Tuesday, 3 February 2026

हाईकोर्ट का बडा फैसला। हर कर्मयोगी सनातनी जरूर देखे। High Court On Azan.

को खोल दो [संगीत] कि बच्चे नहीं है कि टाइम हिस्सा हक प्ले हैं अ [संगीत] कि नमस्कार दोस्तों इस ऐतिहासिक दिन में आपका बहुत-बहुत स्वागत है सत्य सनातन की जो मुहिम है वह लगातार चल रही है युवा खास तौर पर जागरूक हो रहे हैं लेकिन मैं इससे पहले कि बहुत सारी इंपॉर्टेंट बातें आप लोगों के साथ में शेयर करूं सबसे पहले बात करते हैं इस क्लिप के ऊपर एक छोटा सा बच्चा एक नन्हा सा बच्चा कहता है हम मोदी को मारेंगे जैसे कैमरा सामने आता है वह एकदम से छिलका पड़ता है उसकी अम्मी जो मुंह पर हाथ रखकर कि Bigg Boss को पकड़ती है यह पूरा का पूरा रिएक्शन हमें बताता है कि बच्चा पेट से सब्जी स्पीकर के नहीं आता है उसको वही चीजें याद रहती और उसी चीज को रिपीट करता है जो उसके घर में बताई जाती है बच्चे की तैयारी की जा रही है कि जब उसके सामने कैमरा आए जब उसके सामने रिपोर्टर आए तो उनको क्या कहना है लेकिन बच्चा उन सब बातों में से एक वाक्य को पकड़ता है कि हम मोदी को मारेंगे और वह थंब से शूट कर देता है पूरी दुनिया आज इस विडियो को देखकर शॉक रहे एक छोटा सा बच्चा कह आज हम मोदी को मारेंगे यही नहीं इससे पहले भी आप ने दिल्ली के अंदर छोटे बच्चों को देखा होगा जो कह रहे थे कि हम मोदी और शाह को मार डालेंगे यह वह सपोले हैं जिनको सरकार आज दूध पिला रही है यह सरकारी आंकड़े है रिकॉर्ड्स कहते हैं कि तकरीबन 80% इन्हीं सपोलों को छात्रवृत्ति मिली है जितने भी अल्पसंख्यक आयोग के द्वारा आवंटित दिए जाने वाली रियायत ऐं वजह से हैं वह सब के सब इसी कौन के द्वारा प्राप्त किए जाते हैं लेकिन आप कोई पता है सार्वभौमिक सत्य है कि सांप को भले ही कितना भी दूध पिलाया जाए चाहे उसकी कितनी भी देख रखी जाए लेकिन वह जहर उगलेगा ही लेकिन हमारे हिंदुस्तान के अंदर हमारे धर्म को ही बदनाम करने वाले कुछ कथाकार ऐसे लोग बैठे हुए हैं जिन्होंने इसी धर्म को बदनाम करने का अर्थात अपने ही धर्म को बदनाम करने और इसमें अलग-अलग सेक्स बनाने की ठानी हुई है पिछले दिनों मैंने एक वीडियो बनाया था जिसमें अजान के ऊपर बोला गया था और उसमें की कथा वाचिका कह रही हैं कि जब अजान हो तो हमको भी अपनी भागवत बंद करके और उस समय पर अल्लाह को प्रणाम करना चाहिए लेकिन उसमें यही कहा था कि यदि वह लोग आपके प्रति इस तरीके की भावना रखते हैं तो हम उनको प्रणाम कैसे कर सकते हैं रिप्लाई में बहुत बड़ा वीडियो आया था और क्योंकि यह सारी की सारी बात अजान से कनेक्टेड है और आज का वीडियो भजन पर है इस वजह से इसको कनेक्ट करना बहुत जरूरी था और इसके विषय में मैं अलग से एक पूरा का पूरा प्रत्युत्तर वाला वीडियो बनाऊंगा लेकिन यहां पर आप लोगों को जरा यह सोचना चाहिए कि कथा वाचिका जी वहां पर वैष्णव की बात करें वैष्णव धर्म की बात करेंगे सनातन की बात करें तो यह वैष्णव की बात करें तो मैं शहर की बात भी करनी पड़ेगी में लिंगायत के बाद भी करनी पड़ेगी और उन्होंने जितने भी छोटे-छोटे गर्ल्स बने बड़े हैं हिंदुओं के बीच मनसब की बात करनी पड़ेगी लेकिन अंकुर और यह सत्य सनातन कि धर्म की बात करता है वैदिक धर्म की बात करता आज परंपरा की बात करता है अपने बेटों की बात करता है तो सबसे ज्यादा भी तो उसी का हो जाता है आज हाई कोर्ट ने यूपी के हाई कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि अजान कोई मायने नहीं रखती है यदि उसका लाउडस्पीकर से प्रेजेंट किया जाएगा क्योंकि यह इस्लाम का हिस्सा ही नहीं है और मैं आपको बता दूं कि 50 साल तक जब लाउडस्पीकर आया पिता भारतवर्ष में 50 साल तक यह जान है इसको हराम करार दिया गया था कि हमको लाउडस्पीकर से इसको नहीं करना है लेकिन आज लाउडस्पीकर में ही अजान कहना एक फैशन बन गया है इसी के साथ-साथ हाई कोर्ट ने यह भी कहा है कि मस्जिद से लाउडस्पीकर से जो अजान दी जाती है वह दूसरे लोगों के अधिकार में हस्तक्षेप करना है इलाहाबाद हाई कोर्ट अजान के समय लाउडस्पीकर के प्रयोग करने पर सहमत नहीं हुई है आज जुम्मा है और शुक्रवार है और आज यह फ़ैसला आया है हाई कोर्ट ने कहा है कि अजान इस्लाम का हिस्सा है लेकिन लाउडस्पीकर इस्लाम का हिस्सा नहीं में लाउडस्पीकर से अजान दिया जाना इस्लाम का हिस्सा नहीं है इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मस्जिद से अजान पर बड़ा फैसला देते हुए कहा है कि वहां से जो अजान दी जाती है उससे हमें कोई एतराज नहीं है वह आप दीजिए यह उसकी अपनी भावना हो सकती है लेकिन लाउडस्पीकर पर नहीं दी जाएगी कोर्ट ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण मुक्त नींद का अधिकार जीवन के मूल अधिकारों का अपना हिस्सा है किसी को भी अपने मूल अधिकारों के लिए दूसरे के मूल अधिकारों का उल्लंघन करने का कोई अधिकार नहीं है और यह बात हुई क्योंकि क्योंकि बसपा सांसद अफजाल अंसारी की याचिका गई थी इलाहाबाद हाइकोर्ट ने गाजीपुर से बहुजन समाज पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी की अजान पर रोक के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका अब जनहित व है नहीं वह मुसलमान हित याचिका थी उस पर यह फैसला दिया है गाजीपुर से बसपा के सांसद अफजाल अंसारी ने जिलाधिकारी मस्जिदों में लव डाल के दौरान जो अजान पर लगा हुई पाबंदी थी उसको हाई कोर्ट में उसके खिलाफ याचिका दाखिल की थी और गाजीपुर के साथ-साथ हाथरस और फर्रुखाबाद की मस्जिदों में भी अजवाइन पर लगी रोक को हटाने के लिए कहा था हाई कोर्ट ने मस्जिदों से अजान की अनुमति दी है लेकिन लाउडस्पीकर से अजान नहीं दी जाएगी इस पर अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मस्जिदों में अजान से को विन्यास की गाइडलाइन का कोई उल्लंघन नहीं होता है हाई कोर्ट अजान के समय लाउडस्पीकर के प्रयोग से सहमत नहीं है इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिदों से लाउडस्पीकरों से जान करने पर पूरी तरीके से रोक लगा दी है कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश का सभी जिलाधिकारियों से अनुपालन कराने का निर्देश भी दे दिया है या आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की खंडपीठ ने अफजाल अंसारी और फर्रुखाबाद के सैयद मोहम्मद फैजल की अधिकारों को पूरी तरीके से निरस्त करते हुए दिया है याची ने लाउडस्पीकर से मस्जिद से रमजान महीने में अजान की अनुमति न देने को धार्मिक स्वतंत्रता के मूल अधिकारों का उल्लंघन करने की मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर के हस्तक्षेप करने की मांग की है और मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार कर लिया है और सरकार से अपना पक्ष रखने के लिए कहा है दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद में कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने साफ कर दिया है कि लाउडस्पीकर सजा देना इस्लाम का हिस्सा नहीं है और साथ ही साथ अनुच्छेद 25 के धार्मिक स्वतंत्रता के मूल अधिकारों का उल्लंघन भी है क्योंकि इसमें जो दूसरे लोग हैं उनके अधिकारों का उल्लंघन होता है कोर्ट ने यह भी गाय के अनुच्छेद 21 स्वस्थ जीवन का अधिकार देती है वह और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी को भी दूसरे को रॉक बैंड सुनाने का अधिकार नहीं देती है एक निश्चित ध्वनि से अधिक तेज आवाज बिना अनुमति व जाने की छूट नहीं दी जा सकती है रात 10:00 से लेकर के सुबह 6 बजे तक इस प्रकार के बाद पर रॉक कानूनन पहले से ही है और कोर्ट के कई फैसलों हैं जिस पर नियंत्रण का सरकार को अधिकार है अब आपको यहां पर यह बिल्कुल भी दो राय नहीं होने चाहिए कि जिस प्रकार से लगातार राज्य खाकर हो सत्य सनातन हो सोनू निगम हो या फिर एक बार गहने देखा के जावेद अख्तर जो पिछले चार-पांच दिन पहले भी इस बात को उठा चुके हैं कि इस प्रकार के लाउडस्पीकर पर दी जाने वाली अजान इस्लाम का हिस्सा नहीं है उसको बैंक जाना चाहिए वह अब फलित होती नजर आ रही है लेकिन यहां पर यह गौर करने वाली बात है कि सनातन वैदिक धर्म में सब के पूज्य भगवान श्रीकृष्ण अगर कॉन्प्रोमाइज़ करने कहते थे अर्जुन को अगर भगवान श्री राम कॉन्प्रोमाइज़ करने के लिए कह देते मैया सीता को तो आज स्थिति क्या होती जिस प्रकार से आपके एक छोटा सा कट बना करके वैष्णव संप्रदाय बना करके उसके कथाकार आपको कह रहे हैं कि कॉन्प्रोमाइज़ कर लो अगर भगवान श्रीकृष्ण कहते थे कि तुम से जमीन छीनी गई है तुम्हारी वाइफ का अपमान किया गया है तुम्हारा अपमान किया गया है तुमको वनवास भेज दिया गया अज्ञातवास भेज दिया गया ऊपर से अन्य प्रकारों से भी तुम्हारी बेइज्जती की गई लेकिन तुम कॉन्प्रोमाइज़ कर लो तो उनकी भावनाओं के आहत मत करो उनका अपना विचार है वह स्वतंत्र विचार हैं उनकी भावनाओं की कद्र करते हुए तुम कॉन्प्रोमाइज़ कर लो अगर भगवान राम यह कह देते कि सीता यह रावण की स्वतंत्रता है रावण भी तो किसी मजहब को किसी धर्म को या किसी विचारधारा को मानता होगा उसने तुम्हारा हरण कर लिया तो कोई दिक्कत नहीं है नहीं ऐसा हुआ ही नहीं दोनों ने युद्ध करने के लिए कहा उन्होंने अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए कहा और मैं तो सिर्फ यह कह रहा हूं दोस्त से के अजान किसी के लिए भी ठीक नहीं है जो दी वह मुझसे बोली जाए तो भी ठीक नहीं है क्योंकि वह स्पष्ट तौर पर आपके मानने वाले जिनको आप भगवान मानते हैं राम हों कृष्ण हों शिव-पार्वती हो कोई भी हो और वह किसी भी संप्रदाय का व्यक्ति हो चाहे वह सिख हो इसाई हो जैन हो पारसियों बोध हो वह सब को नकार रहे हैं वह सब कह रहे हैं कि नहीं यह कोई भी मां बूंद सिवाए अल्लाह के और वह लाइक और है वो कुरान काला है लेकिन देवी जा करके कहती हैं कि उनका भी तो अल्लाह है अरे भाई ऐसे कौन से डिपार्टमेंट बढ़ रहे हैं तो इनका भगवान हो गए और उनका हमला हो गया ईश्वर-परमेश्वर तो एक है परमपिता परमेश्वर की सत्ता एक है उसके अलावा कोई भी नहीं है लेकिन अल्लाह और परमेश्वर के दो बूंद ही मैच नहीं होते हैं इसलिए हम अल्लाह को परमेश्वर नहीं कह सकते हैं अल्लाह और ईश्वर में बहुत फर्क है इसलिए मैं बार-बार कहता हूं कि आप लोग अपने दिमाग का ढक्कन खोलिये डेंग बेसन की वीडियो देखिए जिसमें शुभम का में पहुंचकर के तहत आपके रिसर्च के बाद उसने बताया कि मकान हम का कोई शहर नहीं था और यह कोई सेक्रेट प्लेस नहीं है यह तो एक बंजर भूमि थी और पेट्रोल से उठाकर के यहां पर इसको स्थापित किया गया ताकि अपना बिजनेस चला सके लेकिन आज हमारे वैष्णव संप्रदाय की तथाकथित कथा वाचिका जी यह कहती हैं कि नहीं उस अजान के समय पर आप अपने धार्मिक ग्रंथ को बंद करके रख दिए यह कि जिस अजान के समय पर एक फेक सेक्रेट प्लेस बना करके उसकी तरफ मूह करके जो नमाज़ पढ़नी होती है उसके लिए ताकि उनका स्वागत किया जा सके ताकि उनका अपमान ना हो भागवत पड़ने से कौन सा अपमान होता है यदि आपको लगता है तो आप का ज्ञान आपके पास वैसे मैं इसका फुल एक वीडियो आप लोगों को जल्द ही देने वाला हूं लेकिन आज सिर्फ इतना ही फैजान पर लाउडस्पीकर पर बैन लगा है लेकिन यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है क्योंकि यह सभी कि भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के धार्मिक भावनाओ को आहात कॉल करने के लिए दिन में 15 बार उनको गाली दी जाती है यह पॉइंट जब तक सुप्रीम कोर्ट में नहीं पहुंचेगा तब तक पूर्ण न्याय नहीं होगा और आप भी समझने के वह अपने चिक्की बच्चे छोटे-छोटे बच्चों तक को भी क्या सिखा रहे हैं और यही बच्चे बड़े हो करके जब जिहादी बनेंगे जब यह ही लोग लुढ़का है जाएंगे तब एक बार फिर से चूड़ी थोड़ी जाएंगी तब एक बार फिर से रंडी रोना स्टार्ट हो जाएगा और फिर एक बार से विक्टिम प्ले कार्ड खेला जाएगा लेकिन उन सबको हमने नहीं होने देना है युवा समाज को जागरूक करना है और इसमें आपका सहयोग सत्य सनातन परिवार के साथ में जुड़कर के अपेक्षित है मेरे संग बोलिए सत्य सनातन धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

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