अभी मैंने महेश बाबू को सुना और महेश बाबू तो खुद हैदराबाद से हैं और उनकी फिल्में भी काफी अच्छी चलती है वहां तो वह का रहे हैं की मुझे हिंदी की कोई आवश्यकता नहीं है आईएम शोक क्या आपको यह नहीं लगता है की तमिलनाडु में यह जो कुछ भी घृणा के बीच बॉय जा रहे हैं इसके पीछे कहीं ना कहीं पेरियार की इस कुंठित विचारधारा का भी योगदान है [संगीत] नमस्कार दोस्तों आप सबका एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने यूट्यूब चैनल सत्य सनातन में और आज हमारे साथ में एक नए मेहमान जुड़े हैं इनका नाम है मधुबनती जी मधुबनती जी सबसे पहले आपका बहुत-बहुत स्वागत है और आप किसी पहचान के या फिर मैं आपका यहां इंट्रोडक्शन कराऊं उसके मोहताज नहीं है और आप एक बहुत बड़ी विख्यात सुपरस्टार फैमिली से आती हैं रजनीकांत जी को पैन इंडिया ही नहीं पूरा विश्व जानता है और आप उनकी फैमिली से आती हैं आप भारतीय संस्कृति को जिस प्रकार से हम देखते हैं की सरदार वल्लभ भाई पटेल जी ने क्षेत्रीय माध्यम से पूरे विश्व में भारत को जो एकजुट करने का कीर्तिमान स्थापित किया था वो जो कीर्तिमान था उसके बाद में धीरे-धीरे धीरे-धीरे हमें देखा भाषा जाती वर्ण भेद के आधार पर भारत फिर से टूटने लग गया तो सबसे पहले मैं आपसे ही जानना चाहता हूं की आपने अभी तक जो इनीशिएटिव लिया है आप अगर अपने श्रीमुख से स्वयं हमारे सभी दर्शकों को बताएं तो हमारे लिए है बड़ा ही सौभाग्य होगा फॉरगिव मी ये भी मैं इंग्लिश में ही बोल रही थी क्षमा कीजिए हिंदी में बात करने के लिए क्योंकि यहां तमिलनाडु में सभी लोग हिंदी तेरी याद पोडा हमें हिंदी नहीं मालूम है बोलते हैं सभी लोग को हिंदी में मालूम है बहुत अच्छा मालूम है फिर भी स्वीकार करने में बहुत ब्लॉक मेंटल ब्लॉग्स तो उसको हम छोड़ देते आपने बोला था यह भारतीय संस्कार और अखंड भारत देश विश्व गुरु ही है विश्व गुरु था विश्व गुरु ही है तो हम इस संस्कृति को संस्कार को इस देश का [संगीत] सभी लोग के साथ शेयर करने के लिए हम कुछ कम कर रहे हैं यही तो मेरा मकसद भी है की भारत को विश्व गुरु बनाने में एक स्मॉल स्क्विरल ने हेल्प किया तो ऐसे में कम कर रही हूं मोदी जी के बहुत बढ़िया मिशन आपने शुरू में कहा था आपकी हिंदी अच्छी नहीं है लेकिन मुझे ऐसा लगता है की आपकी हिंदी बहुत अच्छी है और जितने भी हमारे दर्शन है उनको यह बिल्कुल आराम से समझ में आती है मैं इस चीज को जानता हूं मतलब जब मैं शुरुआत में दिल्ली गया पढ़ने के लिए तो मैं स्वयं जितने भी हमारे तमिलनाडु के मित्र द मेरे भाई के जो मित्र द मैं उन्हें के साथ उन्हें के बीच में रहा हूं काफी सारे लोग अभी जो ps1 मूवी देखी है उसके बाद से जानना शुरू हुए हैं बहुत सारे लोग विक्रम को चियां विक्रम को आ अपरिचित मूवी के बाद जानना शुरू किए हैं लेकिन मैं सबसे जानता हूं जब उनकी पीतम अगर मूवी आई थी सूर्य के साथ में और वो मूवी उसे समय पर हिंदी में भी नहीं आई थी वो मूवी मैंने चार बार तमिल में ही देखी है और वो फिल्म जो थी हर बार रोंगटे खड़े करने वाली थी रजनीकांत मैंने बहुत सारी फिल्में जो है तमिल नहीं देखिए उसे समय पर क्या होता था की सीडी होती थी तो हम कंप्यूटर में लगाकर के लैपटॉप में लगा कर के रात के टाइम देखा करते द जब पूरा दिन पढ़ लिया करते द तो ये उसे दौरान की बात है और जब मैं दिल्ली में आया तो वर्षों तक मैंने सिर्फ और सिर्फ तमिल पुरी खाया है तो एक समय ऐसा आया था की वहां का वो भोजन करते करते मेरी पुरी की पुरी शक ऐसी होगी की जैसे की मैं तमिलनाडु आंध्र प्रदेश का रहने वाला हूं तो वहां से जब आते द वापस तो हमारे मित्र द तो वह विभूति दिया करते द तो हमें आदत लग गई थी ऐसे यहां ये बूटी लगाने की तो मेरा रंग चुकी थोड़ा डार्क है और मैं लगता भी था तो मुझे यहां नॉर्थ इंडिया में जब मैं आता था तो मुझे लोग क्या करते द की तुम अच्छा यहां क्या है तमिलनाडु आंध्र प्रदेश कर्नाटक केरल कुछ भी हो बस तुम साउथ इंडियन हो गया यहां यही पता है सबको की साउथ इंडिया यस ये साउथ इंडियन हो गया तो मैंने मैं जब बोलता था तो मेरी लैंग्वेज हरियाणवी लेकिन जब मेरी शकल कोई देखता था तो कहते तुम साउथ इंडियन हो तो मुझे स्टार्टिंग से मतलब जब मैं अपने घर से पहली बार बाहर निकाला तो मुझे सबसे पहले जो दोस्त मिले जो मित्र मिले वह सारे के सारे तमिल से और मैंने जो खाया वो तमिलनस फूड था जो मैंने देखा वो तमिल मूवी और उनके सीरियल द तो मुझे एक अटैचमेंट बहुत लगा इससे बहुत लगाव हुआ लेकिन जब मैं 2013-14 के दौरान तमिलनाडु में पहुंचा तो वहां जाने के बाद जो अंदर से मतलब बहुत ज्यादा है तो यहां से प्रेम बहुत था उनका रिच कल्चर उनकी हर चीज बहुत रिच है फूड लैंग्वेज को देखिए तो इतनी प्राचीन है अगर हम डायनेस्टी पल्लव या पहलवान या पांडे को सोचे या शेर को सोचे तो बहुत ज्यादा अगर हम मंदिरों की सोचे जो मुझे स्टार्टिंग से एक शौक रहा की मैं हिस्ट्री के ऊपर काफी विचार करता हूं तो मैंने देखा नॉर्थ इंडिया में हमें 1000 2000 साल पुराना कोई मंदिर नहीं दिखता है लेकिन अगर हम जितना भी साउथ की तरफ चले जाते हैं तो हमें मंदिर ही मंदिर मिलते हैं और सारे के सारे बॉब भी मंदिर मिलते हैं तो जब मैं आंध्र प्रदेश और फिर वहां से होते हुए हिंदूपुर पहुंचा तो मैंने वहां पर लेपाक्षी टेंपल उठा हुआ है एक ही पत्थर से बहुत बड़े शिवलिंग और नंदी जी का उसमें निर्माण किया गया है फिर मैं हंपी भी पहुंचा तमिलनाडु है वो मुझे बहुत आकर्षित करता था लेकिन जब मैं वहां पर गया और जब मैंने हिंदी में बात करना शुरू किया तो लोगों ने एकदम डायरेक्टली इग्नोर करना शुरू किया की भाई कौन ही हो तुम तो मुझे इंग्लिश तो ऐसी कोई अच्छी आती नहीं थी मुझे वहां पर जाने के बाद पता लगा के इन लोगों को हिंदी बिल्कुल नहीं आती है इंग्लिश इन्होंने एक्सेप्ट किया तो आप इंग्लिश में बात करो तो अगर मैं टूटी-फूटी इंग्लिश में बोलता था की वाटर बोतल तो वो समझ जाते द की बंदे को वाटर चाहिए बिसलेरी चाहिए या सदा पानी चाहिए तो अगर मैं टूटी-फूटी हिंदी बोल डन तो किसी को समझ नहीं ए रहा था लेकिन टूटी-फूटी इंग्लिश सबको समझ ए रही है कल्चरल डिफरेंस जो है ये खड़ा किया गया है या ये वाकई में ही दो चोर हैं क्योंकि नॉर्थ किधर हो गया साउथ उधर हो गया तो ये तो अलग कल्चर होने की वजह से दो अलग क्या धरती के टुकड़े हो गए हैं क्या के भाई चोर की अलग है तो अलग जब हम अमेरिकन या साउथ पोल या नॉर्थ पोल की लैंग्वेज इंग्लिश उसको हम भारत में एक्सेप्ट कर सकते हैं तो हमसे कुछ 100 किलोमीटर दूर की जो भाषा हिंदी है उससे हमें नफरत क्यों है क्या ये नफरत जानबूझकर के कराई गई है पॉलिटिकल एडवांटेजेस लेने के लिए कराई गई है या फिर मैं वही से क्वेश्चन dohraunga की ये स्वाभाविक था की उन लोगों को बोलना आता नहीं था बोलने की कोशिश भी बहुत थी लेकिन बोला नहीं पाए और हिंदी बहुत टॉप लैंग्वेज थी इस वजह से ये सारी चीजें हुई फर्स्ट पॉइंट हिंदी तो तस लैंग्वेज ही नहीं है बहुत आसान लैंग्वेज है हिंदी इसको पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं है कोई प्रॉब्लम नहीं तो मैं मेरे ब्रोकन हिंदी में इतना हिंदी बोल देती हो तो मैं आप समझ लीजिए की पढ़ेंगे मैं तो मेरा थर्ड लैंग्वेज हिंदी था स्कूल में क्योंकि मेरा तो सीबीएसई के स्कूल में मैं पड़ी हूं तो लैंग्वेज लेना पड़ता है तो मैंने थर्ड लैंग्वेज हिंदी ले लिया और सेकंड लैंग्वेज में भी कुछ साल हिंदी मैंने पढ़ा था और फिर मैं एक डांसर हूं मैं कलाकार हूं तो मुझे लैंग्वेज का बैरियर नहीं होना चाहिए मैं किसी भी लैंग्वेज में परफॉर्म करना परफॉर्म करना चाहिए हमको हम सी कैन नॉट से मैंने मैं हिंदी में रामचरितमानस तुलसी रामायण हमको परफॉर्म करना पड़ता है तो हनुमान चालीसा हमको बोलना पड़ता है तो हम बोलेंगे सभी को यहां हिंदी मालूम है यह तो एक पॉलिटिकल कन्वीनियंस के लिए किया गया हमारे स्टेट गवर्नमेंट का राज्य तो डीएमके है आंध्र प्रदेश में भी मैं मतलब आप समझिए के मैं बोलेंगे क्योंकि यह कन्वीनियंस ओरिएंटेड पॉलिटिक्स बोलकर इस तमिलनाडु को एलिमिनेट करने के लिए सेपरेट करने के लिए क्योंकि हिंदी बोल देंगे तो सबका विचार अर्थ हो जाएगा ना तो नेशनलिज्म अंदर ए जाएगा तो नेशनलिज्म हो रही है यह dramedian माया जो बोलते हैं लोग ये तो टूट जाएगा तो ये टूटेगा तो इनका वोट कहां से आएगा तो इसीलिए ये हिंदी kolenate करके बहुत डिफिकल्ट भाषा है इसको नहीं जानना चाहिए इसको नहीं पढ़ना चाहिए और अभी हमारे प्रधानमंत्री ने डी न्यू एजुकेशन पॉलिसी में क्या बोला है आपके मदर तंग में सीखो किसने किया आ 60 इयर्स के एजुकेशन में किसने किया मदर तंग में सीखने के लिए एजुकेशन किया है की मदर लैंग्वेज का डिफरेंस ही तो पॉजिटिव ही है इस देश में तो जितना लैंग्वेज हम सिख लेते हैं उतना अच्छा है हमें बिल्कुल लैंग्वेज के साथ इनका कल्चर इनका फूड इनका ट्रेडीशन इनका कॉस्ट्यूम इनका डेमोग्राफी इनका ज्योग्राफी सब हमारे पास आता है तो मैं आपसे इंटरव्यू कर रही हूं की आपने मुझे फर्स्ट बोला था आपको हिंदी आता है तो मैंने बोला था थोड़ा थोड़ा किसी ने आकर यहां पर दल कर गए सीखने में क्या प्रॉब्लम है संस्कृत लैंग्वेज है तो उसके बाद हिंदी बंगाली मराठी मलयालम तेलुगू कन्नड़ बिहारी ओरिया इतने लैंग्वेज है सीखने के लिए टाइम नहीं पड़ता है एक लाइफ टाइम चाहिए इतने लैंग्वेज सीखने के लिए तो यह सीखेंगे तो हमारे एडवांटेज हो जाएगा यह मेरा चार है पुरी फैमिली आपकी तो आप जो रंग मंच या नाटक या नृत्य या फिर कहिए के फिल्म जो कल्चरल एक ब्रोडनेस लेकर के आते हैं एक संस्कृति से दूसरे संस्कृति को परिचित करते हैं इससे बड़ा तो कोई माध्यम हो ही नहीं सकता है लेकिन इसी फिल्म इंडस्ट्री में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो यह का रहे हैं की अभी मैंने महेश बाबू को सुना और महेश बाबू दो खुद हैदराबाद से हैं और उनकी फिल्में भी काफी अच्छी चलती है वहां तो का रहे हैं की मुझे हिंदी की कोई आवश्यकता नहीं है हालांकि हिंदी बेल्ट में उनके बहुत सारे फैंस भी हैं लेकिन क्या इस तरीके का एरोगेंस होना किसी तरीके का अहंकार जो होना है आर्ट में होने के बावजूद क्या ये जरूरी है तो आप यह कैसे का सकते हैं कलाकार है तो किसी भी लैंग्वेज को एक्सेप्ट करना चाहिए इसमें कोई मैं आई विल मैंने आई विल नॉट चेंज माय वर्ड तो हिंदी मुझे नहीं चाहिए तमिल मुझे नहीं चाहिए तेलुगू मुझे नहीं चाहिए ऐसे नहीं बोल सकते क्योंकि आज ये हिंदी डबिंग करके साउथ इंडियन फिल्म jispecially तेलुगू फिल्म इतने सारे हिट दे रहे हैं आपके हिंदी डब्ड वर्जन तो ओरिजिनल हिंदी फिल्म के भी ज्यादा कलेक्ट कर रहे हैं ठीक है तू को देखो बाहुबली को देखो यह सब कितना इंटेंसिव कॉरिडोर इतना नहीं कर दी व वर्जन जितना कलेक्ट कर रहे हैं तो आप कलेक्शन नहीं चाहिए अब बोलेंगे मुझे मल नहीं चाहिए बोलेंगे आप नहीं बोलेंगे ना तो आप प्रोड्यूस करते हैं प्रोड्यूसर हो तो तेरा फिल्म हिंदी में दब हो रहा है तो हिंदी से कलेक्शन ए रहा है आप बोलेंगे मुझे हिंदी अवश्य नहीं है मुझे मल नहीं दे दो मुझे बैंक अकाउंट में नहीं deunga ये ऐसा नहीं बोल सकते हैं ना तो ऐसा बोलना तो इट्स अन वेरी मच और सरप्राइज आपने अभी बोला मुझे नहीं मालूम है की महेश बाबू जी ने ऐसे बोले द और अभी अभी एक और एक्टर है मुझे नाम उनका याद नहीं है विक्रम रोना करके उनकी एक मूवी आई है तो उन्होंने भी यही कहा की हमें हिंदी से कोई फर्क नहीं पड़ता तो उनकी फिल्म जब हिंदी में दब हो कर के सलमान खान ने उनको अपनी आवाज़ दी तो उनकी फिल्म हिंदी में पुरी तरीके से फ्लॉप भी रहे उनको इधर किसी ने देखा भी नहीं है तो कहने का अर्थ ये है की देखिए आप फिल्म इंडस्ट्री में है आप कला में है आप आर्ट में है आप एक कर सकते हैं और आप यह कितने बड़े और क्षेत्र को यदि पुरी तरीके से जानकारी देंगे तो ना केवल वह बिजनेस भी छोड़ दीजिए आप जो कहना चाहते हैं जो संदेश देना चाहते हैं इंसानियत देखिए फिल्मों में क्या होता है हमेशा ये दिखाई देता है सत्य की जीत हुई और सत्य की हर होती है एंड मैं क्या होता है दी एंड वहीं पर होता है जहां पर हैप्पी एंडिंग होती है और जहां पर एक जो शुरुआत से जो चली ए रही है गाथाएं हमारे यहां चाहे वो रामायण को महाभारत हो तो हमेशा यही हुआ है अंधकार पर प्रकाश की विजय हुई है सत्य पर सत्य की विजय हुई है झूठ पर आ सत्य की विजय हुई है तो यह जो हर फिल्म में दिखाया जाना चाहिए और दिखाया जाना दिखाया जाता है उसको क्यों इतना संकीर्ण बना दिया जाता है अभी हम देख रहे द कमल हसन ने एक और बयान दिया है जब स बनाई है और आई थिंक आपने ps1 देख ली होगी वैन ऑफ डी बेस्ट मूवी और एकदम मतलब मैं कहूंगा की मास्टरपीस है और इसमें तो डायरेक्टर की बहुत प्रशंसा होनी चाहिए की इतने बड़े उपन्यास को उन्होंने 3 घंटे का उसका फर्स्ट पार्ट समय का है और उसमें भी उन्होंने रुचि बनाए राखी है कहीं पर भी आप खड़े नहीं हो सकते कहीं पर आप इधर-उधर नहीं देख सकते कंटिन्यू मूवी चलती है कितना अच्छा लगता है की जब मैं बंदे A1 का नाम याद रखता हूं जब मैं करती का नाम याद रखता हूं मैं पंडित का नाम याद रखता हूं की उनका नाम क्या है तो और तब से जब से मैंने मूवी देखी है तो अपनी फैमिली मेंबर्स को सबसे पूछ रहा हूं अच्छा ये बताओ ये किसका नाम था अच्छा बताओ यह किसका नाम था अर्थ है बताओ आदित्य किसका नाम था नंदिनी कौन थी तो मैं सबसे पूछ रहा हूं तो इससे क्या होता है की जो फैमिली मेंबर्स हैं उनमें सब चीज जा रही हैं तो मणि रत्नम साहब ने इस चीज को प्रस्तुत किया लेकिन कहीं ना कहीं कमल हसन इस बात को का कर के चोल राजा जो द उनका हिंदू धर्म से सनातन से कोई संबंध नहीं था वो कुछ द ही नहीं उसे समय पर सिर्फ एफबी और वैष्णव होते द मुझे नहीं समझ आया की वैष्णव कौन है क्या यह दूसरे सनातन परंपरा से कोई लेना देना नहीं है या फिर कमल हसन भी वही पॉलिटिक्स यहां पर खेल रहे हैं बहुत बढ़िया बहुत अच्छा मास्टर पीस बनाएं हिस्टोरिकल फिक्शन है ये फिल्म तो टोटल हिस्ट्री ने टोटल फ्रिक्शन नहीं कल की ने इसको हिस्ट्री से फिक्शन को अंदर डालकर घुसा कर बहुत अच्छे स्क्रीनप्ले लिख कर दे नवल नवल नहीं है तो कल की में वीकली ए रहा था फिर ये नॉर्मल बुक के फॉर्म में आया था और फिर इसको इंग्लिश ट्रांसलेशन और वो आदित्य नहीं है आदित्य तरीका है आदित्य नाम को आपके माइंड में जाकर अब वो बैठा है कहीं पे तो इसीलिए आपने वैन देवन बोला इतने अच्छे बोला पंडित सेवन मेरे हिंदी के भी बटोर बोला आपने तमिलनाडु एक्सीलेंट डायलॉग्स बट सो गुड एंड इतने डिफिकल्ट परिसर स्टोरी को सिंपलीफाई करके क्योंकि बहुत सारे लोग पोनपईयिन सेल्वन नहीं पड़े हैं यहां तमिलनाडु में इतने बोलते हैं ना तमिल तमिल बोलते हैं तो तमिल का पूजा करने के लिए बोलते हैं कितने लोग ने 14 साल्वेंट पढ़ा है सिंपलीफाई कर चुके हैं तो आप स्टोरी क्या कंस्पायरेसी है इतना प्रॉब्लम सो रहा है madhurantakan कौन है ये नंदिनी कौन है वो लास्ट में आई वो ओल्ड लेडी कौन है वो वो सेकंड हाफ में आएगा उसका नाम मैं आपको मूवी आने के बाद मैंने पढ़ी है सरप्राइज अच्छा हिस्ट्री बहुत बढ़िया स्टोरी शिप टूट गया तो अंदर जा रहे द सभी लोग बोलते हैं की आलू मरिमर मैन गया है नहीं है तो एवरीबॉडी इस इन डेट टेंशन ना तो ये सब बहुत बढ़िया और बहुत अच्छी तरह से मणि रत्नम जी ने की चाकन अन मैग्नम आपस और बहुत कुछ रिसर्च और रविवर्मन का सिनेमैटोग्राफी और ए आर रहमान का बैकग्राउंड जी नहीं है जी ऐसे ये बनाने वाले को मालूम होता है कितना बहुत दोनों पार्ट हम फिनिश तो सेकंड पार्ट का पोस्ट प्रोडक्शन चल रहा है इसको 2023 में कर कर रहे हैं वो तो ही ही इस नौ फोकस्ड ऑन डेट उन्होंने बहुत अच्छा फिल्म चौरे साम्राज्य चोर है साम्राज्य के लिए बहुत बढ़िया फिल्म बनाकर दे दिया यह कमल हसन जी को क्या हुआ मुझे नहीं मालूम शॉक्ड क्योंकि मैं उसको बहुत सम्मान करती हूं कितने बड़े कलाकार है वैन ऑफ डी ग्रेटेस्ट आर्टिस्ट फॉर इंडियन सिनेमा हम बोल सकते हैं या मालूम है मुझे नहीं चाहिए ब्रिटिशर्स ने देकर गया है वेलाईकरण मेंस ब्रिटिशर्स हमारे यहां तो हिंदू का नाम तो ब्रिटिशर्स ने दिया है क्या फर्स्ट हिस्टोरिकल फैक्ट चेक करना चाहिए मुझे बहुत कहना की वो हिंदुओं को भी बोलना चाहती हूं फिल्म में उन्होंने एक रोल किया था फर्स्ट रोल रंगराजन नबी का रोल किया था और रामानुजर का वह रामानुज दसन बोलते द और उसमें वह छोड़ा और चौड़ा किंग क्या किया था इन्होंने क्या किया था सभी उन्होंने दशावतार में हमें दे चुके हैं तो उसको हिस्ट्री सब मालूम है वह तो अनपढ़ नहीं है उसका यूनिवर्सिटी तो व्हाट्सएप नहीं है यह कन्वीनियंस हो रही है मेरा हिसाब से मैं वही तो बोल सकती हूं क्योंकि उनको बहुत अच्छी तरह से मालूम है की हिंदू या नाम ब्रिटिशर्स ने नहीं दिया उन्होंने ही वो प्रेस मीत में बोला है की आदि शंकर ने शरण मंत्र का स्थापना किया था और फिर वो बोलते हैं मैं नास्तिक हूं तो आप नास्तिक हो तो आपको क्या व्हाट इसे योर प्रॉब्लम ये हिंदू या हिंदू नहीं है आपको क्या है आगमन और किस वेद के साथ सभी किए द ब्रजेश्वर किसका मंदिर है ना तो किसकी कौन है कृष्ण और कम्स का वह वह सॉन्ग आता है बहुत बढ़िया के वह सॉन्ग बहुत बड़ा शिव भक्त था इसीलिए तो राज राज शोधन ने अरुण बनाया और तिरुमला ही कंपाइल करने के लिए इतना कुछ सपोर्ट दिया तो ये सब कहां से आया तो मैं बोल रही हूं सीता और राम का कल्याण हुआ था राइट मैंने ये पढ़ा है ट्विटर में किसी व्यक्ति ने बहुत अच्छे से लिखा है की सीता और राम का कल्याण होने के समय में हिंदू मैरिज एक्ट नहीं था वह साइनिंग का मैरिज एक्ट बकवास है जी तो बहुत बकवास का बात है और ये इसको प्रोजेक्ट कर रहे हैं और इसको बोलकर इस तरह का पब्लिसिटी तो कमल हसन जैसे बहुत बढ़िया कलाकार को नहीं चाहिए पर मेरा एक ही बहुत आई एम वेरी हैप्पी क्योंकि ये ये नास्तिक नास्तिक नास्तिक बोलकर उन्होंने वैष्णव साहब उनके मुंह से निकाला था तो मैं मैं भगवान का प्रार्थना करती हूं बहुत बढ़िया काली कल में यही हम वेरी हैप्पी मैं चलते चलते ये भी चाहूंगा की पिछले दिनों ही सुपरस्टार जो हमारे पूरे भारतवर्ष के रजनीकांत जी ने बहुत अच्छा एक बयान दिया था और जिससे की पूरे नॉर्थ में तो खुशी की लहर दौड़ गई थी और कुछ समय के बाद लेकिन उनका स्वास्थ्य थोड़ा सा स्वस्थ हो गए द उन्होंने पर यार पर बोला था और उन्होंने कहा पेरियार के विषय में भी कुछ उन्होंने बताया था क्या आपको यह नहीं लगता है की तमिलनाडु में यह जो कुछ भी घर के बीच बॉय जा रहे हैं इसके पीछे कहीं ना कहीं पेरियार की इस कुंठित विचारधारा का भी योगदान है परिवार के विचार को इन लोगों को एक्चुअली नहीं मालूम है रजनी जी ने क्या बोला तुगलक में वो आर्टिकल आया था उसके बारे में उन्होंने बोला रिकॉर्ड फैक्ट और कुछ नहीं बोला यह लोगों इन लोगों को परिहार क्या बोले क्या ना बोले ये भी नहीं मालूम है हमारे जी अभी एक पेज 21 निकलकर पढ़ चुके हैं इन लोगों को क्या बोले हैं क्या नहीं बोले आपको बोलिए हमारे साथ इन लोगों को कुछ भी नहीं मालूम है जी मेरा हिंदी मेकिंग यू अंडरस्टैंड इंग बट आज ये यूट्यूब के जमाने हैं आज के बच्चे लोग देख रहे हैं सब सभी तमाशा देख रहे हैं तो तमिलनाडु में मैं इन इन ये लोग सभी मुझे ट्रॉल करते हैं उनका डीपी में ही फोटो नहीं है पर रोल करेंगे लेफ्ट राइट आंसर इसको भी आज के जमाने के बच्चे देख रहे हैं सभी को मालूम है क्या हो रहा है क्या नहीं हो रहा है सभी को मालूम है और उसका उसका टाइम आएगा तो रणवीर सिंह बोला था ना वह क्या अपना टाइम आएगा तो अपना टाइम आएगा भारत को जोड़े रखने के लिए अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए भारत की अखंडता को बनाए रखने के लिए इस प्रकार के जितने भी प्रयास है वो होते रहने चाहिए और आप जैसे manubhav हमारे बीच में रहेंगे तो यह होते भी रहेंगे क्योंकि यह बड़ी उम्मीद है की आप वहां से आवाज़ को गूठा रहे हैं आपके हिंदी बहुत प्यारी है और नीचे हमारे कमेंट जवाब पढ़ेंगे तो आपको पता लगे ही जाएगा की वास्तविकता है इस बात की क्या आपने बहुत मेहनत की है हिंदी भाषा पर और इस भाषा के प्रयोग से ही आप यहां पर अपने इस संदेश को पहुंचा का रहे हैं मुझे बहुत प्यारा लगता है कल्चर मैं बताता हूं आपको की तमिलनाडु का जो कल्चर है मैंने अभी सोशल आई थिंक सुजल ही बोलेंगे शायद उसको एक बार सीरीज आई है उसको देखा है सोडल 9 दिन का उसमें जो पूरा एक त्यौहार बनता है उसको लेकर के पुरी देखने से लगता है पता लगता है की क्रिएटिविटी कहां पर है आज बॉलीवुड का बहिष्कार हो रहा है और साउथ कितनी फिल्म इंडस्ट्रीज हैं कन्नड़ को आज हिंदी भाषी अपने सर माथे पर रख रहे हैं कारण क्या है कारण यही है की जब आपके अंदर जो पोटेंशियल है जब तक वो बाहर निकल कर के सबकी सर्वमान्य भाषा में नहीं आएगी तब तक हमें कैसे पता लगेगा और इसके लिए जो आप एक टॉर्च बैरियर की तरह खड़े हुए हैं और झंडा लेकर के जो चल रहे हैं मैं बड़ी ही बात इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि आप मुझे इस राज्य से पहले ऐसे व्यक्ति निकल कर के मिले हैं जिन्होंने कहा है किस प्रकार की जो खाई है इस प्रकार की जो दूरियां है उनको मिटाना चाहिए और इसी प्रकार से हम चाहेंगे की आगे भी आप हमारे साथ बने रहे और आप जैसे जितने भी मेधा बुद्धिजीवी लोग हैं वो भी आगे आए और इस प्रकार के जितने भी ये दूरियां इनको मिटाने का जमीन स्टार कार्यक्रम इसी प्रकार से चलता रहे आपने अपना बहुत कीमती समय निकाला इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और मेरी ओर से सभी दर्शकों की ओर से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं सभी कार्य के धन्यवाद और सभी दर्शकों को तो माफ कीजिए मेरा हिंदी तो अच्छी नहीं है तो मैं सुधार जाऊंगी और सिख लूंगी अगले इंटरव्यू में और बटोर हिंदी बोलने के लिए मैं प्रयत्न करूंगी तो थैंक यू सो मच फॉर दिस अपॉर्चुनिटी और वंदे मातरम भारत माता की जय
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😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।
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हेलो दोस्तों प्रतीक्षा समाप्त हुई सनातन से तू आ चुका है सनातन सेतु का लिंक अब हर जगह पर आपको मिल जाएगा हमारे जितने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म...
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मैं ये पूछना चाहती हूं जो ये भी पौराणिक जो ये कहते हैं कि महिलाओं को वेद पढ़ने का अधिकार नहीं है तो मुझे बता दो क्या तुम्हारे घर में सरस्...
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