कि नमस्ते दोस्तों मैनपुर और यह आप सब का स्वागत करता हूं आपके अपने YouTube चैनल सत्य सनातन में आज का वीडियो इतना महत्वपूर्ण है जितना कि अभी तक की सभी वीडियो को यदि आप एक साथ मिला दें उन सब के बराबर है आज का वीडियो क्योंकि आज का वीडियो मुहर लगाएगा उन सब बाकी पीछे की वीडियोस के ऊपर जिसमें हमने आप लोगों को यह जानकारियां आधी हर एक इतिहास के क्षण से निकालकर के तथ्य और प्रमाण दिए कि क्यों और इस प्रकार से भारतीय मुसलमान भारत यानी के अपने देश के प्रति ईमानदारी ना रखे केवल और केवल अपने अधीन अपने कल्ट और अपने मजहब के प्रति ईमानदार रखते हैं और उसी को वह ईमान लाना कहते हैं आज जो वीडियो हम आपके सामने लेकर कि आने वाले हैं जो एविडेंस पर प्रूफ लेकर के आने वाले हैं वह आपकी आंखें खोल देंगे और यदि इस आई ओपनिंग वीडियो को भी आप लोगों ने शेयर नहीं किया तो इससे ज्यादा शर्मनाक बात हमारे लिए कुछ नहीं हो सकती है आज विषय है श्री राम मंदिर का आज विषय है मुसलमानों की भारत और यहां के संविधान तथा इसकी स्मिता इसकी निष्ठा के प्रति उनकी ईमानदारी कि हम आए दिन देखते हैं TV के ऊपर इकबाल अंसारी जो कि मस्जिद का पैरोकार है वह आए दिन क्या कहता है कहता है कि यदि कोर्ट कह दे कि यहां पर मस्जिद नहीं बल्कि मंदिर बनाना चाहिए तो हमारे शर्माते हैं सुप्रीम कोर्ट का आदेश वह क्या कहता है कि योगी जी हमारे लिए सबसे अच्छे हैं मोदी जी हमारे लिए बहुत अच्छे हैं लेकिन जब आज तक वालों ने इस बंदे का स्टिंग ऑपरेशन किया तब सामने क्या निकलकर क्या या आप और हम एक्सपेक्ट नहीं कर सकते हैं यह लोग कैमरे के ऊपर जितने भोले जितने सीधे दिखाई देते हैं अंदर से दरअसल वह उससे भी कहीं ज्यादा टेढ़े हैं जिसका कि हम कभी से लेकर कभी तक अनुमान भी नहीं लगा सकते हैं इस रहते हैं अल तैयां अल-तकिया यह होता है कि जब आप कि पावर कॉम को सेंड ए इस्लाम इस टो की जो उनकी पावर कम हो यह सत्ता में ना हो या फिर इनकी तादाद कम होने की आबादी कम हो तो मीठी मीठी बात करते हैं हिंदुओं के पक्ष की बात करते हैं जनाब बहुत अच्छे हैं बड़े ही ईमानदार हैं आप बड़े ही निष्ठावान है अ बहुत अच्छे से शासन चला रहे हैं हम तो आपकी शरण में बल्कि निडर हैं जैसी बातें करेंगे लेकिन जब अंदरखाने की बात सामने आई तो इस बंदे ने क्या कहा इस बंदे ने कहा कि इस केस को कभी भी समाप्त नहीं होने दिया जाएगा क्योंकि भारतीय मुसलमान और खासतौर पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस पर अपनी दाल रोटी चला रहा है जी हां भारत ही नहीं लीबीया पाकिस्तान अफगानिस्तान या फिर कहें कि जितने भी 57 देश में भी कई बार सोच में पड़ गया कि भारत का मुसलमान इसको खाने को रोटी नसीब नहीं जिस पास में बिजनेस के नाम पर पंक्चर वाले की दुकान से ज्यादा कुछ नहीं वहीं 57 देश का हलकारा क्यों भरता है वहीं 57 देश के उन कार्यों भरता है आज पता पड़ा इस स्टिंग ऑपरेशन के बाद में दोस्तों के यहां पर केस लड़ने के लिए दाल-रोटी मुसलमानों की चलाने के लिए 57 देश फंडिंग करते हैं जी हां यही इकबाल अंसारी आगे क्या कहता है कि जब उत्तर प्रदेश में अखिलेश की सरकार आएगी तो हमें तो उम्मीद उनसे है यहां तक कि उसके दो बेटे हैं उनकी नौकरी लगवाने के अपनी अगली पीढ़ी को सेट करने तक का भी जुगाड़ मुसलमानों ने इसी बाबरी मस्जिद और राम मंदिर के ऊपर कर लिया है साथ-साथ यदि हम दूसरे मस्जिद के पैरोकार की बात करें जिसका नाम है हाजी महबूब तो भैया बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह ताला जब हम बात करेंगे हाजी महबूब की तो हिंदुओं के होश फाख्ता जुट जाएंगे यह बनता रहता है मैंने 1992 में बम तक चल रहे हैं और हम सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिल्कुल नहीं मानेंगे जैसा कि इकबाल अंसारी ने कहा इस ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट का कोई कहना नहीं मानेंगे देश में कलेश मत जाएगा यहां पर आतंक फैल जाएगा जैसे बम हमने 1992 में चल रहे थे हो सकता है कि आगे भी यह बम चलवा दे था जहां पर भी हिंदू बहुल हैं उन क्षेत्रों में बम वर्षा भी हो सकती है और यह क्यों क्यों यह लोग इतनी पुष्टि के साथ में इतनी मजबूती के साथ न आत्मविश्वास के साथ यह बात कह रहे हैं क्योंकि आए दिन जो है ना यह इच्छा पर लग रहे हैं जो आए दिन जांच एजेंसियों और खुफिया एजेंसियां पता निकाल रही है कि भारतवर्ष में कहां-कहां पर कौन-कौन आतंकवादी छिपा हुआ है तो क्या आपने इस बात के आंकड़े निकाले किस 100% आतंकवादी मुसलमान निकले हैं और 100 वृहत उनको शेल्टर देने वाले भी मुसलमान ही निकले हैं अब ऐसा क्यों हो रहा है इसके पीछे जो सच्चाई है वह भी आप लोग जानते हैं एक किताब ए हवा हवाई जो मुसलमानों को ऐसा कहने और करने के लिए मजबूर करती है आज चाहे वह हाजी महबूब हो चाहे वह इकबाल अंसारी हो जो बात बोल रहे हैं आज स्टिंग ऑपरेशन में एक्चुली उनके दिल में और उनके दिमाग में बात यही है कि वह सुप्रीम कोर्ट का कहना नहीं मानने वाले हैं चाहे उसके खिलाफ जाने के लिए वह भारतवर्ष में अशांति आक्रोश या फिर आतंक का माहौल ही शोर न मचा दें इसके साथ ही एक और स्टिंग ऑपरेशन हुआ है दोस्तों मंदिर के पैरोकार हिंदू पैरोकार त्रिलोकी नाथ का त्रिलोकी नाथ का जो स्टिंग ऑपरेशन हुआ है उसको लिखा करें कि आज तक कह रहा है कि देखी हिंदू और मुसलमान दोनों के दोनों पक्ष कार्य एक ही भाषा बोल रहे हैं लेकिन यह टीम त्रिलोकीनाथ की बात अपने पुत्र गोपीनाथ जी कह रहे हैं कि अगर सुप्रीम कोर्ट मंदिर के विपक्ष में फैसला देता है और मस्जिद के पक्ष में फैसला देता है तो जनता की अदालत में हम जाएंगे जनता अपने आप फैसला करेगी क्योंकि जनता से बढ़कर कुछ भी नहीं होता है यहां पर जहां मुसलमानों ने दो राजनीतिक पार्टियों का भी नाम लिया कि उनका भी हाथ है ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का भी नाम लिया कि वह भी अपनी दाल रोटी चला रहे हैं देश ही नहीं बल्कि मुसलमानों के जितने भी देश है वहां से भी चंदा इकट्ठा किया जा रहा है जहां उन्होंने कहा कि हम बमवर्षा भी कर सकते हैं और जैसे कि हमने 1992 भी किया साथ ही साथ यह भी कह दिया कि अखिलेश सरकार जब आएगी तो हमारे बाल-बच्चों का नौकरी आदि का जुगाड़ भी वही करेंगे तो यहां से हम सारी चीजों को मीडियम पकड़े तो सीधे स्पष्ट हो रहा है कि मुसलमान पूरी तरीके से सुप्रीम कोर्ट के आदेश को डिनर करेंगे कि देश में आतंक का माहौल करेंगे जिसका कि हमको बहुत लंबे अरसे से अंदेशा है और इसको लेकर कि हम आपको बार-बार आगाह करते रहते हैं कि मुसलमानों के इस प्रक्रिया से बच्चे उनके किसी भी छलावे में ना आए वह चाहे आपके ऊपर कुछ भी कह रहे हो लेकिन उनके अंदर उनकी सच्चाई कुछ और ही है यदि हम अपोजिट साइड इनके हिंदू की बात करें तो ने कहा कि जनता की अदालत में जाएंगे जनता सरकारी बदलेगी और जनता ही उस बदली हुई सरकार के माध्यम से संविधान ही बदलेगी लेकिन हम यहां पर राम मंदिर बना कर के छोडेंगे इन दोनों चीजों में फर्क है जहां एक तरफ सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि मस्जिद बनने चाहिए तो हिंदू कहेगा कि हम सरकार ही क्यों न देनी पड़े यानी के हिंदुओं को किसी भी तरीके से यह आशा नहीं है कि हम मोदी के जिम्मे होकर ही मरेंगे या फिर मोदी ही यहां पर हमारा मंदिर बनवाएंगे यदि मोदी नहीं बनवाएंगे तो जो बनवाएं है उसको लेंगे फिर है हमको अमेंडमेंट करने पड़ें मोदी नहीं तो कोई और सही लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा कि हम आतंक में चाहेंगे हम यहां पर बमबारी करेंगे हम यहां पर आगजनी करेंगे या फिर लोगों की हत्याए करेंगे उन्होंने यह भी नहीं कहा कि हमने कभी पहले भी ऐसा काम किया है दोनों के स्टिंग ऑपरेशन में जमीन आसमान का फर्क है यहां पर तिरलोकी नाथ जी ने कहीं पर भी इस बात को स्वीकार नहीं किया कि उनके सिर के ऊपर योगी या मोदी किसी का हाथ है अथवा नहीं बल्कि उन्होंने यह कहा कि आडवाणी जी ने खुद अशोक सिंघल जी को श्री राम मंदिर बनाने के लिए मना कर देता और उन्होंने कहा था कि एक दीवार के लिए हम पूरी की पूरी सरकार नहीं गिरा सकते जिस प्रकार से तब हिंदुओं ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार को गिरा दिया था यदि अब भी इसी प्रकार से हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर के खिलाफ फैसला दिया तो हम मोदी जी सरकार को भी डाल देंगे और नई सरकार बिठाएंगे और उसके माध्यम से मंदिर बनाएंगे लेकिन हिंदुओं ने कहीं भी हिंसा करने के पक्ष की बात नहीं की है जो कि मुसलमानो ने खुले तौर पर स्टिंग ऑपरेशन में इस बात को स्वीकारा है और यहां तक कि हम बात करें यह जी महमूद की तो उसने खुल्लम-खुल्ला सरेआम इस बात को स्वीकार किया है अब हम देखना यह चाहेंगे के छोटी-छोटी बातों पर सुप्रीम कोर्ट जो हिंदुओं की भावनाओं को आहत तक कर देता है यहां पर तो सीधे-सीधे अपने क्राइम को एक्सेप्ट करते हुए लोग पकड़े जा रहे हैं चाहे वह हिंदू पक्षों से मुसलमान पक्ष के शव की जांच होनी चाहिए सबके अकाउंट्स की जांच होनी चाहिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की जांच होनी चाहिए पता लगाना चाहिए कि जो लीबिया जैसे देश जो खुद भूखे नंगे घूम रहे हैं वह क्यों भारत में फंडिंग कर रहे हैं बाबरी मस्जिद के लिए और जब अब इसे लोग जब इकबाल अंसारी जैसे लोग खुद एक्सेप्ट कर रहे हैं कि इस मामले को खुद मुसलमान ही दबने नहीं देना चाहते हैं तो कि कि के ऐवज इसके पीछे मुसलमानों की रोजी-रोटी चल रही है दाल रोटी चल रही है तो ऐसे में सुप्रीम कोर्ट क्यों संज्ञान नहीं लेता है कि मुसलमानों के धार्मिक मामले में नहीं है बाबरी मस्जिद बल्कि उनकी रोजी-रोटी और राजनीति का मैटर है जिससे कि वह भारत के मुसलमानों को बहका रहे हैं हम पहला रहे हैं फुसला रहे हैं और जिन का असल मुद्दा है यानि कि हिंदुओं का मंदिर जो कि असल मुद्दा है उससे उनको पीछे हटा रहे हैं इस प्रकार से दोस्तों आज मुसलमानों का इस स्टिंग ऑपरेशन से पर्दा फास होता है वह चेहरा बेनकाब दोहरे मापदंड इनके चेहरे पर लगे हुए वह सब हट जाते हैं धूल जाते हैं और अंदर से निकलता है एक बेडियां हमको ऊपर से देखने पर जो भीड़ लग रही थी वह अंदर से एक भेड़िया निकल रहा है वह राजनीतिक पार्टियों के चाटुकार हैं चमचे हैं और हिंदुओं के भावनाओं को आहत करने के लिए केवल हों पर गिरना चला रहे हैं इस बात को समझना अत्यंत आवश्यक है मैं गुजारिश करूंगा अपने देश के मुसलमानों से भी जो अपने अधीन से पहले अपने देश को यहां की जड़ शांति और उसकी प्रगति है उसको अगर नहीं मानते हैं उसको आगे मानते हैं कि इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा मुसलमानों तक पहुंचाएं ताकि आप लोगों को पता लग सके उन लोगों को पता लग सके कि अपनी दाल रोटी चलाने की फिराक में बैठे हुए मुसलमान आप लोगों का कितना बेवकूफ बना रहे हैं और जो 24 पैसा आप लोग अपने घर के लिए अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए जोड़ सकते थे वह भी आप लोग बाबरी मस्जिद के लिए डोनेट करते थे और वह क्या कर रहे हैं इसका जो कि सबको पता है कि 2010 से फैसला सुरक्षित है सबको पता है कि वहां पर नीचे क्या निकला है लेकिन धार्मिक भावनाओं को मजहबी भावनाओं को भड़काने के लिए चाहे वह हाजी महबूब हो चाहे वह इकबाल अंसारी हो चाहे वह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड हो यह कोई भी चुनाव हो यह केवल और गूगल अपना घर चलाने के लिए आपके घरों में सेंध लगा रहे हैं कोर्ट का फैसला चाहे कुछ भी क्यों ना आए वह सब को स्वीकार होना चाहिए लेकिन आज जो मुसलमानों ने कहा कि हमने 92 एल्बम चलाएं थे और आगे की भी संभावना व्यक्त कर दी हैं इस तरीके से देश की शांति चाहने वाला प्रगतिशील और पढ़ा-लिखा समझदार चाहे वह हिंदू हो चाहे वो मुसलमान हो वह कभी इनके साथ में नहीं जाएगा इस वीडियो में सिर्फ इतना ही यदि आपको लगता है कि यह वीडियो आपकी आंखें खोलने वाला है लोगों को जागरूक करने वाला है तो इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें नैंनो चैनल को सब्सक्राइब करें ट्विटर पर हम को फॉलो अवश्य करें मेरे संग बोलें सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम
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