Sunday, 1 February 2026

खुदाई के पहले ही दिन निकलने लगी सनातन धर्म की निशानियां Satya Sanatan Ankur Arya

हेलो दोस्तों आज का वीडियो आधारित है कि किस प्रकार से ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर जो खुदा हुई तो वहां पर स्वास्थ्य और भारतीय हिंदू सनातन वैदिक परंपरा से जुड़े हुए जो प्रतीक है वह निकलने शुरू हो गए लेकिन इस को हराने के लिए याचिका कर्ताओं से ही याचिका वापस दिलवाने का भी दबाव पड़ रहा है ऐसी बातें सामने आई है अर्थात् उनका इको सिस्टम उनका पैसा उनका आखिरी क्वार्टर काम तो कर रहा है इसी को सिस्टम को तोड़ने के लिए हमने सनातन हाट का निर्माण किया था और आपसे अपील की थी कि हर एक मोहम्मद यह घर में कुरान होती है हर किसी के घर में बाइबिल होती है लेकिन हर हिंदू के घर में गीता वेद उपनिषद् दर्शन हो ऐसा जरूरी नहीं वह केवल यह तो कहता है कि हिंदू खतरे में है हम लोग खतरे में है लेकिन अपने धर्म को जानने के हेतु उस पर कार्य नहीं करता इसीलिए मैं अपील करना चाहता हूं आप सबसे सनातन हॉट जिसका लिंक नीचे डिस्क्रिप्शन अपन कमेंट में दिया है इस पर जाइए और अपने गंध घर बैठे ही खरीद दिए और इसके द्वारा दिया गया एक पैसा सनातन सेतु के निर्माण में लगेगा कुल अ अजय को कि मैं हमेशा एक बात कहता आया हूं के जब-जब भी खुदा की खुदाई शुरू होगी तब तक वहां पर अवशेष के रूप में हिंदू धर्म से संबंधित सनातन सभ्यता से संबंधित अवशोषी मिलेंगे ठीक उसी प्रकार से जिस प्रकार से भगवान राम की जन्मभूमि के ऊपर आता यों आक्रमणकारियों नमक हराम कौम के लोगों ने इन दीमक उन घुसपैठ की लोगों ने उस मंदिर को तोड़कर के जो मस्जिद बनाई थी जब उसकी फसल खुदाई हुई तो खुदा भी एक्सपोर्ट्स हुआ और वहां से भी निकल करके वही अवशेष सामने आए जो हिंदुओं से जुड़े हुए थे और इन्हीं अवशेषों के वापस से निकलने का संकट इस समय पर इस जालीदार कटोरे वाली देखूंगी कौन के सामने खड़ा हुआ है ज्ञानवापी मस्जिद नाम से ही स्पष्ट है कि यह कोई मंदिर था और ना केवल नाम से स्पष्ट है बल्कि आप स्ट्रक्चर देखेंगे स्ट्रक्चर से ही पता लग जाएगा यहां पर पहले मंदिर था इस मस्जिद की खुदाई करके यहां से श्रंगार गौरी मंदिर के अवशेष प्राप्त करने के लिए वीडियोग्राफी का आदेश वक्त उसके बाद में पूरी की पूरी नमक हराम कॉम के पेट में दर्द हुआ था उन्होंने सीधे ही जो एडवोकेट जनरल है उनको बाहर सिंह का तबादला हो जाए इसकी याचिका डाली शुरू कर दी फिर अपने सैकड़ों लोगों को ले जा करके वहां आतंकवादी नारे यानि कि अल्लाह हू अकबर लगवाने कि वहां पर प्रयास किए कल तक मामला रुका रहा मंदिरों पर यह संकट कोई पहली बार नहीं था सरकार थोड़ी पीछे हटी शाम का समय था सुबह फिर से वहां पर फिर से खुदाई शुरू हो गई है खुदाई शुरू होते ही सबसे पहले वार्षिक चावला व से सबसे पहले मिला स्वास्थ्य वहीं स्वास्थ्य जिससे अब तक अपने जिहादी डरते आए हैं वहीं स्वास्थ्य जिसको अब तक नाजियों की पहचान बताकर के हिंदुओं से घृणा कराने में कार्य इन वामपंथी इस्लामिक गिरोह ने पूरे विश्व में किया है वहीं स्वास्थ्य सबसे पहले निकल कर के आया और उसने बताया कि यहां क्या था और क्या है यही नहीं यदि हम 13वीं शताब्दी के जो खसरा और खतौनी उस समय पर जो लिखित होती थी उनके वश लो उनके आधार पर भी जाएं तो वहां पर किसी मस्जिद का कोई जिक्र नहीं आता है उस पूरे के पूरे परिक्षेत्र में केवल मंदिर और ज्ञानवापी अर्थात जिसको की जलस्रोत कहते हैं को इसको दुआ करता है कोई तालाब कहता है उसका ही जिक्र वहां पर आया है एक मंदिर को तोड़कर के मस्जिद निर्माण ऊपर से किया गया इस कारण से इसके ऊपर जो पीवी नरसिम्हाराव के द्वारा बनाया गया हिंदू विरोधी एक्ट तथा उसका भी यहां पर कोई असर नहीं होगा क्योंकि यहां पर स्पष्ट दिख रहा है कि मंदिर के ऊपर अच्छी तो यह निर्माण कराया गया है अब आप सोचिए कि इनके अगर पितरों के भी कागज खोजे जाएंगे और खुद ले जाएंगे तो वहां पर भी रामलाल और श्यामलाल ही निकलेंगे लेकिन यह गद्दार कॉम जिसके खून में मिलावट हो चुकी है जिसकी गुलामी केवल और केवल कैप्टन मों के प्रति है जिसकी गुलामी केवल और केवल किताबी हवा-हवाई के प्रति है उन जिहादी उन आतंकवादियों के प्रति है जिन्होंने अब तक तकरीबन पूरे विश्व में प्रचलित 14 सालों में तकरीबन 100 करोड़ लोगों की जान ले ली है वह लोग समझेंगे नहीं मंदिरों पर ऊपर यह कोई पहला संकट नहीं है पिछले कुछ दिनों में हमने देखा कि गोरखपुर मंदिर पर भी इसी प्रकार से हमला हुआ था ज्ञानवापी के पास में ही जो मंदिर जिसका अभी पुनर्निर्माण मोदी जी ने करवाया था उसके गेट पर भी एक मोमिना हलाला से पीड़ित होने के बाद में तु कहीं पर न्याय मांगने के लिए नहीं जा सकती है तलाक देने का बीवी को कोई अधिकार नहीं है यौवन मस्जिद में घुस कर भी नमाज अदा करने का कोई अधिकार नहीं है लेकिन मोहतरमा को मंदिर के सामने तिरंगा लगा करके नमाज़ जरूर पढ़नी है इन तस्वीरों पर जितना फटा बजे उतना कम है लेकिन यह कार्य सरकारों का है अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिली हुई है इसलिए अपना पक्ष तो हम रख सकते हैं लेकिन यह भी सच में देखा जाए तो हमारी सरकार आंख मूंदकर बैठी हुई है वैसे मैं आपको बता दूं कि कफ और उड रही है कि जिन पांच याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यहां पर हमें श्रृंगार गौरी का जो क्षेत्र है जो स्थान है उसकी पुष्टि चाहिए और यहां पर हमें पूजा-पाठ का अधिकार चाहिए उनमें से किसी एक व्यक्ति ने याचिका वापस लेने का निर्णय लिया है तो वह यह लाई गई यह सारे लोग ही याचिका वापस ले रहे हैं में कारण मैंने आपको बताया है कि हिंदू जो है वह हिंदू द्रोही हिंदू द्रोही है और वही सबसे बड़ा गद्दार है जितने भी भारत वर्ष आपको टोपी वाले देखते हैं इनमें से कोई भी न कैप्टन मोह का वंशज है और ना ही यह लोग तो रुक और यवनों के तटों की पुष्पों से चिपक करके यहां पर आए थे कि यह वही लोग हैं जो इन्हें याचिका वापस लेने वाले लोगों का भविष्य में जो खतना करने वाला है उन्हीं लोगों में से है लेकिन इस याचिका को वापस लेने के पीछे एक छोटी सी बातें बताई जा रही है कि याचिकाकर्ता क्योंकि वाराणसी से नहीं है उसको बार-बार दूर से हटाना पड़ेगा इसलिए याचिका वापस ले रहा है एक लो कौन है जो हजारों मील चलकर के 14 सालों में तुमसे भारत के तोड़कर के चार टुकड़े ले चुके वह लोग यहां पर भी छोटे-छोटे मिनी पाकिस्तान ना केवल बनाते हैं बल्कि चीख-चीख कर कहते हैं कि देखिए हमारा गांव टिप्पणी पाकिस्तान बन चुका है यही रही यह खड़े होकर के उसी देश के जिंदाबाद के नारे भी लगाते हैं और यही के हिंदुओं को मारकर के गार्ड करके बोरी में यस या फिर सूटकेस में पैक करके फैक्ट्री दे रहे हैं कि वह लोग आज तक यह सब चीजें नहीं भूले उन्होंने अपने जो माइग्रेशन था उसको नहीं छोड़ा अपने जिहाद को नहीं छोड़ा लेकिन हां 24 तारीखे क्या लग गई भाई ने केस वापस लेने का फैसला कर लिया है जब चलने की बात आई और तिरंगे की बात आई तो इस बात को भी जान लीजिए कि दिल्ली के अंदर जो भी दंगा हुआ था जहांगीर पुरी यह बात करूंगा से अनुसार पकड़ा गया था वहां पर तिरंगा यात्रा सद्भावना यात्रा अमन की बात करने वाले लोग की फसल गुंडे संगे भाग निकले हैं और सारे के सारे आम आदमी पार्टी से संबंधित निकले वहीं आम आदमी पार्टी जो दिल्ली के अंदर अब 18 साल के बच्चों तक हाथ में नशे की बोतलें पकड़ा चुके जो कह चुके अब रात के 12:00 नहीं बल्कि 3 मिनट तक तुम जाम छलका सकते हो उन्हीं की पार्टी के लोग हैं और दूसरी व कि इन याचिका कर्ता स्पेशल करके बनारस आना पड़ेगा इस बात की तो बांग्लादेश से चलकर के बहुत सारे लोग गैंग शाहीन बाग में शरण ले रहे हैं वहां की मस्जिदों में नमाज पढ़ रहे हैं और यह रिपोर्टर हमसे पूछ रहा है कि कहां से आए हो तो कॉल करके बोल रहे हैं कि हम बांग्लादेश से यहां पर आए हैं हम यहां शाहीन बाद में उपस्थित हैं उस शाहीन बाग में जहां पर पीएलएफआई का ऑफिस है उसी साइन बारे में जिसको कि पूरे विश्व के मुसलमानों में उस गढ़ के रूप में स्थापित करने की बात कही जा रही है जिसने पूरी की पूरी हिंदुस्तानी सत्ता को हिला दिया है अब वहां पर देश-विदेश से मुसलमान पीएचडी करने के लिए आएंगे कि किस प्रकार से काफिरों को बैकफुट पर लाया जाता है किस प्रकार से उनको हराया जाता है उनकी सरकारों को नाको चने चबवा या जाता है जब कि वह लोग 100 करोड़ हो और हम केवल 20 25 करोड़ की हो अब हम हिंदुओं को यह बात सोचनी चाहिए कि हम दो कदम चलने के की बजाय याचिकाएं वापस लेने के लिए तैयार है और वह लोग हजारों मील से चलकर भी इस हिंदुस्तान को फतह करने की तैयारी में लगे हुए इस इको सिस्टम को समझिए इस पिक को सिस्टम को तोड़ने के लिए कार्य कीजिए सनातन हॉट पर हमारा प्रयोग करके सनातन सेतु के हेतु अब एक जुट हो जाइए यह वीडियो अगर आपको अच्छा लगा जानकारी से भरपूर लगा तो आपको भी लगता है जहां पर भी खुला की खुदाई होगी वही वही पर्सन आतंक के अवशेष प्राप्त होंगे तो इस विडियो को सबके साथ शेयर अवश्य कीजिए मेरे संग बोले सत्य सनातन धर्म की जय जय हिंद वंदे मातृ

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