Monday, 26 January 2026

Modi के इस दांव में फंस गये सारे दलाल। MSP Guarantee.

कि नमस्कार दोस्तो आप सब का एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने YouTube चैनल सके स्नातक में आज का वीडियो बहुत महत्वपूर्ण और आज इसको अपने सिगरेट नहीं करना है क्या आपने पूरे दिन में कहीं पर भी ब्रेकिंग न्यूज़ में भी यह खबर सुनी है कि मोहम्मद इकबाल की तकरीबन 1100 करोड़ रुपए की संपत्ति की सीबीआई ने अटैच कर दी है नहीं सुनी होगी मैं आपको बताता हूं सहारनपुर के खनन माफिया की 1100 करोड़ रुपए की जो संपत्ति है वह अटैच कर दी गई है सीबीआई के द्वारा और वह क्यों क्योंकि मायावती के शासनकाल के दौरान चीनी मिलों की बिक्री में एक बहुत बड़ा घोटाला हुआ था यानी कि वह समय ऐसा था कि जब किसानों का जो पैसा है बुक्तान है वह तो क्या होता बल्कि ऊपर से चीनी मिलों को ढूंढ पौने दामों में बेचा जा रहा था लेकिन आज सड़कों पर पड़े हैं दलाल उन्होंने कभी भी मायावती या समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान जितने घोटाले हुए हैं या फिर जो बुक्तान क्या हुआ था उस पर कभी कोई आपत्ति दर्ज नहीं की थी यही नहीं इसमें और भी बहुत सारे लोग पकड़े गए हैं आज जब योगी जी की सरकार उत्तर प्रदेश में है तभी से ही सीबीआई जांच की मांग हुई थी और वह जांच आज अपने चरम तक पहुंचने वाली है अर्थात किसानों का जो पैसा है वह ऐसे नहीं पहुंचता कि आप घोटाले-घपले भी करते रहें और ऊपर से उन्हीं लोगों की चापलूसी भी करते रहें अब आते हैं दलालों की असली हकीकत पर सरकार ने फैसला किया कि एमएसपी का पूरा पैसा दलाल को आदित्य को ना ले करके सीधे किसान के बैंक में ट्रांसफर होगा आप लोग जानते हैं कि पहले राजीव गांधी जी इस बात को कह चुके हैं कि जब केंद्र सरकार कोई सौंफ पैसा देती है तो अंतिम व्यक्ति तक पहुंचते-पहुंचते वह सिर्फ 15 पैसा बच जाता है और उनकी बहुत बड़ी चिंता भी थी इस चिंता को समझते हुए नरेंद्र मोदी जी ने एक बहुत अच्छी योजना चलाई कि आपका जो पैसा होगा कि आपके अकाउंट में पहुंचे का या मजदूरों के लिए यह योजना लाई गई और मनरेगा का पैसा डायरेक्टर अकाउंट में ट्रांसफर होने लगा इसके ऊपर सबसे ज्यादा यदि किसी के पेट में दर्द हुआ था तो कांग्रेस के हुआ था क्योंकि कांग्रेस पार्टी हमेशा सहित दलालों की पार्टी रही है जैसे यह स्याही ने यह रेसिपी का पैसा सीधे किसानों के अकाउंट में ट्रांसफर करने की घोषणा की सबसे पहला दर्द अमरिंदर सिंह के पेट में हुआ अमरिंदर सिंह ने कहा कि इससे किसानों के बीच और ज्यादा रोष पैदा होगा और उसकी वजह क्या है किसानों के बीच में को रोष पैदा नहीं होने वाला किसान बल्कि खुश है कि उसका पैसा दूसरे के हाथ में आए और फिर हमारे हाथ में आए उससे बेहतर है कि डायरेक्ट हमारे पास पहुंच इससे केवल और केवल दलालों के अनुसार है और वह दलाली का नुकसान है अब इस पॉइंट को आपने बड़े ध्यान से सुन है और समझना है कि मैं कहने जा रहा हूं इस वजह से इस वीडियो को स्किप भी नहीं करना है पॉइंट यह है कि आदत यह कहता है श्रवण को के भैया देखिए यूपी सरकार ने एमएसपी निर्धारित किया है यह ऊपर 1978 ऊपर अब मैं आपसे 1975 रुपए के रेट में यह फसल ले रहा हूं मैं इसको सरकार को दूंगा एमएसपी का रेट 1975 में मेरे अकाउंट में आएगा वहीं मैं आपको दे दूंगा मुझे तो केवल इसका ढाई परसेंट सरकार देती है इसके अलावा जी मैं तो कुछ नहीं कमाता ऊपर से जवाब मुझे फसल देते हो तुरंत मैं आपको rs.75 वही कह देता हूं यानि कि 1020 पर सेंड अगर किसान चाहता है तो आप इसको बेबी देता है और फिर जो बीच का एक दो महीने का प्रोसेसिंग जो होती है उसमें सत्या उस को झेलता है यह बात लाजमी है लेकिन सरकार यह कह रही है कि भैया आपने किसान से एमएसपी पर लिया 1975 ऊपर लिया ठीक वही 1972 कि आप उसको दे दोगे ठीक है आपको मैं देता हूं ढाई परसेंट ठीक है वह ढाई परसेंट में दूंगा कि आप ही तो 1975 पर ले जाकर के किसान को दोगे ना आप तो खुद कह रहे हो कि मैं तो हरिश्चंद्र का सर्टिफाइड पुत्र हूं ठीक है तो यही 1975 में उनको दे दूंगा टाइप परसेंट पाबंद है ना तो आप अपना ढाई परसेंट ले लो लेकिन नहीं आदित्य को इसी से प्रॉब्लम है वह यह कि नहीं वह 1975 ऊपर मेरे हाथ में आए तब मैं दूंगा क्योंकि मैं उसको पहले से पहले कुछ रकम दे भी देता हूं तो वहीं सरकार यहां पर यह कह रही है कि आप जो देते हो वह ईमानदारी की कमाई सकते हो यानी ढाई परसेंट से ढेरों ना उसे फालतू तो कहीं से आप कम आते ही नहीं हो तक कम आते नहीं हो तो सिर्फ अधिक आप दे भी सकते है ना तो अगर आप वही पर्सन से फालतू कमाई नहीं रहे हो और ढाई परसेंट में कमाने फिर भी आपको कह रहा हूं तो यह पैसा इधर भी हो सकता है चोरी हो सकता है आग लग सकती है तो मैं कोई गोली मार सकता है कुछ भी हो सकता है तो डार्क पैसा अकाउंट हो जाएगा कोई खतरा ही नहीं है आप अपना एक परसेंट कमाते रहो प्रॉब्लम क्या है आप क्या कहीं पर कुछ ज्यादा दाम में बेचकर किया तो दुग्गल कहते है अत ये कतई नहीं मैं ज्यादा नहीं सोचता हूं मेरे को कोई समस्या नहीं भाई मैं तो बेमानी नहीं करता हूं तुझे बेइमानी नहीं करता तो मैं ड्राइव परसेंट पहले कहा था वह भी काम आता है rs.75 पहले भी तो लाइक परसेंट में सीधे रहा था ना अब मिठाई परसेंट मुद्दा है लेकिन यहीं पर प्रॉब्लम है और इसी की वजह से यह 100 से ज्यादा दिन हो गए हैं सड़कों को घेरकर के पड़े हुए हैं क्योंकि दलाली खत्म हो रही है अब मैं बताता हूं कि यहां पर अटैक कमाता कैसे है सिर्फ ढाई परसेंट का खेल नहीं है यह हो सकता है कई बार 1975 से डबल का रेट भी कमा लेते हैं और उसी की वजह से यह सारी की सारी दिक्कत पैदा हो रही है और किसान वो डबल पैसा ना कमाले इसी की वजह से दिक्कत हो रही है और किसान समझ नहीं रहा है वह सिर्फ एक पव्वे की वजह से 24 पकौड़ों की वजह से सड़कों पर पड़ा हुआ है वह चीज मैं आपको बताता हूं कि वह कैसे होता है एक राज्य ने 1975 एसपी किया दूसरे ने कहा कि मैं 2000 दूंगा और तीसरे ने कहा कि बाइक छोड़ दूंगा मैं हैं अब यहां से आदित्य के पास में ताकत है यह पॉवर है कि वह 1975 के रेट से फसल उठा लेगा rs.75 वहीं के पेड़ कर देगा और वह जाएगा 22 उसे के रेट में को बेच देगा और 22 प्रभाकर रेट में बेचकर के वहां की जो राज्य सरकार है वहां पर वह एक धांधलेबाजी करेगा पेप्सीको जो रिकॉर्ड देगा वहां पर उसको इफेक्ट आंकड़ा देना पड़ेगा और वहां से दिखाता है कि इतनी उपज हुई है यानि कि जिसके नाम से खेती की 1 इंच जमीन नहीं ताशा उसके नाम पर भी चला जाता है क्योंकि आदित्य ने खुद से वाटर है पैसा तो यह सारे के सारे धांधली है बस आप से यही कहता है कि अगर भाई जिस किसी व्यक्ति के पास में 10वीं के गेहूं है तो 10:00 बीइंग ए गेहूं बो रहा है इसका रिकॉर्ड मेरे पास होना चाहिए पहले से पहले अब ₹10 में कौन सा बीच है उसकी कितनी ऊपर उसमें हो सकती है यह एवरेज ने होता है अब जो गन्ना होते हैं वह इस बात को बड़े आराम से समझ सकते हैं जैसे कि हम करना बहुत हैं हमारा 20 भी के का वरना तुम मेल को पता लगा 20 के करने में नया विवाद खड़ा हुआ है तो 20 भी गए में इतनी ट्रॉलियां इतनी बुरी करना होगी तो उतनी ही पर्ची उसी हिसाब से पर्ची आएगी और एक पर्ची पर एक भाग्य एक टोली हिसाब से प्रतियोगी हम उस परसों डालने के लिए जाएंगे क्योंकि मिल वाले के पास में कहां पड़ा है कि इतने भी घर में इतना करना होगा इसी प्रकार से ऐसी आई के पास में का आंकड़ा है कि फलाना बीज फलानी जमीन में घर बुलाया गया है तो सख्त कितना गेहूं निकलेगा ऑर्डर किया उसके नाम पर उस से ज्यादा अगर गेहूं बेचता है मामलों डबल-ट्रिपल पांच गुना बेचता है तो आप यहां पर पकड़ा जाएगा और आदत या इस हिसाब से पकड़ा नहीं जाना चाहता है और वह किसान से मोटी रकम कमाना चाहता है एक और तरीका बता झाल 1975 के रेट से लिया और किसी प्राइवेट कंपनी को बेच दिया माल्या की पारले जी को बेच दिया parle-g बनाता है बिस्किट अब parle-g उसी अनाज को लेने के लिए तैयार है ₹3000 में अब आपने किसान से लिया 1975 में और यहां पर दे 3000 के रेट में सरकार यही कह रही है कि डायरेक्ट अगर बुक कंपनी के साथ में ही अटैच हो जाए किसान खेत तो वहीं सीधे ₹3000 कमा सकता है और अगर कोई व्यक्ति शांति नजारों के आलरेडी कमा रहा है कुंटल के तो उसको क्या जरूरत है भाई के व आदित्य से दस से बीस परसेंट एडवांस ले का यह सिंपल सी बात है अगर उसको कुछ पैसा लेना भी है तो क्रेडिट कार्ड से ले सकता है और वह भी बैंक से कम ब्याज दरों पर लेकिन आदत या दलाल बिचोलिया यह सब चीजें नहीं चाहता है अगर ऐसी आई जमीन का रिकार्ड मांगता है तो पंजाब के मुख्यमंत्री कहते हैं कि इससे समस्या होगी ही मैं आपको बताता हूं कि समस्या नहीं हो सकती है पश्चिम उत्तर प्रदेश में गन्ना होता है और हर साल हम अपना रिकार्ड जमा करते हैं कि हमारा इस साल इतना बीघा है इस साल इतना भी क्या है और इस साल इतना तरीका है कौन सा बीच है और उसकी सघनता के दिन है यह भी मिल आकर के चेक करता है तो इसमें कुछ भी घालमेल नहीं है घालमेल है तो सिर्फ इस बात से क्योंकि दलों को समस्या है अब जो असली किसान है वह मेरी बात को एकदम से समझ गए होंगे क्योंकि वह बहुत कम कहीं में ज्यादा समझते हैं क्योंकि वह किसान है असली किसान है लेकिन जो दलाल हैं जो सड़कों पर पड़े हुए हैं वो मेरी बात न समझे थे ना समझें है और न वह कभी समझेंगे क्योंकि उनकी दलाली वर्षीय दलित लग रही है और किसान को वह लूट करके अपने घर की रोटियां चलाना चाहते हैं लेकिन उससे एक अपील है कि भाई ढाई परसेंट मिलता था आधे परसेंट मिलता है ढाई परसेंट मिलता रहेगा नुकसान भी आपके भाई बंधु है उनको भी थोड़ा सा कमा खा लेने दीजिए उनके बहुत समय तक खून चूसने वाली सरकारें आती रही हैं और उनको भी मुख्यधारा में आने दीजिए यह वीडियो अगर आपको जानकारी से भरपूर लगे तो उसको सब के साथ में Share अवश्य करें मेरे संग बोले सत्य सनातन धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

No comments:

Post a Comment

😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।

में एक बार क्या हुआ कि उनका खूब सारा लोगों ने आप जैसे यह दोनों ने बहुत विरोध किया और उन विरोध करने वाले लोगों ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी...