Monday, 26 January 2026

Mere Ram भगवान राम पर सबसे मार्मिक कविता, रोने लगी जनता Kamal Akshar Satya Sanatan Ankur Arya

123 पीने ही पहेलियों को वहीं विराम मिल गए कुछ जो या यह कितनी ही पहेलियों को वहीं राम मिल गए मुंह के प्रपंच को वचन के नाम मिल गए मोह के प्रपंच को वचन के नाम मिल गए एक हाथ राम की मीट शॉप प्रणाम मिल गए गहने कई की कामना से जगत को प्रणाम मिलने आ कि सनातन से तू एक ऐसा प्लेटफार्म एक ऐसा वेब पोर्टल और भविष्यवाणी वाली एप्लीकेशन है जो आपका अपना खुद का सनातनियों का अर्बन क्लैप होगा naukri.com होगा और एलेक्स होगा क्या आपको कभी ऐसा नहीं लगता कि आपके घर में आने वाला हर एक व्यक्ति वही होना चाहिए जो कि आपके द्वारा दिए गए पैसे को किसी मंदिर में किसी धर्म के काम में योगदान दे दान दे या फिर आप चाहते हैं कि आपके घर में आने वाला व्यक्ति आपसे पैसे कमाने वाला व्यक्ति पैसा वहां पर दे जो फाऊंडेशंस जो ट्रस्ट आतंकवादियों और घुसपैठियों को सहयोग देती हैं फैसला आपके हाथ में है पोर्टल जल्द ही बंद करके तैयार होने वाला है हमें आपकी सहायता चाहिए सहायता डायरेक्ट डोनेशन के रूप में बिल्कुल भी नहीं चाहिए डिस्क्रिप्शन बॉक्स और पिंग कमेंट में मैंने आपको सनातन हट का लिंक दिया है वहां से कुछ खरीद दी ए कुल कर दो कौन सा जगह है प्रेरणा फोन कहां है आप लोग जरा ताली बजाई एक बार सब लोग एक साथ और बढ़िया बताए हैं में जाकर है तारा प्रेरणा प्रभाव सिर्फ राम है भव सूचियां वह बहुत है भुव सिर्फ राम है ताली बजाओ ओके भाभी सूचिया बहुत है नित्य का कर्म करता हूं कुछ बन आपने सुने होंगे मुझे कम लेवल आपके सामने रखता हूं इसलिए के कहा हार्मोन आयत या गैर पुण्य काम की तलाश में राजपाट त्याग गैस पुण्य काम की तलाश में अतिरिक्त खुद भटक रहे थे धाम की तलाश हाय इस के अतिरिक्त खुद भटक रहे हैं धाम की तलाश में ना तो दाम ना किसी ई एस नाम की तलाश में रामवन गए थे अपने राम की तलाश है कि रामवन गए थे अपने पति की तलाश में जयंत पवार जी की उपस्थिति है जिनको देखकर लगभग-लगभग यह पिछली तीन चार पांच जितनी भी पीढ़ियां कभी बनी है जिनको सुनकर चार पंक्तियां जिम्मेदारी के साथ रखता हूं माता कैकई के बारे में अभी तक हमने सिर्फ नकारात्मक बातें सुनी है आज मैं आपके अपने शहर का बेटा चार सकारात्मक पंक्तियां रखता हूं अगर मैं आपकी माता कैकई के 12 बारे में जो विचार जा रहा है थोड़ी सी बदल दूं तो पूरा समर्थन लीजिए का यह हमारे राम चाहते तो इस दुनिया में ऐसा कोई नहीं था सर ने भी बताया कि ऐसा कौन था जो उनको अपनी बेटी नहीं देता तो यह ठीक उसी तरह ऐसा कौन था जो उन्हें बलपूर्वक वनवास भेज पाता माता कैकई ने हम पर क्या उस प्यार किया मेरे शहर के लोगों के चार पंक्तियां आप लोग सुनकर बताइएगा मैं आपके सामने पड़ता धुंध कि पीने ही पहेलियों को वहीं विराम मिल गए उसे दुनिया के एक तिहाई पहेलियों को वहीं विराम मिल गए मुंह के प्रपंच को वचन के नाम मिल गए मोह के प्रपंच कुछ का वचन लिखे नाम मिल गए एक हाथ दाम की मीट शॉप प्रणाम मिल गए गहने कई की कामना से जगत को प्रणाम मिलने आ कि अ आज तक के बाद अक्षय माधवी रघु भैया ने भोजपुरी मेहनतकश कार्यक्रम करने में सारे लोगों ने के एक ही की कामना से जगतपुर आराम मिल गए और ऐसे राम मिले थे जिन्हें जैसा उदाहरण स्थित भी ने दूसरा नहीं देखा आपकी सुनी पंक्तियां संभालिएगा के ढाल मेघालय समय और सुनाओ है वाह थे इस दीप इस फैसलें का आ में तपे स्वयं की स्वर्ण से गले सदा खुश राम वे तप स्थित पर रामहित चले तथा है तो क्या हम है पठेदिष्टदं देश राम ही चलेंगे इस अदाणी एक दृश्य ओर खींचता हूं आप कि निषाद राज केवट ने एक काम किया पूरी रामायण में हमारे भगवान को नदी पार कराई और कैसे उस पूरी कथा में और पुरे इतिहास में बड़े हो गए मैं निषाद राज केवट के सम्मान में चार हल्दी बर्ताव एक दृष्टांत के सामने ही स्टारों ठीक काम हो जाए तो बताइएगा कि राम जी को का रिश्ता वार का जन्म सवार ले गए थे जी के राम जी को कर सारे जन्म सवार ले गए जब नदी की धार में जगत की धार ले गए जी के राम जी को करता वाले जन्म सवार ले गए जब नदी की धार में जगत की धार ले गए 1947 में कथा का तार ले गए उनको पार ले गए जो सबको पा ले कि विपक्ष के लोग खामोश क्यों हैं आप लोग तो खा लिया है कि के उनको पार्मेज़ान जो सबको पार्मेज़ान मनुष्य योनि में जन्म लेते हैं हमारे भगवान पूरे जीवन भर क्या करते रहे चार पंक्तियां और शनिवार कि के लिए भेजो मनुष्यता के वह उतारते रहे शेयर जनक उतारते रहे तो मन कुमार तेरे सहोता करते रहे तो मन को मारते रहेगी भरी सदी का दोस्त खुद पर धार 13 शेयर जाने की तो जीत हुई एग्जाम में हारते रहे सदैव थी तो जीत गई राम लोहार 13share कि मैं अपनी जिंदगी की सबसे भावनात्मक चार पंक्ति आपके सामने रखता हूं का रस इतना था है क्या अयोध्यावासी जवान सर पंडित जी मैं अपने राम को अयोध्या के बाहर छोड़ने गए हैं राम उनसे कहते हैं यह मेरा कर्तव्य है मेरा धर्म है इसका निर्माण मुझे करना है आप लोग वापस नगर की ओर लौट जाएं अयोध्या वासी हम जैसी आम सजा जिसने अपने नायक के तौर पर राम को देखा हो एक अपनी व्यवस्था बताते हैं मैंने इसे भावनात्मक अपनी जिंदगी में कुछ नहीं लिखा अगर आपकी पलकों की कोण में थोड़ी सी कमी आए तो मैं अपना लिखा खत सफल समझूंगा सूर्य गए चार पंक्तियां दृष्टि देखिए अयोध्यावासी कहते हैं ठीक है हम आपके साथ नहीं जाते लेकिन क्या यह भी ना करें कि धूल 15वीं चरण रखिए उन संजोए ना तो क्या करें हम और अधिक मूल्य भी चरण खेड़ संजोए ना तो क्या करें झाड़ू जा रही थी धूप ढूंढना तो क्या करें छांव जा रही थी मेहदूपर ढूंढना तो क्या करें छुट्टी रही पिता आसफ खान हुए ना तो क्या करें जिनके राम जा रहे हो रुकना त्वचा अमन का अर्थ होता है सुकून सुकून मिला है इसलिए जो अ एक बार रक्षाबंधन ढाबा होटल कि जिनके राम जा रहे हो तुम रोए ना तो क्या करें जिन राम को रोते हुए विदा किया एक हल करते हैं वह अपनी प्रजा के साथ रामराज की सबसे बड़ी विडंबना यह चार पंक्तियों में आपके सामने रखता हूं सुनिए का युके अपने दुख मेरे सारे दुख चले गए वह जो आज दे गए हैं वह इस फैसलें गए कि वह जो आदमी गए थे वह इस ले गए कि रामराज की ही हात मे लिए चले गए रामराज्य आ गया तो रोई दो अब से रावणा झाल्या तू राणियां चले गए सारे दुख कहानियां है - सिर्फ राम है भुव चूचियां बहुत है अंतिम आठ बल्कि रखता हूं चार पंक्तियां इस पूरे रामायण का सार मैंने कैसे समझा मैं दावा करता हूं चौथी पंक्ति बना दूंगी श्री रामायण का सार मैंने इतना समझा कि राम ने कैसे हर चीज को बड़ा कर दिया और हमारे भगवान का साथ सजीव चीजों में छोड़िए पत्थर तक नहीं दिया समुद्र तक ने दिया था सारी कहानी एक नाम की महिमा है चौथी पंक्ति आप तक पहुंचे तो पूरा सदन हाथ उठाकर मुझे बताएं कि मैंने सही सही बात है यह सुनिए के नाम रजिस्ट्री नेता घरों को रूट ने नहीं दिया है ना मुझ नेता घरों को रूठने नहीं हुआ था पत्थरों को भी तो पीछे छूटने नहीं दिया पत्थरों को भी तो पीछे छूटने नहीं दिया सागरों ने आस्था को टूटने नहीं दिया पत्थर ओन राम नम डूबने नहीं आ कि दुर्ग में नहीं दिया के अंतिम चार पंक्तियां जिसने मुझे थोड़ा-बहुत नाम दिया इसी हॉल कि वह इस प्रति है जिसका वीडियो आप सब लोगों ने अगर देखा होगा सुरेश अनेजा मुझसे कहा कि आपने मेरा वीडियो देखे यही मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है बड़ी बात है चार अंतिम पंक्तियां मेरे काव्य पाठ की एकलव्य बहुत जल्दी आए बहुत नमस्ते आपको है जबकि तब पहेलियों का देख ऐसा हल धेरै लो कुंवर प्रसून थे वो शोक मे बदल गए लोकप्रश्न थे वह शोक में बदल गए चित्र कुछ हुए इलाकों से दोस्त आर तल गए अतीत आग में नजर ली राम जल मे चल गए एक बात है ये कैसी तादाद में नजरिया मन जानकी कहार जन्म महक बचाव सिर्फ राम है और आखिर चार पंक्तियां चुन लीजिए जो मौजूद है जो प्रेम है अयोध्या अगर आप लोग लहसुन का यह सार्थक शेखर लेने वाले हैं आप का प्यार लेने कि ऐसा ऐसा सत्य कर लेने वाले हैं अपका प्यार लेने वाले हैं ऐसा लगता है इस धरा पर फिर भी है राम राम अवतार ए प्लू ऑन करो झाल झाल झाल

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😲 अपना Point साबित के लिए इतने कुतर्कआइये कुछ Cross Questions करें।

में एक बार क्या हुआ कि उनका खूब सारा लोगों ने आप जैसे यह दोनों ने बहुत विरोध किया और उन विरोध करने वाले लोगों ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी...