Tuesday, 3 February 2026

हिन्दुओं के लिए इससे बडी चेता वनी और क्या होगी म्लेच्छ राज 2047 की तैयारी

मेरे प्यारे मरते कटते हिंदुओं मेरी फिर से तुमसे अपील है क्या हथियार लेना चाहो तो ले लो तुम्हारे बड़े-बड़े महलों में बड़े-बड़े आईफो बड़े-बड़े टैबलेट बड़े-बड़े टीवी तो मिल जाते हैं लेकिन एक छोटा सा हथियार नहीं मिलता लेकिन अब्दुल हमीद का घर देखिए कितना टूटा फूटा सा जीर्ण शीर्ण सा मकान है लेकिन उसके अंदर भी हथियार है उनकी 204 7 को लेकर के पूरी तैयारी है मलेच्छ राज 204 7 को लेकर के उनका विजन क्लियर है लेकिन क्या आपका शत्रु बोध आपको क्लियर है क्या आप जानते हैं कि उनके कार्य करने की स्ट्रेटेजी क्या है क्या आप जानते हैं कि उनके कार्य करने का तरीका क्या है क्या आप जानते हैं कि कोई अपराध करने से पहले वो पूर्व में कितनी तैयारियां कर चुके होते हैं आप जाते हैं झंडा उखाड़ने का प्रयास करने लग जाते हैं और अपनी जान गवा देते हैं और ये मिश्रा जी जिनके भी दो महीने पहले ही शादी हुई थी आप ये देखिए कि उनकी विधवा नारी जो कि उनकी हत्या की बात सुनते ही बेहोश हो गई अब उनके ऊपर क्या गुजरेगी इसलिए मैं कहता हूं शत्रु बोध करना अत्यंत आवश्यक है 3370 में हथियार बेज रहा हूं लेना है तो जल्दी ले लो क्योंकि ये बीमारियां बहुत जल्दी बढ़ने जा रही है ये वैक्सीन है ये हथियार है ये आयरन डोम है इसको चाहे कुछ भी समझ लो मेरी बार-बार विनती है इस प्रकार की झांकियां रैलियां शोभा यात्राएं जब भी वहां से निकालो तो प्लीज एक बार ये भाई नोचे का चक्रव्यू जरूर पढ़ लेना छोड़ा नहीं है इसमें कुछ भी मैंने लिखने से ये सब छाक को मैंने उसमें कवर किया [संगीत] है बहराइच में जो कुछ भी हुआ हृदय को विदीर्ण करने वाला है हिंदुओं को एक बार फिर से सोचने पर मजबूर करने वाला है कि वो जो भाईचारे की पीपनी अब तक बजा रहे थे उसमें कितना दम है उनको सोचना पड़ेगा कि जब उनकी दुर्गा विसर्जन या फिर राम नवमी झांकी या फिर हनुमान जयंती पर निकलने वाली शोभा यात्राएं या गणेश विसर्जन या गणेश पांडाल या दुर्गा पांडाल जिन पर पथराव या फिर हमले हो रहे हैं उनके पीछे की साजिश क्या है इनके पीछे कौन जिम्मेदार है मैं कई बार आप लोगों को कह चुका हूं कि घर के अंदर एक हथियार रखना बड़ा महंगा पड़ता है क्योंकि लाइसेंस लाइसेंस लेने में 00 हज लग जाते हैं लाख रुपए से ज्यादा फिर उसको खरीदने में और वह हथियार भी केवल आपके पास रहता है परिवार के पास नहीं क्योंकि सबको तो शत्रु बोध होता नहीं है और कई बार गलती से उसका दुरुपयोग भी हो जाता है लेकिन जो वैचारिक शत्रु बोध आप लोगों के अंदर में डालना चाहता हूं उस पर भी कई बार सवाल या निशान खड़े हो जाते हैं सारी के सारी मुस्लिम लॉबी मेरे द्वारा हिंदुओं को दिए जाने वाले हथियार से थरथर कांप रही है लेकिन मेरा हिंदू समाज ही मेरा यह कहकर मजाक बनाने लग जाता है कि यह तो सिर्फ अपनी किताब या अपना कोर्स बेचने में लगा हुआ है मित्रों बहराइच में जो घटना घटित हुई है इसको मैंने बहुत समय पहले लिख भी दिया था डिकोड भी कर दिया था और बता दिया था कि आपको क्या सावधानियां बरतनी है और इनका इतिहास और तैयारी क्या है उसी पर एक विवेचना मैं करना चाहता हूं आप लोगों के बीच में गाजियाबाद के अंदर एक प्रेग्नेंट गाय के साथ में दुष्कर्म किया मोहम्मद साहिल ने और फिर एक बांस लेकर उसके जननांग में डाल दिया और उससे उसको अंदरूनी तौर पर इतना घायल कर दिया कि उसकी दर्दनाक मौत हो गई लेकिन हिंदुओं ने मोहम्मद साहिल को गोली नहीं मारी याद रखिएगा सैकड़ों वर्षों से सहारनपुर के अंदर एक जैन परिवार जिस जमीन को जोत रहा था उसके ऊपर मुसलमानों ने कब्जा कर लिया और कह दिया कि हमारी आबादी अब ज्यादा हो चुकी है अगर ज्यादा तीन पांच करोगे तो एसटी एसजे कर दिया जाएगा लेकिन जैन समाज इस मामले को लेकर के पुलिस के पास पहुंचा ना कि उनको गोली मारी झारखंड के अंदर सरकार हो या फिर मुस्लिम लोगों की पूरी की पूरी कम्युनिटी जिन्होंने दुर्गा विसर्जन नहीं होने दिया और पथराव कर दिया लेकिन उसके बावजूद भी वो लोग फिर भी पुलिस के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं ना कि उन्होंने मुसल मानों को गोली मार दी इससे पहले गणेश चतुर्थी के दौरान भी पांडाल पर इतने ज्यादा पथराव हुए मूर्तियां खंडित कर दी गई लेकिन तब भी वह सारे मामले पुलिस में ही लेकर के गए थे जबकि छह आठ राज्यों में लगातार यह घटनाएं घटित हुई थी जिस समय पर हम और आप भाईचारे की पीपनी बजा रहे थे उस समय पर गणेश जी के नाम का लगा हुआ एक होल्डिंग उसके ऊपर हरा झंडा फहराने वाला एक मोहम्मदी उसका ना केवल वीडियो बनाता है बल्कि उसको वायरल भी करता है और वो मोहम्मदी आज भी सकुशल जिंदा है उसको किसी ने थप्पड़ तक नहीं मारा जबकि उसने भगवान गणेश के सिर के ऊपर खड़े होकर के वो झंडा गाड़ा था लेकिन किसी ने उसको गोली नहीं मारी लेकिन थोड़ी सी बात के ऊपर उबल करर हिंदुओं के ऊपर हावी हो जाने वाली पूरी कम्युनिटी को थोड़ा सा समय दीजिए एक्सपोज करते हैं हैदराबाद सिकंदराबाद में भी इसी प्रकार से मंदिर के अंदर घुस कर के मूर्ति तोड़ दी जाती है लात मारकर एक टोपी वाले के द्वारा लेकिन टोपी वाला पूरी तरीके से सुरक्षित है किसी ने उसको एक चाटा तक नहीं मारा जबकि उसने मूर्ति ही तोड़ दी है वो भी लात मार करके ध्यान दीजिए वीडियो देखिए लेकिन वो अभी तक जिंदा है जीवित है किसी हिंदू ने उसके ऊपर हथियार नहीं उठाया बल्कि पुलिस में गुहार लगाई और वह गिरफ्तार करवा दिया गया है कर्नाटक का बेलगावी जिसको कि कुछ लोग वहां के छोटा पाकिस्तान भी कहते हैं वहां पर भी इसी प्रकार के कुकृत्य सामने आए लेकिन एक भी हिंदू ने पत्थर नहीं चलाया एक भी हिंदू का खून नहीं खोला एक भी हिंदू संविधान के खिलाफ नहीं गया लेकिन बहराइच में दुर्गा विसर्जन के लिए निकलने वाली झांकी के ऊपर पहले अब्दुल हमीद के घर से पथराव होता है जब उसका विरोध किया जाता है तो उनके ऊपर फिर से पथराव किया जाता है और यहां पर मामला बिगड़ जाता है जब दुर्गा मूर्ति का हाथ टूट जाता है अर्थात मूर्ति ही खंडित हो जाती है हिंदुओं में मूर्ति को खंडित किया जाना एक बहुत बड़ा पाप माना जाता है और इसका विद्रोह वहां पर होना अवश्यंभावी था आप जरा देखिए कि जिन मुगलों या उनसे पूर्व आने वाले तुर्की यवनों को भारतीय मुसलमान आज भी डिफेंड करते हैं उनका भी तरीका यही था जिन्होंने सोमनाथ तोड़ा अयोध्या तोड़ा मथुरा तोड़ा काशी तोड़ा पूरे देश भर के अंदर 40000 से ज्यादा मंदिर तोड़े उनकी विचारधारा यहां पर साफ दिख जाती है जब अब्दुल हमीद के घर से पतराव होता है और माता दुर्गा का हाथ तोड़ दिया जाता है उनकी मूर्ति को खंडित कर दिया जाता है अब हमें लगा था कि कौन ही डिफेंड करेगा इसको वहां पर हिंदू जमावड़ा हो जाता है लेकिन उससे पहले ही बताया जाता है कि पुलिस ने लाठी चार्ज कर दी हिंदू तितर बितर हो गए कुछ हिंदू बचे जिन्होंने अब्दुल हमीद की छत पर चढ़कर देखिए अब्दुल हमीद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया उसके परिवार को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया उसके छत पर लगा हुआ हरा झंडा जो उसकी इस हिंसक मानसिकता को पोषित करता है प्रचारित करता है तथा वह प्रतीक चिन्ह जिसकी आड़ में या जिसकी छाव में पहले भी 4 हजार हिंदू मंदिर तोड़े गए करोड़ों हिंदुओं की गर्दन उखाड़ गई उस प्रतीक चिन्ह को उखाड़ने के लिए राम गोपाल मिश्रा छत पर चढ़ जाता है उस झंडे को वहां से उखाड़ देता है और वहां पर भगवा झंडा लगा देता है अब आप पिछली पूरी घटनाक्रम को देखिए कि कब से हिंदुओं के देवी देवताओं के मंदिर तोड़े जा रहे थे उसके पहले उनके ऊपर हरे झंडे लगाए जा रहे थे और यही नहीं मंदिरों के सामने ना जाने कितने ऐसे वीडियोस हैं जब ताजिया के जुलूस के दौरान हिंदुओं के मंदिरों के सामने इस प्रकार के झंडे फहराए जाते हैं हिंदुओं के ऊपर पथराव किया जाता है मैंने पूरी सब चीजें एक-एक चीज एविडेंस और प्रूफ के साथ इस कोर्स में दी है मुझे पता है कि काफी लोगों को इस किताब से अब नफरत हो चुकी है लेकिन मैं बताऊंगा जरूर वहां ये सारी चीजें होती आई हैं उस इतिहास को जरा माइंड में रखिए और अब राम गोपाल मिश्रा के इस कार्य को ध्यान में लाइए कि उसने क्या गलत कर दिया यहां पर बताया जाता है कि हिंदू उस के बचाव के लिए पहुंचते लेकिन भीड़ तो तितर-बितर हो चुकी थी उसको खींच करर अब्दुल हमीद अपने घर के अंदर लेकर जाता है उसकी पिटाई की जाती है उसके नाखून उखाड़े जाते हैं उसके पिता स्वयं बताते हैं कि उसको बहुत बर्बरता के साथ में मारा और पीटा जाता है केवल इसलिए क्योंकि उसने दुर्गा मूर्ति खंडित होने के बाद में उनका झंडा हटा दिया था वह विचारधारा का झंडा जिसने करोड़ों हिंदुओं को मारा है उसको हटाना पाप हो गया अभी थोड़ा और सुनिए उसके बाद में बताया जाता है कि उसके शरीर के ऊपर इतने ज्यादा गोलियों के निशान छर के निशान है कि कोई आम आदमी उस लाश को देख कर के भी कांप जाएगा इतनी बुरी तरीके से मारा गया और मोहम्मद जुबैर होया एक-एक मुसलमान सब के सब इस बात को जस्टिफाई करने के लिए लगे हैं क् कि उसने हरा झंडा उतारा इसलिए उसको गोली मार दी गई तो कोई बात नहीं हुई शलम मणि त्रिपाठी भारतीय जनता पार्टी के विधायक और उन्होंने एक पूरी लिस्ट बताई उन्होंने बताया कि किस प्रकार से हर एक टीवी चैनल से एक मुसलमान आ रहा है रिपोर्टर के रूप में और यहां पर दंगे भड़काने का कार्य कर रहा है और सोचा समझा यह जा रहा है कि हिंदू के साथ में हम चाहे कुछ भी कर दें फिर भी उनको सहिष्णुता के साथ में बैठ जाना चाहिए अब उन लोगों के घरों को जलते हुए दिखा कर के पूछा जा रहा है कि भैया इनकी क्या गलती थी भाई अगर इनकी गलती नहीं थी तो यह अब्दुल हमीद के द्वारा घसीटे जाने पर उसके पड़ोसी जो लोग थे मुसलमान ही वह चुप क्यों थे गलती थी क्योंकि वह चुप थे गलती थी क्योंकि वह अन्याय के साथ में खड़े हुए थे अब अगर क्रिया की प्रतिक्रिया हो रही तो सबका आर एनडी रोना चालू हो चुका है लेकिन इसमें बड़ा सवाल यह है कि यह जो मुसलमान एक गऊ तस्कर की पिटाई के बाद आपसे यह क्वेश्चन करते हैं कि क्या एक गाय एक जीव एक जानवर की जान की कीमत एक मुसलमान की जान की कीमत से ज्यादा हो गई कि अगर किसी ने कोई गाय मार दी उसका मांस का व्यापार कर रहा है तो उस गौ तस्कर को ही जान से मार दे जाएगा तो मैं यहां पर यह पूछना चाहता हूं कि क्या तुम्हारे हरे झंडे की कीमत एक राम गपाल मिश्रा या एक हिंदू की जान से ज्यादा महंगी है तुम कहोगे हां है तो हम भी कहते हैं कि हां है है भाई गाए तो फिर भी एक जीता जागता जीव है वो तो पोषित करता है तुम्हारे बच्चों को ये कपड़े के झंडे के टूटने से अगर तुम्हारी भावनाएं आहत होती है तो होने दीजिए अगर उसके एवज में किसी की जान लेने को जस्टिफाई करते हो तो कर दीजिए क्योंकि पासा दोनों हाथों में आता है कभी तुम्हारे हाथ में है तो कभी उनके हाथ में भी होगा जब वो पासा डालेंगे तब रोना मत तब चीखना और चिल्लाना मत ठीक इसी प्रकार की एक हत्या हुई थी दोस्तों प्र कासगंज के अंदर चंदन गुप्ता की 26 जनवरी के दिन 26 जनवरी को जब उसने देखा कि तिरंगा झंडा ना फहरा कर के एक चांद सितारे वाला झंडा फहराया जा रहा है तो उसने वहां तिरंगा लगाने का प्रयास किया था और उसको भी गोलियों से छलनी कर दिया गया था और उसकी हत्या को भी यही कहकर जस्टिफाई किया गया था कि वो क्योंकि मुसलमानों के मोहल्ले में मुस्लिम बहुल क्षेत्र में आकर तिरंगा लाने का तिरंगा लगाने का प्रया और उसकी हत्या को भी यही कहकर जस्टिफाई किया गया था मित्रों कि वह क्यों इस्लामिक अक्षेम में आया क्यों वह मुस्लिम बहुल क्षेत्र में आकर तिरंगा लगाने का प्रयास कर रहा था और फिर यही मुसलमान कहते हैं कि हमसे देशभक्ति का सबूत ना मांगा जाए हम भी देशभक्त हैं हम भी इंडियन हैं हां बिल्कुल तुम देशभक्त हो लेकिन उस देश का नाम पाकिस्तान है हां तुम इंडियन हो लेकिन तुम्हारा इंडिया वो इंडिया है जिसके संगठन का नाम इंडियन मुजाहिदीन है मेरे प्यारे मरते कटते हिंदू मेरी फिर से तुमसे अपील है कि हथियार लेना चाहो तो ले लो तुम्हारे बड़े-बड़े महलों में बड़े-बड़े आईफो बड़े-बड़े टैबलेट बड़े-बड़े टीवी तो मिल जाते हैं लेकिन एक छोटा सा हथियार नहीं मिलता लेकिन अब्दुल हमीद का घर देखिए कितना टूटा फूटा सा जीर्ण शीर्ण सा मकान है लेकिन उसके अंदर भी हथियार है उनकी 204 7 को लेकर के पूरी तैयारी है मलेच्छ राज 27 को लेकर के उनका विजन क्लियर है लेकिन क्या आपका शत्रु बोध आपको क्लियर है क्या आप जानते हैं कि उनके कार्य करने की स्ट्रेटेजी क्या है क्या आप जानते हैं कि उनके कार्य करने का तरीका क्या है क्या आप जानते हैं कि कोई अपराध करने से पहले व पूर्व में कितनी तैयारियां कर चुके होते हैं आप जाते हैं झंडा उखाड़ने का प्रयास करने लग जाते हैं और अपनी जान गवा देते हैं और यह मिश्रा जी जिनकी अभी दो महीने पहले ही शादी हुई थी आप यह देखि कि उनकी विधवा नारी जो कि उनकी हत्या की बात सुनते ही बेहोश हो गई अब उनके ऊपर क्या गुजरेगी इसलिए मैं कहता हूं शत्रु बोध करना अत्यंत आवश्यक है ₹ 70 में हथियार भेज रहा हूं लेना है तो जल्दी ले लो क्योंकि यह बीमारियां बहुत जल्दी बढ़ने जा रही है यह वैक्सीन है यह हथियार है यह आयरन डोम है इसको चाहे कुछ भी समझ लो मेरी बार-बार विनती है कि इस प्रकार की झांकियां रैलियां शोभा यात्राएं जब भी वहां से निकालो तो प्लीज एक बार यह ढाई मोर्चे का चक्रव्यू जरूर पढ़ लेना छोड़ा नहीं इसमें कुछ भी मैंने लिखने से यह सब छाक को मैंने उसमें कवर किया है इस वीडियो में सिर्फ इतना ही हम इस क्षति पूर्ति को तो कभी पूरा कर नहीं सकते लेकिन उनके परिवार की सहायता अवश्य कर सकते हैं सुना है कि क्रेट इंडिया इसके लिए फंड रेज कर रहा है

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