Sunday, 1 February 2026

जब सुदर्शन पर हुए राष्ट्रवादी डिजिटल योद्धाओं के दर्शन Ankur Arya on Sudarshan News Channel.

मैं वीडियो शुरू करने से पहले मैं आप लोगों से एक बात करना चाहता हूं आप कहते हैं आप हिंदू हैं आप सनातनी है क्या आपके घर में वृद्धि है गीता है उपनिषद रामायण महाभारत कुछ भी है यदि आपके पास नहीं है तो केवल मात्र कलावा बांधने तिलक लगाने भगवा पत्ता अपने गले में डाल करके जय श्री राम बोलने मात्र से कोई हिंदू नहीं बनता है कि आज मैं आप लोगों से इस बात की अपील करना चाहता हूं अपने धर्म को जानिए चौकी हर एक मुस्लिम के घर में कुरान होती है और 1 कृष्ण के घर में बाइबिल होती है और एक सिख के घर में गुरु ग्रंथ साहिब होती है लेकिन वह केवल हिंदू ही है जिसके घर में मैं कॉलेज शिक्षा पद्धति से संबंधित पुस्तकें होंगी लेकिन धर्म और इतिहास से संबंधित पुस्तकें उसके पास में नहीं होती हैं आज का वीडियो ऐसी सब्जेक्ट पर है और आपके सामने खड़े हुए सर से बड़े संकट से रूबरू कराने के विषय में है [संगीत] हिटलर की बात हो रही थी नारियों की बात और इसी तो मैं एक छोटी सी चीज पूछना चाहता हूं कि सुनिधि हां इतिहास इस बात का गवाह है कि वामपंथियों ने पूरे विश्व में और अपने पूरे इतिहास में तकरीबन 15 करोड़ लोगों को मारा है लेकिन यह शुक्रिया यह आंकड़ा 60 करोड़ तक जाता है ठीक है कितना मतलब एक विचारधारा ने लिखित तौर पर 100 करोड़ से अधिक लोग जीवन लील लिया और लगातार जारी है जिन्हें पॉकेट के नाम पर भी 500 से अधिक आतंकवादी संगठन है हैं उनके होने के बावजूद यदि किसी राष्ट्रवादी पत्रकार को इस प्रकार से नाड़ी दिखाएगा तो मैं कहता हूं कि हम शुगर होना चाहिए हम सब को गर्व होना चाहिए कि हम जी हां अच्छी नहीं है कम से कम क्या अपने देश के लिए चांद देश के लिए कितना गलत था कि आप क्या अपनी विचारधारा के लिए गलत साथ हम भी अपने देश के लिए गलत नहीं है हां बल्कि बल्कि आगे अगर हम यह कहें कि आप चीजों की सहमत हो गए और अंकुर भी सहमत होंगे कि गांधी के गलती से मरे हुए गलती से हुआ था अब मैं ज्यादा खरीदने जाना चाहता उनके कारण मरे हुए लोगों की संख्या हिटलर कि वे लोग अनुसार बिल्कुल हैं और फिल्मों में कई पत्रकार होता था जो ऐसे बुड्ढों के खिलाफ आवाज़ उठाता था कैंसर से खिलाफ आवाज़ उठाता तौर पर उसको भी चौराहे मार दिया था और आज अगर हम आपके जीवन को देख रहे हैं तो इतनी सारी फ्रेंड्स है कोई उठाकर केस की गर्दन पर मैच नाम रखता हूं इसको मार कर लेंगे तो यह नाम रखता हूं अभी भी गुजरात एटीएस ने जो कुछ भी किया है और जो म्लास ओं पकड़े गए हैं उसमें भी आपका नाम सबसे पहला है तो आप कभी ऐसा अपनी महसूस होता आपको के वह पत्रकारिता अपनी जगह ठीक है लेकिन पर्सनल लाइफ फैमिली और यह भी अपनी जगह पर हैं तो मैं यह कौन सी अधिक शक्ति है और कहां से मिलती है जो आपको लगातार इस तरफ में अग्रसर होने के लिए ताकत देती है घृत यह तो सच कुछ हर व्यक्ति समझना चाहिए इसका बहुत सिंपल महिला ऐसी कोई दवाई बाहर से नहीं मिलती है जो आपके अंदर पैदा कि यह के अंदर से अधिक ऐसे हम सब हिंदू है और हिंदू दर्शन को मानने वाले हैं हम ऐसा कहते हैं कि ईश्वर ने कई कि युवा स्थान और समय उसको कोई बदल नहीं सकता बाद अगर किसी जाति के हाथों मरना लिखा है तो वो धर्म के लिए बलिदान ईश्वर ने हमको दिया है तो हम उसको स्वीकार नहीं इसलिए कोई वह जिहादी जा रहा है कि हमारे मृत्यु हो गई यह तो पहले भूल जाओ पहले चीजें दूसरा यहां पर आपको यह समझना है जैसे मैंने पहले कहा था कि केवल फोन नहीं मिलेंगे जल्दी मिलेंगे तो यह स्थिति भी आ सकती है ना लेकिन कोई जिसको मैं मेरे शब्द कुछ लोगों को चुप से है लेकिन नामर्द बनकर सौ साल की उम्र जीने से अच्छा है कि मर्द मन करे अगर 30 3550 जिसमें जब आ जाए लेकिन कुछ निर्णय करके जाएंगे दो बलिदान की तैयारी के बगैर बड़ा काम नहीं होता है और बलिदान केवल शरीर का यह जीवन का नहीं होता है शरीर का भी देना होता है अठावीस घंटे काम करने पड़ते हैं ना खाना पीना घूमना पड़ता है रिश्तो का होता है तो मैंने तो अंकूर अभी आप लोगों की भी शादी हो गई है तो ध्यान रखिए कि भी हो गई है मैंने तो बीवी को मतलब पत्नी को देखने गया था लग गया तो पता होगा तो मैं ले सकता हूं मेरी पत्नी से पहले हुई थी फिर मैंने करते समय परिवार की हो तो रास्ते पर चलने उसने अपनी तैयारी भी करनी चाहिए ऐसे हैं जिन्होंने से हमको यह सब कुछ सिखाया है उन्होंने कहा कि तुमको मृत्यु का कोई भय एक पुलिस अधिकारी मेरे को घर पर मिलने गए तो उनको में मिलने गए तो उन्होंने कहा कि आप मेरी माता जी ने तुरंत तुमको रोका एक सेकेंड के अंदर है और कहा गया कि मिले लीडर नाम का शब्द हमारे डिक्शनरी में नहीं है खैर नाम की कोई चिंता नहीं है निचले आपके प्रश्न का उत्तर यह है कि आपके माता-पिता आपकी पत्नी आपके भाई आप मेरे भाई है मैं घर में छोटा हूं मेरी बहन ने भी छोटी मेरे भाई भी छोटे हैं तो अब तो फिर भी हम थोड़े से 17 साल के बाद यह सब कुछ यह कर पाए लेकिन सोचिए अगर मेरे साथ यह बात 15 साल पहले हो जाती 12 साल पहले हो जाती तो शुरू होने के पहले खेल खत्म हो जाता है उनका क्या होता है लेकिन होने देते इसलिए सोचा कि उनको पता है कि यह ईश्वरवादी हैं और यह जिस दिशा में जा रहा है यह अगर हमारा भी बलिदान देना है तो हम तैयार हैं तो यह मानसिकता मन में रखें अगर आप नहीं कर सकते और इसलिए कहते हैं जो डर गया हो कभी-कभी शोले के डायलॉग भी काम आता हूं मैं झालं जी जैसा कि आपने तो कहीं ना कहीं श्रीमद भगवत गीता का उपदेश है है उसको आप मानते हैं वहां और ना केवल सिर्फ पड़ते हैं जीवन में अवतरित करके और तब इस जीवन को जीते हैं इसी से संबंधित में यह इसका में और पूरा कर देता हूं आपने जो कहना ही वक्त में जब भगवान को फॉलो करना पड़ेगा और मैं तो धर्म प्रहरी वाला है मतलब सुदर्शनधारी वाले का ही चैनल चला रहा हूं तो उसी को फॉलो करना पड़ेगा लैंग्वेज में लिखी दूल्हा लेकिन जो रही बात तो जैसे मारने वाली तो हम इतनी कमजोर भी नहीं मतलब मैं भगवान के ऊपर भरोसा रखता हूं वह सब ठीक है इसका मतलब मैं अपने प्रिकॉशन ले तो ऐसा नहीं है आप लोगों ने तो सुदर्शन देखा है जी कोई सौ पचास में आएंगे तो वापस नहीं जाएंगे आपने देखा यह क्या क्या है मैं आपने भी देखा अंकुर की कोई सौ पचास रेट की 47वीं लेकर आएंगे तो सुदर्शन से जीवन वापस नहीं जा सकते हमने सारी व्यवस्था करके रखी कानूनी तरीके से करती रहेगी मतलब चलता हूं मेरे साथ लोग चलते हैं कॉलेज लाइफ में भी मेरे साथ ऐसे मित्र थे कि जो मुझे कुछ करना नहीं पड़ता था वह अपना सीना तान के खड़े होते थे जो आज भी हमारे लिए मरने लोगों की संख्या है कि आपके पहले हम झेलने के लिए तैयार है तो ऐसे लोग भी तैयार करो आप खुद ऐसे रहो और ऑप्शंस इज द बेस्ट डिफेंस अमेरिका क्या करता है अमेरिका को पता चलता है कि सद्दाम कुछ करने वाला है सोच रहा है अभी तो उसके दिमाग में है उसके पहले उसके ऊपर हम फिर अटैक तो यह नीति अपनानी चाहिए तो मैं तो फिर यह तो वही बात हुई कि भारत को फिर बाद में एक्सपोज हो गया होने दो आग लगने तोहरे एक्सपोज हो गए हैं शरद-नीतीश ढुलमुल नीति है तो कम से कम सीधे सीधे तौर पर उसके खिलाफ पूछ पूछ में बहुत सारे लोग कहते हैं कि सप्ताह का शासन का संरक्षण आपको मिला हुआ है तो जला हमें यह बताइए कि जो माइनों काल था जो निकाल का मूड स्कूल में जो आपने कौन-कौन से स्ट्रगल करें वह क्योंकि आजकल के बच्चे भी जानते साल को देखते हैं लेकिन यह जो पिछले 10 साल तो उनको शायद जानते भी नहीं है अच्छे नहीं वैसे को इस साल में हम को फूलमाला भी नहीं मिली है कि हम यह 1822 लोगों से यह चीनी सालों में और यह केवल में यह केवल क्रिमिनल की बात कर रहा हूं मेरे ऊपर जो बाकी कंपनी लॉ और बाकी यह जो मीनिंग को अलग हैं मतलब सारे पकोड़े तो दो हजार के ऊपर है मुंबई में तो सत्ता नौकरी सुरक्षित नहीं होता है जैसा कुछ नहीं होता है ऐसा सोचकर चलना चाहिए और आपने जो कहा कि मेरे 9 साल का समय तो सोनिया राज कारण ऐसी कोई एजेंसी नहीं रही जिस एजेंसी ने हमारे कि हमारी जो भी हो लेकिन मैं टॉर्च शुरू से जो रोल रखना अपना विषय रखा है वह हमेशा रखना कि अगर आप एक उंगली दूसरे की तरफ करते हो तो चार आपकी तरफ मैं आपकी तरफ से आप गलत न होने चाहिए तो हमारा कोई गानों हमारा गैरकानूनी काम नहीं होना चाहिए आपका व्यक्तिगत जीवन भी हो आपका कंपनी भी हो आपके हर काम ऐसा होना चाहिए कि कोई आपको कानून में नहीं पकड़ सकता बस इस कारण से सोनिया राज में भी कहिए या बाकी राज्यों में भी कई ए मां पर दर्शकों को अंकुर को तो पता है 2013 में जो सहारनपुर में दंगा हुआ था कि मुजफ्फरनगर में दंगा हुआ था मुजफ्फरनगर ढंगा भारत के इतिहास में किसी न्यूज़ चैनल पर दंगा भड़काने की पहली के स्वरूप अ जो 2013 में बनी थी और ऐसे कई विश्वकर्म हमारे नाम पर दंगा भड़काने से लेकर भारत के किसी को आज तक कभी भी किसी को खोल दो तेरा यू पी एस सी के हाथों को सिर होता है उसको इतना डरने विश करने की जरूरत नहीं है हां अगर आप सही हो तो क्रूर से क्रूर सत्ता भी आपका कुछ बिगाड़ नहीं सकती और अगर आप गलत हो तो अच्छे-अच्छे आपकी फ्लेवर की सत्ता भी आपको बचा नहीं सकती यह इसका सूत्र है व्यवस्था से बहुत सारी राष्ट्रवादी जो आवाज हैं जो राष्ट्रवादी पत्रकार है नीरज आपके जीवन में घटी जितनी भी चीज है इनसे ही बहुत संबल मिलता है ताकत मिलती है और मैं दर्शकों को और पूरे देश को आप के माध्यम से चैनल के माध्यम से बताना चाहूंगा कि 2013 में जब यह केस आई थिंक आपके ऊपर लगातार और आप हमारे गुरुकुल आए थे और आपने बताया मैं एक भिक्षु को एकदम खड़ा हो गया मैंने कहा कि मैं खुद एबीवीपी से हूं और कहीं ना कहीं वह चीज इंस्पिरेशन आएंगे भी पीस यार इतने बड़े पत्रकार राष्ट्रवादी पत्रकार और चैनल बन सकता है तो कभी फ्यूचर में हम भी ऐसा कार्य कर सकते हैं क्या और 2018 5 साल के बाद पंचवर्षीय योजना हमने सिर्फ यही कि हम कैसे सीखे चीजों को और मेरे आदर्श आप हैं राष्ट्रवादी पत्रकार जितने भी हैं उन सबका दर्शाता है लेकिन मैं तो कहता हूं कि भाई मेरे आदर्श को आप हुए 2013 में प्रेरणा से ली थी अपने गुरु से देखिए एबी भी मुज याद है आप लोगों के कक्ष में मैं आया था जो वहां भोजनालय कर ऊपर था बराबर ही बना था हां तो देखो एबीवीपी है ना अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जो कि विद्यार्थी संगठन है मैं ऐसा मानता हूं कि मेरे लाइफ में उस सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट था मतलब मिशन के संयोजक तथा इस विचार का तो मैं शिश हूं लेकिन विद्यार्थी परिषद में आपकी लीडरशिप डेवलप होती है तो हम कैंपस में जो हमने लीडरशिप है जो हमने आंदोलन की है और एक जीवन दृष्टि दी जाती है विद्यार्थी परिषद का स्थान बहुत छोटा होता है जैसे बीजेपी का प्लान तो बहुत बड़ा है भी आदमी का विद आज की भाषा में कहें तो 75 साल तक राजनीति में धुंध और कह रहा था लेकिन जो हम इसे कहते हैं संघ में तो पूरा जीवन रहता है लेकिन विद्यार्थी में काम 2 साल 3 साल चार साल प था मतलब इससे ज्यादा नहीं होता है आपके ग्रेजुएशन और इसको पकड़े दो अंकित औषधि में तो इसलिए देने वाले तो बूढ़े होते तो हमारे लिए था विद्यार्थी परिषद की ओर से लेकर अपने जीवन में काम करो तो जो आप कह रहे हो तो विद्यार्थी परिषद बिल्कुल मेरा सवाल यह है कि आप युवाओं के लिए प्रेरणा है लेकिन आज जन्म दिवस है तो आज के दिन आप युवाओं को संदेश देना चाहते हैं कि मैंने देखा आप देख ना केवल यह टेक्नोलॉजी से काफी अच्छा आता है आपकी फैमिली का है मुझे यह बताया कि रैली में में भी आप रफी से ग्रस्त है तो मैं चाहता हूं जो पसंद दें उसमें आध्यात्मिकता के विषय में भी कुछ ना कुछ आज के युवाओं को जरूर बताएं क्योंकि यह नूरजहां का जो यह शरीर के जोक्स किरण है वह करने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति में बहुत अच्छा साधक सिद्ध होता है बिल्कुल आंखों और अपना अनुभव जरूर में टेंपल रन को लिए प्रश्न नहीं होता है इसका उत्तर नहीं होता तो शायद आज का यह कार्यक्रम कम से कम जन्मदिन के परिपेक्ष में अधूरा सच कहता हूं मैं यह भी उसी ने अंकुर को भेजा होगा भगवान ने मैं यह कहता हूं तो यह ऊपर वाला मत समझ न ऊपर वाला कल सिर्फ हिंदू धर्म में नहीं है यह उनके लिए हैं हां यह तो हम सब भगवान इधर भी है दूसरा हमें भी है जो हमारे इसमें तो नहीं है तो मैं यहां सर्वव्यापी है लेकिन आपका प्रश्न होता तो आप अधूरा होता मैं ऐसा एवं सुना हूं और मानता विवाह लोगों की सलाह देता हूं हर व्यक्ति को सलाह देता हूं कि आपका कोई ना कोई अध्यात्मिक गुरु होना चाहिए जैन जिसने गुरु नहीं किया उसका जीवन व्यर्थ गया ऐसा हमारे गुरुजी में जिनका अनुशरण लिया हूं शांत जनार्दन स्वामी महाराज उनके उत्तराधिकारी है शांति की मात्रा यह गाना ऐसा खातिर भजन गाते कि अगर गुरु नहीं किया तो जीवन वैधव्य अध्यात्मिक गुरु होना चाहिए भगवान दत्त जो होते जो भगत ज्योति तो भगवान दत्त का तो उन्होंने शुरू किए थे तो आपको हर क्षेत्र में अच्छे मार्गदर्शक लेने चाहिए आध्यात्मिक उन्नति होना चाहिए इसके पीछे का मैं कुछ साइकोलॉजिकल पहले बता पता कि पूरी दुनियां आपको पता है कि आप अपने गलत किया उस समय अगर आप केवल दुनिया की तरफ देखोगे तो आपको लगेगा कि घर से लेंगे इस समय पानी अगर आपको लगता है कि संघ ने मुझे समझ रहे हो मैंने तो यह मैंने लोग मारे जा चुके हैं मैं मानता हूं कि कि हमें आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह अपने आप को कनेक्ट करना पड़ेगा टू जितने हिंदुस्तान में महापुरुष हुए अगर आप उनके यश की गाथा को देखिए शिवाजी महाराष्ट्र साक्षात भवानी ने तलवार दी थी ऐसा माना जाता था कि जो हमारा साइकोलॉजिकल जो अंदर से मजबूत होने वाली बात है वह मजबूत होती है अगर आप भगवान के साथ कनेक्ट हो मैं कहता हूं कि भगवान के साथ संवाद कर सकते हैं क्या लोकतंत्र कहेंगे इन थे लेकिन यह स्थिति जिसके जीवन में आइए ना वह दुनिया के बड़े-बड़े शक्ति से टकरा सकता है अगर उस वर्ड से संवाद कर सकते हैं जैसे कि आपको इतना भक्ता भी क्या उतना भक्त बनना पड़ेगा बूंदें आपको और अध्यात्म का मतलब केवल आप पूजा-पाठ नहीं है जैसे मैं तो बिंदास बोलने के लिए जाना जाता हूं लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि मैं निर्जला एकादशी पर मौन रखकर बगैर पानी का भी उपवास करता हूं मतलब बिंदास बोल ही नहीं है मन भी हैं तो आपको एक अच्छा साधक बनना पड़ेगा आपके अंदर के साथ ना हमेशा इतना कि हर व्यक्ति चंद्रेश्वर झा अभिषेक को कैसे जगाए तो इसको कनेक्ट करने के लिए आपको साधना करनी होगी मैं उन बच्चों को भी कहता हूं कि जो बच्चा परीक्षा में अच्छे रिजल्ट एडमिनिस्ट्रेटर होते हैं ठीक है इसलिए को शेयर करना है जिनको व्यक्तिगत स्वार्थ का जीवन जीना है ऐसे लोगों ने भी आध्यात्मिक होना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य से हमारे से सोशल एक्टिविस्ट धार्मिक अध्ययन करते हैं उनको पूरा में तो इसलिए आपको पहले धार्मिक धार्मिक होना पड़ेगा फिर तो अपने आप यह सारी चीजें और अगर आपने व्यक्तिगत के लिए कुछ करना चाहता है तो उसको अपने घर के अंदर के में अपने मां-बाप के अंदर भगवान से आपके अंदर भी भगवान देखने पड़ेंगे यह और जिस दिन करेगा उस दिन ही वास्तव में हिंदू राष्ट्र बनेगा बनेगा है लेकिन वास्तव में तब बनेगा तो हम विश्व गुरु बन पाएंगे तो कर दो [संगीत]

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