Tuesday, 3 February 2026

मोहम्मद अनपढ था कहने वाले मौलाना तारिक रशीद का होगा STSJ Maulana Tariq Rashidi On Nabhi Muhammad

मौलाना तारिक मसूद नाम तो आपने सुना ही होगा बहुत सारे इंडियन मुस्लिम्स इनको खत लिखते हैं ईमेल करते हैं मैसेजेस भेजते हैं क्वेश्चंस पूछते हैं कि अगर किसी ने यह कर दिया तो हम क्या करना चाहिए किसी ने वह कर दिया तो हमें क्या करना चाहिए नूपुर शर्मा वाले मामले में चाहे मौलाना तारिक मसूद हो चाहे फिर मौलाना तारिक जमील हो और या फिर दूसरा मौलाना मिर्जा हो इन सभी से हिंदुस्तानी मुसलमानों ने क्वेश्चन किए थे लेकिन अब इन्हीं में से एक मौलाना तारिक मसूद फंस गया है पाकिस्तान की जनता इसके खिलाफ एसटीएस जे के नारे लगा रही है और उसका कारण क्या है अब आप भी समझ लीजिए कि चाहे वह रमेश कुमार हो चाहे वह ध्रुव राठी हो चाहे पॉलिटिकल पार्टीज में राहुल गांधी से नरेंद्र मोदी तक के नेता हो यह चाहे कितना भी मक्खन लगा कर के तशरीफ पर उनकी चाट लें लेकिन यह रहेंगे काफिर ही जब मसूद काफिर हो सकता है तो आप तो अल्लाह के द्वारा स्टैंप लगा कर के भेजे ही गए हो काफिर बनाकर तो मामला पूरा जानते हैं कि आखिरकार इस्लाम के इतने बड़े स्कॉलर जिनकी बात सुनक के मुसलमान खाते पीते और धोते हैं उन्हीं के खिलाफ इस प्रकार की नारेबाजी क्यों हो रही है और यह वही तारिक मसूद है जो कभी के टाइम में इस प्रकार के बयान दे चुका है कि अगर किसी ने कुरान या हमारे अल्लाह या हमारे नबी के खिलाफ कुछ भी बेहुरमति की है तो उसका केस भी कोर्ट में नहीं जाना चाहिए एक सच्चे मोमिन को ही उसका काम तमाम कर देना चाहिए यह वीडियोस ये स्पी चस मैं यहां पर नहीं सुनवा सकता जो साइड में आप क्यूआर कोड देख रहे हैं ये हमारे टेलीग्राम ग्रुप का है इसको जवाइन करें और वहां पर जाकर के आप मसूद के सारे स्पीस सुन सकते हैं जो व्यक्ति कल तक नुपुर शर्मा के लिए इसी प्रकार की सजा मांग रहा था आज वही पाकिस्तान की जनता और विश्व के मुसलमान उसको सूली पर टांगने के लिए तैयार खड़े हैं तो पहले सुनते हैं मसूद का यह वाला बयान हमारे नबी के बारे में पूरी उम्मत का इजमा है भाई ना लिखना जानते थे और ना पढ़ना जानते अबे भाई फिर क्यों फॉलो कर रहे हो यार खुद बोल रहे हो कि ना लिखना जानते थे और ना पढ़ना उम्मी थे देखो हमारे नबी सलाम जब कुरान लिखवाया ना तो चूंकि आप लिखना पढ़ना नहीं जानते थे तो बाज दफा कातिब से ग्रामर की गलती हुई लिखने में हमारे नबी ने उसकी करेक्शन नहीं की आपको नहीं पता चला कि ग्रामर के लिहाज से गलत लिखा हुआ है वो अब तक उसी तरह लिखा हुआ है आसपास में काफी लोग थे और मसूद कहता है कि नबी ने भी कुरान को लिखने में काफी सारी मिस्टेक्स की क्योंकि वहां पर आना कुछ था और लिखा गया कुछ और आज तक मुसलमान उसको ढो रहे हैं ज्यों का त्यों ही चला रहे हैं उसमें जेरो जबर का भी कोई फर्क नहीं किया है यह बात अगर ग्रामेटिकली देखी जाए तो काफी सारे मुस्लिम और खास तौर पर एक्स मुस्लिम इस बात को मान मानते हैं लेकिन कुरान स्वयं कहता है कि कुरान में जेरो जबर यानी कि मात्रा डंडे का भी फर्क नहीं किया जा सकता जैसा उसको लिखा गया है वह वैसी ही रहनी चाहिए मुसलमान तो यहां तक कहते हैं कि आज के मुसलमानों को अपनी किताब को साइंस के हिसाब से नहीं बताना चाहिए जैसे कि ध्रुव राठी ने भी प्रयास किया था कि धरती गोल है और ऐसा मुसलमानों में या कुरान में ऑलरेडी है जबकि हमने यह बात पहले सिद्ध करके बता दी थी कि जिस आयत में दहाहा का मतलब शतु मुर्ख का अंडा बताया जाता है खुद कुरान भी उसमें शतु मुर्ख का अंडा नहीं लिखती लेकिन बहुत सारे ऐसे फेक स्कॉलर्स हैं जो कोशिश करते हैं धरती को गोल बताने की जबकि हमारी पुस्तक ढाई मोर्चे का चक्रव्यूह इस बात को ऑलरेडी प्रूफ कर चुकी है कि मुसलमान धरती को चपटी ही मानते हैं हालांकि इस किताब में तो बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जो समाज के सामने या खास तौर पर हिंदू के सामने आई ही नहीं इस पुस्तक को मुसलमान बैन करवाना चाहते हैं जब कि दूसरी तरफ मुस्लिम लड़कियां या फिर हिंदू से इस्लाम में कन्वर्ट हुई लड़कियां इसको पढ़कर घर वापसी भी कर रही हैं वो वीडियोस आप हमारे चैनल पर देख सकते हैं लेकिन फिर भी मुसलमान कुरान के अंदर साइंस घुसे करने की कोशिश करते रहते हैं मौलाना मना करते हैं और वह कहते हैं कि इसमें इस तरह की कोई चीज नहीं है और यही चीज कहने पर मौलाना तारिक मसूद फंस जाते हैं एक जगह पर मसूद कहते हैं कि एक दिन देख लेना मेरा भी यही हशर होगा किसी दिन मेरे पर भी इसी प्रकार की बेहू मती लगा कर के मुझे जेल में डलवा दिया जाएगा अखबार में कल हम भी आए हुए होंगे हम भी किस आए होंगे अखबार बहुत हल्का हो गया तहीन रिसालत और तौहीन अहले बैत का फतवा बाज चीजें ऐसी है सुनाते हुए खौफ आता है एक जगह पर अपने दर्द को बयान करते हुए तारिक मसूद कहता है कि मैंने काफी सारे लोगों को जेलों में देखा है वह लोग तड़पते हैं परेशान हो जाते हैं इवन बहुत सारे लोग हैं जो पागल हो चुके हैं कि हमने कभी बेहर मती या बेअदबी नहीं की थी केवल हमारे साथ के लोगों ने हमसे बदला लेने के लिए इस एक्ट का इस्तेमाल किया पूरे मैं नाम लेके बताऊं ना तो वो फिर वकील लोग मुझे पकड़ लेंगे और मसला खराब हो जाएगा तौहीन रिसालत के केस में बहुत सारे बेगुनाह लोग अंदर हुए हुए हैं अगर आप उनके हालात जाके देखो कुछ तो जेल में पागल हो गए हैं उन्होंने हालांकि वो आशर रसूल थे अपनी ठरक पूरी करनी थी दुकान खाली करवानी है एक आदमी से वो खाली नहीं कर रहा तोहीन रिसालत का मुकदमा चला दिया उसके ऊपर कुछ ऐसी गलती करवा दी ना चाहते हुए उसको नहीं पता ये क्या हो रहा है जैसे कि हिंदुस्तान में भी एससी एसटी एक्ट का बहुत बुरी तरीके से दुरुपयोग होता आया है अभी मैं एक समाचार पढ़ रहा था जिसमें काफी सारे सवर्ण प्रोफेसर्स ने यहां की यूनिवर्सिटी छोड़ कर के विदेश जाने का निर्णय ले लिया क्योंकि एक ही व्यक्ति ने उनके खिलाफ इस प्रकार के केसेस लगा दिए यह हिंदुस्तान की ब्लास फेमी बन चुकी है इसी दर्द को आगे बयान करते हुए तारिक मसूद कहता है कि इवन जज और वकील भी उनका केस नहीं लड़ते जिनके ऊपर इस प्रकार की ब्लास फेमी लग चुकी है क्योंकि वो भी जानते हैं कि अगर हमने केस जीत भी लिया तो एक ना एक दिन वो व्यक्ति मारा जाएगा और फिर हम भी मारे जाएंगे वीडियो बना ली जज को दिखाया अब जज भी ज्यादा आगे नहीं जा सकता मैं क्या करूं यार जज को डर है कि मुझे मार देंगे गोली से अगर मैंने मुजरिम को बरी किया वकील को डर है मैंने बरी किया तो आवाम मुझे उड़ा देगी इतना बड़ा लोगों का हुजूम कि वकील भी गलत केस कर रहा है अपने मुवक्किल को जेल भिजवा रहा है कह र अपनी जान बचाओ पाकिस्तान के अंदर अभी हमने देखा था कि एक व्यक्ति पर इसी प्रकार का इल्जाम लगा दिया गया जॉम्बीज की पागल भीड़ उस व्यक्ति को पकड़ने के लिए उसके पीछे भाग जाती है और उसको थाने से ही निकालकर जिंदा जला देती है और यह कोई पहली घटना नहीं है कई बार पाकिस्तान के अंदर ऐसा हो चुका है हिंदुस्तान में भी हमने भले ही किसी के ऊपर कोई भी इस प्रकार की बयानबाजी ना की हो लेकिन हमारे खिलाफ भी इसी प्रकार के एसटी एसजे के काफी सारे फतवे हैं तो अंत में यह चित्र देखिए इसमें किसी ने बताया कि यह अंतिम मुसलमान होगा इस धरती का जिसके एक हाथ में तलवार होगी और एक पैर में और वह अपने आप से ही लड़ रहा होगा यह है पूरी की पूरी मेंटालिटी इस्लाम की इस्लाम को यहां तक पहुंचाने वाले लोग ही आज अपनी जान बचाते फिर रहे हैं वह लोग जो दूसरों के लिए एसटी एसजे के लिए लोगों को प्रवोक करते थे वह आज अपनी गर्दन बचाते घूम रहे हैं जिस नुपुर शर्मा को प्रोवोक किया गया और उसने इन्हीं की किताबों से कोई बयान दिया वही ही बयान जो रोजाना तारिक मसूद या तारिक जमील या फिर जाकिर नाइक अपने लोगों को बताते हैं उनके बीच में बैठकर फक्र से बोलते हैं और कहते हैं कि तुम आयशा को 19 39 या 49 साल की सिद्ध मत करने की कोशिश करो वह जितने साल की थी उतनी ही रहने दो वही लोग ऑफेंड हो रहे थे आज उनकी गर्दन पर भी बात बन आई है हमारे ग्रंथों में इनको मलेच्छ ऐसे ही नहीं कहा गया है इस वीडियो में सिर्फ इतना ही अगर य वीडियो थोड़ा सा भी आपकी जानकारी को बढ़ाता है थोड़ा सा भी आपकी आंखें खोलने का काम करता है तो उसको सबके साथ में शेयर अवश्य करें और हमारा कार्य यदि आपको आई ओपनिंग लगता है तो हमें इस क्यूआर कोड के माध्यम से सपोर्ट अवश्य करें हमारी पुस्तक ढाई मूर्चे का चक्रव्यू लेना ना भूले इसका लिंक हमने डिस्क्रिप्शन और पिन कमेंट में दे दिया है मेरे संग बोलिए सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

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