Saturday, 31 January 2026

कांग्रेस जल्दबाजी में हुई पूरी तरह बेनकाब। We support arnab

कि प्याज अगर कोई मौलवी हो या पांच राशियों को इस तरह माता दी अच्छा तो फिर क्या लोग शांत होते तो क्या होता पूरे देश के अंदर सोनिया-राहुल हटा देते क्या-क्या नहीं चाहते हैं उनका मी अ चकली वाली सोनिया गांधी चुप रहती मैं पूछता हूं अगर कोई पादरियों के हत्या करता प्रमोद कृष्णन तो आप पार्टी और आपके पार्टी के रोम से आए हुए हैं इटली वाली सोनिया गांधी को पुन नहीं रहती है कि नमस्कार दोस्तों कुछ लोग ऐसे हैं जो अपने कपड़ों से पहचाने जाते हैं और कुछ लोग ऐसे हैं जो अपने नाम से भी नहीं पहचाना जाते हैं जैसे कि भारत में रहने वाली एंटोनियो माइनो यानि के सोनिया गांधी अगर हम भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जिस समय पर उनको भारत की नागरिकता दी गई थी उस समय के पेपर जो उपलब्ध कराए गए हैं उनको अगर हम देखें तो वाकई में का नाम एंटोनिया माइनो हुई है जहां पर उनकी हाईट से लेकर के उनके बालों का रंग उनकी आंखों कारण उनकी जन्म देती सब कुछ लिखी हुई है जो उसके बाद में उनको नाम दिया गया है वह सोनिया गांधी और फिर एडिट लगा करके वहीं भारत में लिखा हुआ है एंटोनियो माइनो जो फोटो के नीचे सिग्नेचर है वह भी है एंटोनियो माइनो गांधी कि अब वह तो नेतागण जाने और जो बहुत ज्यादा पहुंच के लोग हैं वह जाने किन पेपर इसमें कितनी सच्चाई है और वह अभी अपना कौन सा नाम यूज करती हैं लेकिन क्या इसमें कोई भी दो राय है कि सोनिया गांधी का पूर्व नाम एंटोनियो माइनो है वो उनके पर्स में लिखा हुआ नाम भी एंटोनियो माइनो गांधी है कि इस बात में कुछ भी गलत है कि वह इटली की रहने वाली है क्या इस बात में कुछ भी गलत है कि ईसाइयों का सबसे सेक्रेट प्लेस पूरा का पूरा जूस सिटी है जो इसाई करने के लिए काम करता है वेटिकन सिटी क्या वह इटली में नहीं है क्या इस बात से इनकार किया जा सकता है कि कांग्रेस शासनकाल में जितना भी इसी चरण का काम हुआ है और इसाई करण के काम करने वाले चंगाई करने वाले लोगों को उस समय पर जितनी छूट मिली वह क्या कभी मिल पाई है क्या इस बात से इंकार कर सकते हैं कि इस आयोजन के खिलाफ कार्य करने वाले लोगों को खास तौर पर साधु संतों को भगवा धारियों को उस समय पर अपने मरवाया गया क्या हम इस बात से इंकार कर सकते हैं कि उस समय पर जितने भी इसी चरण के खिलाफ काम करने वाले साधु संत थे उन लोगों को जेल में नहीं डलवाया गया है सभी का नाम लेने की आवश्यकता नहीं है लेकिन कि हम इस बात को नहीं जानते हैं कि शंकराचार्य तक भी नहीं बख्शते गए खास तौर पर कि दीवाली के उत्सवों पर झूठे आरोपों में नौ दस दस साल तक उनको जेल में डाला गया है कि हम असीमानंद को भूल सकते हैं कि हम आसाराम को भूल सकते हैं उन लोगों को जिन्होंने भी इसी चरण के खिलाफ काम किया है उन लोगों को या तो मरवा दिया गया है और या फिर उनको जेलों में डाल करके सड़वा दिया गया है जहां पर झूठे आरोप लगवाया जाए चाहे उनको आरोपों को सिद्ध करने के लिए अपने ही लोग वहां पर भेजे जाएं लेकिन उन लोगों को खत्म करने का पूरा-पूरा काम हुआ है और इस बात का इतिहास गवाह रहा है अर्णब गोस्वामी ने इससे अलग कुछ भी नहीं कहा है उसने सिर्फ यही कहा कि रोम रहने वाली एंटोनियो माइनो आज खुश होगी और वह बताएगी कि जिस राज्य में मैंने एक बार कदम रख लिया है यानि कि महाराष्ट्र वहां पर मैंने संतों की हत्या करवा दी है और यह दर्द ना केवल अर्णब गोस्वामी का है यह दरगाह आज के समय में भरूच सिंधु का है जो अपने भारत वर्ष से प्रेम करता है और जो इसाईकरण कि सभी की सभी क्रियाकलापों से बहुत ज्यादा परेशान आ चुका है अगर हम यह बात कहें कि वेटिकन सिटी ने भारतवर्ष के राजपरिवार में अपनी एक महिला जिसका नाम एंटोनियो माइनो था उसको प्लांट किया ताकि भारतवर्ष में सत्ता को हासिल करके इसका पूरी तरीके से इसाईकरण किया जा सके तो उसमें कोई भी गलती नहीं है तब तक हमने देखा था कि यहां का बहुसंख्यक समाज पूरी तरीके से आशीष पड़ता है उनका जितना मजाक बनाया जा सकता था बनता था और यहां पर इस आयरन ओर इस्लामीकरण के काम खुले आम चलते थे यहां पर पीस टीवी पर खड़े होकर के जाकिर नाईक में हिंदू देवी देवताओं उनके बेटों दर्शन उपनिषदों का खड़े होकर के मजाक बनाता था मजाक बनाता था और कांग्रेसी लीडर चाहे उसमें प्रमोद कृष्णम हो और चाहे उसमें दिग्गी राजा हो और चाहे पर्दे के पीछे से काम करने वाले अन्यान्य बहुत सारे लोग हो सब कुछ खुला खेल चलता था लेकिन आज की तारीख में यदि हम अगर यह पांच-छह साल पुरानी बातें भी हमको यही नहीं आ जाती है तो हिंदू को डूब मरना चाहिए 9719 से यह सारे षड्यंत्र हो रहे हैं जो एंटोनियो माइनो को यहां का अध्यक्ष नहीं बनने दिया कांग्रेस का तो उसने किस तरह के षड्यंत्र रचे कितने लोगों की अकस्मात मृत्यु हुई जो कांग्रेस के अध्यक्ष बनना चाहते थे कि इस बात से इनकार किया जा सकता है क्या हम सिंधिया परिवार को क्या पायलट परिवार को हम भूल सकते हैं तो क्या हम संजय गांधी की हत्या को पूछ सकते हैं बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जो लगातार हुई है लेकिन पर्दे के पीछे ढक दी गई है एंटोनियो माइनो कक्काजू प्लांटेशन है इंडिया में वह किस नीयत के साथ में हुआ था इस बात को पूरा विश्व जानता है सिवाय कुछ फीचर्स हिंदुओं के और सिवाय उन हिंदुओं के जो अपनी पूंछ के नीचे अपनी नाक दबाकर के सो रहे हैं अरविंद गोस्वामी ने कुछ बोला नहीं था गलत नहीं कहा था लेकिन उसके ऊपर हमला हो जाता है अर्णब गोस्वामी की पत्नी उनके साथ में उस समय पर उपस्थित थी गाड़ी में ही उन दोनों के ऊपर हमला होता है जो हमलावर बाइक पर सवार लोग मेह वह पकड़े जाते हैं और वह इस बात को स्वीकार करते हैं कि उनको कांग्रेस ने ही भेजा था कांग्रेस ने भेजा था यहां पर भी हिंदुओं के हित की बात करने वाले के ऊपर हमला हुआ और चार दिन पहले भी इस समीकरण के खिलाफ काम करने वाले संतो के ऊपर हमला हुआ उन हमले में उन लोगों की हत्या तक हो गई थी और उसी हत्या के होंठ आने पर उठाने वाले के ऊपर फिर से हत्या का पूरा पूरा इंतजाम करके हमला हो जाता है इसको हम मात्र संयोग नहीं कह सकते हैं पहले सोनिया गांधी लेकर आया हो या न कराया हो लेकिन जो अब कराया है वह तो इसी वजह से ही कराया है तो दोनों का कनेक्शन जोड़कर के तो यही आता है कि दोनों सोनिया गांधी ने ही करा हैं लेकिन ऐसे समय में अगर हम यह देखकर कांग्रेस और उसके नेता गण कितने सक्रिय रहे तुम्हें चुटकी बजाते ही पता लग जाएगा कि किस प्रकार से कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर ही यह सारे काम कुएं हैं जहां एक तरफ हिंदू इस टाइम पर इतने आहत हैं कि उनके संतों की हत्या हो गई है और एक चोर लुटेरे तबरेज के ऊपर यौवन तक मामला ले जाने वाले पत्रकार जो इस समय पर रो रहे थे वह आज खामोश है पूरी तरीके से खुद सोनिया गांधी का परिवार पूरी तरीके से ओम नमो है इसी बात को उठाने वाले अर्णब गोस्वामी के वह खामोश मतलब अंदर-अंदर हंस रहे हैं और वह अपने वेटिकन सिटी फोन करके बता रहे होंगे कि देखिए आज हमने कितना बड़ा काम कर दिया है अब हम इस पूरे के पूरे ट्रायंगल को देखें तो हमें बीच में एक नजर आती है हल्का लंबा हल्का लंबा यह वही नेता है जो 2013 में जिस टाइम आम आदमी पार्टी में थी वह कांग्रेस क्यों को माइनो मुन्नी कहां करती थी वह आज खुद - 19 बनी हुई है 10:30 बजे के आसपास से ट्वीट करती है मुन्ना भाई की एक फिल्म में संजय दत्त है और वह कह रहा है कि गांधी बापू ने एक बात कही थी कि इस गाल पर थप्पड़ मारे तो यह क्रिस्पी थप्पड़ मारे तो फिर वह जो है वह सिक्योरिटी गार्ड को थप्पड़ मार देता है अब उसके बाद में क्या होता है 12:00 के आसपास हमला होता है और रात के 323 तारीख को इस दुष्मणि कह सकते हैं तीन बजे एक ट्विट आता है वह ट्वीट आप हल्का लंबा का शाम पड़े मतलब 12:00 हमला होता है और तीन बजे ट्वीट आ जाता है इससे हमें क्या पता लगता है सीधे-सीधे मतलब जाता है कि हल्का लंबा कांग्रेस पार्टी इस हमले के पीछे शामिल है और इससे हमें सीख मिलती है हम इससे यही मिलती है कि जब-जब भी कांग्रेस चाहे छोटी सी सत्ता में भी क्यों ना हो चाहे उसका पूरा हाथ नहीं पैर का एक छोटे वाली अंगुली भी राज्यसत्ता यह शासन में हो तो उस समय पर व कुंआ कर सकती है वो क्या क्या गुल खिला सकती है हिंदू हित की बात करने वाले लोग यह तो सच है कि बहुत ज्यादा दिन तक जिंदा नहीं रह सकते हैं कुछ लोग ऐसे हूं जो भूमिगत हो जाए तो वह अपनी मौत को थोड़े दिन के लिए टाल सकते हैं लेकिन जिस प्रकार से यह भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है जिस प्रकार से इन नर प्रशासन जोंबीज की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है कि जिस प्रकार भारतवर्ष में लगातार सिकुलर्स की संख्या बढ़ती जा रही है जिस प्रकार इस प्रकार के प्रॉडक्ट चलाने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है उससे यही लगता है कि हिंदू हित की बात करने वाले लोग ज्यादा दिन तक जिंदा नहीं रह सकते हैं उसके लिए सिर्फ एक ही काम हो सकता है कि आप जागरूक हो स्वयं जागरूक करें लोगों को जा जा करके अपने बच्चों को कम से कम कितना जागरूक कर दें कि वह लोग कभी भी इनके प्रपंच में ना फंसे क्योंकि हो सकता है कि हम जो आज हिंदू हित की बात कर रहे हैं वह बेमौत मारे जाएं बहुत सिंपल है हमारी मौत लेकिन जो आपकी आने वाली नस्लों और फसलें हैं वह भी नहीं बचेंगे इस वीडियो में सिर्फ इतना ही यह वीडियो आपको जानकारी से भरपूर लगे तो इसका सब साथ में Share अवश्य करें मेरे संग बोले सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद हुआ था

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