में हरेक मुसलमान अपने मजहबी किताबें अपने पास रखता लेकिन हिंदू न जाने क्यों कि शर्म के कारण अपनी गीता रामायण महाभारत वेद उपनिषद् दर्शन अपने पास नहीं रखता है वह तो चलिए मामले की संस्कृत की पुस्तक है लेकिन अपने इतिहास से जुड़ी हुई पुस्तकें भी अपने पास नहीं रख पाता क्योंकि उसके नजदीकी बाजार में भी नहीं मिलती है रुचि आपको जागृत करनी पड़ेगी प्लेटफॉर्म हम दे रहे हैं घर बैठे आपको ₹500 से ऊपर यदि आप आर्डर करते हैं तो फ्री डिलीवरी घर बैठे आपको मिलेगी कोई भी ई-कॉमर्स वेबसाइट प्लेटफॉर्म आपको इतने कम दाम में खरीद पुस्तक कॉपर घर बैठे फ्री डिलीवरी नहीं देखा कोई ओर मेरे पास शब्द के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है सभी सनातनियों सभी हिंदू भाइयों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं सभी को हर महादेव सत्य की विजय हुई और आप भी जानते हैं कि वहां पर जहां पर इफेक्ट होता है वहां पर कोई एक्ट काम नहीं करता है और वही चीज हुई है कि सत्य ने अपने आपको समुद्र किया है समुदाय किया है और श्रम से अपने आपको सिद्ध किया है प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती है लेकिन फिर भी अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने जो अपनी तरफ से एक याचिका दायर की थी उन्होंने कहा था कि ज्ञानवापी मस्जिद के ऊपर क्योंकि वर्ष इफेक्ट नाइनटीन लागू होता है इसलिए इसके ऊपर कोई वाद विवाद नहीं होना चाहिए उसको सेशन कोर्ट ने पूरी तरीके से खारिज कर दिया उन्होंने कहा है कि हिंदुओं को इसमें अपना पक्ष रखने की पूरी पूरी छूट है और एक के सेट किया जाता है और अब इस पर आगे की कार्रवाई होगी 22 सितंबर को इस पर अगली बेंच बैठेगी और इसके ऊपर फैसला करेगी जो कि याचिकाकर्ता है सोना चाहिए जिन्होंने एक बहुत बड़ी बात करिए और ने कहा है कि यह एक कि कैसे शिलान्यास की तरह मंदिर के प्रथम नियम की रखने के समान है क्योंकि अभी तक सबको यही लग रहा था तब ने देखिए कहते हैं कि इंपॉसिबल और फंदा अनट्राइड जिसको हमने ट्राई ही नहीं किया वहीं इंपॉसिबल होता है जब हम किसी चीज के लिए ट्राई करते हैं तो वह चीज कि क्या होगी क्या नहीं होगी वह बात की बात है अब तक किसी ने हाथ ही नहीं डाला तो सबको लग रहा था कि आईटी एक्ट के तहत इसमें हम बहुत ही नहीं सकते इसका जो टेक्सचर को चुनौती दे ही नहीं सकते हैं लेकिन आखिरकार इस पैक सेट कर लेगा उसके करने का कारण यह है क्योंकि यह नोट ईवन के एक्ट के आधार पर तहत में आता ही नहीं है जो यूपी का खुद का अपना एक है टेकऑफ और उसके तहत भी इसमें आप याचिका दायर कर ही नहीं सकते हैं तो इतनी बड़ी बात हुई है सनातनियों के लिए बहुत बड़ी बात और देखिए कितनी खास बात है कि सोमवार का दिन है सभी हिंदू भाइयों के लिए हमारी बहनों के लिए माताओं के लिए पूज्य माता है जो कि सोमवार का व्रत रखती हैं उनके लिए सबसे बड़ी चीज है यह कि आज का ही दिन भगवान ने स्वयं ऐसा लग रहा है कि चुना है तो अब सबसे पहले हम इस पर बात करते हैं कि इसमें कारण क्या रहे हैं करण डेढ सुब्रह्मण्य स्वामी जी का इंटरव्यू हुआ तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि देखिए सबसे पहली बात तो यह है कि न्यू नोट जो है वह हम सब लोगों के हिंदुओं के ऊपर एक हो पाया गया है है और इसके द्वारा केवल और केवल हमको सरप्राइज किया जा रहा है और हमने इसको चुनौती दी है आधुनिक उपाध्याय जी हो चाहे विष्णु शंकर जाएंगी उनकी पूरी टीम हो बधाई के पात्र हैं जिन्होंने की 9X को ही चुनौती दे डाली है और उन्हें कहा है कि इस हिंदू बहुसंख्यक देश के अंदर से तकरीबन 20 की साल पहले एक घटना एक कलंक को मिटाने के बाद में यदि हिंदुओं को दबाने के लिए कोई भी आप देखेंगे जनता को दबाने के लिए कोई भी ऐसा निरंकुश अट यदि बनाया जाता है तो उसका स्टेटस क्यों लग रहा है उसको चुनौती देने के बाद में सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि 19th एक्ट्रेस पर लागू इसलिए नहीं होता है क्योंकि यह उस एक्ट के तहत आता ही नहीं है यदि हम इसमें दिए गए जो साक्ष्य हैं जो भी तिलक के एविडेंट स्वरूप सामने आए हैं जो वीडियोग्राफी में सामना यह बातें उनसे भी पता लगता है स्पष्ट पता लगता है कि यहां पर मंदिर था इसकी दीवारों की कलाकृतियों किसी वास्तु शिल्प कला जो है वह भारतीय परंपरा जो भारतीय वास्तुशिल्प कला है उसके आधार पर ही निर्मित हुई है इस जगह-जगह पर त्रिशूल बने हुए हैं कमल बने हुए हाथी बने हुए हैं और अंदर जहां पर इस के तहखाने में देखिए मस्जिदों तय नहीं होते हैं जो कि मंदिरों के अंदर होते हैं जो हमारे मठ हुए उनके अंदर होते हैं तो यहां पर उसके तहखाने में भी इस प्रकार की बहुत सारी कलाकृतियां थी बहुत सारे ऐसे चिह्न प्रतीक थे जिससे कि यह बात साबित होती है यहां पर मंदिर है सबसे बड़ी चीज के यहां पर जो युजुअली है शिवलिंग को जिसको कि हमारा बताया गया था जिसके बाद में काफी विवाद हुआ था उसका स्टेटस विदेशियों को खंडित करने का कार्य मलिक होने किया है जिसका घोर अपराध का कोई भी पश्चाताप नहीं है और उसकी सजा कम है कि जन्मों की सजा भी दी जाए कि हजारों वर्षों से स्थापित यदि हिंदू आस्था का कोई मंदिर है और उसमें भी आस्था का केंद्र और सर्वपूज्य शिवलिंग है उसको अखंडी के अधीन कर दिया गया तो यह पूरे विश्व के इस्लाम जगत के ऊपर कलंक है जो खुद को कहते हैं कि मैं अमन को प्रेमी हैं हम तो देखिए प्रेम करते हैं अ म करते हैं शांति करते हैं यह फल आते हैं उन लोगों के मुंह पर यह कलंक और पूरे विश्व के मुसलमानों की पर माफी मांगनी चाहिए थी लेकिन नहीं मांगेंगे यह हम और आप जानते हैं कि प्रजाति के लोग हैं अब आप देखिए कि जब यहां पर सब चीजें सिर्फ मिल जाते हैं उसके पूर्व में 1800 जिस समय पर अंग्रेजों का शासन था उस समय यह हमने करके देखे तो उसमें भी हमें पता लगता है कि जहां पर इन्होंने वजू करने का क्षेत्र बना हुआ है जहां पर यह शिवलिंग था जहां पर इसको बताया गया था और जो बताया गया था कि अब यहां पर और अलग नहीं बताया था कि उस समय पर डीजल-पेट्रोल था और ना ही उस समय पर बिजली थी तो औरंगजेब का यहां पर फोन करके तो यह चलाता था बिना किसी सबूत के कोई पानी की सप्लाई भी इस प्रकार की अनर्गल प्रलाप कर किया और नहीं दिया था तो इस प्रकार से जो जितने भी उस समय के फोटोग्राफी हैं उनमें भी MS Word पता लगता है हु पर शिवलिंग का स्थान था और जो नंदी हैं उनका मुख भी व्यक्ति हमेशा शिवलिंग अभी होता है तो उससे भी हमें पता लगता है कि इस तरह की शिवलिंग थे नंदनी आज भी प्रतीक्षारत हैं लेकिन आज कहीं ना कहीं एक मांग एक जो एक चित्रकार जो होती है जब न्याय की गुहार होती है वह कहीं ना कहीं एक्सेप्ट हुई है जजों को वकीलों को इनायत प्रणालियों को यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि उनका यह शरीर उनकी है जो बोली उनकी है प्राण किसी के अधीन है और जिसके वह अधीन है वह स्वयं साक्ष्य संभव सत्य और स्वयं इस पूरी की पूरी सृष्टि अधिक जाता है उसको स्वप्न को प्रमाणित करना पड़े इससे बड़ी और विडंबना की बात नहीं हो सकती है लेकिन फिर भी यदि सत्य को उद्घाटित करने के लिए इतनी बड़ी न्यायिक प्रणाली और न्याय का जो एक तरीके से परंपरा बनी हुई है जो कि बहुत स्लो है यदि फिर भी कटघरे में खड़ा करके हमारे पूज्य इष्ट आदर्शों भगवा खड़ा किया जा रहा है फिर भी लीवर किलो जो को यह बात समझनी पड़ेगी कि हमें सत्य का साथ देना है आश्विन कोर्ट ने जो फैसला दिया है वह सत्य का साथ देते हुए आगे बढ़ने का प्रयास रत है एक प्रयास मात्र है लेकिन जिस प्रकार से मनुष्य प्रजाति के लोगों ने इन गंदे गंदे लोगों ने जिस प्रकार से यह गंदा कार्य किया है कि पहले के झूठ बोला कि यहां पर पहले से ही मस्जिद थी फिर दूसरा के जो मंदिर वहां पर बना तो उसको खंडित करने का कुत्सित प्रयास किया तीसरा इस शिवलिंग को भी दंडित करने का प्रयास किया और सबसे बड़ी चीज के आप मानते रहते हैं कि वहां पर मस्जिद है लेकिन कम से कम जो वहां पर प्रतीक चिह्न उनको दंडित करने का कार्य करते मिटाने का कार्य करते और आपने उसके ऊपर पैर रखकर के दोहे उसमें आपने थूका है और जो गंध मचाया है यह अक्षम्य अपराध अब कभी भी इसकी इसका पछतावा उसकी सजा तय न तो सकती है अब जो हिंदुओं में तो यहां पर देखिए बहुत खुशी का माहौल है कि यहां पर रास्ता हमें मिल गया है नेतागण के अपनी तरफ से बयान दे रहे हैं लेकिन मुसलमान क्या करें वह कह रहे हैं कि सब कुछ बिक गया है जो मुस्लिम पक्षकार वकील है मैं राजू उद्दीन सिद्धकी और करेंगी सर भी गए हैं और हाई कोर्ट जाएंगे तो जब सभी भी गए हैं तो हक मिल गई होगी तो वहां पर आपके जाने का लाभ क्या होगा अब तो आपको यही मान लेना चाहिए कि कार सेवा अब शुरू होने वाली है और यहां पर भी अब पिताओं को अपने सुयोग्य पुत्रों का पूछ लेना चाहिए कि बताओ बेटा तुम्हारा हथोड़ा कितने का आएगा अब वक्त आ चुका है कि हिंदुओं को अपने हुए वैभव झुके जो उनका अतीत है उसको रिक्लेम करने का जो वक़्त है वह आ चुका है उस पर उनको अपना दावा ठोकना चाहिए अपने हुए वैभव को हम किसकी लेजर लाइट शो में ब्रह्मास्त्र नाम के और योर विश में दिखाकर के लोगों का बेवकूफ बनाने वाले ऐसे डायरेक्टर्स हमारे सनातन परंपरा हमारे विज्ञान और हमारे धर्म को सब्सक्राइब नहीं करेंगे बल्कि हमारी वह वास्तु शिल्प कला हमारा ज्योतिष और हमारे कल हमारे निरुक्त हमारा व्याकरण और हमारे वेद दर्शन उपनिषद और हमारे वसुधैव कुटुंबकम् की जो आस्था रही है और हमारी सुख चैन आ रही हैं और पूरे विश्व को मार्ग दर्शन करने का जो हमारा तरीका रहा है वहीं आखिरकार हमारे सनातन वैदिक धर्म का असली प्रमाण है मानक है यह फिल्म में नहीं है इसलिए बार-बार कहता हूं कि अपने आदर्शों का चयन बहुत सोच समझकर के करना चाहिए आज हमारे आदर्श हो सकते हैं स्वामी जी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी जी हो सकते हैं विशेषकर जैन हो सकते हैं और सोनू उपाध्याय हो सकते हैं सोहन लाल आर्य हो सकते हैं वह हमारी बहनें हो सकती हैं जिन्होंने यहां पर श्रृंगार गौरी मंदिर में पूजा के लिए याचिका सबसे पहले डाली थी जिनको की बहुत धमकियां मिले जान से अगले की धमकियां मिली लेकिन वह पीछे नहीं हट यह हमारे आदर्श हो सकते हैं हमारे आदर्श हो सकते हैं रमेश भाई जैसे लोग हमारे आदर्श हो सकते हैं प्रशांत उमराव जैसे लोग जो वकील हुए हैं और जिनको की बहुत बदनाम इनका वो क्यों परेशन है लेकिन फिर भी धर्म के लिए अटल खड़े हुए हैं ऐसे हमारे सभी भाइयों को इन बहनों को और पिता तू लाख जितने हमारे वरिष्ठ गुण हैं उन सबका बहुत बहुत साधुवाद है और संपूर्ण सनातन वैदिक धर्म के जितने भी हमारे मानने वाले लोग हैं सभी के लिए बहुत हर्ष और मंगल का एक दिन है शुभकामनाओं का यह दिन है इसको हर्षोल्लास के साथ मनाए और आगे की पूरी पूरी तैयारी रखें हथौड़े आदि खरीद करके रखें क्योंकि घरों में ही छोड़ने के काम यह बहुत ज्यादा आते हैं और हमारे पूर्वजों ने कलंक मिटाया है जिसको हम भगवान दिवस के रूप में मनाते हैं उसको मैं बाहर बार याद करते रहना चाहिए क्योंकि जिस प्रकार से युद्ध के बल पर बाहुबल के ऊपर कि उन्होंने यह सप्ताह चीनी और वहां पर जहां पर मंदिर बने थे वहां पर मलेच्छों के यह ऐसे यह घटिया क्षेत्र बनाएं उसी प्रकार से यदि लेना पड़ा तो हम उसके लिए भी तैयार हैं बाकी पहला जो तरीका है जो कि स्लो प्रोसीजर यानि के बीस पच्चीस पच्चीस साल वाला कॉर्ड का तरीका है पहले उसी से ही ट्राय करके देखेंगे तो मित्रों आज अगर आपको जरा सी भी खुशी है तो इस विडियो को सबके साथ शेयर करें सत्य सनातन आपका अपना प्लेटफॉर्म है इसको भी सब्सक्राइब करें और मित्रों से दिखाए वे रंगोली सत्य सनातन धर्मी जाए हर-हर महादेव हर-हर महादेव हर-हर महादेव
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😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।
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हेलो दोस्तों प्रतीक्षा समाप्त हुई सनातन से तू आ चुका है सनातन सेतु का लिंक अब हर जगह पर आपको मिल जाएगा हमारे जितने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म...
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लुट नमस्कार दोस्तों आप सबका एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने YouTube चैनल सत्य सनातन में बहुत समय एक बाद पाठक जब एक बार फिर से हमारे साथ...
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मैं ये पूछना चाहती हूं जो ये भी पौराणिक जो ये कहते हैं कि महिलाओं को वेद पढ़ने का अधिकार नहीं है तो मुझे बता दो क्या तुम्हारे घर में सरस्...
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