Sunday, 1 February 2026

जमियत को दो टूक जवाब-मीडिया नही जमाती हैं अपराधी। Single Source Debunked.

कि नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है आज तो खबरें हैं जो बहुत महत्वपूर्ण है एक एक करके दोनों पर बात करेंगे सबसे पहले सिंगल सोर्स क्या है काफी लोगों ने पूछा कि सिंगल सोर्स क्या है जहां पर नाम ले जाना चाहिए अच्छी तबलीगी जमात का वास सिंगल सोर्स क्यों कहा जा रहा है यह सारा का सारा मसला है पैसे का जुगाड़ फाऊंडेशन मदर्स होने मस्जिद तोड़ने जमीयत-उलेमा-ए-हिंद जैसी संस्थाओं में पैसा फेंकना शुरू कर दिया है और ऑलरेडी जो पटल पर है इनके रिपोर्टर सोरेन के वेब पोर्टल स्पेन के यूट्यूब चैनल्स उन सब ने भी इस बीच कूपन ने बढ़-चढ़कर के योगदान दिया है और इसको कहा जा रहा है कि एक सिंगल सोर्स है सिंगल सोर्स कहने की नौबत क्यों आई क्योंकि लोगों को लग रहा है कि इसके पीछे तबलीगी जमात का कोई हाथ नहीं है कि भारतवर्ष में जितने भी केसेस अभी तक आ चुके हैं तकरीबन 12000 केस हो चुके हैं जिनमें सर्वाधिक इसी सिंगल सोर्स एंड के तबलीगी जमात की देन है लेकिन कहने से डरना क्यों यदि आप सिंगल सोर्स करेंगे तो व्यक्ति यह तो जरूर पूछेगा के सिंगल सोर्स है क्या दिमाग तो उसका यह कोई सिंगल सोर्स पढ़कर बाहर निकल जाए उससे ऐसा तो नहीं हो सकता अगर मान लो के ऐसा होता भी होगा तो वैसे लोगों की संख्या आज के टाइम जॉब गूगल है तो काफी कम है कि सिंगल सोर्स होगा क्या लेकिन सीधे-सीधे ना करके उसको घुमा-फिराकर के कह दिया जाए तो इसमें भी काफी हद तक इस्लाम का फायदा है और इसके पीछे काफी मोटी रकम बाही भी जा रही है लेकिन इसका क्या कोई बेनिफिट हो पाया या हो सकता है बिल्कुल भी नहीं हो सकता है सोशल मीडिया का जमाना है सभी लोग स्पष्ट भाषा का प्रयोग करना ज्यादा बेहतर समझते हैं वह जमाने अब लद चुके हैं क्योंकि जो खुले तौर पर अभिव्यक्ति शहजादी के नाम पर देश को भले दी जा सकती हैं किसी के देवी-देवताओं को नंगा दिखाया जा सकता है अभद्र टिप्पणियां की जा सकती है गायत्री मंत्र को अश्लील तक बताया जा सकता है उसके खिलाफ f i r कराने तक के बावजूद उसकी गिरफ्तारी तक नहीं होती है तो सिर्फ तबलीगी जमात को तबलीगी जमात कहने से प्रॉब्लम क्या सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पहुंचा और लेकर गई जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना मदनी और अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा क्या है उन्होंने कहा कि मीडिया का गला नहीं लौट सकते हैं जो सच्चाई है वह सच्चाई है कि अगर मीडिया किसी बात को रख रही है तो उसके पीछे अगर कुछ झूठ है तो कह सकते हैं लेकिन सीधे तबलीगी जमात नाम लिए जाने से किसी को क्या समस्या हो सकती है इस पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद अपना थोबड़ा लेकर वापस तो आ गया है लेकिन अभी उसके ऊपर और ज्यादा खतरनाक अभी तो और ज्यादा जलील होना बाकी है हमें वह मुझे लगता है कि इन संस्थाओं का भी होना बाकी है कुछ जगह पर यह भी कहा गया जो रियल फैक्ट सजी रियल वीडियोस जो फुटेज मिले हैं जहां-जहां पर भी इस तू अकेली जमात ने ठोका है यह पत्थरबाजी की है जैसा कि कल ही हमने मुरादाबाद के बारे में बताया था आपको बरेली के बारे में भी बताया था आपको इंदौर के विषय में तो पता ही है इन सब वीडियोज को भी यह लोग फेंक बताने में जुटे हुए हैं जो कि सच्चाई नहीं है सुप्रीम कोर्ट यहां पर कहा है कि आपको प्रेस बोर्ड को भी इसमें एक बार शामिल करना पड़ेगा ताकि वह भी अपना एक की रक्षा के फैसलें इस तरीके से नहीं ले जा सकते क्या आपने कहा कि मीडिया इसको दिखाना बंद कर दे और हम यहां से कहे कि हां यह अनुच्छेद 21 का विरोध हो रहा है गलत प्रयोग हो रहा है और हम उसको मना करदे नहीं उसमें आपको जो प्रेस का बोर्ड है उसको भी शामिल किया जाना चाहिए लेकिन मुझे एक बात बार-बार समझ नहीं आती है कि आरएसस ऐसे मौकों पर क्यों कुछ बढ़ती है आरएसएस के कोई है मनमोहन वैद्य इन्होने कहा है कि तबलीगी जमात के नाम पर सारे मुसलमानों को बदनाम किया जा रहा है जो कि नहीं होना चाहिए और क्या आप जानते हैं कि मौलाना मदनी ने सिर्फ इतनी ही बात पकड़ी है और वही बात अपनी पीठ में कहीं भी है कि अब तो आरएसएस ने भी यह बात कह दी है कि मुसलमानों को तब लिखी के नाम पर बदनाम किया जा रहा है पूछना चाहता हूं कि हो सकता आप लोगों का बहुत ज्यादा सम्मान करते हुए उनको जानता तक नहीं हो लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि इन आधुनिक क्या आज से पहले कभी भी इसे इंदौर में इस बरेली में गोरखपुर में खुद मुरादाबाद में और अन्य जगहों पर भी बहुत ज्यादा जो हमले हुए हैं डॉक्टर्स के ऊपर इन सब के लिए भी क्या उनके मुंह से दो शब्द निकले हैं कि मानता हूं रस बहुत सेवा कर रहा है खाना-पीना क्वॉरेंटाइन उन्होंने खुद बनाया है काफी सारे सेंटर्स बना रहे हैं वह सेवा कर रहे बहुत अच्छी बात है लेकिन थूक घी को थूक लिखने में प्रॉब्लम क्या है कौन किस मुसलमान को बदनाम कर रहा है हम तो हर बार हर व्यक्ति हर बार कहता है कि यह तुलसी की जड़ जो है वह अच्छे मुसलमानों को भी बदनाम करवा देती है जो कि सेवा कर रहे हैं आजकल पर इस बात को खुद मुसलमान मानते हैं कि इस जमात ने सारे के सारे मुसलमानों को बदनाम करवा दिया है लेकिन मेरा यहां पर पॉइंट थोड़ा अलग रहता है भाई साहब से थोड़ा अलग है और वह पॉइंट यह है कि जो अच्छे मुसलमान है जिनको बदनाम किया जा रहा है तब लेकिन जब आपके होंठ में और अच्छे मुसलमानों ने आज तक खुले स्तर पर बाहर निकलकर के तबलीगी जमात की निंदा क्यों नहीं कि वह इसकी सपोर्ट क्यों कर रहे हैं आप अधिकतर लोगों की जो भावनाएं हैं जो सोशल मीडिया पर प्रकट हो रही है उनको क्यों नहीं देखते हैं मुसलमान गए तबलीगी जमात का विरोध कर रहे हैं वह दूसरे फीट के के लोग हैं वह तबलीगी जमात से संबंध रखने वाले वह अभी सुननी नहीं है इस बात को आप समझिए लेकिन बीच में जो यह संघर्ष कूद पड़ता है और खासतौर पर उन बातों उन विषयों के ऊपर जिसमें कि उसका ज्ञान शिफ्ट हो यह बहुत कष्टप्रद है यह बहुत कष्टदाई है जबकि दूसरी तरफ वो जहां पर एक इतना बड़ा समाज छिपता फिरता रहा हो तो उनका थूक झेल रहा हो उनकी एक पत्थर झेल रहा हो वहां उनका अगर कोई शब्द ना निकले और यहां बड़ा-बड़ा आर्टिकल छापा जाता है और इन्हीं वजहों से जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मुला अधि सिर्फ एक वाक्य उठाते हैं और जो कोड कर देते हैं मैं आप सबसे एक बार फिर से रिक्वेस्ट करना चाहता हूं कि कुछ मीडिया पोर्टल कुछ चैनल्स ने इसको सिंगल सोर्स कहना शुरू कर दिया है इसका बढ़-चढ़कर के विरोध होना चाहिए तबलीगी जमात थी तबलीगी जमात है और तबलीगी जमात थी उसका नाम रहना चाहिए भारतवर्ष में आज जो संख्या कोण संक्रमित लोगों की पहुंची है वह बहुत ज्यादा हम लोगों के लिए चिंताजनक है और उसमें सबसे बड़ा योगदान तबलीगी जमात का है और उसके जो व्यवहार है वह तो बिल्कुल सीधे गोली मार देने लायक है उसके बाद भी यदि भारत उनको झेल रहा है तो एक बहुत बड़ी सहिष्णुता है लेकिन मैं यह कहूंगा कि कम से कम अपराधी अपराधी तो कहिए और दूसरी खबर कि हमारे दिल्ली के जो गवर्नमेंट है आम आदमी पार्टी की सरकार है केजरीवाल की जो पार्टी की सरकार है वह यह कह रही है कि हम लोग सभी मजदूरों को जो यहां से पलायन कर रहे थे जिनको हमने रोकता है उन सबको भरपेट भोजन कराया जा रहा है लेकिन दोस्तों एक बहुत ज्यादा खिला देने वाली पिक्चर जो सोशल मीडिया पर भी फैली और उसको सभी न्यूज चैनल्स में भी दिखाया है कि जो पुल बने हुए हैं जमुना के आसपास के उनके नीचे उन लोगों ने शरण ली हुई है और वह जमीन पर गंदी जमीन पर नाले से आने वाले पानी जो होता है उसके आसपास की जमीन पर लेटने सोने बैठने के लिए मजबूर है सिर्फ एक टाइम भोजन अब आप यह देखिए कि कब उन लोगों ने पलायन किया था और आज तक की स्थिति बदस्तूर ज्यों की त्यों है सिर्फ पैसा लिया जाता है केंद्र सरकार से यह कहकर के कि हम यहां पर व्यवस्थाएं कर रहे हैं लेकिन अभी तक उनके रहने खाने पीने की अच्छी में काम नहीं हो पाई है जो कि बहुत ज्यादा कष्टप्रद है बहुत ज्यादा संकट का समय है उन लोगों के ऊपर लेकिन हमारे यहां पर अपना प्रचार और प्रसार करने के लिए ही समय नहीं मिल रहा है सरकारों को ऐसे समय में गरीबों की रक्षा यह सेवा क्या ही कर पाएंगे आमजन जो सेवा करना चाहते हैं वह आगे आकर के वहां तक पहुंच नहीं पाते हैं और सरकारें जो उनकी सेवा नहीं कर पा रही है मैं चाहता हूं कि यह मुद्दा जो है वह बहुत कम लोगों तक पहुंचा है आप लोग प्लीज उनके मुझे मजदूर पुलों के नीचे पड़े हुए हैं जो नालों के आस पास में पड़े हुए हैं उन लोगों की आवाज़ उठाइए है क्योंकि अगर वह अब इस बीमारी से ना मरे तो भूखे मर जाएंगे और भूख से ना मरे तो अन्य बीमारियां जो नाले के आसपास रहने उसमें लेटने से उन लोगों को लग सकती है वह उससे मर जायेंगे हम जीवन बचाने चले थे हम वापस जीवन लील लेंगे यह बहुत शर्मनाक घटना है पूरे भारतवर्ष के लिए और इस तरीके से जितने भी मजदूर अभी तक निकले हैं जो आस-पास कहीं पर भी पड़े हुए हैं उनकी सेवा जो सच्चे अर्थों में कर रहे हैं उन लोगों की हेल्प प्लीज जरूर कीजिए इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाइए हो सके this Video छोटा सा इतना काट करके भी आप सोशल मीडिया पर फैला सकते हैं लोगों तक पहुंचा सकते हैं कि यह वही मजदूर है जो आप लोगों को आपके राज्यों में सेवाएं प्रदान करते हैं अगर यह सभी के सभी चले गए या खत्म हो गए तो फिर आपके यह सब काम करने के लिए कौन आएगा इसलिए हम उन सबके ऋणी है उन सबको अपनी अपनी सेवाएं अपने-अपने अ प्रदान करने का कार्य अवश्य करें इस वीडियो में सिर्फ इतना ही यदि आपको लगता है कि तबलीगी जमात का नाम सीधे और स्पष्ट शब्दों में लिया जाना चाहिए हर एक चैनल के ऊपर हर पोर्टल के ऊपर लिया जाना चाहिए तो आप इस वीडियो के नीचे कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं जो लोग इसको सिंगल सोर्स कह रहे हैं उनके लिए आपके क्या शब्द है वह सब भी आप नीचे कमेंट में करके अवश्य बताएं आपने अभी तक अपने क्षेत्रों में कहां-कहां किन-किन मजदूरों की क्या-क्या हेल्प कि वह भी आप नीचे कमेंट में बता सकते हैं इस वीडियो में सिर्फ इतना ही मेरे संग बोले सत्य सनातन वैदिक धर्म की जाए जय हिंद वंदे मातरम

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