Sunday, 1 February 2026

खोदा Boys Locker Room निकली लडकी। सबसे बडा खुलासा

अजय को मैं हमेशा दोस्तों मैनपुरी आप सबका एक बार फिर से स्वागत करता हूं आपके अपने YouTube चैनल सत्य सनातन ने मुझे पिछले पांच-छह दिन से आप सबके मैसेज हिस्सा रहे हैं कि वो इस लॉकर रूम के ऊपर जरूर कुछ बोलिए यह कितनी घटिया सोच है लड़कों की जो लड़कियों के विषय में इतनी गंदी बातें करते हैं उस समय पर कुछ और भी ऐसे मुद्दे थे जिनको धन और समय पर आवश्यक था लेकिन मेरा उनसे सवाल सिर्फ यही था कि अगर मैं लड़कियों कैसे ग्रुप सीमा मेरे पास आई हुई ऐसी चैट्स मैं आपको दिखाऊंगी इसमें लड़कों के विषय में भी बहुत अश्लील बातें की जाती हैं तो आप क्या करेंगे तो वहां पर सब की जो जुबान है उसे जाती है उस पर कोई कुछ बोलता नहीं है इस दौरान ही मैंने लल्लनटॉप का एक आर्टिकल भी पड़ा था क्योंकि जो मैंने सर्च करो सबसे ऊपर लल्लनटॉप का ही वार्टी चलाया था और Channel and tap का वह पूरा आर्टिकल पढ़ा तो मेरा विश्वास ही उठ गया कि इस नाम का कोई लॉकर रूम हो भी सकता है रीजन के इन लोगों की जो बातें होती है इतनी हवा हवाई होती हैं इनको सिर्फ सबसे पहले अपना मुद्दा लपकना है और इसके ऊपर तकरीबन 20 मिनट का एक वीडियो भी बना हुआ है यह सौरभ द्विवेदी ने और उसमें भी बहुत बातें कही हैं बहुत सारी हिदायतें दी हैं बहुत सारा कुछ को सा कटा भी है लड़के ऐसे लड़के वैसे आजकल की यह बात और वह बात लेकिन अगर मान लो मान लो कर उसी टाइम पर यह पता लग गया आपको यह लड़कों का काम नहीं है लड़कों को फसाने के लिए लड़कियों का काम है तो आप क्या करेंगे मगर लड़का है तो फांसी चढ़ा दीजिए और लड़की है तो क्या बस जाने दीजिए लल्लनटॉप अपने इस आर्टिकल में लगता है किस ग्रुप में होता क्या है इसमें 17 18 साल तक के बच्चे हैं अधिकतर बच्चे दिल्ली के हैं वह सब घटिया बातें करते हैं लड़कियों के बारे में बातें करते हैं तस्वीरें शेयर करते हैं लड़कियों की उनकी बनावट के बारे में बातें करते वह कैसी दिखती है उसके शरीर का कौन सा हिस्सा कैसा है इन सब पर बातें करते हैं मतलब आर्टिकल में इतनी अच्छे से लिखा गया है कि यह है जो आर्टिकल लिखने वाली लड़की है वह स्वामी ही वहां पर उपस्थित थी और यह देख रही थी कि लड़के किस टाइम पर क्या सेट कर रहे हैं लड़के उनकी मजबूत बनाते हैं उसको इंजॉय करते हैं कई बार तो इन लड़कियों की तस्वीरें एडिट भी करते हैं लडकियों का योन शोषण रैप करने तक की बातें भी होती है इस ग्रुप में शामिल लड़कों की उम्र बहुत ज्यादा नहीं है और ग्रुप कैसे सामने आया बकौल लल्लनटॉप सोशल मीडिया पर ग्रुप चैट के कुछ स्क्रीनशॉट्स लीक हो गए कुछ इंस्टाग्राम यूजर्स ने ही खासतौर पर लड़कियों ने स्क्रीनशॉट डालें देखते-देखते वह सारे के सारे चैट वायरल हो गए फिर हुआ यह कि जिन लड़कियों ने यह स्क्रीनशॉट डाले थे वॉइस लॉकर रूम वाले लड़कों ने उनकी न्यूड तस्वीरें वायरल करने तक की तैयारी कर ली और उसमें कहा कि जितनी भी लड़की ने सॉलिड डाली हैं उनकी न्यूड लिप्स मेरे पास में है और अभी हम उनको डालते हैं भैया उनके न्यूड तस्वीर उन लड़कों के पास में कैसे आए कहां से आई कैसे होना दावा कर दिया ऐसा क्यों भाई क्या उनके बाथरूम में जाकर के कैमरा सेट करके आते थे थे को पता नहीं आप आगे उसमें दूसरा जो है वह क्या भेजता है कि मैं भेजता हूं तब तक यह वाली भेज दो नया अकाउंट बनाओ किसी को नहीं पता चलेगा इसके बाद में लड़के-लड़कियों को बहुत सारी गालियां देते और कहते हैं कि बड़ा फेमिनिस्ट बनना है ना सबको उन्हें पता चलेगा किसी को मुंह दिखाने के लायक नहीं रहेगी और फिर उसके बाद में एक और ग्रुप एक्टिव हो जाता है एक इंस्टाग्राम यूजर जिन्होंने इस ग्रुप के चैट स्पेस व्हाट्सएप स्टोरी में डाले थे उन्होंने बताया है कि लड़कों ने एक और नया ग्रुप बना लिया है जिसमें वह लोग यह प्लानिंग कर रहे हैं कि स्क्रीनशॉट शेयर करने वाली लड़कियों से कैसे बदला लिया जाए और इस ग्रुप का नाम रखा है जैसे का स्कर्ट गैंग तो यहां तक कि वो बातें हैं जिसके बाद में फिर जो स्वाति माल वाली जो दिल्ली के एक मंत्री भी हैं महिला आयोग की अध्यक्ष है मालीवाल है उनका नाम है माल वाली माल स्वाति मालीवाल दामन का सॉरी तो उन्होने वह तुरंत से कम एक्शन में आ जाती हैं तो फिर ताबड़तोड़ 45 दिन तक इसी के ऊपर खूब राजनीति चलते खूब वीडियोस बनती है खूब चीजें वायरल हो ही जाती हैं आगे लड़की बताती है कि अब ऐसा आलम हो गया है कि वह अपनी कोई तस्वीर भी सोशल मीडिया पर अपलोड करने से डरती हैं अब कहां गए लड़के लल्लनटॉप के मुताबिक बॉयज लॉकर रूम के बहुत सारे लड़कों को हमने सगराम पर खोजने की बहुत कोशिश की लेकिन उन्होंने शायद अपना यूजर नेम बदल लिया है कितनी अच्छी हुआ था यहां तक की बातें क्लियर होती हैं लेकिन अब जो साइबर सैल है वह एक्टिव जाता है और सच्चाई क्या से निकलकर के सामने आई खोदा पहाड़ निकली लड़की लड़का बन कर के खुद के रेप की बात करके इस बॉयज लॉकर रूम का निर्माण किया गया है पुलिस के बीच में खुलासा किया है कि जो स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे जिनमें की एक लड़की के साथ गैंगरेप बनाने की योजना चल रही थी उसका मास्टरमाइंड कोई लड़का नहीं है बल्कि एक नाबालिक लड़की है दरअसल लड़की ने एक लड़के के नाम से फर्जी बुलाया और उनके साथ गैंगरेप की योजना के बारे में बात इसलिए कि जिससे कि वह उन लड़कों की लड़कियों के प्रति मानसिकता के बारे में पता लगा सकेगा युवा बस मानसिकता जाना चाहती थी और वह कहती रही के इस तरीके से रेप करो यहां से बातचीत स्टार्ट हुई है यानि कि पकड़ी गई तो यह मानसिकता को चेक कर रही थी कितना आसान है अगर यही चीजें लड़का करें कि मैं लड़की कि मानसिक्ता चेक करना चाहता हूं तो वहां पर क्वालिटी नहीं रहती है बाकी सब चीजों में क्वालिटी है भैया लड़का-लड़की सब समान है सब बराबर हैं बराबरी का हक देना चाहिए सब कुछ बराबर होना चाहिए इवन फेमिनिस्ट फेमिनिज्म तो यहां तक कहती है कि हमें लड़कों की तरह सिगरेट पीने चाहिए और खड़े होकर पेशाब भी करना चाहिए और भी बहुत सारी चीजें मैं यहां पर उन चीजों का जिक्र नहीं कर सकता हूं लेकिन जी न्यूज़ के पत्रकार जितेंद्र शर्मा द्वारा की गई जो पूरी की पूरी इंस्टिगेशन के जो जानकारी है उसके मुताबिक बॉयज लोग करूं मामले की जांच में यह बात सामने आई है कि लड़की ने खुद ही सिद्धार्थ नाम के लड़के से फर्जी आईडी बनाई थी और सेक्सुअल असाल्ट की बात की थी जबकि लड़के ने खुद इस बात की जानकारी बाकी लड़कियों और जिसके बारे में बात हुई उससे खुद दी थी लड़की ने शिकायत इसलिए नहीं की क्योंकि फर्जी आईडी से बात वही कर रही थी जितेंद्र शर्मा द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी में बताया गया कि लड़की ने सिद्धार्थ नाम के लड़के से फर्जी आईडी बनाकर के दूसरे लड़कों के साथ में सेट की है जब लड़की के चैट का उद्देश्य अपनी जैसी लड़की के बारे में लड़कों की सोच को जानना था पढ़ना नहीं होता है इस उम्र में इसमें होता है दूसरों के सोच को जानना और यहां पर सिर्फ लड़कों की बात नहीं है यह सिर्फ लड़कियों की बात नहीं है जब उम्र बढ़ती है तो यह बहुत नैचुरल है कि अपोजिट सेक्स के बारे में जानने के लिए भी और उनकी तरफ आकर्षित होने के लिए भी अंदर से हारमोंस क्रिएट होते हैं उनका सिपरेशन होता ही है लेकिन क्या वह इस बात को अपने के लिए इस मामलों कितना संजीदा तक कर सकते हैं कि किसी को आत्महत्या तक करनी पड़ जाए इंस्टाग्राम पर बने बॉयज लॉकर रूम में 20 से ज्यादा सदस्य आपस में चैट कर रहे थे आपको बता दे जाना चाहिए जरूरी है कि इस मामले से जुड़े 24 लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है लेकिन ट्वेल्थ का एक बच्चा मानव सिंह उसके भाई ऋषि ने अब क्या कहा है उसको भी MS सुनना चाहिए मानव सिंह जो कि बारहवीं कक्षा के छात्र थे गुरु ग्राम के रहने वाले थे मंगलवार को उन्होंने आत्महत्या कर ली थी सोशल मीडिया पर एक लड़की द्वारा यौन शोषण का आरोप उनके ऊपर लगाया गया था जिसके बाद उन्होंने कदम उठाया था मानव के वाह रे शेर सिंह ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में अपने भाई को निर्दोष बताया था मानव का बचाव करते हुए ने कहा था कि किस तरह के हालात ने उनके भाई को इस तरह का कदम उठाने को मजबूर किया उसने अपील की है कि अपने भाई को एक ऐसे अप इसके लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए जो कि उसने किया ही नहीं है उसने बताया कि उसके भाई पर लड़की ने रेप और छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगाया यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया उसके बाद में उसका भाई इस दबाव को झेल नहीं पाया और उसने आत्महत्या कर ली पुलिस ने कहा कि जो सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुआ था वह दो साल पहले हुई एक कथित घटना के बारे में था जब मानव 14 15 साल का था उन्होंने दावा किया है कि आरोप लगाने वाली लड़की के पास कोई भी सबूत नहीं है वृक्ष ने लिखा है कि लड़की की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मानव को धमकी भरे कॉल्स और मैसेज से आने लगे मानव ने उस लड़की और उसके दोस्त के सामने खुद को साबित करने की बहुत कोशिश की लेकिन वह लगातार मिल रही धमकियों से नहीं निपट पाया और यह मानता था कि उसकी बात नहीं सुनी जाएगी कृष्ण ने यह भी आरोप लगाया कि मानो कि आत्महत्या के बारे में सुनने के बाद उस अपने एक और पोस्ट किया उसने लिखा कि मानव दबाव नहीं संभाल सकता तो यह उसकी गलती नहीं है उस लड़की को जरा भी अपनी गलती पर पछतावा नहीं है उसने जो लिखा उससे ना केवल एक छोटे बच्चे की मौत हो गई बल्कि उसका पूरा का पूरा परिवार भी तबाह हो गया है ऋषि सिंह ने कहा है कि सोशल मीडिया पर बदनामी लोगों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है सोशल मीडिया पर उसके भाई को रातोरात बलात्कारी बना दिया गया सोशल मीडिया ने मानव को उस अपराध का दोषी घोषित कर दिया जो कि उसने किया ही नहीं था कि वह लड़की पाक साफ निकल चुकी है और जिस लड़की ने सिद्धार्थ के नाम से यह बॉयज लो करूं बनाकर के लड़कों के साथ में चैट की और यह तथाकथित चेकिंग वाला जो सिस्टम है कि लड़कों की सोच क्या होती है लड़कियों के विषय में इस पूरे के पूरे सिस्टम ने पूरे के पूरे सिस्टम को हिला करके रख दिया है मैं यहां पर किसी को सर्टिफिकेट नहीं दे रहा हूं कि लड़के ऐसे नहीं होते हैं पर मैं यह कहना चाहता हूं कि लड़कियां भी ऐसी नहीं होती हैं यह है जो इंसान है उसके अंदर बहुत सारे अलग-अलग तरीके के हार्मोन क्वेश्चन होते हैं और उसको इस उम्र में संभालना बहुत जरूरी है लेकिन प्रॉब्लम है हमारे पुरे के पुरे एजुकेशन सिस्टम की जो हमें सेक्स एजुकेशन देने के बारे में तो बात करता है लेकिन हमको योग ध्यान साधना और संयम नहीं सिखाता है जो हम को नहीं बताता है कि एक पुरुष होने का मतलब है इस्त्री का उसके पास में सुरक्षित महसूस करना और एक स्त्री का मतलब होता है मामा कि मातृत्व चाहे वह उम्र में कुछ भी क्यों ना हो जब बचपन से ही हम अपने बच्चों को सिखाएंगे कि बेटा इस क्लास में पास हो जाए तो यह दूंगा वह दूंगा जो बच्चा बढ़ और पड़ी लालच पर रहा है तो उसका जीवन सिर्फ और सिर्फ मोह माया और जो मत्सर है लालच है उसी से ही भरा रहेगा सभी जितने भी वैदिक ग्रंथों में भी बताया गया है कि जो भी अट्रैक्शंस है उनमें जितने भी प्रकार के मो हैं उनमें जो का या इंद्रिय सुख होते हैं हमारे पांच इंद्रियां फिर 10 इंद्रियां टोटल मिला करके 11वां मंदिर इन सब में जो इंद्रिय सुख है वह सबसे अधिक होता है और इंद्रिय सुख के लिए व्यक्ति किसी भी अन्य सुख को त्याग सकता है उसको ताक पर लगा सकता है तो यह जो इंद्रिय सुख की कामना है यह जो लालसा है यह जो लिप्स है यह इतनी ज्यादा प्रबल होती है यह किसी भी प्रकार की मर्यादा को मांगने के लिए तैयार आ जाती है उस मर्यादा में बांधने के लिए ही संयम की शिक्षा देने अत्यंत आवश्यक थी लेकिन आजकल जितना कुछ भी चल रहा है शिक्षा के माध्यम से वह आपके बच्चे को और संयमित बनाता है और उस असंयमित होते समय ही यह सब सीमाएं लांघकर के बच्चे उस पढ़ाई से बाहर के दायरे में निकल करके जब वह 15 16 17 साल के होते हैं उसी टाइम पर ही वह दूसरों में पिन चूहा करके उसका ब्लड निकाल कर के चेक करने की कोशिश करते हैं कि उसके अंदर कितना पानी है यह नहीं देखता है कि उसके खुद के अंदर कितना पानी है और वह दूसरे का पानी जांचने के लिए खुद का अपना कितना पानी गिरा चुका है यही है शिक्षा तंत्र की सबसे बड़ी कमी सबसे बड़ा झोल और हमारे पूरे भारतवर्ष में युवाओं की मात्रा सर्वाधिक होने के बावजूद भी इसका अनप्रॉडक्टिव होने का मेन कारण मुख्य रीजन फैराडे का नियम 13 इंच का सिद्धांत आपके घरेलू समस्याओं के लिए नहीं है आपके शिक्षा आपके घरेलू समस्याओं आपकी मानसिक समस्याओं और इस सीरम को लेकर के नहीं है व है केवल और केवल गुलामी के लिए एक फैक्ट्री में एक कंपनी में आपके बच्चे के गले में एक कुत्ते वाला पट्टा बांधकर के खूंटे से बांध आने वाला जो गुलाम बनाने वाली जो लड़ाई है सिर्फ और सिर्फ व हो रही है स्वतंत्र मानसिक का एक और वाचिक रूप से स्वतंत्र और संयमित बनाने के लिए बिल्कुल भी नहीं इस वीडियो में सिर्फ इतना है यदि वीडियो आपको जानकारी से भरपूर लगे अच्छी लगे तो सबके साथ शेयर अवश्य करें मेरे संग होली सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

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