपको आप सम्मानजनक प हमारे आप अपनी बात रखिए आगे आपको समीर सिंह ू नहीं मानते [प्रशंसा] मा ू है उनके भी देवी देवता कुछ पाटि नी विचारधारा जिनन दुकान ला पर चलती हैते बो बो श हो जायो खामो दलित उत्पन मोदी और योगी दोनों खामो र संदीप जी दलित चिंतक नहीं है यह राहुल गांधी के चतक लेकिन मैं इतना जरूर बताना चाहता हूं भारतीय जनता पार्टी के मोदी जी के चिंतक है लेकिन आपके पास डाटा ही नहीं है डीजल पेट्रोल के बदले य भी वही बात करने आ ग उत्तर प्रदेश के अंदर कानून का राज है इनको उत्तर प्रदेश की सच्चाई पता नहीं है उत्तर प्रदेश के अंदर सबसे ज्यादा गरीबों को प्रधानमंत्री आवास मिला है सबसे ज्यादा शौचालय मिला है सबसे ज्यादा आयुष्मान कार्ड दे रहे हैं हम उन्हीं दलितों को दे रहे हैं जो तरीके से मिला है जैसे दो करोड़ रोजगार मिले ना जैसे दो करोड़ रोजगार दिए आर्य समाज ने अपने समय में जब भी काम किया व दलितों के लिए काम किया सोतों के लिए काम किया वंचितों के लिए काम किया उन्होंने स्कूल खोले उन्होंने हॉस्पिटल खोले और उन गरीब कमजोर लोगों की सहायता की आर्य समाज ने जिनको समाज में सक्षम बनाया मेहता जवाब जवाब देखि एक तो धर्मांतरण और एक घर वापसी इनम अंतर क्या है पहले तोय क्लियर कर दीजिए एक तरफ तो वो कहते हैं धर्मांतरण एक तरफ स्टेज पर खड़े हो कहते हैं कि धर्म वापसी कर व घर वापसी करो तो यह समझ नहीं आई और देखिए मैडम नफरत का दौर इतना हो चुका है कि एक अगर पागल बच्चा कहीं से केला उठा के खा ले उसको जान से मार दिया जाता है दिल्ली में एक केला जागरण में से केला उठा के खा ले नफरत इतनी भर चुकी है लोगों में कि एक मंद बुद्धि बच्चा अगर एक केला उठा के खा ले तो उसको जान से मार दिया जाता है बताइए कहां तक नफरत का दौर है मुझे तो लगता है कि प्रधानमंत्री जी को मुख्यमंत्री जी को सबको स्टेज से खड़े हो आपने जिस घटना का जिक्र किया निश्चित रूप से बहुत ही दर्दनाक घटना है और मुझे पूरी उम्मीद है जहां य घटित हुई होगी वहां पर गिरफ्तारी भी हुई होगी कारवाई भी हुई होगी कानून अपना काम करेगा लेकिन इस घटना का अर्थ मेहताब उस्मानी जी यह नहीं हो जाता देश में होने वाले हर शहर के हर कॉलोनी के हर गली कूचे के जागरण में ऐसी घटनाए हो रही है लोग एक घटना की जब अतिशयोक्ति बनाते हैं तो फिर नियत पर शक होता है कि क्या य सिर्फ नीति मकसद से किया जा रहा समझ नहीं रहा घर श की जरत मुझे नहीं पता इनके नाम के सामने इन्होने खुद से स्वघोषित स्कलर है या किसी ने और लगाया है जब इनको यह बात पता इनको यही बात नहीं पता करे नहीं ची फर्क है आपको य मालूम नहीं दरी [प्रशंसा] [प्रशंसा] [प्रशंसा] बाने मानते ही नहीं कोई लोग अपने घर के र अभी आजमगढ़ की बात है अपने घर के ऊपर फर रखा है पाकिस्तान का तो यह मूलभूत अनी ना कर देने से उनको घर वापसी शब्द का अर्थ नहीं पता इसकी परिभाषा बदल नहीं जाएगी और ना ही इसकी सच्चाई ब बदल सकती है यह सच है अकाट्य सच है कि धर्मांतरण की घटनाएं हो रही है चाहे वो लालच देकर हो रही है चाहे जबरदस्ती हो रही है किसी को प्रेशर करके हो रही है और बाद में इसकी आड़ में छिपे हुए क्राइम भी सामने आए लेकिन दुख तब होता है जब इस पर सियासत शुरू हो जाती है आप सभी मेहमानों का शुक्रिया चर्चा में शामिल होने के लिए

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