Monday, 26 January 2026

Meerut Update अगर आप अपनी लडाई खुद लडने के लिए तैयार हो तो ही देखना। Satya Sanatan

कि नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है हमारे नौ लाख सब्सक्राइबर्स में से केवल ढाई लाख लोगों ने ही बैल आइकन प्रेस किया हुआ है इसलिए सब तक नोटिफिकेशन नहीं पहुंच पाता है सबसे पहले जा करके चेक कीजिए कि क्या आपने बैल आइकॉन को प्रेस किया हुआ है उत्पन्न हुई और मैं आपसे एक सवाल पूछता हूं कि मान लीजिए कि एक मस्जिद से निकलने वाला एक उनका कल प्रचारक व्यक्ति है या फिर मस्जिद का अध्यक्ष उपाध्यक्ष है वह गले में हरा पत्ता डाल करके निकलता है कोई हिंदू व्यक्ति उसके ऊपर अवधि कष्ट देता है फब्ती कसने पर वह मुसलमानों और हिंदुओं के परिवारीजनों के पास में शिकायत लेकर के पहुंचता है और ऐसा होने के बाद में वह हिंदू इस मुस्लिम को पकड़ लेता है उसके साथ मारपीट करता है तमंचा रख आता है और उस व्यक्ति की मौत हो जाती है तो इस मुद्दे को आज कि भारत का जो मेनस्ट्रीम मीडिया है उसके कितने चैनल्स को दिखा रहे होते कितने सेक्युलर नेता जितने मुस्लिम नेता इस मामले को यौन उठा रहे होते इस बात का आप सभी को पता है यह तो मस्जिद का मामला होता यह तो मैंने बहुत बड़ा बता दिया है एक चोर था बाइक चुरा करके भाग रहा था कुछ लोग इंसेंटिव्स उसकी पिटाई कर दी 5 दिन के बाद में पुलिस कस्टडी में हार्ट अटैक से उसकी मौत हो जाती है करोड़ों रुपया उसकी उसके परिवार के ऊपर बाहर दिया जाता है सारे देश को माफी मांगनी पड़ती है मामला यौवन तक पहुंचता है और यहां पर अफरा-तफरी मच जाती है और हिंदू आतंकवाद की एक पूरी की पूरी परिभाषा गढ़ करके हिंदुओं को नीचा दिखाने का प्रयास करना शुरू कर दिया जाता है लेकिन आज मेरठ के अब्दुल्लापुर में कांति प्रसाद नाम के शिव मंदिर के उपाध्यक्ष जी को इसी तरीके की टिप्पणी अनुसार कुरैशी ने की उन्होंने इस बात को समझते हुए के लड़का है तो उसके घरवालों से मिलकर के बातचीत कर चाहिए लेकिन नदीम मेवाती नाम का कोई घूमना है जिसके कहने पर यह लोग इस तरीके के कार्यवाही को इस तरीके की बातों को अंजाम देते हैं किसी के ऊपर कहीं पर भी कोई भी टिप्पणी कर देते हैं और जब वह संत जो थे घर पहुंचते हैं यह शिकायत लेकर के तो उनको रास्ते में ही पीछे से वार करके मौत के घाट उतार दिया जाता है और मैं आप से पूछना चाहता हूं कि यह बात कितने मेनस्ट्रीम मीडिया के चैनल्स पर आई है तो उसका जवाब है सिर्फ पर एक जगह पर भी इसकी कभी डिलीट नहीं होगी एक भी हिंदूवादी नेता इस क्लीनिकल करके नहीं आएगा एक भी मुस्लिम नेता सैकुलर नेता निकलकर के नहीं आएगा यह मामला किसी भी देश में उठने वाला नहीं है क्योंकि पूरे विश्व के अंदर एक भी हिंदू राष्ट्र व बचा हुआ नहीं है मुसलमानों के 57 देश है और वह अपने मुद्दों को वहां तक फैला देते हैं लेकिन हिंदुओं का तो बहुल देश भी हिंदू राष्ट्र नहीं है तो मामला कहां ही फैले है लेकिन इस तरह से हम कब तक खेलते रहेंगे यह एक बड़ा प्रश्न है अभी पालघर में दो संतों की हत्या कर दी उनके ड्राइवर की हत्या कर दी गई उनकी तरफ से खड़े होने वाले वकील तक को भी नहीं बख्शा गया अर्थात् उसको भी एक्सीडेंट का नाम दे करके उनको भी मौत के घाट उतार दिया गया जिसने उनकी आवाज को उठाया ऐसे अर्नव गोस्वामी के ऊपर भी सैकड़ों के इस लार दिए गए यह हमारा हिंदुस्तान है इसको जरा दिमाग से गौर लगा करके ध्यान लगाकर के बंद कमरे में कौन है मजा करके एकांत मे सोचना कि मैंने जो कुछ भी कहा है इन सब के पीछे का जो पूरा का पूरा नैरेटिव है और इस देश की जो जिसको कहते हैं कि यहां की शासन प्रणाली जो है वह बहुत अच्छी है दुरुस्त है हमें फलानी किताब पर बहुत विश्वास है क्या हमनें वाकई में ही जो न्याय मिलने की प्रक्रिया है जो न्याय मिलने की गति है और जिस प्रकार से नेगेटिव बनाए हैं जिस प्रकार से लोग एक तो तरफ मोर की मौत पर भी बिक जाते हैं जो कि उसके यह टेक्स इमारतों और दूसरी तरफ साधु-संतों की मृत्यु के बाद में हत्या के बाद में सॉरी हत्या के बाद में उनकी तरफ से आवाज उठाने वाले लोगों तक को मार देता है या फिर सैकड़ों केस में फंसा दिया जाता है इसको आप सोचना कि आप किस देश में रह रहे हैं और क्या यहां की व्यवस्था है यहां की न्याय व्यवस्था शासन व्यवस्था प्रशासन व्यवस्था कार्यपालिका की व्यवस्था सबको एक बार से दोबारा पलट कर के उसकी जांच करने की आवश्यकता है क्योंकि इन सब से घिरे हुए हम हैं और इन्हीं के माध्यम से हम पपेट्स की भांति काम करते हैं हम इस इनके इनके हाथों की कठपुतली की तरह से नाचते हैं है तो हम जिनके हाथों में है और जिनकी वजह से हमको रे उनकी मर्जी की वजह से ही हम को अरेस्ट करना पड़ता है वह सब चीजें कितनी अच्छी हैं इस लोकतांत्रिक देश में क्या इस बात पर सवाल खड़ा किया जा सकता है अथवा नहीं स्वतंत्र हैं आप अपने घर में बैठ कर दो कम से कम सूची सकते हैं कि हमारी यह व्यवस्था हैं वह कितनी दुरुस्त है जिनके जिनके अनुसार हमको व्यवहार करना पड़ता है जी के कहने के अनुसार हमको व्यवहार करना पड़ता है और आए दिन हमारे लोग इसी तरीके से बीच पर चलाए जा रहे हैं लाशों पर लाखों इससे चली जा रही है लेकिन नदीम मेवाती अनुकूल है सीरियल आना फलाना डिमांड और इनकी इनकी तरफ से तरफदारी करने वाले बड़े-बड़े संगठन रमेश तिवारी की हत्या करने वाले लोगों की तरफ से आपको पता है कितने बड़े-बड़े मुस्लिम संगठन खड़े हो गए थे लेकिन यहां संत समाज की हत्या के लिए खुद हिंदू ह्रदय सम्राट कहलाने वाले लोग भी सामने अभी तक नहीं आए और ना ही आने वाले हैं और ना ही अभी तक जो मुख्य अभियुक्त है वह पकड़ा ही है यह स्थिति है और इस स्थिति को बदलने की अत्यंत आवश्यकता है मुजफ्फरनगर में एक बच्ची ज्यादा उम्र नहीं थी उसकी और वह अपने घर से कूड़ा डालने के निकलती है और एक मुस्लिम उसके साथ छेड़खानी करता है और वह छेड़खानी करने के बाद जब लड़की अपने घर इस बात को बताती है और जो शिकायत लेकर जाते हैं तो मस्जिद से अनाउंसमेंट करके पूरे गांव के मुसलमानों को गांव के और आसपास के मुसलमानों को इकट्ठा करके लड़की के घर पर ही पथराव कर दिया जाता है अर्थात आप शिकायत लेकर के जाएं तो भी आपका इमरान मुजफ्फरनगर में पिछला जो झगड़ा हुआ था वह इस बात पर हुआ था कि एक बहन को परेशान किया गया उसके भाई जो थे वह शिकायत लेकर पहुंचे तो वहीं उनके साथ बदतमीजी और मारपीट करनी शुरू कर दी थी तो है और वह मुजफ्फरनगर कि आज अभी तक शांत नहीं हुई है लेकिन एक बार फिर से एक और मोनिश खड़ा हो जाता है और एक ही और हिंदू बेटी को छेड़ने का प्रयास करता है और एक बार फिर से आग सुलगाने की कोशिश करता है और मस्जिदों का लाउड स्पीकर्स का सत्य सनातन रंग गुलाल पिछले दो साल से विरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि वहां से 15 बार आपकी आपके इष्ट को ना केवल पोछा जाता है गाली दी जाती है बल्कि आपके खिलाफ माहौल बनाने के लिए वहां से लोगों को बुलाया जाता है वह कितना आओ अपनी नींद को छोड़कर के आओ इसके अलावा यह भी MS Word तथा धन दूसरों की नींदों को आराम करने के लिए आओ दूसरों के घरों पर पथराव करने के लिए आओ दूसरों की बहन बेटियों को परेशान किया है हमने उसके खिलाफ अपनी आवाज उठाई समाज को दबाने के लिए आओ आओ यह सब चीजें चलती हैं मैं सत्य सनातन इसके ऊपर सख्त अपना इनिशिएटिव लेने जा रहा है अब बहुत हुआ इससे अधिक हम बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं कोई सरकार कोई व्यवस्था कुछ भी करने को राजी नहीं है इसलिए केवल और केवल जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है और उस जागरूकता के हथियार को हर व्यक्ति के हाथ में पढ़ाने का कार्य हमने थाना हुआ है पिछले दो साल से जिसको हम करते भी आ रहे हैं लेकिन अब आपके हाथों में यह कार्य सौंपने का वक्त आ गया है समय आ गया है क्योंकि यह सरकार है जो हैं यह कभी भी हमारे मन की बात नहीं करेंगी यह केवल अपने मन की बात होती चली जाएंगी इससे लिए सांगठनिक तौर पर अपने क्षेत्रीय जहां-जहां पर भी आप हैं जागरूकता के कार्यक्रम को ले करके और आगे बढ़ने कि आपको इन सब चीजों के लिए शिक्षित शिक्षित करने की दिशा कॉल करने की अब वह घड़ी आ चुकी है इस पर हम जल्द ही जो भी कुछ आगे की सूचना होगी जल्द ही बताएंगे छोटी-छोटी बच्चियों को छोटे-छोटे बच्चों को नचाने वाला उनके साथ में गलत व्यवहार दुष्कर्म करने वाला व्यक्ति डुबो मतलब जैसे आप उसे जहनियत को देख आप उसे जिन्होंने रमैया को देखिए व्यक्ति मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार उसको सारी की सारी सुविधाएं देती है उसको पाल-पोसकर के बड़ा करती है राजनीतिक सुविधाएं देती है राजस्व खर्च करके उसको सुविधाएं देती है आज इतनी सारी पुलिस उस व्यक्ति के पीछे लगा करके बालिकाओं के सप्लायर को पकड़ा जा रहा है गिरफ्तार हुआ और उसको वापस मध्य प्रदेश चलाया जा रहा है लेकिन हमारी खुद की चुनी हुई सरकारें उन को पोषित करती हैं हैं उनको खाने-पीने को ही नहीं उनको सुरक्षा भी देती है और उनको मान-सम्मान तक देती हैं कांग्रेस की केंद्रीय सरकार ने भी 2014 से पहले पहले तक इसी प्रकार मुसलमानों के जितने भी इस प्रकार के लोग थे जो गंदगी फैलाते थे उनको हमेशा श्रेय दिया है उनको हमेशा बढ़ावा दिया है अब स्थिति यह है कि हमारा पूरा सिस्टम हमारे लोगों की मानसिकता इतनी ज्यादा गर्त में पहुंच चुकी है कि वह उन्हीं लोगों को अपना रहनुमा मानने लग गए हैं गलती होगी बहुत बड़ी गलती होगी यदि कांग्रेस के द्वारा निष्कासित जितने भी लोग हैं यदि उनको आज भारतीय जनता पार्टी में लाया गया जब आपातकाल की स्थिति थी आपातकाल में इंदिरा गांधी ने अपने लोगों को जगजीवन राम जो उनका सबसे बड़ा चाटुकारिता उसको उठाकर के अन्य पार्टियों में थोपा था प्लांट किया था और यह वही प्लांटेशन चल रहा है चाहे वो सिंधिया हो चाहे वह पहले हों चाहे वह संजय झा हो चाय आने वाले समय संजय निरूपम हो यह सारे के सारे प्लांट के जाएंगे और वहां से यह सारे के सारे वह सारी जुड़े उखाड़ते हुए वापस कांग्रेस में आएंगे और हमें इसी से ही सख्त नफरत थी उसी व्यवस्था को बदलने के हेतु लोगों ने अपनी नौकरी छोड़ घर बार छोड़ना तो इस व्यवस्था को लाए थे और इस व्यवस्था में भी हमें बहुत ज्यादा खुशी नहीं दिख रही है सांगठनिक तौर पर अपने जमीनी तौर पर आपको सुकून खड़ा होना होगा आपके लिए कोई हिंदू हृदय सम्राट नहीं आएगा बल्कि आप अपने क्षेत्र का ही हिंदू हृदय सम्राट बनना पड़ेगा यदि यह वीडियो अगर लगता है आपको के हमारे जितना भी समाज है वहां तक यह बात पहुंचने चाहिए तो जरूर पहुंच चाहिए बेल आइकॉन को प्रेस करना और इसलिए अत्यंत आवश्यक हो गया है क्योंकि मेनस्ट्रीम मीडिया इस बात को नहीं उठाता सत्य सनातन उसको हमेशा उठाता है लेकिन जब तक आपके पास नोटिफिकेशन है पहुंचे और जब तक आप उस बात को अगले व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लायक नहीं रहेंगे तब तक हम मेनस्ट्रीम मीडिया के इस दोगले पन के रवैय्या को हरा नहीं पाएंगे इसलिए आपका हाथ आपका साथ इस चैनल इस प्लेटफार्म के लिए अत्यंत आवश्यक हो चुका है मेरे रंगोली सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

No comments:

Post a Comment

😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।

में एक बार क्या हुआ कि उनका खूब सारा लोगों ने आप जैसे यह दोनों ने बहुत विरोध किया और उन विरोध करने वाले लोगों ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी...