कि नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने YouTube चैनल सत्य सनातन में आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद के आपने चैनल को बहुत सपोर्ट किया है आप लोगों की तरफ से सवाल आया है कि मेवात में इस प्रकार पिछले दिनों महंत रामदास जी के ऊपर जानलेवा हमला हुआ उनको जलाने की कोशिश भी की गई और यह जो पूरा का पूरा क्षेत्र है मेवात यह हरियाणा में पड़ता है और यह पूरी तरीके से मुस्लिम बहुसंख्यक आबादी का क्षेत्र है इसके विषय में हमने निवेश तेजी के साथ में बहुत लंबी एक वार्ता भी की थी और हमने बताया था कि मेवात किस प्रकार से पहले हिंदू क्षत्रियों का ही क्षेत्र था लेकिन किस प्रकार से धीरे-धीरे या कंवर्ट होने लगा उसके बाद में आर्य समाज यहां पर शुद्धिकरण का आंदोलन चलाया था लेकिन उसके बाद में एक बार फिर से जो तबलीगी जमात है उसका निर्माण ही हुआ था मेवात के राजपूतों को वापस मुसलमान बनाने के लिए और मेवात तबलीगी जमात का एक बहुत बड़ा गढ़ भी है और मैंने आप लोगों को पहले भी इस को लेकर के आगाह किया था कि अब धीरे-धीरे तबलीगी जमात के ऊपर जितने भी आरोप लगे हैं उन सबको ठंडे बस्ते में डाला जाएगा संतों के ऊपर हमले होंगे हिंदुओं के ऊपर हमले होंगे और इन सब चीजों को दबा करके उल्टा हिंदुओं को ही जेलों में ठोका जाएगा और वह सब चीजें लगातार हुई हैं आप और हम नोटिस बिकी हैं और तो और तबलीगी जमात का सबसे बड़ा गढ़ मेवात यहां पर एक महंत को जलाने तक का प्रयास हो जाता है लेकिन यह जो खबर है यह मेंस्ट्रीम मीडिया में आती तक नहीं है अब तो आप लोगों को इस बात के ऊपर पूरा विश्वास हो गया होगा कि जो मैंने बताया था कि तबलीगी जमात के जितने भी किए हुए पाप कर्म है वह सारे के सारे के ऊपर मिट्टी डालने का प्रयास किया जाएगा क्योंकि हम अच्छी तरीके से पीछे से फंडिंग जो है वह चुकी है और इसी के तहत एक और ड्रामा फैला हुआ था जिसमें कहा गया था कि तबलीगी लोग जो है वह प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं लेकिन साथी साथ में आगे खबर में डूब मैं आपको बता दूं कि प्लाज्मा डोनेट कर दो पहला परीक्षण था वह असफल हो गया है और जो मरीजों इसको प्लाज्मा जो दिया जा रहा था वही मर चुका है यह कहानी यहीं खत्म हो जाती है 12 व्यक्ति को पूरी-पूरी तबलीगी जमात का करके जो षड्यंत्र रचने की कोशिश की जा रही थी वह ऐश्वर्य ही फेल कर दिए वापस आता हूं मेवात की घटना के ऊपर मेवात की घटना में जो सबसे बड़ा शब्द निकल कर के आया है वह यह आया है महंत रामदास जी को मारते समय उनको जलाने का प्रयास करते समय एक शब्द निकल कर के आया कि यह जो मैन होते हैं यह जो हिंदुओं के धार्मिक गुरु होते हैं यह लोग कितना फसाद वादा करने वाले होते हैं इसलिए इनका मरना जरूरी है अब बहुत सारे भाइयों बहनों ने पूछा कि सिर्फ इतना प्रसाद क्या है और इसका इस्लाम में इस शब्द का प्रयोग कहां कहां पर हुआ है तो आप लोगों को यह देखेंगे तो जो इस्लामिक जो मॉडेस्ट मुसलमान है वह इस बात को क्या कहेंगे कि फितना का मतलब होता फसाद यानि कि फसाद पैदा करने वाले को मार दिया जाता है लेकिन क्या उन महंत के ऊपर फितना अग्रिम कितना का मतलब फसाद ही ले तो क्या उनके ऊपर फसाद तय हो गया था दूसरी बात के क्या मुसलमान तय करेंगे कि कौन फंसा दी है कौन कितना करने वाला है और हम उसको उसका प्रतिफल देंगे या फिर इस देश में कानून का राज है अथवा नहीं है या फिर मेवात में बिल्कुल भी नहीं है मेवात की जो घटनाएं और उसमें जो फितना फसाद का बढ़ाया है फितना का अर्थ असल में कि कुरान के अंदर प्रयोग तो हुआ है लेकिन इसको जब हिंदी में डब किया है तो इसको प्रसाद कह जाता है पहली चीज मैं आपको बता चुका हूं कि वह मुसलमान जून को जलाने की कोशिश कर रहे थे वह कोई के कोई जज नहीं है ठीक है वह जल्लाद नहीं है वह सरकार द्वारा नियुक्त कोई पुलिस इंस्पेक्टर नहीं है कि वहां जाकर के फैसला करेंगे उनको फिटिंग और जलाएंगे दूसरी चीज मैं आपको बता दूं कि अब रमजान चल रहे हैं रमजान के लिए स्पेशली कुछ चाहते हैं उसके अलावा भी बहुत सारे आए थे हैं तो मैं चाहूंगा कि इस वीडियो में आप लोगों को वह सब आए थे पढ़कर के मैं सुनाऊं और ताकि आप लोगों को पता लग सके कि कहां पर क्या लिखा हुआ है और कहां-कहां पर इन्होंने भाषांतर किया है यानी के इन्होने जिस टाइम पर इसको डर किया हिंदी में वहां पर इन्होंने शब्दों को थोड़ा थोड़ा गीला कर दिया है उसकी नितांत थी उसको थोड़ा गीला करने का प्रयास किया है तो इसके लिए मैं सबसे पहले आप लोगों के सामने लेकर कहना चाहता हूं आयत संख्या दो 191 तो यह मेरे हाथ में कुरान है और यह जो कुरान है वह मोहम्मद फारुख खान के द्वारा अनुवादित है और इसकी हम आयत संख्या पड़ते हैं दो 191 291 लिखा है और उनको कत्ल करो जहां कहीं उन पर काबू पाया तो यह है कि जब उनको दबोच लो और निकालो उन्हें जहां से उन्होंने तुम्हें निकाला है और सिर्फ इतना कत्ल से भी बढ़कर भारी है अलबत्ता मस्जिद-ए-हराम के पास तो उनसे ना लड़ो जब तक कि वह खुद तुमसे वहां यंग ना छेड़े तो उन्हें कत्ल करो ऐसे काफिरों का ऐसा ही बदला है तो क्या हम उनको मेवात से निकाल रहे हैं पहली चीज नहीं निकाल रहे हैं दूसरी चीज मस्जिद-ए-हराम के आसपास है क्या हम लोग नहीं है क्या मस्जिद-ए-हराम हिंदुस्तान में है वह भी नहीं है एक्चुअली वह जो प्रवीण वास्तव में मस्जिदे हराम जहां पर ठीक वहां पर भी नहीं है वह एक्चुअली पेट्रोल में थी और वहां से निकालकर के इन लोगों ने मकान उसको स्थापित किया इस बात की गवाही खुद अब मक्का मदीना के लोग दे रहे हैं वहीं गिर सन ने इस बात को पूरी तरीके से प्रूफ कर दिया है पिछले 26 साल के अंदर डेविडसन का जवाब देने के लिए 150 करोड़ से अधिक की आबादी 57 देश और जितने भी यूनिवर्सिटीज है जो इस्लाम के पर रिसर्च कर रही है उनमें से कोई व्यक्ति इस बात का जवाब नहीं दे पाया है लेकिन क्या मेवात में मस्जिदे हराम है नहीं है लेकिन कहां किस को मारने की बात करी की जा रही है ऐसे काफ़िरो का ऐसा ही बदला है तो उन्हें कत्ल कर दो है ऐसे काफ़िरो कत्ल कर दो जो तुम्हें मां से निकालना चाहते हैं चलिए हिस्ट्री से जुड़ी हुई आया है और जहां से मुसलमानों को उत्तर उस समय पर मुसलमानों को निकाला जा रहा था इस वजह से वहां पर दी हुई है आयत थी इसका आज की तारीख में कोई मतलब नहीं है लेकिन यह फिर भी ही पड़ी हुई है और इसको पढ़ने वाले लोग यह कहकर कि यह हमेशा हर समय में इतनी ही कारगर सिद्ध है इस आयत का दुरुपयोग करते हुए काफिर कहकर के हिंदुओं को उनके ऊपर हमला करते हैं अब अगली इशू पर चलते हैं फिर अगर वह बाज आ जाएं या अल्लाह विपक्ष ने वाला निहायत रह हम वाला है 193 का है तो उनसे लड़ और यहां तक कि कितना बाकी ना रह जाए और बीन अल्लाह के लिए हो जाए पूरे तरीके से इस दिन को यानि के इस पूरे के पूरे संसार का एक ही दिन होना चाहिए व होना चाहिए इस्लाम जब तक यह इस्लाम ना हो जाए और क्वाजी ना आ जाए जब तक कि वह कंवर्ट ना हो जाएं तब तक के लिए उनसे लड़ो तो इस प्रकार से यह तीनों के तीनों आए थे खुले तौर पर काफिरों को मारने की बात उस समय पर किया करती थी लेकिन इसको यह कहकर के यह पूरी की पूरी इंसानियत के नाम के लिए है यह पूरे के पूरे जैस्मिन समय में एक किताब जाएगी उसके लिए है यह कहकर के हिंदुओं को अक्षर मारा जाता है अगली आई तो की तरफ चलते हैं अगली हाथ में हम पहुंचते हैं और मैदा की आयत संख्या 133 कहते हैं जो लोग अल्लाह और उसके रसूल से लड़ते हैं और जमीन में बिगाड़ पैदा करने के लिए दौड़-धूप करते हैं उनका सिला बस यही है कि वह पूरी तरीके से कत्ल कर दिया जाएं या फिर सूली चढ़ा दिए जाएं या उनके हाथ और पैर उनके मुखालिफ SIM तो में काट दिए जाएं या उन्हें मुल्क से निकाल दिया जाए यह तो रुसवाई उनकी दुनिया की है आखिरत में तो उनके लिए और भी बड़ा अजीब होगा अर्थात जो अल्लाह से लड़ते हैं और रसूल से लड़ते हैं तो अल्लाह और रसूल से यहां पर कोई चढ़ने वाला है नहीं ना ही वह कोई लड़ने के लिए यहां पर खड़े हुए हैं लेकिन इसको आज की तारीख में कैसे ले जाता है यानि कि अगर आप इस्लाम कबूल नहीं करते हैं मैंने इस्लाम को कबूल करवाना ही उनकी जिद है वह पिछले है तो मैं आपको बता दिया है अगर उसको इंकार कोई करता है यह कहते भी हैं कि आखिर कौन है जो इनकार करता है यदि आप उस से इंकार करते हैं तो आप का क्या हश्र होगा आप वह कि फिर शुरू करने वाले तो अब आपका हर यह होगा कि आपको बुरी तरीके से कत्ल कर दिया जाए आपके हाथ-पैर काट दिए जाएं आपको सूली चढ़ा दिया जाए या फिर आप को देश से निकाल दिया जाए लेकिन उसको निकालेगा कौन यहां पर किसी राजा किसी कानून व्यवस्था की बात नहीं है यह जो किताब है यह तो प्रत्येक मोमिन के लिए है और प्रत्येक मोमिन इसको पूरी तरह तरीके अपने भीतर उतार सकता है वह स्वयं ही खलीफा है वह स्वयं ही सेना है वह स्वयं ही जज है स्वं ही वकील है और स्वं ही जला दें बंद करके उसका फैसला कर सकता है यह प्रत्येक मुस्लिम के लिए जो किताब है यह अल्लाह की वाणी है और उसके उससे बड़ा वह किसी को भी नहीं मानता ना आपके देश के संविधान को ना किसी जज को न सुप्रीम कोर्ट को किसी को नहीं मानता सच यह है कि कुरआन के आगे किसी को कुछ नहीं मानता है वह तो वह खुद ही फैसला करके खुद ही आपको सजा देने के लिए तैयार खड़ा हुआ है अब आप बताइए ऐसी स्थिति में आप क्या कर सकते हैं और इससे आगे कहा भी गया है यदि कोई कहे कि कन्वर्ट करने के लिए नहीं कहा गया तो अब देखिए सिवाय उन लोगों के जिन्होंने तुम्हारे हाथ पड़ने पर जो तुम्हें फस जाए तुम्हारे चंगुल में तो पहले तोबा कर ली हो तो ऐसी हालत में तुम्हें मालूम होना चाहिए अल्लाह बड़ा माफ करने वाला निहायत मेहरबान है अल्लाह मेहरबान है लेकिन तुमने करना क्या है उसके क्वांटिटी में बता दिया है 34वें बता दिया है कि पक जाता है जब वह तो वह कर ले जब वह को फिर को छोड़ दे जब वह स्वीकार कर ले तो उसको छोड़ना है अब इस पर बहुत सारे ड्रामे बाज आएंगे और कहेंगे कि 32 से में कहा गया है कि एक व्यक्ति को मारना यानि कि हजार लोगों को मारना लेकिन 32वीं को पूरी नहीं बताएंगे आपको यहां कहा गया है कि इसी वजह से हमने बनी इस्राइल पर ये फरमान लिखा लिख दिया कि जिस ने एक शख्स को खून का बदला लेनी है जमीन में फसाद बरपा करने के सिवा किसी और वजह से कत्ल किया तो या उसने सारे इंसानों का क़त्ल कर डाला है यानि कि यह जो आयत है मैं आपको बता दूं यह बनी इस्राइल यह जो यहूदी थे उनकी दो पुस्तकें थी ओल्ड टेस्टामेंट बाइबिल जो फिर इस आयोग ने जो बनाई गई इन सब कुछ तो कम ऑलरेडी था यह लोग कहते हैं कि कुरान के अंदर यह 532 कुछ स्पेशल तरीके से लिखी हुई है यह बात गलत है यह कुरान से पहले भी पूर्व की पुस्तकें थीं उन पुस्तकों में यह आए थे आ चुकी हैं और ऐसा नहीं है कि पहली बार आए हो इससे पूर्व की सभ्यताओं में भी सनातन वैदिक संहिताओं में भी सब बातें थी कुरान तो सबसे बाद में आई है मैं आपको हजार बार इस बात को बता चुका हूं कि यह टोटल कॉपी पेस्ट है यह पूर्व की पुस्तकों से यह सारी चीजें इसमें दी गई हैं तो इसमें कुछ भी ऐसी बात नहीं नहीं है और जिस प्रकार से कहते हैं कि यह तो पूरी तरीके से ऐसी किताब है जिसका कोई काट नहीं है अरे भाई कॉपी पेस्ट है ऊपर से और तुम्हें क्या चाहिए कॉपी पेस्ट करके मेंडलीफ की आवर्त सारणी आज लिखने बैठ जाऊं और कह दूं कि इसकी कोई गारंटी नहीं है तो भला इस बात को कहने वाले से मूर्ख और अधिक कौन होगा इस वजह से इस फितना पिशाब वर्ड को आप समझिए संतों के ऊपर होते हुए हमलों को समझिए मेवात में जो लगातार हिंदुओं के ऊपर होने वाले अत्याचार और हमले हैं इनकी लिस्ट बहुत लंबी है यह कोई छोटी सी लिस्ट नहीं है यह बहुत लंबी लिस्ट है इस वजह से आप लोगों को यह सपोर्ट मेवात के लोगों को देना चाह कि बार-बार मेरी इस बात को लेकर कि आपसे विनती है उन लोगों को सपोर्ट कीजिए क्योंकि वहां पर जहां पर भी बहु संख्या में मुस्लिम हो जाते हैं इस बात को कोई भी देश का कानून इनकार नहीं कर सकता है कि वहां पर जो अल्पसंख्यक हो जाते हैं हिंदू समाज हो या उनसे जो भी गैर-इस्लामिक लोग हैं उनका जीना हराम हो ही जाता है यह 14 साल से लगातार होता रहा हुआ सच है और यह अभी चल रहा है भारतवर्ष में भी ऐसी स्थितियां बन चुकी है आप लोगों के सामने समाधान यही है कि केवल और केवल एक जुट हो किसी से भी जाती रंगभेद ना करें किसी से भी किसी प्रकार का मतभेद ना करें एक लकड़ी करके बचपन में खानी पड़ी ना एक लकड़ी करके सबको तोड़ दिया गया था लेकिन गट्ठर जो बना हुआ था उसको वह नहीं तोड़ पाए थे इस वीडियो में सिर्फ इतना ही यह वीडियो आपको जानकारी से भर में और उसका सब के साथ में Share अवश्य करें सत्य सनातन को जितना प्यार दे रहे हैं उसके लिए मैं एक बार फिर से आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं मेरे संग गोली सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम
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