नमस्ते दोस्तों आप सबका एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने यूट्यूब चैनल सत्य सनातन में. जैसे ही आफताब और श्रद्धा का केस आया उसके अगले ही दिन अभिषेक और शिल्पा का केस आ गया है सोशल मीडिया पर एक नई आग लगी हुई है सब लोग कह रहे हैं कि जिस प्रकार से आफ़ताब के बारे में बात कही गई कि वह एक मुसलमान हैं ,वो एक हत्यारा है उसने अपनी सीख को अदा किया है और एक हिंदू लड़की की हत्या करके उसने लव जिहाद किया है. ठीक उसी प्रकार से अभिषेक का कोई नाम नहीं ले रहा है. यह भी दावा किया जा रहा है कि जिस प्रकार से राइट विंग से कहते हैं कि जितने भी न्यूज चैनल है यह एक मुस्लिम हत्यारे का नाम क्यों नहीं लिखते हैं. स्वाति मालीवाल के ऊपर भी यही आरोप लगा कि जब आफताब ने ,हत्या कर दी तो वहां पर सिर्फ लड़का लड़का क्यों लिखा जा रहा है वहां पर आफताब या फिर मुसलमान नाम क्यों नहीं लिखा जा रहा है. आम आदमी पार्टी ने तो यहां तक कह दिया कि वह क्योंकि पूनावाला है इसलिए वह शहजाद का रिश्तेदार है और वो एक पारसी है न कि एक मुसलमान हैं. हालांकि जब फैक्ट चेक किया गया तो बाद में पता लगा कि आफताब स्वयं लिख रहा है कि वह एक मुसलमान है. और. उसने इस बात को कई बार अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बताया भी है. हालांकि इसके बाद में आम आदमी पार्टी के लोगों ने माफी नहीं मांगी लेकिन शहजाद पूनावाला ने उन लोगों पर केस कर दिया. इसके अभी भी लव जिहाद का होने का जो एंगल है उस पर जांच चल रही है. लेकिन इसी दौरान निर्मल कौर जो कि झारखंड के पूर्व डीजीपी रही हैं उनका इंटरव्यू आया है और उस इंटरव्यू को आपने ध्यान से सुनना चाहिए. ये. एक समाज के द्वारा गोदी मीडिया कहे जाने वाले न्यूज चैनल का इंटरव्यू नहीं है बल्कि उनके सबसे मनपसंद. R.N.D tv का इंटरव्यू है, प्लीज उसको ध्यान से पहले सुन लीजिए. समझ में आ रहा है, हमारे देश में कोई बहुत विकसित संस्कृति नहीं है, मुस्लिम लड़के,हिन्दू लडकियों को फसाने की कोशिश कर रहे है . और उसके लिए बहुत बड़े बड़े फण्ड आ रहे है विदेशो से. अब वो उनको मोटरसाइकिल देंगे, बहुत अच्छे पैसे देंगे. पचास हजार से ,एक लाख रुपए महीना. आप जानते हो कि,इस तरह से कि अगर फस भी जाते है ,लड़की भगाने में, सफल हो गए. कही क्रिमिनल केस हो गए , कही पर पर पुलिस आ गई. तो लीगल सपोर्ट भी उनको पीछे से देते हैं. तो इस तरह के कई केसेस आ रहे हैं. आप जानते है कि उपसंस्कृति द्वारा समर्थित किया जा रहा है , उपसंस्कृति ने उस चीज कि स्वीकार्यता बढ़ीहै और जहां आप औरत को सिवाय खेती के कुछ समझे ना अगर ऐसे subculture में आप विश्वास करते है, ऐसे subculture से आप आते है , तो किसी लडकी की भावनाओं का कोई मूल्य नहीं है,आपके लिए वह एक वस्तु है . उपभोग की वस्तु है ,एक आपने उसका उपभोग किया, और मन किया तो काट डाला. क्योंकि आपको यानी के यहां से पता लगता है कि एक. पुलिस अधिकारी भी इन सब चीजों से अवेयर है लेकिन हमारा कोठा अभी तक भी इन सब बातों से अवेयर नहीं है. अब बात करते हैं कि जब यह मामला रिवर्स बताया जा रहा,तो रिवर्स है क्या नहीं? वहां पर श्रद्धा मारी गयी थी, और यहां पर एक शिल्पा मारी गई है.यानी कि दोनों के दोनों केस में, एक हिंदू लड़की ही मारी जा रही है. वहां पर मारने वाला आफताब था और यहां पर मारने वाला अभिषेक पाटीदार है. अभिषेक पाटीदार अपनी इस कहानी को बताते हुए बताता है कि वो और उसका एक पार्टनर एक कंपनी चलाया करते थे ,और उस कंपनी में ये हमारी सहयोगी थी. ये हम दोनों लड़कों के साथ में अफेयर में थी. ये मेरे पार्टनर से कई लाख रुपए अभी तक हड़प चुकी थी डकार चुकी थी. अभी भी दस बारह लाख रुपये की मांग कर रही थी मेरे पार्टनर ने कहा कि उसकी हत्या कर दी जाए. मैंने वैसा ही किया. और करने के बाद में मैंने यह वीडियो बनाया लेकिन मुझे अकेले को टारगेट किया जा रहा है भाई अकेले को टारगेट क्यों नहीं किया जाएगा? पापी व्यक्ति. देखिये , पापी कोई भी हो , हत्या किसी की भी,और करने वाला कोई भी हो. जिसने भी की है,चाहे वह आफताब हो,चाहे वो अभिषेक हो फांसी होनी चाहिए क्योंकि यह,दर्शाता है दिखाता है,कि महिलाओं के,लडकियों के प्रति इनका क्या रवैया है यदि उसने ठगी की है तो उसके खिलाफ जाना चाहिए. उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए आपने एविडेन्स और प्रूफ देने चाहिए. और उसके बाद में उसको जेल हो इस प्रकार से लड़ाई लड़नी चाहिए,लेकिन हत्या नहीं करनी चाहिए थी. लेकिन दोनों मामलों में कंपैरिजन करने वाले लोगों के लिए जवाब देना तो बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है. क्योंकि वो लोग इस चीज को लेकर के भी अब एक गंदा खेल. रच चुके हैं. जहा एक तरफ आफताब की स्टोरी एकदम अलग है. आफताब जिस समय पर श्रद्धा की हत्या करता है,उसके बाद में उसके पैंतीस टुकडे करता है. और पैंतीस टुकडे करने के बाद उसको फ्रिज में सजा करके रखता है. यही नहीं,उसी फ्रिज में वो अपना खाना भी मंगवाता है, उसको भी रखता है. और यही नहीं जिस समय पर वह एक और अन्य लडकी को फंसा लेता है उसको अपने रूम पर बुलाता है . उसमें से.सामान को निकालकर के और जितने भी टुकड़े थे,उनको निकाल के अलमारी में बंद करता है उसमें खाना रखता है. वो लडकी स्वयं आती है फ्रीज से खाना निकालती है , खुद खाती है. यह लड़का उस लड़की के,यानी कि आफताब उस नई लड़की के साथ में उसी कमरे के अंदर सहवास करता है . और उस लड़की को वहां से भेज देता है. अब आप सोच सकते हैं समझ सकते हैं कि यहां पर सारी चीजे छिपाई गई. और अभी भी यह व्यक्ति मस्त जेल में सो रहा है,और उसको इस किए हुए पर कुछ भी पछतावा नहीं है. दूसरी तरफ हम अभिषेक की कहानी को देखते हैं,जिस समय पर वो हत्या करता है. उसी समय पर कहता है कि. बेवफाई नहीं करने का. मैं किसी को जस्टिफाई नहीं कर रहा हूं,लेकिन मैं सोशल मीडिया को आंसर करना चाह रहा हूं कि अगर आप ये. मामले को रिवर्स बता रहे हैं तो मामला रिवर्स नहीं है. आफताब,अभिषेक को मृत्युदंड मिलना चाहिए क्योंकि दोनों के दोनों ही कोड ब्लडेड मर्डरर हैं. और इन लोगों को यदि फांसी नहीं हुई तो आगे इसी प्रकार से. ये मामले खिंचते चले जाएंगे और लडकिय इसी प्रकार से मारी जाती रहेंगी. अब अभिषेक की हम बात कर रहे थे कि,उसने यह बात कही.बाहर निकलकर के वो एक और विडिओ बनाता है, जिसमें वो कन्फेस करता है कि मैंने उसकी हत्या की है. और हत्या करने के बाद,वह वहां से भागता है और बताता है कि, मुझेअकेले को फंसाया जा रहा है. मेरा दोस्त,जिसने कहा था कि उसकी हत्या करनी है. जिस पर वह वीडियो यानी कि, जो उसका पहला वीडियो आता है उसमें स्पष्ट पता लगता है कि दोनों के दोनों इससे पहले सहवास स्थिति में रहे होंगे. क्योंकि लड़की उस समय पर निर्वस्त्र पड़ी हुई है.अर्थात वह उस अवस्था में आ चुकी होगी शायद,और उसके बाद में उसके हाथ और गले की नसें काट दी गई है. कमरे से एक पूरी की पूरी खाली शराब की बोतल और,कुछ आधी बोतल भी मिली है . अर्थात दोनों के दोनों उस समय पर काफी उमंग में रहे होंगे. और अचानक से इस व्यक्ति ने उसके ऊपर हमला किया. उसके बाद में वीडियो बनाया अपलोड किया और भाग गया. बहुत सारे लोग इसको बता रहे हैं कि जिहादी के द्वारा बनाये गए वीडियो है. लेकिन ऐसा लग नहीं रहा है क्योंकि व्यक्ति ने स्वयं कन्फेस किया है कि उसका नाम अभिषेक पाटीदार है. एक समाचार पत्र के अनुसार यह बताया जा रहा है कि. लड़की का जो मारे जाने वाला एंगल है वो बिल्कुल ही डिफरेंट है. इस व्यक्ति ने इस लडकी को अपने यहाँ पर बुलाया,बाद में उस लड़की को पता लगता है कि यहां पर देह व्यापार चलने वाला है. और इस देह व्यापार में घसीटने वाले व्यक्ति का नाम सलमान बताया जा रहा है. इस अखबार की कटिंग के साथ, हम यह पुष्टि नहीं करते की मामला सत्य है अथवा असत्य. लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता. कि होटल के अंदर जो आइडिस दी गई थी,यानी के जो पहचान पत्र दिए गए थे और नकली थे,अर्थात अभी भी लडके और लडकी के नाम कुछ और भी हो सकते हैं,अर्थात इसमें शिनाख्त होने की आवश्यकता है . लेकिन अगर हम,डीजीपी,पूर्व डीजीपी झारखंड यानी के निर्मल कौर की बात को सुने तो हमें वहां से पता लगता है कि दूसरी तरफ जो आफताब वाला केस है. वह इससे बिल्कुल डिफरेंट है. अर्थात. अभी तक भी जितने लोगों के द्वारा इस तरीके के पाप किए गए हैं. उनको,इनके मजहबी संस्थाओं की तरफ से पूरा सपोर्ट मिला है .यही नहीं इनकी मजहबी संस्थान, आतंकवादियों तलक को सपोर्ट करके उनके केसेस लड़ती है. लाल किले पर हमला करने वाले व्यक्ति के लिए अब तक केस कोन लड़ रहा है? वहीं संस्थाएं हैं,जो आतंकवादियों को पनाह देती है,और उनके लिए लड़ने के लिए पैसा जकात के नाम पर इकट्ठा करती हैं. पिछले दिनों कोर्ट ने कहा था कि इसके मृत्युदंड की सजा को हम कम नहीं कर सकते हैं चाहे आप कुछ भी कर लीजिये. लेकिन इस बात को सोचकर के अफसोस होता है कि ऐसे लोगों के लिए भी केसेस लड़े जा सकते हैं. और उनके लिए लड़ने वाले वो लोग हैं जो अपने आप को शांतिप्रिय मज़हब बताते हैं. एक तरफ अभिषेक है जिसने कि,सारी चीजों को स्पष्ट कर दिया है भाग रहा है,लेकिन पकड़ा जाएगा और सब के सामने उसका फेस है. दूसरी तरफ रही है श्रद्धा जिसके अभी तक भी, पैतीस में से केवल दस टुकडे ही. शरीर के बताए जा रहे हैं कि मिले हैं. शरीर के क्या ही टुकड़े मिले होंगे,मुझे ऐसा लगता है कि हड्डियां ही मिली होंगी. अभी तक भी काफी सारे टुकडे. अभी, पुलिस की जो, पकड है,जो उसकी पहुँच है उससे बाहर है . यानी कि वो,छिन्न भिन्न कर में दिए गए होंगे मांसाहारी जानवरों के द्वारा. ऐसी दोनों स्थितियों में न तो कोई रिवर्स लव जिहाद है. ना यहां पर कोई हिन्दू मुस्लिम एंगल है, और न ही यहां पर किसी न किसी के मजहब से छिड करके किसी की हत्या की है. बल्कि एक,ओल्ड राइवल री कही जा सकती है. हत्या हत्या है उसको जस्टिफाई नहीं किया जा सकता,हत्यारा हत्यारा है उसको फांसी मिलनी चाहिए. लेकिन इन दोनों चीजों में समानताएं दिखाकर के. समाज के अंदर विभेद पैदा करने वाले लोगों को थोड़ा सा आगाह करना चाहता हूं. कि अभी भी आफताब के केस में उसके पीछे के चेन के ऊपर. शिनाक्त चल रही है,जांच पड़ताल चल रही है.लव जिहाद के एंगल पर भी अलग से टीम गठित कर जांच हो रही है|लेकिन अभिषेक का जो केस है,वो एकदम ओपन एंड शट है| वह स्वयं इस बात को स्वीकार कर चुका है. सोशल मीडिया पर फैलने वाली ऐसी अफवाहों से बचें. और अपने विवेक अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें. हमेशा एक हिन्दू ही लडकी क्यों मारी जाती है, हमेशा वो ही लड़की इन लोगों के हत्थे क्यों चढ़ती है? जो कहती है कि,मेरा वाला ऐसा नहीं चाहे वह अब्दुल हो चाहे वो अभिषेक हो| वहीं लडकियां हत्थे क्यों चढ़ती है? जिनका संबंध परिवार से टूट जाता है और जो कहती है कि अब आप अपना संभालो मै अपना संभाल रही हूँ. जो भी एक फेमिनिस्ट बनने की कोशिश कर रही है वो जो आगे बढ़ती है,जिसके परिवार से संबंध टूट चुके हैं,जो परिवार वालों को नकार करके त्याग करके आगे बढ़ चुकी है,ऐसी लड़कियों के साथ में इस प्रकार की बातें क्यों होती है? अपवाद रूप में कहीं न कहीं निकिता तोमर जैसी बहने, बिना किसी बात के. इन जिहादियों के द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी जाती है. अब तो इनका ट्रेन्ड भी थोडा सा और ज्यादा. अपग्रेड हो चुका है,कि वे अब सूटकेस में नहीं, सीधे फ्रिज में फेंकते हैं. परिवार वालों को,लडकियो को,स्वयं इस बात को समझना पडेगा,उनके दोस्तों को,उनके भाई बंधुओं को,ये बात समझनी पड़ेगी. की हम अपने बच्चों को,अपनी बहन बेटियों को,परिवार का समय दे पा रहे हैं अथवा नहीं. वो हमसे डीटैच हो तो नहीं रहे हैं, और कहीं ऐसा तो नहीं कि सोशल मीडिया के जाल में जंजाल में उतने फंस गए हैं कि,हम से लगातार दूर होते जा रहे हैं. इन सब चीजों पर चर्चा अवश्य करें अपने घरों के अंदर. इस विडियो में सिर्फ इतना ही.अगर यह वीडियो आपको अच्छी लगे जानकारी से भरपूर लगे तो उसके सबके साथ में शेयर अवश्य करें. मेरे संग बोलिए सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय. जय हिंद वंदे मातरम.
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