Tuesday, 3 February 2026

सरदार ऊधम सिंह एक Unsung Warrior Movie Review Sardar Udham Vicky Kaushal

झाल हुए नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने YouTube चैनल सब्स ना करने वैसे तो भारतीय टॉलीवुड अर्थात बॉलीवुड के विषय में हम बॉईल बातें नहीं करते फिल्मों के यहां पर्दा समीक्षा कर देना प्रचार-प्रसार करते लास्ट टाइम हमने पूरी की बात की थी लेकिन आज हमें सरदार उधम नाम की फिल्म की बात करनी अत्यंत आवश्यक है बचपन से ही मैं जितना भगत सिंह जी और चंद्रशेखर जी को जानता और मानता था क्योंकि वह तो सिलेबस में हैं उनके बारे में काफी कुछ बढ़ाया गया है लेकिन उसी समय से ही खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी जी हो या उधम सिंह जी हो और इन सारी के और भी बहुत सारे क्रांतिकारी जिनके विषय में बीच-बीच में बात करता रहता हूं मैं उनकी स्टोरीस बचपन से सुनता था और मेरे जो दादा के माथे मैंने पहले बताया आपको इस पॉइंट से और वह राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत गीत और गजल गाने कविताएं लिखा करते थे और उन्होंने सबसे पहली बार उधम सिंह जी पानी मुझे सुनाई थी पहली बात तो मैं आपको बता दूं कि पूरी फिल्म एक साथ मैं आपसे नहीं देखी जाएगी अगर आपके इमोशंस आपके देश के साथ में जुड़े हुए अगर आपके मोड टर्न अपने क्रांतिकारियों के साथ में जुड़े हुए और बुरी मकसद के साथ में है जुड़े हुए हैं तो पूरा नहीं देख पाएंगे लेकिन अगर आप देखेंगे तो जलियांवाला बाग हत्याकांड का जो सीन है वह कम से कम एक बार में नहीं देख पाएंगे जो बेक भी पाएंगे वह अपने आंसू नहीं रोक पाएंगे मुझे बहुत उम्मीद ठीक है जब भी कभी सरदार उधम सिंह जी के ऊपर कोई फिल्म बने क्योंकि मैं बहुत टाइम से तकरीबन 15 साल से चाहता था क्योंकि उनकी कहानी में वह सारे मटीरियल थे जो कि बॉलीवुड चुनता है लेकिन मुझे नहीं पता कि अभी 2031 चल रहा है क्यों उनको ठीक उसी प्रकार से हमारे भारत दिए टॉलीवुड ने इग्नोर किया जिस प्रकार से उनके बलिदान को हमारे देश की सरकारों ने इग्नोर किया था हम सभी जानते हैं कि इस देश के अंदर अंग्रे आपके जो चाटुकार फिजूल की तस्वीर चाटने वाले लोग थे उनके नाम देश की बागडोर थमा कर दी गई लेकिन जिन लोगों ने अंग्रेजों को घर में घुसकर के मारा जिन लोगों ने हमारे क्रांतिकारियों हमारे देश के लोगों की हत्याओं का बदला लिया और वह भी किस 21 साल तक पर लगातार तत्व प्रतीक्षा के बाद में उनका जिन्होंने बदला लिया उनका लोग नाम तक नहीं जानते थे हमें केवल यही पढ़ाया जाता रहा कि यह जो आजादी है वह चरखा चलाने से आई है किसी को बना लिया और किसी को चाचा बना लिया अब कुछ है जो मां विथ अपने पर लगे हुए हैं लेकिन कभी भी देश के असली क्रांतिकारियों की कहानी बाहर नहीं लाई गई सरदार उधम सिंह जी को सिलेबस में नहीं पढ़ाया गया कभी भी प्रफुल्ल चाकी को नहीं पढ़ाया गया जीवन भगवत सिंह जी के साथ में जो दो और क्रांतिकारी थे जिनको भी फांसी दी गई थी उनको भी सिलेबस में वह स्थान नहीं मिला है टॉप सो सकते हैं कि कुछ एक क्रांतिकारियों को सिर्फ सामने रखा गया ताकि नरम दल और गरम दल इनको सेपरेट करके दिखाया जा सके कि एक तरफ दो लोग यह थे और एक तरफ दो-चार लोग यह थे यह नहीं बताया गया कि गरम दल में क्रांतिकारियों में लाखों लोग थे जिन्होंने इस देश की आजादी की लड़ाई लड़ी ऊधम सिंह जी का जो परिवार है वह आज भी गुमनाम है वह न जाने आज भी अपना पेट कैसे पलता है लेकिन अंग्रेजों की तस्वीर चाटने वाले चाचा नेहरू की जो कॉल आते हैं वह मुंह में सोने की चम्मच लेकर पैदा होते हैं वह लोग हैं जिनके घरों में बच्चा पैदा हो जाता है तो तभी से तय हो जाता है कि यह भारत के ऊपर शासन करेगा इस प्रकार से सरदार उधम सिंह जी के जीवन पर हमेशा से पर्दा डाला जाता रहा लेकिन 2021 में जो उनके जीवन को प्रदर्शित किया गया है जो स्ट्राइक आस्पेक्ट दिखाया गया हुआ था क्योंकि सारी चीजें दिखा दी गई होंगी लेकिन जो एक फेस दिखाया गया है कि वह बहुत महत्वपूर्ण है और उसका प्रेजेंटेशन बहुत ही जबरदस्त है बहुत अच्छा है आप सब लोगों को देखने चाहिए बचपन से मेरी इच्छा थी कि उनके हर एक पहलू पर प्रकाश डालें क्योंकि मदनलाल धींगरा जी के साथ-साथ यह एक ऐसे क्रांतिकारी थे जिन्होंने दूसरे के देश में घुस कर के किसी देश के विरूद्ध को दुश्मन को मारा था मैं तो चाहता हूं कि मदनलाल ढींगरा जी के ऊपर फील मरने चाहिए लेकिन अभी यह फिल्म बनी है या आप लोगों को आवश्यक रूप से देखने चाहिए जलियांवाला बाग हत्याकांड का जो दृश्य बनाया गया है इसमें यह बहुत जबरदस्त है इसको आप जरूर देखना और समझना के हमारे देश का यह नकली गांधी नेहरू परिवार जलियांवाला बाग से नफरत क्यों करता है उसके सौंदर्यकरण से नफरत क्यों करता है उनके शासनकाल में आज तक पुष्प स्थान वह विशेष स्थान क्यों नहीं मिला उसके ऊपर दो पैसे भी खर्च क्यों नहीं किए गए थे तो उसको एक उजाड़ बाघ की तरह रखा गया था जब उसका सौंदर्यकरण हो भी तो उसका विरोध क्यों किया इन लोगों ने इन सब के विषय में सोचने की आवश्यकता है पंजाब का शिक्षा विभाग पंजाब का गुरुद्वारों का और भारतीय लोगों का पंजाब की जनता का इस आजादी में क्या योगदान रहा है उसके ऊपर भी गौर करने की आवश्यकता है आज का युवा जो क्रिश्चियन मतांतरण में जा रहा है जो नशे की जद में जा रहा है जो खोखले दिखावों में जा रहा है वह क्यों जा रहा है क्या वह अपने इतिहास को भूल चुका है इस पर भी विचार और मंत्रणा करने की आवश्यकता है पंजाब को किस प्रकार से आज की तारीख में टारगेट किया जा रहा है उनके लोगों का ब्रेनवाश करके किस दिशा में धकेला जा रहा है तो वहां के कुछ चंद लोग ही सही लेकिन अलग देश की मांग कर रहे हैं उधर पी जहां से वीर शूरवीर योद्धाओं का जन्म हुआ था जहां से हमेशा देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सपूतों का जन्म हुआ यहां से अलग-अलग रिवॉल्यूशंस हमेशा निकल की रहेगी उसको उस जमीन को उस धरती को पूरी तरीके से तांत्रिक और नशे के कारोबार में धकेलने के पीछे कौन लोग हैं इन सब पर भी विचार करने की आवश्यकता है उधम सिंह जी का जो विशेष मोटो है वह क्या है वह कहते हैं कि अंग्रेजों को लगता है कि भगत सिंह के जाने के बाद में अब भारत की जो क्रांति यह पूरी तरीके से शांत पड़ चुकी है लेकिन ऐसा नहीं है हमारा इंकलाब ज़िंदाबाद है और वह आवाज करके उनको दिखानी ही पड़ेगी उनका भी मत यही था कि बहरों को सुनाने के लिए बड़ा धमाका करने की आवश्यकता होती है यहां पर यह भी चीज दिखाई गई कि यह जो बदला लिया गया है यह किसी पर्सनल रीजन से नहीं यह पूरी की पूरी कौम पूरे के पूरे वह लोग जो सांवरिया वाला बाग हत्याकांड में मारे गए थे यह बदलाव उन सबके लिए था कि मैं कुछ भी ऊपर नहीं दूंगा आप इसको कहीं से भी देख सकते हैं तो आप इस फिल्म को जरूर देखिएगा इस फिल्म से आपको अपने इतिहास के बारे में पता लगता है अपने महापुरुषों के बारे में पता लगता है अपने क्रांतिकारियों के बारे में पता लगता है उनके मजबूत जज्बे के बारे में पता लगता है और एक सबसे खास बात विशेष चीज कि कामयाब वही होते हैं जिन्हें संकल्प में कोई विकल्प नहीं होता है और यही बात हम सत्य सनातन से आप सभी से भी कहते रहते हैं तो आप लोग इस वीडियो को जरूर देखे का यह वीडियो अगर आपको जानकारी से भरपूर लगे तो इसको सबके साथ शेयर जरूर कीजिएगा दूसरों को भी कमेंट कीजिए का यह किसी चैनल का किसी रोटी प्लेटफॉर्म का प्रमोशन नहीं बल्कि बस आप लोगों तक संदेश पहुंचाने का है आप फिर किस प्रकार से देखते हैं किस माध्यम से देखते हैं वह आपकी मर्जी है मेरे संग बोले सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

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