Tuesday, 3 February 2026

संयोग नही प्रयोग Panel discussion On Juna Akhada News

क्या हुआ समझ दोस्तों आप सबका एक बार फिर से स्वागत है और आज हमारे साथ में है राजीव भाई अभिषेक जी और रचित भाई राजीव जी जो कि रंग डे बसंती YouTube चैनल पर और अभिषेक भाई अभिषेक तिवारी और रचित भाई जो है वह सब लोकतंत्र YouTube चैनल पर आते ही हैं आप सब जानते ही होंगे एक बहुत ही हृदय को विदीर्ण करने वाली जो घटना पालघर में हुई है बृहस्पतिवार को पूरे देश के अंदर उसको लेकर के काफी रोष है और सरकार के जो अपने शिथिलता देखी है समाज की शिथिलता देखिए क्रूरता देखी है उन वीडियोस में वह यह है और जिन शब्दों में भी हमले की निंदा कर सकते हैं वह बहुत कम है लेकिन इस पूरी की पूरी घटना ने कहीं ना कहीं पूरे देश ही नहीं पूरे विश्व को झकझोर कर रख दिया गया है और जिस तरीके की संवेदना और संवेदनहीनता मीडिया में देखने को मिली है और वैज्ञानिक में देखने को मिली है उसने भी बहुत ज्यादा आघात पहुंचाया है मैं बारी-बारी से सभी से ही इस विषय पर अपने-अपने बात रखने के लिए आमंत्रित करूंगा सबसे पहले राजीव भाई आप बताएं के यह जो घटना हुई है इसको आप किस तरीके से देखते हैं और इसमें कौन से ऐसे पॉइंट्स हैं जिनको कहीं ना कहीं छिपाने की कोशिश भी की गई थी और इस देश का कर्ज और सहिष्णुता है जो अखंडता है जो अक्षुण्णता है उसको नष्ट करने का काम कहीं ना कहीं इस पूरी की पूरी दुर्घटना के पीछे में साफ झलकता है लुट बहुत-बहुत धन्यवाद अंकुर भाई अंकुर भाई समय न कहीं इस पूरी घटना में पुलिस वाला था उसमें से एक बुजुर्ग संन्यासी थे वह उनका और वह लेकिन इस गांव में जितने भी लोग बात कि वह मुंबई देश की आर्थिक राजधानी कराची किलोमीटर दूर है किलोमीटर दूर करने के लिए आर्थिक राजधानी मुंबई के जरा दिखाओ सुधीर है यूपी का जी बिल्कुल समझा मत दिमाग Total चार लाख से घृणा और चार लाख जिसके पास को शांति और सहिष्णुता के उत्पात मचाया हं कि आपने देखा होगा कि अपने स्कूल उठ जाओ अपने मत पूजा अपने घर को लौट जा कहीं भी नोट जा कुंभ और अर्द्ध कुंभ राशि का परिचय दिया परिचय देने के बाद अपने घर वापस लौट जाते हैं लेकिन आप लोगों के अंदर इतनी नफरत हो गई कि लोग और कोई भी मत मारो इसका मतलब बहुत ज्यादा हिंदू धर्म के प्रति के प्रति नफरत और यह मैं आपसे पूछना चाहता हूं यह सवाल कि इन सब चीजों को अच्छी लगती है आपको विफलता लगती है सरकार की पूरे कुन की और क्या आपको भी लगता है कि संन्यासियों के प्रति भगवा के प्रति हिंदुओं के प्रति जो नफरत भरी जा रही है कूटकर यह उसका परिणाम लगता है सबसे पहले तो आपको भी आपके तमाम दर्शकों को अभिषेक तिवारी अशोक का नमस्कार और बहुत हृदय विदारक यह घटना हुई अब हम सबसे पहले एक महत्वपूर्ण पॉइंट हम सब छोड़ छोड़ रहा है यह है वामपंथ और मिशनरीज का कोंबिनेशन एक बहुत बड़ी बात बोलने दो बाबा यह सारी बातें मित है कि चोरी की घटना यह इंच हत्या हुई है इंटेंशनली क्योंकि यह संत अब मैं साबित करो इसको कैसे आप एक इधर क्रोनोलॉजी समझेंगे कि आजकल कोई संत बोलता है धर्म की बात करता है तो उसे पिछड़ा गंवा ऐसी बातें फैलाई गई है दूसरी तरफ आप संतों को एक फ्रेंड है वह पंखे अर्बन नस्ल का जो संत बलात्कारी होते हैं यह ट्रेन सेट किया जा रहा है संत बहन होते हैं चोर होते हैं दूसरी तरफ मगर एक बिशप रेपिस्ट भी होता है केरल में तो उसको प्रोटेक्ट करती है खुद आगे आकर सरकार तीसरा इसमें एक और महत्वपूर्ण पॉइंट अंधविश्वास की जड़ खुले लिया सरेआम अंधविश्वास पूरे देश में फैला रही है मगर लोग उसे एक्सेप्ट कर आ रहा है वह उसी आदिवासी समुदायों में और उसी आदिवासी समुदाय में यह एक्सेप्टेंस कहा जाता है कि यह तो परम पिता के हुए लोग हैं लेकिन साधु संतों के प्रति लगातार नफरत और हिंदू धर्म के खिलाफ लगातार नफरत इस नफरत को इतना अर्बन नक्सल्स ने आदिवासी समुदाय में अपने कन्वर्शन के हितों के लिए बढ़ा दिया है कि अब मुंबई से 80 किलोमीटर दूर जो की आर्थिक राजधानी कही जाती है वहां इतनी बड़ी चीजें हो रही है महत्वपूर्ण बात क्या है क्या यह सरकार और होम मिनिस्ट्री की विफलता नहीं है आप लॉक डाउन में दोस्तों लोग जमा होते हैं मेरा सबसे महत्वपूर्ण सवाल तो यही है अब वाह फैलता है मोबाइल में कहीं से किसी भी तरह पर लॉन्ग गाउन में अफवाह फैला और 200 लोगों का आना जैसा कि अभी भाई भाई जी ने कहा के एनसीपी और दूसरे नेता देखे गए सीटीआई है सीपीआई के नेता वही लोग हैं जो लगातार वैचारिक मंचों से साधु संन्यासियों को लगातार गाली दौड़ इज्जत लुट बताने की जरूरत नहीं है ना तो इस बारे में अब सोच अच्छा समय है कि एक हत्या होती और इंटेंशनल है यह बिल्कुल इंटरनेशनल है क्योंकि साधु-संत हैं मेरे पास कुछ स्क्रीनशॉट्स है जो अगले एपिसोड में मैं आप लोगों से शेयर कर पाऊंगा जिसने कुछ लोगों ने कहा है कि बधाई हो यूरेशियन को मारा गया है मूल निवासियों के द्वारा अब इससे बड़ी घटिया और मतलब निर्दयता वाली बात क्या हो सकती है कि इस देश में प्रोपोगेंडा चला गया है कि साधु संत जो है यहां के मूल निवासी नहीं है वह यूरेशियन है और लगातार यह बीजेपी पिछले 30 साल से बही जा रही है बिल्कुल ए सिविल वर की तरफ से बाज आए थे तो आ बहुत सही बात आपने रखी है कि जो आदिवासी एरिया है वह तो पूरी तरीके से इसाईकरण के पास में फंसता जा रहा है और जब लोगों को भक्त कहा जाता है संन्यासियों के बारे में तो भी वह पढ़ी है न्यूज़ कि वह देखे हैं कटिंग्स तो उसमें बताया जा रहा है वो आंख छोड़ दे तीन चोरों को लोग उन्हें पीट-पीटकर मार दिया उन सैनिकों कर ले के साथ है आ और उसी अखबार नहीं जगह मुसलमान के बारे में तो उसमें स्पेसिफिक करके लिखा है कि मुस्लिम ब्वॉय उसको मारा गया है तो यह सब चीजें हैं जो हमें बस मेल खाते मीडिया की और किस तरीके से का सारा का सारा कॉकटेल बनकर चलता है कि वह बॉलीवुड से लेकर के फिर बामपंथ मिल करके जो हम सोशल मीडिया के ऊपर देखते हैं कि किस तरीके से यौवन देखो आप यह तो देखो ना कि यूरेशियाई कोई आर्य आर्य लगाने से कोई रिएक्शन होता है भाई सबसे ज्यादा दलित समाज उत्तराखंड में आर्य लगाते हैं तो क्या कोई परेशान हो गए हैं और बहुत सारे जो सवर्ण जातियां थी मुसलमान बन गए तो क्या वह भारत के हो गए इस तरीके से ढूंढता हुआ था तो खैर आपने बहुत अच्छी तरीके से बताया है कि अब इसमें इसाईकरण का भी एक बहुत बड़ा हाथ हो सकता है आरक्षित भाई मैं आपसे पूछना चाहता हूं यही सवाल सेम के इसमें आपको क्या दिखाई देता है और कौन सी राशन कार्ड है शंका हैं जो हमें इस तरफ इंगित करती है कि यह पूरी तरीके से प्लांट होता है की सूचना क्रांति के आज के समय में कोई भी चीज बिना सूचना के प्रायोजित नहीं हो सकती है और कोई भी चीज बिना प्रयोजन के आज के समय में नहीं चल सकती कर दो सौ लोगों द्वारा की गई अगर हम इस घटना के तह तक जाना है तो हमें चीफ इनफॉरमेशन ब्यूरो का आदमी होने की आवश्यकता नहीं है सिर्फ इसकी सूचना तंत्र को देखें तो हमें पता लगे का यह कोई सामान्य घटना नहीं सोशल जस्टिस की घटना अगस्त से हम पकड़ने शुरू करें हमने जितनी भी घटनाएं होती हैं और हम पुलिस के किसी भी राज्य के रिकॉर्ड था कि यह घटना गांव में तब होती है जब कोई आता है और उसका की कि बच्चों से संबंधित या चोरी की कई घटनाएं वहां पर हो रही हैं हु संदिग्ध को गांव के लोगों द्वारा पकड़ा जाता है यह एसिड यहां पर यहां पर राजमार्ग पर मुंबई से गुजरात जा रहे लोगों को इंटरसेप्ट किया जाता है और 200 लोगों की भीड़ ने उनके वाहन को रोकने के लिए पहले से मौजूद बिल्कुल यह कोई ऐसा नहीं कि गांव में किसी को पकड़ा गया और उसको चोरी का आरोपी माना गया दूसरी चीज अब हम देखते हैं पुलिस को की सूचना की जाती है पुलिस को बताया जाता है कि लगभग दो सौ लोगों की भीड़ यहां पर है पुलिस जब आती है तो आर्य के साथ अगर आपने एक वीडियो में दिखाओ गांव साथ एक पूरा यह मौजूद है उनके पास हथियार भी ही प्रचूर मात्रा पुलिस वाले भी हैं पर क्या कारण है कि उन लोगों को सपोर्ट करने की कोशिश नहीं की नहीं की जाती है एक वीडियो में आपने सुना होगा जब पुलिस वाला साथ में मिल जाता है तो निर्णय लेने वाले लोग बता रहे हैं कि पुलिस को नहीं मारना है अगर यह कहा जाता है कि क्रोध में की गई है कि उक्त रोड में की गई घटना में निर्देश दिए जाते हैं निर्देश शिकार किए जाते बिल्कुल बिल्कुल डिफरेंट करते जा रहे हैं और निर्देश शिकार पुलिस को यह पता है कि उन पर हमला नहीं होगा तो अगर वह ह्यूमन बंद कर उन लोगों को सपोर्ट कर लेते हैं तो उनको बचाना कोई मुश्किल नहीं है ए फैक्टर मारे जाने वाला वस्त्र उन लोगों के पास नहीं था कि इस लाठियां अगर आप देख लीजिए और धारदार हथियार पुलिस को कोई खतरा नहीं होता यह समझ आता है कि यह कोई ई वांट एनी केस घटना नहीं है यह एक निर्धारित नियमित और एक बहुत ही सोची-समझी नीति शांत रूप से की गई घटना है है और इसको मौकों पर थोप दिया गया है क्योंकि भीड़ का कोई चेहरा होता नहीं है और बस इनके हाथ से करवा दो इसमें जो मुझे लगता है जिस तरीके से राष्ट्रीय राजमार्ग सब लोग जा रहे थे और फिर उनको डाइवर्ट किया गया मतलब अभी तक की जो खबरें हैं उनके अनुसार यही है कि उनको गांव की तरफ से निकाला गया वहां 200 लोगों का तैयार होना और वह भी सिर्फ अफवाह के उसमें और आपने बहुत सही पॉइंट पकड़ा है कि अगर कोई किसी को रंगे हाथों इस तरीके से पकड़ता है तो ऐसा होता है और इसमें एक और बार जोड़ी गई है कि वह लोग काफी टाइम से सर्च में थे अगर आपने न्यूज़ पढ़ी होंगी तो हम बता रहे हैं कि वह काफी टाइम से परेशान भी थे सर्च में थे तो क्या उस सर्च में पुलिस उनका योगदान नहीं कर रही थी क्या पुलिस व नहीं आई कि दोस्तों एक साथ नहीं सकते हम्म सर्च कर रहे हैं जो भी कुछ चीज थी लॉक डाउन मैं आप घर से बाहर निकल सकते दोस्तों लोग लाठी-डंडे आपके किसी का रास्ता रोकने के लिए तैयार खड़े हैं और आठ वहां पुलिस उन लोगों की अगर मान लो मान लेता हूं मैं सच्ची बात है और उनका कोई बच्चा उठाया कुछ भी हुआ कुछ भी चोरी हुआ है तो पुलिस तक तो वक्त पहुंची होगी तो जब पुलिस उनकी हेल्प नहीं कर पा रही है वह इतने और सा योग हैं कि उनको कानून अपने हाथ में लेना पड़ रहा है तब जाकर रोड पर खड़े हुए हैं तो वह पुलिस उन संसाधनों की क्या हेल्प कर सकती हो है जो ऑलरेडी ऑलरेडी उन लोगों को निराश कर चुकी है तो वह फिर क्या हेल्प कर पाती तो वहां आने का और ढोंग करने का फायदा ही क्या था पुलिस का अगर हम साधुओं की बात देखें तो यह कोई पहली लिंचिंग नहीं है हमने एक बार देखी है इसको गरम सारे पॉइंट्स को जोड़ेंगे इस कि अभी तक वृध्दि कमजोर अकेले ऐसे साधु संन्यासियों की पुजारियों की लगातार हत्या होती और तैयारी है मंदिरों में इस प्रकार की हत्याएं हुई हैं उनको गले में रस्सी डाल करके टांग दिया गया पर पीट-पीटकर मार दिया गया और हम नहीं बाद देखिए वह सारे के सारे जो लोग थे उदय पुजारी थे वे संन्यासी थे वह शरीर में तक अल्प व कल्पवृक्ष गिरी जी महाराज जैसे ही तेल कमजोर से थे या उम्र में इतने ज्यादा ही मेहनत तो इस चीज को भी हमें समझना पड़ेगा कि इन लोगों के द्वारा इन लोगों को ही टारगेट क्योंकि यह पहली चीज दूसरी चीज जो एक टीम बनाई हुई है कि यह होता है आप कोई भी चीज कोई भी पॉइंट रखिए me1 हम यह वीडियो जो बोल रहे हैं जिसमें जो साइड इफेक्ट रखे हुए हैं इस पर कोई नहीं बोलेगा यह कि किसी पॉइंट पर भी गौर किए जाने योग्य है वह लोग जिनके अंदर यह नफरत भर दी गई है और जिनको जोंबी बना दिया गया है या रोबोट बना दिया गया रवीश कुमार की भाषा में कहें तो वह सब लोग सिर्फ और सिर्फ एक ही बात करेंगे यह भक्त हैं और यह गौ मूत्र पीने वाले लोग हैं तो इस तरीके की भी जो नफरत अंदर भरी जा रही है यह मुझे लगता है कि अब यह बहुत दिनों तक इन बुजुर्गों के ऊपर ही रुकने वाली है अब यह धीरे-धीरे युवाओं पर भी आएगी पर डिपेंड जाएगी और जहां जिस को अकेला देखा जाएगा उन्हीं लोगों को इस तरीके से मार पीट दिया जाएगा क्योंकि फिर स्टेशन है मैं बस एक चीज पूछना चाहता हूं कि अ यह घटना हुई और बृहस्पतिवार को हुई है संडे को यह चीज वायरल होती है लेकिन मिनिस्ट्री मीडिया था क्या कर रहा था मतलब कि वहां तक यह बात को नहीं पहुंचती है मैंने आज पड़ा है पालघर पुलिस का जो ट्वीट आया है तो वह बता रही है कि हमने एक सोए लोगों को गिरफ्तार किया इन लोगों को हमने जो यह जिसके लिए भेजा है तो यह चीज आ अप्पन अगर यह सोशल मीडिया में नहीं आती चीजें तो मुझे लगता कि कि इस तरीके की कोई आ में भविष्य में भी हम सोचते कि उनके ऊपर कोई कार्यवाई होगी अगर तनक कर किया गया है गृह मंत्रालय द्वारा तब जाकर तो रिपोर्ट्स लेने की बात कही गई है नहीं तो भीतर कुछ ही नहीं इवन आप सब जानते हैं कि फिर सिर्फ पिटाई हुई थी पांच दिन बाद वह कस्टडी में रहता है कि मामला जीवन गया था ना मैं सिर्फ ईंधन जैसा एनडीटीवी आर्थर और किसी से तो यह उम्मीद नहीं कर सकते लेकिन प्रश्न यह उठता है कि जो आज तक तेजू सबसे तेज है जो रिपब्लिक टीवी है जो अपने आपको राष्ट्रवादी चैनल रहता है जिसका मुंबई में है डोंट हेडक्वॉर्टर है उनके पास यह सूचना ही नहीं पहुंची कि सभी अखबार तंत्र होता है जो भी न्यूज़ मीडिया होता है सभी के एक लोकल कॉरस्पॉडेंस होते हैं और लिंक क्राइम सेक्शन में रोज के रोज खाने से fir तक उठाकर वह उनके पास शेयर करते हैं और चीनी बड़ी घटना हो जाती है रिपब्लिक को पता नहीं चलता उपलक्षित प्रश्न है मैं सुरक्षित भाई जो यह जितने भी आज मेंस्ट्रीम मीडिया है टोटल यह टोटल सोशल मीडिया के भरोसे बैठे इनका कोई पत्रकार कोई ग्राउंड पर रिपोर्टिंग यह कभी नहीं करते कोई घटना के बाद जाएंगे इस घटना के बाद अभी चले गए तो और वहां जाकर फिर इनका आप उनकी रिपोर्टिंग देखो कि सबसे पहले हम पहुंचे भी आसान है इनका हमारे ऊपर यह सब्जी इसमें एक जो इसमें आपने एक बड़ी अच्छी खुश्बू आ रही है क्योंकि कांग्रेस की ओर से कर दो कि यह जो मेरे सामने खड़ा हुआ है पुलिस को आदेश होने की वजह से यह काम करने लग रहो क्योंकि आपने वह प्रणब मुखर्जी के साथ 2004 में सरस्वती को उठाया था कांग्रेस के किसी मस्जिद के मौलवी को सबस्क्राइब मतलब पूर्व कमिश्नर से दिल्ली के तो उन्होंने स्पष्ट कहा था कि जामा मस्जिद के इमाम बुखारी को क्योंकि सरकार की तरफ से नियुक्त मुसलमानों के जो उनके पति है यह को ही नहीं लगाना है 409 प्लस अब यह जो थे शुक्राचार्य के तरीके से बेकसूर और मैं लुट में एक बार रचित भाई की बात पूरी कर लेते हैं फिर अभिषेक बाइक पास पहुंच गए हैं क्यों नहीं बिल्कुल सही है और इस पर पुलिस की भूमिका सबसे अधिक संदिग्ध की भूमिका हमें देखने को मिलती है कि जब उनके पास प्राथमिक सूचना पहुंची उनके पास इंटेलिजेंस कि इतने लोग यहां पर जमा हो रहे हैं उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में उन्हें करना चाहिए उन्होंने अपने उच्चधिकारियों और महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय से इस विषय में मंत्रणा की महाराष्ट्र के गृह मंत्री की ओर से निर्देश मिले इन सभी तथ्यों को जब तक बाहर नहीं आ जाए तब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा और नियुक्त पुलिसवालों पर से उन पर नहीं है महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय की राष्ट्रीय इंटेलिजेंस ब्यूरो और महाराष्ट्र सरकार बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल सही है कि जमशेद आधे लोग गिरफ्तार और वाली को धुंधते है जो बिल्कुल को क्यों इतने वह बोलते हैं तो इतना तेघरा लेकिन यहां जाती है लेकिन यहां उनको पता लगता है तो अब मैं आपको पे वेबसाइट में कुछ क्रोनोलॉजी समझा 2G स्कैम सबसे बड़े संत को 2004 में उठा ले उठा लिया जाता है मंदिर से घसीटते हुए सीढ़ियों पर आपको यह समझना होता है कि वह सरकार संयोग नहीं थी प्रयोग था कि इस देश के सनातन धर्मियों के खून में इतना उबाल मार सकता है उन्होंने देखा कि इस चीज को भी जब देश के सबसे बड़े संत को उठा लेने के बाद भी इस देश का सनातन समाज चुप है तो फिर हम और करवाई ऐसे कर सकते हैं उसके बाद जाते हैं कुछ और इंसिडेंट जैसा कि अभी आपने अंकुर भैया बताया कि कई संतों को लगातार ऐसे ही लांच किया गया मगर सनातन मेरा सवाल है इन अखाड़ों से इनके निर्माण का उद्देश्य क्या था अगर हम इसके मूल में जाएंगे तो इन अखाड़ों के निर्माण का जो उद्देश्य था आपको नहीं लगता कहीं उस पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करने की जरूरत है इस देश के संत समाज के सबसे बड़े शंकराचार्य जी लोगों का क्या कि ऐसे महत्वपूर्ण मौकों पर जरूरत नहीं है कि वह सामने आकर के अच्छा इमाम बुखारी ज्यादा बड़ा पावरफुल लेता है जिससे पूरा सरकार सिस्टम डरता है और देश के 80 करोड़ अपराधी को प्रतिनिधित्व करने वाले लोग जो शंकराचार्य बैठे हुए हैं उनकी एक आवाज पर से इस देश के धर्म के लोग नहीं निकलेंगे निकलेंगे पर आप आवाहन करना भूल गए क्योंकि आप यह भूल गए हैं क्योंकि आपकी शक्ति किया है आप किस पद पर बैठे हुए उस पद काश नहीं इस्तेमाल करने की जरूरत है बी यह पॉलिटिकल खिलौने आज एनसीपी इनकी इसलिए कर रहा है क्योंकि उनको लगता है कि इनकी आव्हान पर वोट मिलता है अब बदलाव की बहुत सख्त जरूरत है बन्ना यह तो प्राइम टाइम वाले आएंगे और क्रोनोलॉजी समझाएंगे कि हैं इसमें आप हिंदू-मुस्लिम वाला ऐंगल बढेगा मिस्ट्री यह महंगे नहीं ढूंढ सके तो ढूंढ लेकिन बहुत सही अपने बताई है कि जूना अखाड़ा या जितने भी हमारे अखाड़े हैं उनका जो उद्देश्य है देखो जो कुश्ती का अखाड़ा होता है ना उसकी जो शुरुआत हुई है वह अखाड़ों से हुई है इन आंकड़ों से हुई है और वहां धर्म की रक्षा के लिए योद्धा तैयार हुआ करते थे और अब जरूरत है हालांकि दो अखाड़ों की तरफ सही बात है कि हम यह लोग धन के बाद में पालघर की तरफ कूच करेंगे लेकिन जितने भी हमारे महंत हैं जितने भी अलग-अलग अखाड़े बने हुए हैं जितने संन्यासी है सब की तरफ से ही आना चाहिए और हर जगह पर इस बात को तय होना चाहिए कि जो सुषमा स्वराज ने कभी पाकिस्तान के लिए कहा था यह चीज संत समाज के लिए कहनी पड़ेगी कहनी पड़ेगी और आप दूसरी तरफ देखो मैं अभी पढ़ रहा था जफर सरेशवाला जो कि मोदी जी कभी बहुत अच्छा दोस्त है जो कि संघ का भी बहुत अच्छा मित्र है उसने क्या कहा उसने अपने आपको जमाती का और उसने यह कहा कि जमात कि दो फाड़ हो चुकी थी उन पर एक करेंगे और यहां हमारा समाज बट पड़ा हुआ है तो यह कि इस चीज को हमें समझना पड़ेगा कि वह लोग जो जिसका जिस जमात का जिस व संस्था कईं बार आतंकवादी गतिविधियों में भी संदिग्ध है जो फिलहाल कोण फिदायीन पैदा करने के रूप में संदिग्ध है वह लोग एक काम कर रहे हैं लेकिन विश्व कल्याण की भावना से काम करने वाले संत समाज अगर इस तरीके से बैठा रहा तो यह भारत अंतिम राष्ट्र है इसके बाद में हमें अरब सागर में डूब कर मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं मिलेगा इसलिए मेरे को बार-बार अपील है ऐसा एक बात मैं आप से पूछना चाहता हूं कि क्या आज की तारीख में आप बाला साहब ठाकरे को मिस नहीं कर रहे हैं या तो आइए बहुत कि उनका उदय है इस वजह से हुआ था क्योंकि इंदिरा गांधी ने वह गोलियां चलवाई तो आए और प्रकट हुआ और संतों को इंसाफ दिलाया तो महाराज में कि धरती में हुआ था अच्छा अच्छा है कि बालासाहेब आज यहां नहीं ही कि अपने पुत्र की कि कांग्रेस के प्रति भक्ति देखकर शायद वह जीते जी मर जा रही है भाई ए आप भी मुझे नहीं लग रहा है यार कुत्ता बच्चा है अभी मुझे तो लग रहा है कि उसका बच्चा खून बल्कि उसका भतीजा थोड़ा अच्छा लगता है इस मामले में तो लुटेरों के साथ में कि सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री बनने का शासन करने का कोई शासन करने का उसके पास कोई ऐसा करने का कोई उसके पास नहीं है मुख्यमंत्री बनने का मुख्यमंत्री बन गया मीडिया मीडिया और बॉलीवुड इंटेलेक्चुअल्स के लिए सब्सक्राइब नहीं किया है तो इस तरफ मतलब स्कूल टाइम पर कोई मतलब नहीं है भूखा मरना अचल खैर बहुत बहुत ज्यादा बात हो जाएगी लेकिन यह वास्तव में एक ऐसा समय है जिस समय यदि सनातन समाज एकजुट नहीं हुआ समलान नहीं और हमारी जितनी भी संस्थाएं हैं अपने बच्चों को साथ लेकर के आगे बढ़ने कि अगर उन्होंने इच्छा शक्ति नहीं दर्शाई तो मुझे ऐसा लगता है कि इन सभी संस्थाओं का बुढ़ापा बड़ा खराब वाला है एक चिंतामणि के टाइम हमारा बुढ़ापा खराब ना हो हे भगवान मुझे ऐसा लग रहा है कि जितनी भी हजारों लाखों संस्थाएं जो हिंदुओं के उद्धारक बनी हुई है जो हिंदुओं के लिए बड़े-बड़े अच्छे-अच्छे डायलॉग सड़क हैं बहुत अच्छी लाइन लिखी है संस्थाओं ने मुझे ऐसा लगता है कि इनका बड़ा-बड़ा खराब होने वाले इनको कोई अंत समय आग देने वाला तक मिलेगा एक को दिमाग देना चाहता हूं बहुत इंपोर्टेंट है सबसे पहले इस संत समाज की पूरी जिम्मेदारी है कि देश के पेशंट सिस्टम में एक जबरदस्त बदलाव करें मिशनरियों की पहुंच आपके घर तक कैसे हो गई है क्योंकि वह आपको स्कूल के थ्रू आपके घर में पहुंच गया यह वक्त है कि सिलेबस में बदलाव होना आपके करिकुलम एक्टिविटी का बहुत प्रभाव पड़ता है क्योंकि आपके बच्चे एक को परमपिता मानने लगे दूसरे मुझको है संख्या बढेगी मानने लगे यह बहुत समझने वाली बात है भाई यह तो तैयारी है लंबे टाइम से लोगों ने चलाया संतों के खिलाफ भगवान के खिलाफ * खिलाफ पौरुख ना यह छह साल से तो भक्तों के खिलाफ चल रही है को अधिकारी मार्क महल चाहूंगा कि एक बार आपसे एक मिनट में आ कि हमें अभी न्याय के ऊपर फोकस करना होगा न्याय में जैसा मैंने पहले कहा कि हमने ढूंढना होगा ना केवल पुलिस के सुनीता को बल्कि सरकार की भूमिका को महाराष्ट्र सरकार महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय की भूमिका को महाराष्ट्र के इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की भूमिका को और उनके प्रति एक ऐसा उदाहरण भारतीय गृह मंत्रालय को स्थापित करना होगा कि ऐसी चूक कभी दोबारा ना हो पाए हिंदू रक्त की कीमत कम कोई दोबारा न हो श्री राजीव भाई को मैं इसमें 102 यह टेक्स ओं 5 107 लोगों को पकड़ने की बात नहीं असली जो थे लोग थे जिन्होंने पूरा कराया उन लोगों को पकड़ा जाता है कि बिल के पीछे करा रहे थे 1527 लोग इस चीज को अंदर कहीं भी पर्दे के पीछे से जो यह तो आदिवासी थे उन्हें अब तक इस तरह का कोई भी कोई फर्क नहीं पड़ता कि जो टाइम पर जिसके लिए मरता है जो लगातार खबर जिसने इस हम जितने भी स्वतंत्र हैं वह सब लोग इस पर लगा में का दबाव बनाए रखें इस पूरी की पूरी जो फिलहाल जो हमारा जो मुहिम चली हुई है उसको बिल्कुल भी दबने ना दें इस पर अपने आवाज़ उठाते रहें अपनी तरफ से जो कुछ भी आप से हो सके किसी भी तरीके से चीजों को ट्विटर और फेसबुक और यू-ट्यूब पर पोस्ट करते रहे और इस तरीके की जितनी भी टाइम को मुझे ऐसा अपने स्तर से लगता है आप सभी को लगता होगा कि सोशल मीडिया इस टाइम पर ऐसा दबाव पक दबाओ संग बन चुका है अपने आप में एक को जो सरकार को भी बुला सकता है जो बायां स्पेसिफिक आंसू मीडिया को तक को बुला सकता है न्याय भरोसे सोशल मीडिया के सोशल मीडिया की सुरक्षा ऐसा लगता है कि अब न्याय तो मिले ही लेकिन आगे से इस तरीके की चीजें ना हो और युवाओं का बहुत-बहुत धन्यवाद जिन्होंने इस चीज को बहुत समय रहते ही इतने बड़े स्तर तक पहुंचा हुआ था और सरकार की नजर में डाला है इसको आप सबका भी बहुत-बहुत धन्यवाद और ऐसे समय में हम उनके परिवारजनों के लिए सिर्फ प्रार्थना कर सकते हैं कि हम प्रार्थना करते हैं योगी जी और उनके परिवार के लिए जिन्होंने उल्टे पिताजी जो है उनका भी आ कैलाश रेहान थोड़ा गया है देहांत हो गया है और ऐसे समय में भी योगी जी ने अपना जो राजधर्म उसको निभाते हुए पूरे देश को पूरे उत्तर प्रदेश को एक बार फिर सत्य ही कहा है कि वह अभी फिलहाल केवल अपना राजधानी निभाएंगे और जो उनका पुत्र धर्म है या जो पूर्व के आश्रम का धर्म है वह तो उनका पहले ही पूर्ण हुई चुका है तो आप सबका एक बार फिर से बहुत-बहुत धन्यवाद जय हिंद रक्षक मातरम जय श्री राम हुआ था

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😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।

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