Monday, 26 January 2026

LQBTQ के लिए 4.5 करोड केस रोक देंगे CJI ! अब समलैंगिक विवाह होंगे वैध! Ankur Arya Satya Sanatan

नमस्ते दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने युटुब चैनल सत्य सनातन में आज हम चर्चा करने वाले हैं सुप्रीम कोर्ट के विषय में गी चंद्रचूड़ जी ने कहा है की यहां के मलिक हम हैं यहां के चांसलर हमें और यहां पर जो भी फैसला होगा वो हम लेंगे ठीक वैसे ही फीलिंग लेते हुए जी प्रकार से हमने सैक्रेड गेम में देखा गे तोड़ने को लगता है की आप पुनीत भगवान है की एक इस प्रकार से जी प्रकार से दिल्ली का एक बोना अहंकारी व्यक्ति कहता है की दिल्ली के मलिक हम हैं यहां पर जो भी कुछ होगा उसका फैसला हम लेंगे ठीक इस प्रकार की फीलिंग लेते हुए आगे बढ़ते हैं और वो कहते हैं की क्या कानून बनेगा और क्या नहीं बनेगा इस बात को सांसद ते करें या ना करें हम ईश्वर चर्चा करेंगे मामला क्या था वो था समलैंगिक विवाह होगा समलैंगिकता क्या है इसको सिंपल शब्दों में अगर कहें तो पुरुष पुरुष से और स्त्री स्त्री से विवाह करें अब इनके बच्चे कैसे पैदा होंगे आगे उनकी जो वंशावली है या भारत की जो जनसंख्या की है वो किस प्रकार से संतुलित होगी इस विषय में तो कहां नहीं जा सकता है लेकिन कानून बनाया सर चढ़कर के बोल रही हैं और इस की वजह से अगर हम देखें की उसका जो पर भी करता मुकुल रावत भी हैं वो सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए हैं आप सभी जानते हैं की भारतवर्ष में तकरीबन करोड़ केसेस ऐसे हैं जो भी तिलक पेंडिंग पड़े हैं अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे दुर्दांत प्रधि या फिर कहिए के सीधे-सीधे आतंकवाद ही लोग जो हैं वो जय में बैठकर के अपना पूरा सिंडिकेट चला रहे हैं हजारों करोड़ रुपए का अपना धंधा चला रहे हैं लोगों को मारवा रहे हैं बमबाजी करवा रहे हैं लोगों की जैमिनी अड़प रहे हैं उसका लड़का तो देखिए दूसरों के घरों पर बुलडोजर चलवा रहा है और जब कहते हैं की अधिक के गुंडे तो कहता है की नाम तमीज से ले पुलिस वहीं पर खड़ी हुई है लेकिन गुंडागर्दी है आप यह देखिए की मुख्तार अंसारी का जो लड़का है जो जय में है उसकी वाइफ अंदर जय में पहुंच जाति है वहां पर फोन है सब सुविधा हैं एवं सैकड़ो कॉन्डम्स निकाल रहे हैं यूज्ड लेकिन हमारी कानून व्यवस्था हम अपराधियों को पकड़े और जय में डालेंगे जो लोग का रहे थे कहती के लौंडे को भी जय में डालना चाहिए था जो लोग का रहे थे की अतीक को भी जय में ही रखना चाहिए था वो जरा इस बात पर विचार करें की जय में रहते हुए भी वह लोग क्या-क्या नहीं करते हैं और बहुत सारे निरप रात लोग अभी भी जेल में सब रहे हैं करोड़ के ऐसी जगह पेंडिंग है और उन सबको साइड करके समलैंगिक विवाहों पर चर्चा होती है तो आम जनता को समझ जाना चाहिए की उनकी जो टैक्स की जो गाड़ी कमाई काम करके वो टेक्स्ट रूप में सरकार में जमा करते हैं तो उसका कितना दुरुपयोग हमारे माननीय कोट्स के द्वारा भी किया जा रहा है अब हम चर्चा करते हैं की माननीय कोर्ट ने कहा क्या है जब यहां पर सॉलीसीटर जनरल रहते हैं की जो हमारी सरकार है जो सांसद है उसका जो पॉइंट एकदम क्लियर है की हम इस प्रकार के विवाह को भारतवर्ष में अनुमति नहीं दे सकते और इसका दूसरा सबसे बड़ा करण यह भी है की विवाह की जो परंपरा है वह भारत वर्ष से ही चली थी और भारतवर्ष से ही फलित परित होकर के पूरे विश्व में फैली है हमने अभी तक देखा भी है पूरे विश्व के अंदर किस प्रकार से बच्चे पैदा करने की मशीन बन जाते हैं लोग किस प्रकार से बिना विवाह किया आज इसके साथ र रहे हैं तो इससे बच्चे कर रहे हैं दूसरे के साथ र रहे तो दूसरे से कर लिए विवाह नाम के संस्कार के विषय में उनको पता तक नहीं था लेकिन जब उनका रुख भारतवर्ष की और हुआ जब उन्होंने भारतवर्ष की और देखा तब आप देखें की कितने विदेशी लोग हैं जो भारत में आकर के हमारे पानी ग्रहण संस्कार के मध्य से विवाह करते हैं क्योंकि उनको आज तक इस पानी ग्रहण संस्कार की सुचिता और पवित्रता का पता ही नहीं था आप इस्लाम में देखिए 44 बीवियों रखना यह साड़ी चीज महिलाओं के ऊपर एक तरफ अत्याचार की जो तक है अगर ईसाइयत में आप देखेंगे तो वहां पर भी एक छोड़ दूसरी पकड़ लीजिए दूसरी छोड़ दीजिए तीसरी पकड़ लीजिए लगातार यही चल रहा है लेकिन एक सनातनी परंपरा ही है जिसने विवाह की परंपरा को बचाकर के रखा जिसमें की साथ जनों के संबंध तलाक की शपथ ली जाति है ऐसी परंपरा को नकारते हुए इस भारतवर्ष में इस तरीके की परंपराओं का पाश्चात्य करण की अंधानु करण जो दौड़ में लगे हुए लोग हैं उनका अनुपालन करेंगे और जबकि सरकार का रही है की कानून बनाने का जो अंतिम और पहले निर्णय है वो सांसद के पास में है क्योंकि सांसद अपने जनता से इन सब बटन का सरोकार लेती है रखती है उनके अनुसार कानून और नियम बनती है लेकिन हमारा कोर्ट साफ तोर पर कहता है की यहां के सर्वे सर्व हम हैं और सब साइड है जाइए पहले हम चर्चा उन लोगों के विषय में करेंगे जो चाहते हैं की समलैंगिक विवाह हो समलैंगिक विवाहों से मिलेगा क्या एक पुरुष एक पुरुष विवाह कर रहा है की स्त्री सेवा कर रही है इसमें अगर वो किसी भी तरीके से कोई बच्चा गॉड ले भी लेते हैं और कल उनमें विरोध हो जाएगा क्योंकि ये जाहिर सी बात है आज तलाक की बात है किसी भी इस प्रकार के जोड़े को अंतिम समय तक एक दूसरे का साथ निभाते हुए नहीं पाया गया है क्योंकि इसमें संबंधों की संतुष्टि होती ही नहीं है यह एक दूसरे के पूरक है ही नहीं ये मूर्ख है ऐसे संबंधों में अपूर्णता के चलते कल विच्छूप होगा वो रिश्ते बर्बाद होंगे ही होंगे और उनके जो बच्चे होंगे वो किसके सुपुर्द किया जाएंगे जो इस विच्छेद के विवाह विच्छेद के बाद में किसके ऊपर पुरी जिम्मेदारी रहेगी आज तो एक स्त्री और पुरुष का विवाह होता है हमने ऐसे केसेस देखें हैं की पुरुष वकील था जिसकी कमाई थी 75000 और उसकी जो पत्नी है वह जज है उसकी कमाई ₹200000 दोनों का विवाह होता है बच्चे होते हैं और फिर जवाब विच्छेद हो जाता है स्त्री 2 लाख रुपए कमाने के बावजूद भी पति से अलाउंस ले रही है अपने बच्चों को पालने के लिए वह दे भी रहा है लेकिन स्टे के विवाह में वो किसके ऊपर डिपेंड होंगे यह एक बहुत बड़ी समस्या बन जाएगी और देश के अंदर एक बहुत बढ़िया आबादी ऐसी होगी जो पूर्ण रूपेण अनाथ हो जाएगी उनके जो लिए हुए बच्चे हैं वो अनाथ के अनाथ ही र जाएंगे और यह विवाह विच्छेद के बाद में फिर से अनाथ हो जाएंगे ऐसी स्थिति में ना केवल हमारी जो पवित्र परंपरा है विवाह की वो समाप्त हो जाएगी बल्कि साथ ही साथ आगे चलने वाली जो वंशावलिया है वो भी समाप्त हो जाएगी लेकिन मैंने फिर से कहना है की हम आम जनता इन सब विश्व में कोई संज्ञान लेती नहीं है अब अप्रैल चल रहा है इसके बाद में आप देखेगा आपका पूरा जो टैक्स है वो कैट लिया जाएगा और फिर इन सारे के सारे र के लिए इन सब रोन के लिए यह पैसा बांट दिया जाएगा की भैया फटाफट उल्टे सीधे मामले चलाओ करोड़ों जो केसेस है वह पेंडिंग पड़े हैं हजारों अपराधी है वह जय में पड़े हैं या बेल पर बाहर छूट पड़े हैं कुछ लोग आतंकवादी बन चुके हैं नए लोग हैं जो गैंगस्टर बने का सपना देख रहे हैं लेकिन हमारे कोट्स में किन मामलों के सनी हो रही है वो रही है समलैंगिकता के ऊपर इससे पहले भी 377 का मामला आया था जिसमें की समलैंगिक लोगों को साथ रहने का अधिकार दिया गया था उसे अधिकार के बाद में वो चाहते हैं की हमारा विवाह भी हो लेकिन मैं ये पूछना चाहता हूं की विवाह का जो सबसे बड़ा करण होता है वह होता है अपनी वंशावली को आगे बढ़ाना राष्ट्र के जो भाभी नागरिक है उनको पैदा करना ना केवल और केवल युनिक सुख हो सकता है और वह भी एक अधूरा युनिक सुख ऐसे में अगर विवाह की उनको अनुमति दी भी जाति है तो कौन से उद्देश्यों की पूर्ति होगी से यह केवल और केवल भांड बॉलीवुड और पाश्चात्य सभ्यता का अंडाणु करण मंत्र है इससे देश को कुछ प्राप्त नहीं होगा युवाओं को कुछ प्राप्त नहीं होगा हमारी जेनरेशन को कुछ प्राप्त नहीं होगा अगर किसी का मां नहीं है की वह अपोजिट जेंडर में जाकर के विवाह करें तो इससे बेहतर है की वह स्वतंत्र रहा करके अपने जीवन को और अच्छे तरीके से जी सकता है एक की जीवन अपने परिवार के साथ में जीवन जी सकता है इस प्रकार की मित्र मंडली में जीवन जी सकता है युनिक सुख के लिए मानवता को धर्मस्व करना और हमारे आपस से रिश्तो को तार तार करना इसका ठेका अगर कोर्ट ने ले रखा है तो पूछना चाहता हूं की न्याय का ठेका किसने लिया है जो देश के अंदर अपराध है जो देश के अंदर चोरी जारी और महामारियां हैं उनके ऊपर कौन फैसला सुनाइए माननीय सुप्रीम कोर्ट माननीय हाय कोर्ट और माननीय रात का जवाब भी देना ही पड़ेगा आपका इस विषय में क्या कहना है हमें नीचे कमेंट करके अवश्य बताइए पूरा का पूरा विश्व आज भारत की तरफ देख रहा है और भारत पाश्चात्य सभ्यता का अंडाणु करण करने में लगा हुआ है इस आंधी दौड़ पर अपने दो शब्द नीचे कमेंट करके हमें अवश्य बताएं आपके सभी कमेंट्स हमारे लिए महत्वपूर्ण होते हैं अगर ये वीडियो आपको अच्छा लगता है जानकारी से भरपूर लगता है जागरूकता के लिए आवश्यक लगता है तो इसको सब के साथ शेर अवश्य करें सत्य साधन आपका अपना प्लेटफॉर्म है इसको भी सुन सब्सक्राइब करें और अपने मित्रों से करवा मेरे सॉन्ग बोले सत्य सनातन धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

No comments:

Post a Comment

😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।

में एक बार क्या हुआ कि उनका खूब सारा लोगों ने आप जैसे यह दोनों ने बहुत विरोध किया और उन विरोध करने वाले लोगों ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी...