Saturday, 31 January 2026

ईसाइ घरवापसी में सुनाई जीसस की आपबीती बच जाते जीसस अगर Satya Sanatan Ankur Arya Dhamtari Speech

ना मिलने का मौका [प्रशंसा] धमतरी गुंजन चाहिए जय जय श्री राम [संगीत] अंकुर संस्थापक बहुत-बहुत स्वागत है स्वागत है तालिया में कभी नहीं होनी चाहिए लिए इस गुजराती स्वागत करें [संगीत] जय जय श्री राम के साथ में लग रहा था की युवाओं की शक्ति देखिए मैंने एक बार फिर से मैं आपको बताऊं मैं चोटिया पांचवी बार घूमते ही ए रहा हूं काफी सारे लोग इस बात को जानते हैं और जितनी बार भी मैं आता हूं जोश और सांप लोगों में उतना ही ज्यादा मिलता है जब मैं पहली बार आया था तो मैं अकेला ट्रेन से चला आया था इस बार जब मैं आया तो मुझे उत्तर प्रदेश की गवर्नमेंट को पहले जवाब देना था की मेरी सुरक्षा मास सुनिश्चित होगी की नहीं रास्ते में सुनिश्चित होगी की नहीं ये सब चीज होगी की नहीं और मैं मानता हूं की धमतरी धर्म की नगरी ने मुझे बहुत कुछ दिया सबसे पहले आप सभी धर्म नगरी धर्म वीडियो का धर्मपुरी वीडियो का बहुत-बहुत धन्यवाद आपने मुझे उसे समय से प्यार किया है जिस समय से मुझे कोई नहीं जानते द लेकिन मैं हमेशा यही कहता हूं जब मुझसे कुछ पूछता है की आप कहां से हो मैं कहता हूं की मेरा जन्म हुआ आज हमारे बीच में काफी सारे लोग हैं बहुत-बहुत दूर से आए हैं धर्म के यहां पर बात चल रही थी हम किसी से धर्म का अपमान नहीं करते असल में एक बात को आप जान लीजिए की धर्म केवल एक ही है बाकी मजहब है संप्रदाय है कल्ट है इसका मैं बहुत छोटा सा आपको उदाहरण बताता हूं किस तरीके से है धर्म के और वो है सत्य सनातन वैदिक धर्म की बौद्ध धर्म की शुरुआत इन्होंने की ईसाई किसने की इस्लाम किसने की जेल किसने की बताओ सनातन धर्म की शुरुआत किसने की मैंने कहा क्योंकि सनातन इंटरनल है उसकी शुरुआत किसी ने नहीं की बल्कि उसके द्वारा सब की शुरुआत हुई है वो तब से है जब से कोई नहीं था जब सूर्य भी नहीं था चंद्र भी नहीं था पृथ्वी भी नहीं थी तब से सत्य सनातन वैदिक धर्म है और सनातन का अर्थ कल्ट की जो परिभाषा है अगर आप उसको सर्च करेंगे तो आपको पता लग जाएगा की जो अभी किताब होती है क्या हमारे यहां पर कोई एक मजबूत तार है नहीं चार वेद है 6 दर्शन है 11 उपनिषद है धर्म क्या है या तो अभ्युदय निचले से सिद्धि धर्म हो धर्म की परिभाषा केवल मात्रा एक है [संगीत] धर्म कहां है जहां सत्य है अहिंसा है asthiy aparira है शौच है संतोष है तप है स्वाध्याय है और अंत में ईश्वर प्राणी है अब कोई कहने लग जाए की हिंदू धर्म नहीं है सिर्फ और सिर्फ isaiiyat ही एक धर्म है आप सत्य बोलना कथा आरंभ कहां से हुआ ओरिजिन कहां से आया सत्य सनातन धर्म से मुझे किसी ने कहा की यहां से हजारों मेल में एक व्यक्ति ने तुम्हारे लिए अपना खून बहाया वो तुम्हारे लिए सूली पर चड्ढा अभी भी जो mathantarit होते हैं लोगों को आप लोगों के दुख हारने के लिए हमारे फल falav पैगंबर ने अपना खून हुआ क्या गजब की बात है टूटी ये तिल दोनों पैरों में ठीक सिर्फ कांटे रखे गए और भाई ने प्राण तो ए रही है अरे भीष्म पिता को को पूरे ब्रह्मांड का परमेश्वर घोषित कर डन जिन्होंने सैकड़ो तीर लगे हुए द 6 महीने तक धरती पर पड़े रहे हो इच्छा मृत्यु लेकर के जब कहा की उत्तरायण में सूर्य ए जाएगा तब मैं अपने प्रांतीय दूंगा मैं तो पूरे ब्रह्मांड का परमेश्वर उनको बना डन इस टाइम बोल देता जोर से एक बार जय श्री राम का नारा लगा देता ना तो सूली भी टूट जाते हैं अबे भाई दुख है दर्द है तो बोल लेता हनुमान चालीसा [प्रशंसा] कुत्ता भी तेरे संग होंगे [संगीत] परिचय लेकर के आए तो बोलो भाई मेरे एक बात बता 2000 साल पहले मेरे पैदा होने से भी पहले मेरे दुख और मेरे कष्ट के लिए अपना खून बहाने वाले को यदि मैं अपना भगवान मैन लूं तो मेरी शराफत मेरी धरती की धर्म के लिए रक्षा करने के लिए अपने प्राण पर ए गई बिश महबूब क्यों ना भगवान महात्मा और जबकि हम sanataniyon ने भीष्म पितामह को भगवान नहीं मानूंगा क्योंकि वो कौरवों के साथ खड़े हुए द अरे तब क्या है द्वंद को सहन करना ही तप है और ढूंढ को किसने सहन किया विष्णु पिता मैंने शब्द dvando को सहन किया आराम से लेकर के माता ने त्यागी पिता ने त्याग किया विवाह नहीं करूंगा यह सब नहीं करूंगा इतने बड़े तपस्वी और उन लोगों के बहकावे हमारे हिंदुस्तान की इस दशा के पीछे तीन लोगों का हाथ है हमेशा ध्यान रखता है सबसे पहले नेक्स्ट मोलर दूसरा है कौन क्रिश्चियन नहीं है है उसे टाइम पर यहां देखिए जाती क्या होती है जाती वेदों में जो लिखित है की कोई साहू जाती कोई हो जाती मनुष्य एक जाती पशु पक्षी एक जाती और पादप यानी की पौधे एक जाती इनको जाती कहा गया है मनुष्य जाती में स्त्री भी पुरुष भी आते हैं इस बात को आप समझ लो जाती हमारे यहां पर नहीं थी मैं मुजफ्फरनगर से हूं मुजफ्फरनगर में हम लोगों ने सबसे पहली सर्व खाप पंचायत जाम लगाई थी वो लगाई थी ना sarvpratha पंचायत और आप यकीन नहीं मानोगे सरवत आप पंचायत के मुखिया कौन द जिनको हमारे उत्तर प्रदेश में ओबीसी और स माना जाता है यानी की वाल्मीकि समाज के लोग उसके चांसलर द उसके सेनापति द अब मुझे एक बात बताओ अगर वो चांसलर से सेनापति द तो भैया जातिगत डिस्क्रिमिनेशन कहां था अपने धर्म की रक्षा बाप ने भाइयों को मानता हूं जिन्होंने मेरे धर्म की रक्षा के लिए अपना नंबर आया जिन्होंने अपने सिरों के ऊपर अपने घरों में सूअर का पालन करना मंजूर किया लेकिन वो मैट्रिक नहीं हुए जब हमारे यहां पर शादियां होती थी उसे समय पर नवाब के यहां पर पहली डोली जाते हैं तो वाल्मीकि और जो दलित समाज जिनको ऐसी समाज कहते हैं उन लोगों ने तय किया की हम सूअर काटेंगे उसके खून में लड़कियों के पैर और हाथ रंगीन और फिर दरवाजे के बराबर में ऐसे निशान लगाएंगे वो अब नहीं होता है अब संदूर से ऐसे लाल करवाने lagvate हैं परंपरा अभी भी चली हुई है अब मुझे एक बात बताओ कास्ट जिस वर्ड को कहा गया है दिनो किया गया है वो यहां पर नहीं है संविधान में कहा जाता है की हमारा संविधान धर्म निरपेक्ष है गलत बात है धर्मनिरपेक्ष हो ही नहीं सकता क्योंकि धर्म सबका समान है अग्नि यह जल रही है अग्नि का धर्म है उष्मा देना गर्म करना और हमेशा ऊपर की तरफ चलना जल का धर्म है शीतलता गरम कर दोगे तो मैन जल ये इनका धर्म है मनुष्य का अपना एक धर्म है और वो कभी बदलता नहीं है हमारा संविधान धर्म नहीं बल्कि पंथ निरपेक्ष है इस बात को समझ लीजिए मैक्स मूलर ने सबसे पहले क्या किया इस बात को आप समझना और मैं इन तीनों के बारे में बताऊंगा की तीनों अंग्रेज से और हम गुलामी करने के लिए जा रहे हैं तो कितने बड़े शर्म की बात है मैक्स म्यूलर ने सबसे किया manushyamriti को भी इसी प्रकार से गलत किया गया और उसमें बहुत सारी बातें भारी गई मैंने मनुस्मृति पढ़ है और धमतरी के काफी लड़कों ने बहनों ने हमारी ऑनलाइन marusmriti पड़ी है और उसमें मैंने बताया [संगीत] धर्म को दूषित करना दूसरा क्या था शिक्षा को दूषित करने का कार्य किया गया था लेकिन हमारे शिक्षा पढ़ती को virodhik दिया बहुत खतरनाक तरीके से और तीसरा हमारा जो ताना बनाया ढांचा होता है वो होता है सामाजिक ढांचा उसके बाद मैं बोलने में बुलाया था आओ हम को जिसने की उसे समय की कांग्रेस का गठन करवाया और हमारे जितने भी याद रखिए इस बात को यह वही धर्म की नगरी है यह वही छत्तीसगढ़ है जहां पर अभी कालीचरण महाराज आए द और जिन्होंने मोहनदास करमचंद था और धमतरी की सरकार ने उनके पीछे पुलिस मध्य प्रदेश तक दौड़ा दी तो मैं भी जब यहां ए रहा था तो मुझे भी कहा गया की मोहनदास करमचंद गांधी जी के विषय में कुछ मत बक्श दूंगा मैं हूं मैं क्योंकि मोहनदास करमचंद गांधी जी से जिस समय पर मैं 1935 में ईसाई मिशनरी वालों ने पूछा की आप ईसाई मिशनरी वालों से नफरत क्यों करते हैं आप जानकर के हैरान हो जाएंगे की मोहनदास करमचंद गांधी जी ने क्या कहा था उन्होंने कहा था की यदि मेरी हुकूमत होती यदि मेरी सरकार होती तो मैं ईसाई मातरम की जितनी भी विषय हैं इनको यहां से भागकर है परंतु वही लोग यह कैसा पाखंड रखते हैं राजनीति के नाम पर इस बात को samjhiega गिरफ्तार करवा लेते हैं जिन्हें स्वयं कहा की मिशनरीज को मैं यहां से हटाना चाहता हूं भगाना चाहता हूं तो उसे पर किसी का कोई अमल ही नहीं है यही रही आज उसी कांग्रेस को कौन बता रहा है क्रिश्चियन से ही चला रहे हैं [संगीत] फैला कर के सबको तपस्वी बताया जा रहा है यह पाखंड आप लोग अपनी आंखों से देखने और समझे 1920 में जिस समय पर दरकी में खलीफा बदला गया बहुत सारे हमारे भाई बहन यहां पर बैठे होंगे जिन्होंने खलीफा आंदोलन के विषय में पढ़ा होगा खिलाफत आंदोलन हमें अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ चला हुआ आंदोलन गलत बात है भाई खिलाफत का अर्थ था तुर्की में खलीफा का शासन था उसको अंग्रेजों के द्वारा हटाया गया और हमारे मोहनदास करमचंद गांधी जी यहां पर लोगों को लेकर के धरने पर बैठ गए के तुर्की में और आप जानते हैं इसका दुष्परिणाम क्या हुआ इसका दुष्परिणाम यही हुआ की यहां के खलीफा को मानने वाले समाज में हिंदुओं का नरसंहार अंग्रेजों ने खलीफा को हटाया तुर्की में और यहां खलीफा को मानने [संगीत] वाले शोक आदर किया और हमारे बड़े-बड़े नेता उसे समय पर शांति करो शांति करो ऐसा करते हुए फिर बाद में शांति का डैन कर दूंगा मैक्सिमम तीनों के तीनों अंग्रेज द क्रिश्चियन द और उन्होंने हमारे इस देश लोगों को पूर्ण रूपेण ईसाई देश बनाने के लिए ही यहां पर ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना की थी ईस्ट इंडिया कंपनी का लोगों अगर आप सर्च करेंगे तो उसमें तीन क्रॉस लगे हुए हैं फिर कहा जाता है गलत बात है हिटलर वो एक चर्च में उसकी पढ़ लिखाई हुई थी जिसको कॉर्नर स्टोन कहा जाता है स्वास्तिक जैसा एक निशान बनाया किसको को कॉर्नर स्टोन को मिलाकर कॉर्नर स्टोन किसको कहा जाता था यीशु मसीह को और क्या आप जानते हैं की इसी हिटलर ने 60 लाख यहूदियों को गैस चैंबर में घर के मार दिया छोटे-छोटे बच्चे गर्भ में वह लोग जिनके सर पर करोड़ लोगों की मिशन हत्याओं का खून लगा हुआ है उन्होंने कभी हमारे भारतवर्ष के प्रति दया भाव नहीं दिखाया एक सबसे बड़ी भांति लोगों के अंदर है मदर टेरेसा बहुत महान महिला था क्या जानते हैं 1984 भोपाल गैस त्रासदी के बाद इस महिला ने प्रशासन पर ये दबाव बनाया की वो इसके आरोपियों को छोड़ दे बख्श दे और 90s में जाकर के उसको भारत का भारत रत्न अवार्ड मिला इसी के ए में लेकिन हम सब लोग क्योंकि जानते नहीं हैं और जानते हैं तो उसको मानते नहीं है और जिन चीजों को मानने लग जाते हैं उनको गहराई के साथ में जानते नहीं है प्रॉब्लम यहां पर है हमने स्वयं ही अब हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री स्वर्ण को स्वयं से भारत रत्न दे लेते हैं उनके बाद में आती है भारत रत्न ले लेती है और हम समझते हैं की वह समय भारत रत्न द और हम समझते हैं जिस समय पर बंगाल के अंदर वहां पर मदर टेरेसा जी स्वयं जाकर के मार जिनके जो प्रणाम हो रहे द उन लोगों से का रही थी की तुम ईसाई मत को स्वीकार कर लो मोक्ष में चले जाओगे सेवा नहीं हो रही थी जिस समय पर हमारे भारतवर्ष के अंदर मोरारजी देशी देसाई की सरकार थी मोरारजी ने कहा की ईसाई का जो मिशनरी चल रही है आदिवासियों को जो mattantrit कर रही हैं उनकी संस्कृति से उनको समाप्त कर रही है आपको यह बंद करना होगा ताकि इसका सीधा-सीधा मतलब मैं समझ लूं की आप यह जो कार्य कर रहे हैं मतदान की आड़ में ही कर रहे हैं तो उसे पर उन्होंने स्पष्ट कहा की आप कुछ भी समझे मैं mathantarit कर रही हूं चाहे नहीं कर रही हूं लेकिन मैं कार्य को आप नहीं करेंगे जिन लोगों का भारतवर्ष को लूटने का प्लान था जिन लोगों का भारतवर्ष को समाप्त करने का प्लान था हम उनकी संस्कृति के वो केवल और केवल हमारी संस्कृति से अपनी संस्कृति में ट्रांसफर नहीं करते हैं विनायक दामोदर सावरकर जी ने कहा था की यह केवल mathantaran नहीं rashtrataran होता है क्योंकि एक व्यक्ति जब किसी दूर के मजहब को स्वीकार करता है तो उसकी पुरी का पूरा माइंड सेट उसकी मेंटालिटी उनके जो देवोटी स्पेसशिप होते हैं उनकी तरफ चला जाता है जैसे एक व्यक्ति अगर हिंदू से इस्लामी बनता है तो उसका पूरा का पूरा अटेंशन अब मक्का मदीना की तरफ होगा भारतवर्ष में उपस्थित हमारे जो पवित्र स्थल है उनके प्रतिमान वेटिकन सिटी और इन्हीं कर्म से स्लीपर सेल्स उत्पन्न क्योंकि उनकी भारत से जो अंदर से जो प्रेम होता है अपने देश के प्रति वही समाप्त हो जाता है सोशल स्टडी का स्टूडेंट रहा हूं और मैंने इस पर बहुत स्टडी कारी जब दिमाग डायवर्ट हो जाता है तो जहां से वो बिलॉन्ग करता है उसके प्रति उसके मैन में मार्मिकता दया भाव नहीं रहती है हम जो भी vasantript होते हैं वह मैरिट हो रहे हैं बल्कि अपनी संस्कृति को vinasht करने का [संगीत] कार्य धरती को भी समाप्त करने का कार्य करें एक छोटी सी बात के साथ में समाप्त करना चाहूंगा अपनी बात को की अगर परमेश्वर चाहते भगवान चाहते तो हमें पैदाइश ही साइना बना देते जब भगवान ने ही चाहा है की हम सनातन वैदिक धर्म में रहे और वहीं पैदा हो तुम वहीं रहेंगे अगर उनके वाले और उनके वाले गोद चाहते की हम ईसाई में ही पैदा होते तो कर लेते भगवान ने जब तय किया और उनकी शक्ति ने जब हमें एक हिंदू मैन कोख से पैदा किया है तो वहीं पर हमें रहना चाहिए यदि हम अपना दिमाग लड़ा करके लगा करके भगवान की इच्छा के विरुद्ध जा रहे हैं तो यानी की हम भगवान को चुनौती दे और भगवान को चुनौती देने का परिणाम आप सभी जानते हैं इसलिए मैं अपनी वाणी को विराट दूंगा और आप सभी के बीच में धमतरी में आकर के मुझे जितना प्रेम मिला है और जितना मुझे सीखने और बताने को मिला है इतना आर्यन का कहीं पर नहीं मिला है आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद आपको मेरे साथ जय श्री राम जय श्री राम जय जय श्री राम जय जय श्री राम जय बाबा स्वागत करेंगे

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