Monday, 26 January 2026

Mandir में आज नमाज पढना मतलब कल के मस्जिद की नींव रखना। Ankur Arya Satya Sanatan.

के लोगों को लगा के भाई सभी की मजहबी भावनाओं का आदर करना चाहिए सम्मान करना चाहिए उनको क्या पता था कि आप इसको सोशल मीडिया पर टीआरपी बढ़ाने के लिए यूज करेंगे अगर उन्होंने आपको मना नहीं किया अगर आप जिस टाइम पर अपनी तस्वीर अपना पिछवाड़ा आसमान की तरह उठाकर के इशारे कर रहे थे उस समय पर अगर उन लोगों ने आपको नहीं रोका तो उनकी गलती है क्या है तो अपनी आदत से मजबूर एक बार फिर अ जला मंदिर में घुस गया जो सदियों से चला आ रहा था मंदिरों के ऊपर आक्रमण करके उनको तोड़ना और वहां पर नमाज को कायम करना कुछ लोग कहते हैं नमाज पढ़ना लेकिन इसका वास्तविक अर्थ है नमाज कायम करना उस नमाज को कायम करने के लिए राज्य एक बार फिर से मंदिर में धोखेधड़ी से पहुंचा धोखेधड़ी से वहां पर नमाज पढ़ी नहीं और ना ही अदा की बल्कि कुछ फोटो लिए सोशल मीडिया पर अपलोड किए व जिला उत्तर प्रदेश मथुरा से बढ़ता है नंद बाबा के मंदिर से और पहुंचता है कहां जामिया नगर दिल्ली में जामिया नगर क्षेत्र के बारे में बताने की आवश्यकता नहीं है कि उसी क्षेत्र में वह क्यों छिपा है वहां से वह गिरफ्तार हुआ उससे पहले हमारा मेनस्ट्रीम मीडिया के पास पहुंचता है उसके बहुत अच्छे-अच्छे इंटरव्यू लेता है आज तक यहां तक बताता है कि उसने कोई ऐसी भावनाओं को आहत करने वाला कार्य नहीं किया बल्कि उत्तर सद्भावना के लिए वहां एक बहुत अच्छा प्रोजेक्ट वीडियो और इंटरव्यू उसका बनवाया गया और उसको पोस्ट किया गया मद्रास इंटरव्यू में कह रहा है कि भई हम तो जो है न सद्भावना की यात्रा पर निकले हुए थे जब चर्च में जाते तो हर किसी को पूरा करेंगे तो पूजा कर लेता है इसमें मांस पढ़ने तो नमाज पढ़ लेता है ऐसे हमने मंदिर में भी किया पहली बात तो मुझे यह समझ नहीं आया कि ठीक 12:00 कौन से नमाज का टाइम होता है और कौन सा ऐसा उस समय पर नमाज को पढ़ना जरूरी था या फिर मंदिर के मेन प्रांगण में ही पढ़ना जरूरी था या फिर उसके फोटो ले करके वीडियो बना करके पोस्ट करना जरूरी था या फिर बिना किसी आसन के बिना कुछ नीचे बिछाए बिना वहां के लोगों की वहां का जो प्रबंधक थे व्यवस्थापक थे उनकी आज्ञा लिए विना बिना कोई व्यवस्था कराए बिना कैसे इन लोगों ने वहां पर नमाज को पढ़ने की कोशिश की इसके बेचैन का पुराना इतिहास है और वह इतिहास हमको कहता है कि आप उस हर स्थान पर जिससे आपको लग रहा हो कि वह आपकी भावनाओं को आ आ रहा है उस स्थान पर नमाज कायम कर लो तो फ्रस्टेशन मिट जाएगी ठीक वैसा ही हुआ है यह वो लोग हैं जो आपके घरों को लॉक करके आप की सड़कों को लॉक करके रेलवे प्लेटफार्म को लॉक करके रेलवे ट्रैक को ब्लॉक करके बसों के ऊपर घरों के ऊपर तत्वों के ऊपर हाईवे के ऊपर आपके पाक में घुसकर के वहां पर भी जब नमाज़ पढ़ पढ़ कर के थक गए तो अब सीधे आपके मंदिरों में घुस कर के नमाज़ पढ़ने लगे हैं इनकी जो यह भूख है जमीन को हड़पने की भूख है यह कभी भी समाप्त नहीं होगी और इसमें भावनाएं आहत हों भी चूना अब आप मुझे एक बात बताइए इतने दिनों के बाद में पहली बार मथुरा मंदिर के केस की सुनवाई के लिए कोर्ट ने हामी भरी है यह पूरा का पूरा जो मामला है वह कोर्ट में जा रहा है और यह लोग हैं कह रहे हैं कि सद्भावना के नाम पर हमने ऐसा किया अपने पूरे स्टेटमेंट अपने पूरे इंटरव्यू में उसने एक बार भी कहीं नहीं बताया कि इस सद्भावना उड़ान हम मजदूर भी आते हैं जो किसी का मन होता है वहां पर प्रार्थना करने का तो प्रार्थना भी कर लेता है गुरु वाणी करने का तो गुरु वाणी भी कर लेता है और जिसको यदि वहां पर पूजापाठ करनी है या संध्या उपासना करनी है तो मस्जिद में वह भी कर लेता है यह पूरा का पूरा ठेकेदारी है यह हिंदुओं के ऊपर ही क्यों है यह स्थान है यह हमेशा मंदिर ही क्यों होते हैं जब किसी को कोई इफ्तारी पार्टी देनी होती है जब किसी की मुर्दा लाश को कहीं पर रोकना होता है या फिर किसी की शादी विवाह होना अवतार उसके लिए जगह चाहिए होती है या फिर अगर किसी के हाथ में ज्यादा खुजली मचे तो हत्या करनी होती है तो इसके लिए मंदिर प्रांगण मंदिर के स्थान ही क्यों चुने जा रहे हैं इसके पीछे का इतिहास जानने की कोशिश कीजिए जो लोग इतिहास भूल जाते हैं वह हम इतिहास बन जाते हैं क्या आपने कभी ऐसा कहीं पर सुना है कि मस्जिद के अंदर कोई कीर्तन हो रहा है वह मस्जिद के अंदर कोई पूजा-पाठ यह चालीसा हो रही हो या फिर राम कथा हो रही हू कृष्ण आहोर हो कभी भी ऐसा नहीं होता है और उन्हें एक बात और बताई उसने कहा कि हमारे आसपास को दो-चार लोग भी उतरे थे उन्होंने मना नहीं किया था अरे भाई आप नमाज पढ़ने की एक्टिंग कर रहे हो लोगों को लगा कि भाई सभी की मजहबी भावनाओं का आदर करना चाहिए सम्मान करना चाहिए उनको क्या पता था कि आप इसको सोशल मीडिया पर टीआरपी बढ़ाने के लिए यूज करेंगे अगर उन्होंने आपको मना नहीं किया अगर आप जिस टाइम पर अपनी तस्वीर अपना पिछवाड़ा आसमान की तरफ उठाकर के इशारे कर रहे थे उस समय पर अगर उन लोगों ने आपको नहीं रोका तो उनकी गलती है क्या वह सहिष्णु है उनकी गलती है क्या अगर वह किसी की मजहबी भावनाओं को आहत नहीं करना चाहते थे उस समय पर तो उनकी गलती है क्या गलती आपकी है कि आपने दूसरों के स्थान में घुसकर के अपनी अपवित्रता शरीफ को पवित्र मंदिर में जा करके ऊंचा उठाने की कोशिश की है इसकी सजा तो आपको मिल नहीं चाहिए लेकिन इसमें मैं एक बार फिर से इस बात को अवश्य कहूंगा कि हिंदू अपनी सहिष्णुता के कारण ही हमेशा और हेलो कहलाता है तो उसको बार-बार यही चीज सुनने को मिलती है कि हिंदू और सहिष्णु है और अब भी मौजूद है यही कारण है कि और सहिष्णुता के कारण हिंदुओं ने किसी दबाव में आकर कि हमारे खिलाफ FIR दर्ज कराई है वैसे फजरू गिरफ्तार हो चुका है लेकिन इस हिंदुओं की नपुंसकता के पीछे कारण क्या है सहिष्णुता दिखाने के बावजूद भी खुद को अश्लीलता फैलाना यह नपुंसकता कहलाती है और इस नपुंसकता को पैदा करने वाले हैं आपके कथावाचक जो आपको अपनी कथाओं में अली मौला सुनाते हैं जो आपको अपनी कथाओं के अंदर अल्लाह का गुण गान करते हैं लेकिन नहीं बताते कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम चंद्र जी क्या थे वह कहीं भी जाते थे हथियार नहीं छोड़ते थे अपने धनुष बाण अपने हमेशा साथ लेकर के चलते थे यही कारण है कि आज जितने भी ऐसे लोग हैं वह मारे जा रहे हैं मंदिरों के अंदर रक्तपात हो रहा है साधु-संतों की हत्या के बावजूद यहां के नेता मंत्र यहां की सरकार सत्ता कुछ नहीं बोलती खिलाड़ी के पैर के अंगूठे में ठोकर से चोट लगने पर एक बेहूदा निहायती देषद्रोही महिला के एक्सीडेंट होने के बाद में हमारे देश के सर्वर पर ही नेता लोग ट्वीट की बौछार लगा देते हैं लेकिन यहां पर रोजाना हिंदुओं की हत्या होती है कोई बोलता तक नहीं है उस नपुंसकता को पैदा किया है क्या फर्क पड़ता है कहने वाली कथा वाचिका होने जो की कथा वाचन कम और अपने स्टेज पर मुजरा ज्यादा करवाते हैं वह कथावाचक और कथा वाचिका जो कहते हैं कि जिस समय पर उन लोगों की अजान हो रही हो आप अपना भागवत कथा का पाठ विरोध दीजिए अब ऐसे समय में स्त्रियों के ऊपर लड़के-लड़कियों के ऊपर और जो कम बुद्धि के बच्चे हैं उनके ऊपर क्या असर पड़ेगा उनको यही लगेगा कि इन की भावनाओं की कद्र करनी चाहिए लेकिन वह अपनी भावनाओं की कद्र करते करते कब आपकी भावनाओं के ऊपर मूत देते हैं वह इस प्रकार नहीं लगता है वह कैसे आपकी मंदिर के अंदर बैठ करके नमाज पढ़ने की एक्टिंग करके चार फोटो लेंगे सोशल मीडिया पर पोस्ट करेंगे हीरो बनेंगे और वहां सुन को सपोर्ट मिलेगा धनराशि मिलेगी और उनकी खूब वाहवाही होगी यह देखिए यह मुसलमानों के शेर अब आपको इसमें भी अतिशयोक्ति लगेगी तो आप उस दिन का फैसला देखिए जब अयोध्या में मंदिर बनने का फैसला आया था उस दिन पर सभी मुस्लिम यही कमेंट कर रहे थे कि नमाज तो हम फिर भी वहीं पर अदा करेंगे ओवैसी कह रहा था कि जहां पर एक बार नमाज़ अदा हो गई जहां पर एक बार मस्जिद बन गई वह मस्जिद ही रहेगी इस तरीके के कमैंट्स इस तरीके के स्क्रीनशॉट्स हमने उस समय पर सोशल मीडिया पर काफी प्रचारित-प्रसारित विक्रेता कि आपकी आंखें खोली जा सके अर्थात जो 14 साल पुराना इतिहास दूसरों की भावनाओं को आहत करने का मोमिन का फिर मोमिन का फिर करने का जो प्रोपैगेंडा उस समय से चला हुआ था बदस्तूर जारी है हम केवल उससे जागरूक करना चाहते हैं कि केवल आपको बताना चाहते हैं कि इस तरफ से भी खोल करके देख लीजिए कथावाचकों के चक्कर में आने वाले हिंदुओं का कोई इलाज नहीं है लेकिन जो उन्हें बचे हुए उनका इलाज सिर्फ यह है खोलिए अपने चारों तरफ देखिए इतिहास पढ़िए और जानिए कि यह लोग जो स्वयं अपनी हवा-हवाई पुस्तक में कहते हैं कि दूसरों की जो पूजा पद्धति है वह पूरे तरीके से शैतानी पूजा पद्धति है हमारी ही पूजा पद्धति सबसे ऊपर है हमारे अलावा दूसरा कोई विधान नहीं है वह लोग दूसरों की भावनाओं को आहत करते समय कितनी सद्भावना रखते हैं कितना टीआरपी के लिए सोशल मीडिया पर प्रोपैगंडा रखते हैं इन सब चीजों को नोटिस करने की आवश्यकता है इस वजह से जागरूक होने की आवश्यकता है और इस जागरूकता को जन-जन में फैलाने की आवश्यकता है हम अब और बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं अब हम अपने देश के मजहब के नाम पर और टुकड़े नहीं कर सकते हैं अब हम इस वक्त के नाम पर और भूमि का अधिग्रहण नहीं करवा सकते हैं अब हम और ज्यादा भूमि जी याद नहीं करवा सकते हैं अब हम और मंदिर नहीं टूटने दे सकते हैं और जो हमारे पवित्र मंदिर बचे हुए हैं अब हम उनमें इनका अपवित्र पिछवाड़ा उठवाकर नहीं देख सकते हैं इस वीडियो में सिर्फ इतना ही यह वीडियो आपको जानकारी से भरपूर अगर आपको लगता है कि कुछ जागरूकता आ सकती है तो उसको सब लोगों तक अवश्य पहुंचाएं सत्य सनातन आपका अपना प्लेटफॉर्म इसको सब्सक्राइब करें और मित्रों से भी करवाएं मेरे संग बोले सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

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