Tuesday, 3 February 2026

रतन जी का ये आखरी वीडियो देखकर खाना नही खाया जाएगा आपसे। Full Analysis By Ankur Arya

कि नमस्कार दोस्तों सबसे पहले मैं चाहूंगा कि आप इस वीडियो को अभी के भी एक है पॉज कर दीजिए पिन कमेंट में जाइए वहां पर मेरे ट्विटर का लिंक दिया हुआ है मैंने वहां पर जाकर कि आप दो वीडियोस को जरूर देखे पहले उन दो वीडियोस को जो चांद बाग में आम आदमी पार्टी के नेता के बुलाने पर जो भीड़ आई थी मीणा जिसने पुलिस वालों को दोनों तरफ से घेर करके उनके ऊपर पथराव किया उन लोगों को घेरकर के पत्थरों से मारा फ्रॉम की लाठियां छीनकर के उस अंग को पीटा जैसे-तैसे करके वाषिर्क उस जो पुलिस वाले थे वह निकलकर के भाग पाने में सक्षम हुए लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि जो अंत में एक पुलिस वाला बचा था जिसको लास्ट तक इस वीडियो में पीटा गया वह थे मेह बलिदानी रतन लाल जी कि यदि कहीं से भी आपके किसी परिवार इस जन्म की मृत्यु का समाचार आज तक पहुंचता है थोड़ी देर के बाद में लाश आप तक पहुंच जाती है बहुत सारे ऐसे लोग होंगे जिन्होंने अपनों की ऐसी लाश देखी होंगी सारा परिवार जो है वह रोता है लेकिन उसके कुछ दिनों के बाद में उसका वीडियो आ जाए मामलों किस का वीडियो आ जाए किस तरीके से उस व्यक्ति को जो आपके परिवार का सदस्य था उसको पीट-पीटकर मारा गया चाकुओं से गोद कर के मारा गया पत्थरों से कुचल कुचल करके मारा गया लाठियों से पीट-पीटकर कर उसको मारा गया कैसे मारा गया यदि वह वीडियो आपके सामने आ जाए और वीडियो के साथ शुभ समय पर हजारों लोग हो हजारों लोगों की साक्षी में उस व्यक्ति की हत्या की गई हो तो जो अभी तक आपके दुख मे है वह Bigg Boss साल भर बाद आए जिंदगी को आप चुके थे वह उससे भी ज्यादा खोज और उसके घाव है वह अरे जाते हैं यह वीडियो आपको दिखाना चाहता हूं मेरी मजबूरी है कि मैं इसको YouTube पर नहीं डाल सकता लेकिन इसलिए दिखाना चाहता हूं क्योंकि जिस समय पर मैं इस वीडियो को देख रहा था उस समय पर मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे और दिमाग को है मेरा शुरू हो गया था किस तरीके से एक जिहादी भीड़ इतनी ज्यादा क्रूर हो सकती है और यह वह क्षेत्र है और इसमें आपको शेर ने अभी देखने को मिलेंगी जो सारे के सारे कुत्तों बेडियों और नीडो की तरह मिल करके एक शेर का शिकार कर रहे हैं उस कौम के जिहादी जो पिछले 14 साल से बदनाम है सिर्फ इसलिए क्योंकि या तो वह पीठ पीछे से वार करते हैं या फिर भी दलों की तरह झूठ बना करके किसी एक का शिकार करते हैं उससे अगली जो वीडियो है वह है जब यह लोग रेस्क्यू करके अपने साथी कोई घायल साथियों को लेकर के वहां से चले गए वहां भी इनके पीछे दौड़ दौड़कर के इन्हीं जी हां अधिक उम्र वालों ने उनके ऊपर पथराव किया लाठी डंडों से उनकी पिटाई की लेकिन थोड़ी सी मजबूरी को एक और समझिए पुलिस वालों के पास में हथियार नहीं है यानि कि जेहादी कौन का सामना करने के लिए दिल्ली पुलिस के लोग जाते हैं डंडे लेकर के और अगर उनके पास में हथियार होंगे भी तो दोस्तों इस अगली मजबूरी को समझ है कि मुझे ऐसा लगता है कि आतंकवादियों के पास में तो मानवाधिकार का पूरा-पूरा अधिकार है लेकिन हमारे दिल्ली पुलिस वाले जो लोग हैं शायद हो सकता है वह मानव ही ना हो सकता है कि हमारी जुडिशरी यह हमारे जो मानवाधिकार वाले लोग हैं इनको मानव हीरा समझते हो इनके मानवाधिकार होते ही नहीं है शायद इनके ऊपर पूरे की पूरी जो भीड़ है वह एकतरफा हमला करती है लेकिन कि वह अपने आत्म रक्षा के लिए एक फायर तक नहीं कर सकते हैं जो लोग आपकी रक्षा के लिए सामने आए आपने उन्हीं का भक्षण कर लिया अब आप की रक्षा की जानी चाहिए अथवा नहीं यह जो आमादा भीड़ हज यात्रियों की भीड़ है क्या इनकी कोई मानवाधिकार हो सकते हैं क्या इन को लाइन में लगा करके गोली नहीं मार देनी चाहिए क्या इनको सुईयों पर नहीं टांग देना चाहिए दोस्तों एक होता है वह व्यक्ति जो अपने दुश्मन की हत्या कर रहे हो लेकिन यहां पर वह लोग हैं जो अपने रक्षक की ही हत्या कर रहे हैं उन्हीं को दौड़ा-दौड़ाकर के मार रहे हैं एक भी मुसलमान एक भी मुसलमान अभी तक सड़क पर नहीं उतरा इसके लिए के कितने हिंसक आंदोलन और हमारे रक्षा के लिए खड़ी हुई खाकी को मारने वाले लोगों को हम किसी भी तरीके से सजा दिलवा सके तो कि मोहनदास करमचंद गांधी को हम बहुत फिट साइज करते हैं लेकिन एक हिंसा की वजह से उन्होंने अपने असहयोग आंदोलन को पूरी तरीके से बंद कर दिया था लेकिन यहां पर अभी भी धमकियां दी जा रही है 47 लोगों की जानें जा चुकी हैं लेकिन अभी भी धमकियां दी जा रही हैं कि हम इसको और उग्र करेंगे हर्ष मंदर के अपने स्पीकर्स सुनी लिए हैं अ खान क्षेत्र वाणी की बातें आपने सुन ली हैं आपने सब नकवी को सुन लिया है आपने राणा अयूब को सुन लिया है आपने कन्हैया कुमार को सुन लिया है शाहरुख खान की गिरफ्तारी को देख लिया है ताहिर हुसैन की का जो भागना है उसका जो भगोड़ापन है उसको देख लिया है आम आदमी पार्टी का वह तेवर देख लिया है जिसमें वह ताहिर को की तरफ से ध्यान हटाकर के कन्हैया कुमार की तरफ डाइवर्ट करना चाहती है आपने देख लिया जगह-जगह पर लगे वह पोस्टर जिसमें कहा जा रहा है कि हमने नफरत को हराया है लेकिन नफरत की असली बी उड़ने वाली यही पार्टियां हैं आपने वह स्पीड सुन ली है जिसमें कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि सड़कों पर निकले बिना रोड ब्लॉक किए बिना हमारा काम नहीं चलेगा संसद हमारी बात नहीं सुनती है सुप्रीम कोर्ट हमारी बात नहीं सुनता है जब तक रोड ब्लॉक नहीं होंगे तब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी दिल्ली पुलिस के ऊपर हमला करने उनको मार डालने के स्पीड और पोस्ट इस आपने देख लिया हैं और इस पूरी की पूरी नॉलेज को आप समझ चुके हैं एक छोटे से बच्चे का मैं स्पीड सुन रहा था कन्हैया लाल की एक रैली में जो बिहार में बोले जा रही थी वह बच्चा उसमें चीज करके कहता है कि अगर हम यहां ना होते हैं मुसलमान भारतवर्ष में ना होते और यहां पर ना तो लाल किला होता ना ताजमहल होता और होता भी क्या गाय और गोबर तो क्या मोदी जी तुम दुनिया को गाय और वर्ड दिख रहे होते मतलब साफ है कि एक छोटा सा बच्चा भी जानता है कि हम यहां पर बाहर से आए हुए लोग हैं कि मुसलमान यहां पर बाहर से आए हुए लोग हैं बाहर से उन्होंने करके यहां पर ताजमहल और लाल किला बनाया और उससे पहले यहां पर सिर्फ गाय और गोबर था उसके अलावा यहां पर कुछ भी नहीं था लेकिन उस बच्चे को बता देना चाहता हूं कि तेरी जिहादी कॉम जो पूरे विश्व में कोरोना वायरस से मरी जा रही है वह खुद अब कह रही है कि हिंदुओं की तरह नमस्ते करके एक दूसरे का अभिवादन करोड़ हाथ मिलाओ मैं बताना चाहता हूं इस बच्चे को इसके मां-बाप को जिन्होंने के भीतर जहर भरा ए किसकी कौन के जितने भी लोग मारे जा रहे हैं उन सबको इसी हिंदू रीतिरिवाज के अनुसार जलाया जा रहा है और हिंदुओं में तो देसी घी और सामग्री और कपूर डाल करके चंदन की लकड़ियों में जलाया जाता है जिसको तुम गाली देते हो तुम लोगों को पेट्रोल डालकर के गड्ढे में जलाकर के दफन कर दिया जा रहा है कोई भी कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति दफन नहीं होगा चाहे वह किसी भी धर्म का क्यों न हो उसको जलाया ही जाएगा इसका जो अभी तक का इलाज कि है जो इसके प्रिकॉशंस मिले हैं वह केवल और केवल आयुर्वेद में मिले हैं इस कौम की पूरी हर एक इंसान को बताना चाहता हूं कि इसी गाय के दूध से तुम्हारे भी बच्चों का पोषण होता है इस्लामिक कंट्रीज में भारत के ट्यूब गायों का पालन पोषण हो रहा है वहां पर उनको बढ़ावा दिया जा रहा है वहां की भूमि को पूरा करने के लिए इसी गोबर का इस्तेमाल हो रहा है और उनको एक और बात बता दूं यह जो खास जो पेस्टिसाइड वरीय चल रहा है इनकी वजह से ही शरीरों में इतने कमजोरी आई है मुस्लिम पहलवानों से पूजा करके पूछ सकते हो पहले गाय के गोबर की खाद बनती थी उसी का उपजा हुआ अन्य लोग खाते थे और बीमारियां नहीं थी और मैं एक और बात आपको बता दूं कि जितने भी थ्रू है जितनी भी बीमारियां है उनमें से एक भी भारत में नहीं उपजी है सारी की सारी विदेशों में उपजी हैं और उनका बहुत कम प्रभाव रहा है भारत वर्ष में केवल और केवल यहां की संस्कृति गाय और गोबर की वजह से ना कि ताज तेल और लाल किले की वजह से कोई मेडिसिन नहीं है आयुर्वेद के हिसाब से आज तकरीबन जो पिछले 10 साल पहले पांच प्रतिशत लोग प्रयोग करते थे 27 प्रतिशत से ज्यादा लोग आज की तारीख में आयुर्वेद के ऊपर भरोसा करने लगे हैं इसी के टू टाइप गाय के ऊपर उसके दूध के ऊपर और उसके गोबर से बनी खाद के ऊपर और साथ ही साथ में इस बार दिमागी जिहादी कौम के लोगों को बताना चाहता हूं कि भले ही वह कोरोना वायरस को स्वाइन फ्लू हो बर्ड फ्लू हो सारे के सारे मांसाहार से फैलते हैं शाकाहार से नहीं और यह शाकाहार भी केवल और केवल सनातन वैदिक धर्म की ही देन है ना की किसी लाल किले ताजमहल पर झूठा कब्जा करने वाले लोगों का बल्कि इसी गाय और गोबर को पूजने वाले लोगों की देन है जिसको पूरी दुनिया में आज सराहा जा रहा है चीन खुद कह चुका है कि हमको पूरी तरीके से मांसाहार का प्रोडक्शन रोक देना चाहिए और हमको शाकाहार की ओर बढ़ना के साथ सब्जियों को जो उत्पादन है उसको हमें बढ़ाना है थोड़ी सी आगे हम पहुंचने कि क्या यह लाल किला यह ताजमहल वाकई में इन्हीं और भी तटों के दिए हुए हैं और अब से जिस समय पर वहां तेल की खोज नहीं हुई थी यदि हम तब के तात्कालिक गौरव की जो शक्ल है उसको देखें तो हमें पता लग जाता है कि वहां के लोगों का रहन-सहन क्या था मुहम्मद जो इस्लाम का पैगंबर है जो उसका संस्थापक है यदि हम उसके जीवन को पढ़ें तो उस समय पर संस्कृति इतनी ज्यादा पिछड़ी हुई थी मीणा कि हमारे भारतवर्ष के सामान्य नागरिक भी उन लोगों से ज्यादा होशियार थे उन लोगों से ज्यादा समय थे उन लोगों से ज्यादा सीरियल के और उनसे ज्यादा अच्छी वास्तुकला हमारे भारतवर्ष में उपलब्ध थी यदि हम अरब कंट्रीज में जा करके देखें तो इतिहास में एक की संरचना ऐसी नहीं मिलती जिस को देखकर ऐसा लगे कि वहां से वास्तुकला भारतवर्ष आई होगी और यदि आपको वास्तुकला के असली नमूने देखने है तो आप साउथ इंडिया जाएं और ताजमहल और लाल किला से भी उत्कृष्ठ वास्तु कला के नमूने आपको वहां पर देखने को मिल जाएंगे और यदि हम ताजमहल और लाल किला की बात करें तो यह भी अभी तक विवादित है यह पूरी तरीके से क्लियर नहीं है कि कुछ और भी टटोलने आ करके खुद इन सब का निर्माण किया और कराया था मैं वापस आना चाहता हूं जिहादियों की कुर्सी निर्मम कृति के ऊपर जिससे आज की तारीख में पूरा भारत वर्ष पूरा विश्व त्रस्त है मारने को किसी भी व्यक्ति को एक ही झटके मारा जा सकता है लेकिन आपने देखा होगा कि इस्लामिक लोग जानवरों को भी हल करके मारते हैं यानी कि उसको तडपा तडपा करके मारते हैं इतिहास इस बात का गवाह है राजा दाहिर को तड़पा तड़पा कर के मारा गया उनकी बेटियों को जो खूनी कुत्ते थे उनके सामने डाल करके मरवाया गया गुरु तेगबहादुर साहिब को किस प्रकार से मारा गया सब जानते हैं भाई मतिदास को किस प्रकार से मारा गया सब जानते हैं बंदा सिंह बहादुर उनकी खाल को नोचते हुए पंजाब से दिल्ली लाया गया उनके हाथ से ही उनके बेटे का सीना चिर उठाने की पूरी कोशिश की गई और फिर उनके आंखों के सामने उनके पास साल के बच्चे का सीना चीरकर के उनका दिल निकाल कर के बंदा सिंह बहादुर जी के मुंह में ठूंस आ गया जबरदस्ती देखिए तड़पा-तड़पा कर के मारने की जो हद है और जो मेंटेलिटी है उसको समझना बहुत जरूरी है मारने को कमलेश तिवारी जी को सिद्ध गोली मारी जा सकती थी लेकिन धीरे-धीरे उनके गले को रेता गया उनको चाकुओं से गोदा गया मारने को अंकित जी को एक झटके वर्मा में का सकता था लेकिन उनको चार घंटे तक तड़पा-तड़पाकर के चार सौ बार स्टेप किया गया जान-बूझकर के दिल्ली के इसी दंगे में उत्तराखंड के एक व्यक्ति के हाथ और पैर काट करके जिंदा आग में फेंका गया ताकि उसको तड़पता हुआ मरता हुआ देखा जा सके इसी प्रकार से रतन लाल जी को भी तड़पा तड़पा कर के मारा गया इतिहास हो वर्तमान हो या भविष्य को यह जो जिहादी कौन है जो खूनी कम है जो नरभक्षी नरपिशाच कौन है यह का इतिहास रहा है कि काफिरों को हलाल करके मारा जाए यानी कि तड़पा-तड़पा कर के मारा जाए तब तक को पूरा छटपटाए नहीं एक-एक सांस कम होती है उसको उसकी ना दिखाई दे तब तक उसका पूरी तरीके से प्रांत ना किया जाए तो को इतनी बुरी तरीके से मारने का यह जो नियम 14 साल से चला हुआ है यह इस वजह से है ताकि सभी के सभी गैर जिहादी कोम के अंदर एक खास बैठे और वह यह कि जिहादी कौन के खिलाफ हमको उंगली नहीं उठानी है अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए शांति की स्थापना के लिए युद्ध आवश्यक हो जाता है और इसी बात को समझते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने जब महाभारत का युद्ध हुआ तो वही उपदेश अर्जुन को दिया था उन्होंने कहा था कि इसके बाद में शांति की स्थापना होगी लेकिन उस समय पर हिंदुओं ने इतनी बड़ी शांति को धारण कर लिया कि वह अभी तक जाग नहीं पाए हैं मैं नहीं कह रहा हूं कि आप सड़कों पर उतर ओर मैं नहीं कह रहा हूं कि आप लोग किसी के खिलाफ बोलो मैं नहीं कह रहा हूं कि मानवता की हत्या करो लेकिन इस बात को समझो सबसे बड़ी चीज कि बिल्ली भी जानती हो दुश्मन कौन है कुत्ता भी जानता है चूहा भी जानता है कबूतर और चिड़िया भी जानते हैं छोटी सी चींटी भी जानती है अगर आप उसके तरफ उसको मारने के लिए बढ़ते हैं तो वह भी वापस भाग जाती है एक केवल यही हमारी कोम ऐसी है बेचारी जिसका दिमाग को सबसे ऊपर है लेकिन सोच को सबसे ऊपर नहीं रखता है इस वीडियो में सिर्फ इतना ही यह वीडियो आपको अच्छी लगे तो इसको सबके साथ शेयर करें ट्विटर पर जा करके मैं चाहूंगा चाहिए आपको उल्टी राय चैप्टर दिल घबराए चाहिए उनका बीपी लो हो जाए लेकिन वह वीडियो अवश्य देखें क्योंकि हमारा भूतकाल तथा वर्तमान है और भविष्य भी हो सकता है यदि आप जागरूक नहीं हुए मेरे संग बोले सत्य सनातन धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

No comments:

Post a Comment

😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।

में एक बार क्या हुआ कि उनका खूब सारा लोगों ने आप जैसे यह दोनों ने बहुत विरोध किया और उन विरोध करने वाले लोगों ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी...