Monday, 26 January 2026

Modi And Ajit Doval डेढ फुटिये चीनी कैसे भागे बॉर्डर छोडकर।

में एक ऐसा समय था जब हमारे देश के रक्षामंत्री हमारे घायल सैनिकों को गोद में उठाकर के एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया करते थे मैंने कुछ गलत बोल दिया एक ऐसा समय था जब हमारे देश के रक्षा मंत्री कहीं पर भी फिसल जाते थे तो सेना उनको गोद में उठा कर के एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया करती थी लेकिन आज के हमारे रक्षा मंत्री जो पूर्व के गृहमंत्री हैं जो निंदा रस से बाहर निकलकर के आजकल चीनी रस पी रहे हैं उन्हों ने गजब का कहर ढाया हुआ है1 प्रधानमंत्री ऐसे हुआ करते थे जो कहते थे कि चीन ने हमारा जो क्षेत्र हथिया लिया है वहां पर उगता ही क्या था लेकिन एक प्रधानमंत्री आज के हैं जो खुद बॉर्डर पर पहुंचते हैं वहां पर सेना का उत्साह वर्धन करते हैं और इशारों-इशारों में बहुत सारी बातें कहते हैं इस सारे घालमेल के ऊपर बात करेंगे बात करेंगे किडनी को किस तरीके से बॉर्डर छोड़ पीछे भागे हैं बात करेंगे कि चाइना के द्वारा एक नया वायरस है जो फैलाने की कुत्सित प्रयास चल रहे हैं वह कितना घातक है और करेंगे बात भारत की कूटनीति के निवासी अजीत डोभाल जी के विषय में यह वीडियो बहुत महत्वपूर्ण हिस्सों तक अवश्य देखिए है तो सबसे पहले मैं आप लोगों से यह पूछना चाहता हूं कि इस प्रेमिका गांधी को नेता बनाया किसने इसको यह तक नहीं पता कि भगवान के बॉर्डर पर हमारे और चीन के खड़े हुए सैनिकों के पास में हथियार हो ही नहीं सकते वह स्टेटमेंट देने आ जाती है कि वहां पर ऐसी क्या मजबूरी थी कि मोदी सरकार हमारे सैनिकों को हथियार नहीं दे पाई और वहां पर उनको झड़प में मार गिराया गया इस तरीके के नेताओं को वास्तव में ही घर से निकाल कर नहीं बल्कि राजनीति से भी निकाल करके इस देश की राजनीति का शुद्धिकरण किया जाना चाहिए आज का जो चिन्ह है वह महादेव का दिन है और आज का दिन हमारी सामरिक कूटनीति के लिए भी बहुत बड़ा दिन है चीन की सेना लद्दाख से पीछे हट चुकी है इस बात की पुष्टि हो चुकी है इसका फिजिकल वेरिफिकेशन हो चुका है लेकिन भारत की सेना भी पीछे हट गए इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जी ने रविवार को चीनी विदेश मंत्री जॉन के समकक्ष है वह कि से बातचीत की थी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसके बाद में दोनों देशों के बीच में सहमति बनी है भारत और चीन के बीच में लंबे समय से सीमा का विवाद चल रहा था इस को सुलझाने के लिए दोनों देशों की ओर से ही प्रतिनिधि तैयार किए गए थे भारत की ओर से अजीत डोभाल जी की ही स्थाई प्रतिनिधित्व करते हैं और जिनकी बात चीनी विदेश मंत्री से हुई थी चीनी सेना अगर पीछे हटी है तो इसके पीछे भारत के एक बहुत सारे रणनीतिक राजनेता और राजनीतिक कदम जिम्मेदार हैं जो पिछले कई दिनों से निरंतर आगे बढ़ाए जा रहे थे सिलसिलेवार देखे तो इसमें कई अहम फैक्टर सामने आते हैं जैसे कि भारत में कैसे बॉर्डर पर अपनी फौज बढ़ाई फाइटर प्लेन तैयार किए चीन के खिलाफ दुनियाभर में माहौल को तैयार किया अमेरिका सहित कई देशों के बयान है खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लद्दाख गए कि पहले आर्मी चीफ गए दूसरी तरफ वार्ता जारी रहेगी भरपूर उकसावे के बावजूद प्रधानमंत्री ने चीन का सीधा नाम नहीं लिया इससे बातचीत की खिड़की हमेशा हमेशा के लिए खुली रह जाती है कईं एप्लीकेशंस बैंक की ओर चीनी कंपनियों के टेंडर भी निरस्त कर दिए गए भारत इस मामले में झुकेगा नहीं और नतीजा यह हुआ कि चीन को मामला आगे बढ़ाने से कोई फायदा नहीं दिखा और उसने अपनी सेना को ही पीछे हटा लिया है अब पीएम का जो लद्दाख तो रहा है वह भी इसमें बहुत अहम फैक्टर है जो मैंने देखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अचानक सुबह-सुबह लद्दाख पहुंच गए थे और सेना की हौसलाफजाई उन्होंने की थी लद्दाख से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को बहुत बड़ा कड़ा संदेश दिया था जिसके बाद में विपक्ष ने खिल्ली भी उड़ाई थी लेकिन आज जो हमने देखा है उसको देखते हुए आज हमें पता लग रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब वहां पहुंचे तो जो उन्होंने कहा था कि यह जमाना विस्तारवादी नहीं बल्कि विकासवादी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना ही चीन का नाम ली जिस पर निशाना साधा था उन्होंने कहा था कि हम कृष्ण की बांसुरी और सुदर्शन चक्र दोनों को आदर्श मानते हैं उसका प्रभाव क्षमता और दिखता हमें नजर आता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख में घायल जवानों का भी हाल चाल पूछा था और हम इस बात को जानते हैं कि हमारे सैनिकों ने हमारे जवानों ने हाथों और लातों से ही चीन के जितने भी डेढ़ फुट यह थे उनको ध्वस्त कर दिया था प्रधानमंत्री जी ने अपनी सेना का हौंसला जा करके वहीं पर बढ़ाया उन्होंने कहा कि शौर्य और साहस को पूरी दुनिया ने देखा है आपके इसके साथ-साथ ले हमें प्रधानमंत्री मोदी जी ने एसी के हालातों की जानकारी मिली थी प्रधानमंत्री मोदी सीडीएस जनरल बिपिन रावत जी और सेना प्रमुख जनरल mm नरवणे जी को साथ में ले कर ले इससे आगे 11000 फीट की ऊंचाई वाले नींबू तक गए थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्पून चेहरे का सार राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की उन पंक्तियों में भी देखा गया जिन्हें कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वहां पर सुनाया था चीन के साथ बिगड़े रिश्ते के मद्देनजर भारत ने जब उनकी फीस नो एप्लीकेशंस को बैन किया था बताया जाता है कि आपके टिक-टॉक टिक-टॉक कि एक हफ्ते में 30 करोड़ की इनकम यहां से करती थी बाकी एप्लीकेशंस भी बहुत ज्यादा फेमस से केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद में जानकारों का मानना है कि इससे चीनी एप्लीकेशंस को संचालित करने वाली बनाने वाले जो कंपनियां हमको भी और खुद चीन को भी बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है इसके साथ-साथ बहुत सारे जो टैंडर थे उनको भी हटाया गया एक अंडा या के मुताबिक अकेले टिक टॉक के बैन होने से ही कंपनी को 100 करोड़ रुपए की डायरेक्ट चपत लगी है और इन फ्यूचर जो इसको कमाना था वह तो गया ही गया कि भारत में सिर्फ मार्ग से लेकर के मई 2020 के बीच में दस में से पांच सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाले मोबाइल एप केवल और केवल चाइनीस थे इनमें से टिक टॉक है ज़ूम है है ज़ूम जो अभी वॉर्डन के दौरान बहुत ज्यादा फेमस हुआ था येलो है यह वीडियो है UC Browser यह सारे जो एप्लीकेशन से जिनको करोड़ों भारतीय उन्होंने अपना रखा था और कि कईं बार इसके खिलाफ हम लोगों ने जब-जब इनिशिएटिव लिया है इनको इनका बाइकोट किया तो बहुत सारे लोग इनको अनइंस्टॉल नहीं करते तो हमारी यह आशा थी हमारी मांग थी कि सरकार को डायरेक्टरी बैन कर दे चीन को भारत आर्थिक मोर्चे पर लगातार झटके दे रहा है अब भारत सभी हाईवे प्रोजेक्ट से तेल मिलों में चीनी कंपनियों को बैन करने की तैयारी कर चुका है केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने इस बात की जानकारी दे दी है कि जितनी भी चीनी कंपनियां हैं उनको हम हटाने वाले हैं चीनी कंपनियों को संयुक्त उद्यम पार्टनर जेवी के रूप में भी काम नहीं दिया जाएगा कोई भी पार्टनर के रूप में उनको काम नहीं मिलेगा इससे पहले भी चीनी कंपनियों को रेलवे के ठेकों से बाहर कर दिया गया था फिलहाल देश के कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में चीनी कंपनियां साझेदार के रूप में काम कर रही है वे यह बताया कि नया निर्णय मौजूदा और भविष्य के सभी प्रोजेक्ट्स के लिए लागू होगा साथ भारत ने अब बॉर्डर के ऊपर सेना की मौजूदगी बढ़ा दी है चीन से तनातनी के बीच में भारतीय सेना ने लद्दाख में अपनी मौजूदगी दोगुना बढ़ा दी है भारत को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि चीन की सेना इस इलाके में वास्तविक स्थिति को बदलने की फिराक में इस प्रकार से अपने अन्य बॉर्डर्स के ऊपर दूसरे लोगों को डोमिनेट करते हुए वहां पर सेना को बढ़ाते हुए का विरोध बनाती है तो कभी वहां पर पूरा का पूरा कैंटोनमेंट बना देती है सुरक्षा एजेंसियों की अलग-अलग समीक्षा में यह बात सामने आ चुकी है सेना ने पूर्वी लद्दाख इलाके में 40 से 45 हजार सैनिकों की तैनाती कर दी है जो कि पहले 20 से 24 हजार ही हुआ करती थी साथ ही साथ यहां पर आईटीबीपी जवानों की मौजूदगी बढ़ाई जा चुकी है भारत तिब्बत बॉर्डर की सुरक्षा के लिए एक अधिकारी ने बताया है कि चीनी सैनिकों की संख्या भारत से कम है और यह तादाद तकरीबन तकरीबन 30 34,000 के आसपास होगी अब फाइटर जेट्स की बात करते हैं चीन की सड़क से सटे हुए वायुसेना के फॉरवर्ड एयर बेस पर जबरदस्त हलचल है और वायुसेना के लड़ाकू विमान लगातार यहां पर गश्त लगा रहे हैं विमानों से सैनिकों को और सामान को लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में भेजा जा रहा है बालाकोट एयर स्ट्राइक में अहम भूमिका निभाने वाले मिग-29 विमान अपाचे और चिनूक हेलिकॉप्टर भी यहां पर तैनात किए जा चुके हैं वायुसेना के इस फॉरवर्ड एयर बेस से चीन पर नजर रखने के लिए मल्टी-रोल कॉम्बैट मिराज-2000 सुखोई-30 और जगुआर की तैनाती की जा चुकी है यह सभी लड़ाकू विमान हथियारों से लैस होकर के इलाके के निगरानी कर रहे हैं अब बात करते हैं अमेरिका और भारत की दोस्ती के विषय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अभी रविवार को अमेरिका के 244 से स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मांग मैं आपको बताई मिली थी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बधाई संदेश में अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिप्लाई करते हुए कहा था कि शुक्रिया मेरे दोस्त अमेरिका भारत से प्यार करता है दोनों नेताओं के इस समाज से चीन की बेचैनी बढ़ चुकी है साथ मैं आपको बता दूं कि चाहे इजराइल को अमेरिका होवित्जर फ्रांस हो या रूस हो सभी नहीं भारत का साथ देने की पूरा-पूरा जो अपना वादा है उसको दौड़ाया है और रूस ने अपने हथियार समय से भेजने का जो वादा था उसको भी दोहरा दिया है यह बहुत सारे एक्टर है जिनका असर भारत चीन सीमा के ऊपर तनावों को कम करने में देखा गया है प्रधानमंत्री जी पहले भी साफ साफ कह चुके हैं कि बलवान घाटी हमारी है इसलिए चीन को यह स्पष्ट संकेत है कि उसके पास पीछे जाना के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं है अब हम थोड़ी सी बात कर लेते हैं चीन के द्वारा प्रायोजित एक और ऐसे वायरस के बारे में जिसको काली मौत Black Death भी कहा जाता है इसके मामले चीन में अभी पाए गए हैं इसको लेख भी कहा जाता है तो हो सकता है कि कोड़ा से भी घातक इसके परिणाम हमें देखने में मिले इस वजह से हम बार-बार आप लोगों से कहते हैं कि चीन के सामानों का प्रयोग बिल्कुल भी ना करें क्योंकि हो सकता है कोई भी वायरस कहीं से भी किसी भी सामान के द्वारा आप तक पहुंचाया जा सकता है और देश को बहुत बड़ी और बड़ी हानि से दो-चार होना पड़ सकता है तो इस वीडियो में सिर्फ इतना ही यदि वीडियो आपको जानकारी से भरपूर लगी और आपको लगाओ कि हमारी सेना हमारी सरकार बहुत अच्छा कार्य कर रही है तो इसको जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें मेरे संग बोली सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

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