नमस्ते दोस्तों आप सबका बहुत दिनों के बाद में फिर से स्वागत है आपके अपने youtube0 सनातन में आज हम बात करने वाले हैं हलद्वानी में जो कुछ भी घटित हुआ है साथ ही साथ किसान आंदोलनकारी जो नोएडा के बॉर्डर तक पहुंच चुके हैं और उसी के साथ-साथ जो कुछ और उपद्रव इस देश के अंदर चल रहे हैं इन पर बात करना बहुत जरूरी था इसीलिए मुझे अपना कार्य बीच में रोक करके वापस आना पड़ा है आप लोगों में से भी बहुत सारे भाइयों बहनों ने तो बहुत ज्यादा चिंता व्यक्त करी है कि भाई आपको कुछ हो तो नहीं गया मैं बिल्कुल ठीक हूं और मेरी जो आगामी पुस्तक है ढाई मोर्चे का चक्रव्यू इसकी तैयारी चल रही है यह पुस्तक बहुत ही ज्यादा गहन अध्ययन के बाद और एक एक एविडेंस और प्रूफ रखने के बाद मैंने लिखी है हालांकि काफी सारे जो पब्लिशर्स हैं उसको मना कर चुके हैं कहते हैं कि आप जो बात करते हो ब्लैक एंड वाइट में करते हो आप ग्रे शेड में बात ही नहीं करते हो अखबार की तरह क्यों नहीं लिखते हो उसकी जो भाषा होती है वैसा क्यों नहीं लिखते हो आप समुदाय विशेष क्यों नहीं लिखते हो तो इसलिए छपने में थोड़ा सा विलंब हो रहा है कोशिश करेंगे इसको जल्दी लाया जाए और जल्दी इसकी प्री बुकिंग भी स्टार्ट कर दी जाएगी तो यह पुस्तक आज तक आपने जितने भी पुस्तकें पढ़ी होंगी मैं गारंटी लेता हूं कि उन सबसे बेस्ट ही आपको मिलने वाली है तो हम जो कुछ भी इस पुस्तक में लिख चुके हैं उसमें से ही सारी चीजें वो हैं जो अब घटित हो रही हैं और जब यह पुस्तक आपके हाथ में पड़ेगी तब आप देखना कि यह तयशुदा तरीके से किस प्रकार से इस देश को जलाया जा रहा है हलद्वानी के मामले में हम चलते हैं हलद्वानी में अतिक्रमण करके तकरीबन 100 करोड़ की सरकारी जो राजस्व की जो भूमि होती है उसके ऊपर बनाए गए एक मदरसे को तोड़ने के बाद पूरा का पूरा आतंक छिड़ा है आप सभी जानते हैं कि हल्द्वानी में मुसलमान छोड़ दीजिए पूरे उत्तराखंड में कभी नहीं हुआ करते थे जब बंटवारा हुआ उसके बाद में यहां से लोगों ने माइग्रेट करना वहां पर शुरू किया हम शुरुआत में सोचा करते थे कि वहां पर भी हिमाचल प्रदेश की तरह ही जमीन खरीदारी के लिए अलग से अधिनियम बनाए जाएंगे लेकिन उत्तराखंड की सरकारें आती रही जाती रही भाजपाई कांग्रेस आई लेकिन किसी ने भी इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया और देव भूमि देखते ही देखते कब जिहाद भूमि बन गई कब वहां पर इतना जोरों शोरों से लैंड जिहाद चलने लग गया हम और आप इस बात का अंदाजा तक नहीं लगा पाए अभी कुछ ही दिनों पहले जब मैंने एक और वीडियो बनाया था हलद्वानी के ऊपर ही कि किस प्रकार से पहले तो कोर्ट ने कहा कि रेलवे की जितनी भी जमीन है जिसके ऊपर अतिक्रमण हो रखा है उसको छुड़वाए सरकार और जब सरकार छुड़वाने गई भी और हाई कोर्ट ने फैसला दे भी दिया कि हलद्वानी के अंदर जो रेलवे की भूमि है उसके ऊपर से अतिक्रमण तुरंत हटा दिया जाए उसी दौरान सलमान खुर्शीद जो कि कांग्रेस का एक नेता भी है पूर्व में वो सांसद भी रह चुका है यह व्यक्ति रात को ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खुलवा देता है और उदार मना विशाल हृदय वही सुप्रीम कोर्ट जो दही हांडी की हाइट को तय करता है जो जल्ली कट्टू की नियम और कायदे कानून तय करते हैं उस पर बैन लगा देता है वही सुप्रीम कोर्ट जो कहता है कि छोटे-छोटे मासूम बच्चों 4 साल से लेकर के 17-18 साल के बच्चों को तुरंत ही प्रतिबंधित कर दिया जाए उनको गिरफ्तार कर लिया जाए और जिसके प्रतिबंध पर चलते हुए ही विश्व की टॉप क्लास की पुलिस यानी कि दिल्ली पुलिस इन बच्चों को प्रतिबंधित करने का कार्य करती है बच्चों के के घरों से पटाखों के बड़े-बड़े असलहे जबत करती है रेड मारती है वो संविधान का संरक्षक सुप्रीम कोर्ट कह देता है यार 50 6 हजार लोग हैं कहां जाएंगे भाई वही जाएंगे जहां से वो निकल कर के आए हैं तुम क्यों चिंता कर रहे हो तुमने ही कहा था कि सरकार की भूमि है उसके ऊपर कोई अतिक्रमण नहीं होना चाहिए लेकिन तुम ही यह बात कह रहे हो फिर यह थूक कर चाटना यह क्या अच्छा लगता है और वो भी इतनी बड़ी-बड़ी संस्थाओं के लिए नहीं लगता ना लेकिन असली समस्या वहीं से पैदा हो चुकी थी जब आपने 65 70 साल तक खुद उनके पाखा अपने हाथ से साफ किए हैं तो वो अब क्यों अपने हाथ से साफ करेंगे वो आकर के तुम्हारे गिरवान पर ही रगड़ और उसको साफ करेंगे तुम्हारे जो वाइट कॉलर्स हैं इनसे जो बदबू आ रही है यह उन्हीं जिहादियों के मल की है जिनकी तुमने आदत खराब की हुई है हर एक सरकार इनको एकता कपूर के सीरियल में जो विधवा ननद होती है उसकी तरह मनाने का प्रयास करते रहते हैं लेकिन उसका विधवा विलाप उसका आर एंड डी रोना ही समाप्त नहीं होता है यही कारण है कि उन्होंने आज यह कांड कर दिया है इससे कुछ ही दिन पहले उत्तराखंड की जो सरकार है उसने यूसीसी लागू किया लेकिन वहां के लोग लोगों की यदि आप भाषा सुनेंगे तो क्या कह रहे हैं कि हम संविधान के अनुसार नहीं चलेंगे हम चलेंगे अपनी शरिया कानून के हिसाब से देश चलेगा संविधान के हिसाब से अच्छा देश कौन सा है देश लोगों से बनता है और लोगों में बदकिस्मती से 25 पर की आबादी इनकी भी है लेकिन यह अपने आप को देश में मानते ही नहीं है वो कहते हैं कि मुसलमान शरिया से चलेगा और देश संविधान से चलेगा अर्थात स्पष्ट कह रहे हैं कि मुसलमान अपने आप में एक देश है एक राष्ट्र है और यह अवधारणा कहां से आती है यह उम्मत की अवधारणा होती है दोस्तों कि जहां मुसलमान खड़ा है वहीं पर उसकी उम्मत है वही उसका राष्ट्र है जहां उसकी आइडेंटिटी है कभी के समय में इस हलद्वानी के अंदर पहले कोई एक दो घर बने थे उसके बाद में उन्होंने दूसरे लोगों को बुलाया तीसरे लोगों को बुलाया अब ये जो सिस्टम आप देख रहे हैं पूरे देश के अंदर कि जहां पर भी कोई भी झुग्गी झोपड़ी डाल देगा सरकारें उनको पक्के मकान बनाकर करके देगी अब केजरीवाल दे रहा है तो भाजपा के ऊपर दबाव है और भाजपा दे रही है तो कांग्रेस के ऊपर दबाव है और इस प्रकार से फिर से वही बात आ जाती है कि वो पाखाना करते हैं और यह सब लोग हाथ से उसको धोते हैं जो कोई बड़ा अपीज मेंट करना चाहेगा तो व हाथ से नहीं धोए वह पानी डाल कर के भी धोए और वह उससे भी बड़ा कोई तुष्टीकरण का कार्य करना चाहेगा तो वह चाट करके भी साफ करेगा और यही करते-करते आज स्थिति यह आ चुकी है कि जिन लोगों को प्रस करने के लिए देश के अंदर हजारों कानून बनाए गए केवल और केवल उनको विशेषाधिकार देने के लिए आज की तारीख में जब उन पर सवाल खड़ा होता है तो वह भड़क करके उठाते हैं और कहते हैं कि मुसलमान खतरे में आ गया है अभी आपने देखा होगा कि कन्हैया लाल जी की जो हत्या हुई थी जो कि एक दर्जी थे उसी तर्ज पर एक हिंदू दर्जी के ऊपर जानलेवा हमला किया गया था लेकिन उस पर किसी ने संज्ञान नहीं लिया दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के अंदर एक अफवा फैलाई गई कि एक दर्जी की पिटाई की गई है उसके बाद में इमाम की पिटाई की गई और हजारों लोग सड़क पर आ गए और वोह कहते हैं कि जो पीटने वाले चार हिंदू लोग हैं उनको हमारे हवाले कर दो उनके हाथ पैर हम काट देंगे अब आप स्वयं सोचिए कि हजारों लोगों की हत्याएं इस प्रकार से हिंदुओं की हो चुकी लेकिन कोई भीड़ बाहर नहीं निकली लेकिन दूसरी तरफ झूठी अवाए फैला करके भी यह कार्य किया जाता है मौलाना तौकीर रजा कह रहा है कि यह देश गृह युद्ध में तुरंत ही जाने वाला है केवल हमने अपने युवाओं को रोका हुआ है जिस दिन वह हमारे आपे से बाहर हो जाएंगे उस दिन देश में गृह युद्ध हो जाएगा 100 करोड़ की भूमि को कब्जा करके हथियाने वाले लोगों का जब कब्जा छुड़वाया जाता है तो वह 300 प्लस पुलिस कर्मियों को मारते हैं पीटते हैं थाने से निकलना उनका दूबर कर देते हैं पेट्रोल बम मार-मार के पत्थर मार-मार के उनका रास्ता ही अवरुद्ध कर देते हैं आप उस खाकी के बारे में सोचिए जो कहती है कि हम आपकी रक्षा के लिए खड़े हैं उनकी खुद की रक्षा के लाले पड़े हुए हैं आप सोचिए कि यह जो भीड़ है यह जो भीड़ तंत्र है जिस समय पर आपके घरों की तरफ बढ़ेगा उस समय पर उनको शह देने वाले यह बेचारे गरीब लोग कहां जाएंगे 50 6 हज कहने वाली कोर्ट और उनसे पिट करके खुद सेल्फी वाले मोड पर फोन को लगा कर के अपने घाव दिखाने वाली पुलिस यह आपकी रक्षा करेगी क्या जो खुद डंडे लेकर के निकली थी वो आप की रक्षा करेगी क्या ऐसी अवस्थिति में जिनके घरों में सब्जी काटने वाले चाकू तलक भी खुंडे मिलते हैं अर्थात उनसे सब्जी तलग भी ढंग से नहीं कटती वह अपनी आत्मरक्षा करेंगे क्या संविधान कहता है कि आपको अपनी आत्मरक्षा का अधिकार है लेकिन वो आत्मरक्षा करेंगे किससे उस मोमबत्ती से करेंगे क्या जो आपने अपने घर में पैकेट लाकर के रखा हुआ है कि जब भी एक हिंदू लड़की की लव जिहाद में या किसी लड़के की किसी जिहादी के द्वारा हत्या हो जाती है तो आप उसको जला कर के मार्च लेकर के निकलते हैं और कहते हैं कि यही मेरा सबसे बड़ा हथियार है उस मोमबत्ती से लड़ेंगे क्या आप क्योंकि हम सब के सब लोग वही हैं कैंडल मार्च वाले ही हर्षा की हत्या हुई तो कैंडल मार्च निकला कन्हैया की हत्या हुई तो भी कैंडल मार्च निकला उससे पहले कमलेश की हत्या हुई तो भी कैंडल मार्च निकला किशन भरवाड़ की हत्या हुई तो भी कैंडल मार्च निकला यह तो हिंदुओं का सबसे बड़ा हथियार हो चुका है ठीक उसी प्रकार से जिस प्रकार से कभी के समय में चरखा हथियार हुआ करता था वह चरखा और कैंडल्स सारी की सारी तो बॉर्डर्स पर भेज देनी चाहिए ताकि वहां के भी युद्ध शांत हो सके ऐसे समय में हिंदुओं की आत्मरक्षा के लिए यदि उनको हथियार की आवश्यकता हो तो राज्य सरकार उनको प्रतिबंधित करके पहले ऑलरेडी बैठी हुई है वो मिलेगा नहीं किसी को भी और उनके पास में अवैध हथियारों की भरमार है और वह फसते भी नहीं है ऐसे समय में क्या हो सबसे बड़ी बात तो यह है कि शत्रु बोध तो कम से कम होना ही चाहिए कि कौन है अथवा कौन नहीं यहां शत्रु का कोई नाम नहीं लिखा हुआ हु है वह जो आएगा वह सुभाष के नाम से भी हो सकता है वह कपिल के नाम से भी हो सकता है वह किसी भी नाम से हो सकता है लेकिन उसकी पहचान क्या हो वह पहचान बताती है यह ढाई मोर्चे का चक्रव्यूह यह जो पुस्तक है आगामी है हलद्वानी के अंदर आज जो कुछ भी घटित हो रहा है इसके पीछे ना केवल सुप्रीम कोर्ट ना केवल हमारी न्यायपालिका एं ना केवल हमारा पुलिस तंत्र बल्कि हम भी जिम्मेदार हैं होने इतना बड़ा अतिक्रमण होने दिया और फिर भी हम तुर मुर्ग की तरह रेत में सर को दसाए बैठे रहे पिछले दिनों मैंने एक वीडियो बनाया था जब मैंने आपको बताया था किस प्रकार से द्वारका के अंदर गुजरात के अंदर एक पूरी की पूरी समुद्री पट्टी को कब्जा करके वहां के स्मगलर्स ने गिरोह ने बड़ी-बड़ी इमारतें और बिल्डिंग्स बना ली थी बाद में आकर के गुजरात की पुलिस ने उन सब पर बुलडोजर चला आ या और जिन्होंने विरोध किया सबको पकड़कर भर लिया लेकिन मैंने तभी आपको यह बताया था कि वहीं से नाव भर भर के सोमनाथ मंदिर की तरफ गई है और उसके इर्दगिर्द के इलाकों में अभी भी इसी प्रकार का एंक्रोचमेंट चल रहा है वो लोग यही कार्य कर रहे हैं हलद्वानी में भी रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की उपस्थिति दर्ज की गई है वहां पर भी लगातार जंगलों के अंदर मजारों का निर्माण करके अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है अभी भी दिल्ली की हाई कोर्ट ने इस बात को रखा है कि भाई हमें माफ करो अब हम यह आशिक अल्लाह वाली मजारों को बचाने के लिए नहीं आएंगे आप लोगों ने संजय वन के अंदर मजार बनाई है यह जितने भी वन क्षेत्र दिल्ली के अंदर हैं यही दिल्ली के फेफड़े हैं हम सब लोग स्वास्थ की समस्याओं से मर रहे हैं प्रदूषण की समस्या से दो चार हो रहे हैं और वहां पर भी लोग उन वनों के अंदर जा जा कर के मजारे बना रहे हैं अब हम इन मैटर्स में नहीं उलझने वाले हैं प्लीज हाथ जोड़ कर के रिक्वेस्ट है कि वनों को कम से कम बख्श दो यह हाई कोर्ट कहता है लेकिन देख लेना यह मामला एक दिन सुप्रीम कोर्ट में जाएगा और हमारे मिया लॉर्ड्स वहीं से कहेंगे कि अरे बेचारे ने वहां मजार बना दी है तो बना लेने दो वह बेचारा कहां जाएगा वह फिर से कहेंगे और फिर यही सिर पटवल होगी दूसरी चीज किसान आंदोलन फिर से आरंभ हो रहा है मैंने 2019 के आरंभ में यह बात कह दी थी कि 2024 तक आप प्रतिवर्ष एक आंदोलन को झेलने के लिए तैयार हो जाइए क्योंकि उनके पास में कोई मुद्दा नहीं है वो लोग यह दिखाने में लगे हुए हैं कि जय श्री राम के नारे लगा कर के मुसलमानों को पीटा जा रहा है मस्जिदों को ध्वस्त किया जा रहा है कोई कह रहा है कि 1200 साल पुरानी मस्जिद दिल्ली में ढा दी गई 1200 साल पहले तो इसका प्रचलन नहीं था इस्लाम का नामो निशान भारतवर्ष में नहीं था उस समय पर कोई मजार या मस्जिद कैसे बन सकती है जबक उसकी ईटें जब फोड़ी गई तो वहां से निकल रही हैं नवीन युग की ईटें नवीन युग का मलबा आप कुछ भी कह दे रहे हैं यह सारी चीजें क्यों हो रही हैं यह सारी चीजें हो रही हैं क्योंकि इलेक्शन आ रहा है एक पूरी की पूरी कम्युनिटी एक पूरी की पूरी कौम या कहिए कि मुसलमानों को संगठित करके अपने पाले में लेने का प्रयास है और दूसरी तरफ कुछ और भी भटके हुए हिंदुओं को को मिला कर के सत्ता पर काबिज होने का एक तरीका है इन सबके पीछे कहीं ना कहीं गुनहगार के रूप में हम सब खड़े हैं और यदि हम अपना आत्मा अवलोकन करेंगे तो अपनी कमियां अपने दिमाग में पल रहे सेकुलरिज्म के जो कीड़े हैं वो भी हमें स्पष्ट दिखाई देंगे दोस्तों ब्लैक एंड वाइट में बात करना शुरू कर दीजिए ये ग्रे शेड में बात करना बंद कर दीजिए क्योंकि मामला यहां अस्तित्व का है मामला है एक तरफ भक्ति भाव में लीन हिंदू और दूसरी तरफ पूरी की पूरी जिहादी कौम जो हथियार लेकर के घूम रही है इस वीडियो में सिर्फ इतना ही अब हम प्रतिदिन मिलने का अवश्य प्रयास किया करेंगे क्योंकि पानी अब सर के ऊपर से बह चला है इस पुस्तक के लिए हम जल्द ही प्री बुकिंग स्टार्ट करने वाले हैं जो लोग भी इसको प्री बुक करना चाहते हैं वह एक दो दिन में हमारे सनातन हार्ट वेबसाइट पर ट्राई कर सकते हैं बे संग बोले सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम
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😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।
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मैं ये पूछना चाहती हूं जो ये भी पौराणिक जो ये कहते हैं कि महिलाओं को वेद पढ़ने का अधिकार नहीं है तो मुझे बता दो क्या तुम्हारे घर में सरस्...
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