Sunday, 1 February 2026

जब Palestine के मुसलमानों को मुसलमानों ने मिलकर घेरकर मारा Satya Sanatan Ankur Arya Israel

दोस्तों फिलिस्तीन का एक रूल बन चुका है कि पहले इजराइल को जाक के थप्पड़ मारो और उसके बाद जब वो रिटेन करें तो फिर 56 देशों के सामने उठा कर के कटोरा भीख मांगने लग जाओ यही मॉडल उनका आज भी चल रहा है आप youtube2 से ₹ लाख रपए इकट्ठा करते हैं लेकिन मैं आप लोगों से अपील करना चाहता हूं के जितने भी हमारे गुरुकुल हैं उनके पुनरुद्धार के लिए आप प्लीज हमारे विश्वानी सेवा फाउंडेशन को कुछ ना कुछ डोनेट अवश्य करें क्योंकि गुरुकुल कभी भी किसी के विनाश के लिए नहीं बल्कि विकास के लिए कार्य करते हैं इस भारत के विश्व गुरु पुनरुत्थान के लिए कार्य करते [संगीत] हैं नमस्ते दोस्तों आप सबका एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने youtube0 सनातन में फिलिस्तीन का एक मिसाइल खुद ही मिसफायर हो गया और इजराइल के ऊपरना ना गिर के वह खुद गई हॉस्पिटल पर गिर गया जिसमें कि तकरीबन 500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं मैं आज बात करने वाला हूं एक ऐसी घटना के विषय में जिसमें कि मुसलमानों ने ही मुसलमानों को मारा था तकरीबन 25000 मुसलमानों को मारा और सड़कों पर उनकी लाशें बिखरी पड़ी रही जी हां एक ऐसी घटना जिससे सुनकर के आपकी रूह तक कांप जाएगी भले ही आप मुसलमान हो या गैर मुसलमान हो आपने देखा होगा कि पाकिस्तान के फौजी अभी भी फिलिस्तीन जा रहे हैं इजराइल से युद्ध करने के लिए और भारत के मुसलमान पाकिस्तानी मुसलमानों को प्रेज कर रहे हैं कि वह दीन इस्लाम के लिए लड़ने के लिए फिलिस्तीन जा रहे हैं अर्थात पूरी की पूरी दुनिया के मुसलमान चाहे भारत हो पाकिस्तान हो सारे के सारे मुसलमान लामबंद हो रहे हैं इजराइल यानी कि यहूदियों के खिलाफ लेकिन एक वक्त ऐसा आया था जब इन्हीं पाकिस्तानियों और जॉर्डन के मुसलमानों ने मिलकर इन्हीं फिलिस्तीन मासूम लोगों को जान से मारा था आज मैं एक ऐसी ऐतिहासिक घटना के ऊपर से पर पर्दा उठाने जा रहा हूं जिसके ऊपर पर्दा भी खुद मुसलमानों ने ही डाला था तो दोस्तों घटना की शुरुआत होती है 1970 के 1 सितंबर से जब इजराइली लोग यह बात की तैयारी कर रहे थे कि कब मुस्लिम देश उनके ऊपर हमला करेंगे वहां दूसरी तरफ देखा गया कि जॉर्डन के अंदर पीएलओ जो फिलिस्तीन मुक्ति संगठन था उसके लोगों को जियाउल हक अर्थात पाकिस्तान का जो पूर्व तानाशाह राष्ट्रपति बन कर के बैठा था और उस से पहले जब वो एक पाकिस्तानी सैन्य कमांडर हुआ करता था और ओमान में उसकी नियुक्ति हो रखी थी उसने ही जाकर के 25000 फिलिस्तीनिज्म कौम हो चुकी है कि ये लोग जब अपने लोगों को मारते हैं उसका पर्दा स्वयं डालते हैं और इल्जाम दूसरों पर डाल देते हैं हैं जिस प्रकार से फिलिस्तीन के अंदर छोड़ी गई मिसाइल जो इजराइल के ऊपर गिरनी थी वह खुद के ही हॉस्पिटल पर गिर गई और हिंदुस्तान में बैठे हुए फैक्ट चेकर्स यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि यह वीडियो पुराने हैं उसी प्रकार से 1970 में जिसको कि ब्लैक सिंबर के नाम से भी जाना जाता है वहां पर भी यही कार्य हुआ था इसकी शुरुआत होती है 1948 से जिस समय पर इजराइल द्वितीय विश्व युद्ध के बाद में अपने एक अलग देश की मांग को लेकर के इजराइल की तरफ चल रहा था इसके बाद में सारे यहूदियों ने मिलकर के अपना देश तो बना लिया लेकिन 1948 में सारे अरेबिक कंट्रीज ने मिलकर के यहूदियों के ऊपर हमला कर दिया यहूदियों ने इसका मुंह तोड़ जवाब दिया और पूरा का पूरा वेस्ट बैंक अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया और इसको अपने देश का ही हिस्सा बना लिया उसके बाद में 1967 में एक बार फिर से युद्ध हुआ लेकिन इसको सिक्स डे वॉर कहा जाता है जिसमें कि इजराइल ने सिर्फ छ दिन के अंदर-अंदर सारे के सारे अरेबिक जो कंट्रीज थी उनको धूल चटा दी और तकरीबन 20000 अरेबिक मुसलमान सैनिकों को मार गिराया इस सिक्स डे वॉर को आप कहीं पर भी सर्च करके पूरा का पूरा पढ़ सकते हैं बहुत इंटरेस्टिंग वॉर था इसमें करीबन 800 इजराइली सैनिक ही मारे गए थे लेकिन उसके बदले 20000 अरेबिक जो सैनिक थे वो फना हो चुके थे इस 1967 के युद्ध के बाद में एक बार फिर से 1968 में सारे अरेबिक कंट्रीज ने मिलकर के वेस्ट बैंक के ऊपर हमला कर दिया यह एक चारों तरफ से किया गया हमला था जिसमें कि इजराइली सैनिक वहां का जो सिस्टम था वह थोड़ा सा कमजोर लगा इसमें इजराइली सैनिक अन्य सैनिकों से दूसरे जो अपोनेंट थे उनकी संख्या से ज्यादा मारे गए थे इसको एक तरीके से अपनी जीत मानते हुए उस समय जॉर्डन के जो राजा थे शाह हुसैन उसने पूरा का पूरा जो श्रेय था वो पी पीएलओ के सिर पर बांध दिया यहीं से पीएलओ का जो अहंकार था वो बढ़ना शुरू हो गया अब पीएलओ को यह लगने लग गया कि हम सिर्फ फिलिस्तीन का एक छोटा सा देश नहीं रहेंगे बल्कि हम जो अन्य देश है उनको भी अपने में मिला लेंगे इन्होंने सबसे पहले कोशिश की कि हम जॉर्डन को ही क्यों ना मिला लें मैंने आपको बताया था एक बार कि जॉर्डन के जो राजा हैं वो स्वयं को मोहम्मद पैगंबर मोहम्मद के 40 वें वंशज मानते हैं और वो कहीं पर भी अगर जाते हैं तो वह अन्य मुसलमानों की तरह बुर्के में नहीं रहते बल्कि एकदम वेस्टर्न कल्चर को फॉलो करते हैं और वह कहते हैं कि हम असली मुसलमान हैं मुसलमानों के अंदर एक अपना कैंसलेशन कल्चर है वह दूसरों को कैंसल करते हैं जैसे कि भारतीय मुसलमान बंगाली मुसलमानों को मुसलमान नहीं मानते क्योंकि बंगाली मुसलमान तिलक भी लगाते हैं और साड़ी भी पहनते हैं पाकिस्तानी मुसलमान हिंदुस्तानी मुसलमानों को मुसलमान नहीं मानते और वो कहते हैं कि तुम हिंदुओं की औलाद हो और हम ही हैं जो मोहम्मद पैगंबर के असली वंशज हैं जबकि जो अरेबिक मु मुसलमान हैं वह किसी को मुसलमान नहीं मानते और वह कहते हैं कि हम ही सबसे बड़े मुसलमान हैं जबकि टर्की के जो मुसलमान है वह कहते हैं कि ना अरेबिक ना पाकिस्तानी ना इंडियन ना बांग्लादेशी बल्कि सच्चे मुसलमान हम ही हैं क्योंकि हमारे पास में हिजरे अस्वद के जो 27 टुकड़े हुए थे उनमें से दो पीस हमारे पास में हैं सबसे बड़ी चीज यह है कि जॉर्डन के जो मुसलमान हैं वो कहते हैं कि ना टर्की के ना अरेबिक ना ही पाकिस्तान ना इंडिया ना बांगला यह कोई भी सच्चे मुसलमान नहीं है सच्चे मुसलमान केवल और केवल हम हैं और उससे मजेदार बात यह है कि सारे मुसलमान मिलकर के जॉर्डन वाले मुसलमानों को मुसलमान नहीं मानते और कहते हैं कि यह बिल्कुल फेक मुसलमान है क्योंकि जॉर्डन से मोहम्मद का कोई रिश्ता नाता नहीं था वह सऊदी से था इसके ऊपर हमने पहले भी डन गिब्सन की जो खोज हुई थी उस पर विस्तृत चर्चा की थी कि असली मुसलमान कहां से निकले थे और कहां से नहीं अब इस कैंसलेशन कल्चर के चलते ही जिस समय पर फिलस्तीन के पीएलओ आतंकवादी संगठन ने सीरिया लेबनान और इधर जॉर्डन को अपने में मिलाने का प्रयास किया उसी समय पर वहां का जो शासक था अर्थात तत्कालीन शासक के जो अब्बा जान थे उन्होंने कहा कि अब फिलिस्तीन को मारना पड़ेगा उस समय पर ओमान में नियुक्त जियाउल हक जो कि बाद में फिर राष्ट्रपति भी बना उसने जाकर के शाह हुसैन को कहा कि इनका पूरी तरीके से खात्मा करना पड़ेगा क्योंकि आतंकवादी बन चुके हैं उस समय पर जियाउल हक ने जाकर के जॉर्डन की सेना को प्रशिक्षण दिया और जॉर्डन की सेना ने उनके अक्षेम घुसे हुए जो फिलिस्तीनी पीएलओ के आतंकवादी थे उनको ढूंढ ढूंढ करके मारना शुरू कर दिया दोस्तों उस समय पर आतंकवादी तो नहीं मिले लेकिन वहां पर मासूम जनता जो रहती थी उनको उन्होंने घरों से निकाल निकाल कर के मारना और काटना शुरू कर दिया आपको यह यकीन नहीं हो रहा होगा कि उस समय पर सितंबर के ही महीने में में तकरीबन 25000 नागरिकों को मारा गया था उनमें से काफी मात्रा में जो थे वो मासूम लोग थे बेगुनाह लोग थे जिनका किसी से कोई अर्थ मतलब नहीं था कारण यह था कि इजराइल जिस समय पर वेस्ट बैंक पर बारबार हमले कर रहा था उस समय पर काफी सारे मुसलमान वेस्ट बैंक को छोड़ कर के ऑलरेडी लेबनान सीरिया और जॉर्डन में छिप चुके थे तकरीबन तकरीबन 65 पर पॉपुलेशन अभी भी जॉर्डन के अंदर फिलिस्तीनिज्म का उस समय का प्रधानमंत्री था उसने भी जियाउल हक को इसका पूरा का पूरा श्रेय दे दिया जुल्फीकार अली भुट्टो उस समय पर यह नहीं जानता था कि जियाउल हक के अंदर भी इसी प्रकार से गद्दी की जो लालसा है वह बढ़ती जा रही है वहां पर 25000 मुसलमानों का कत्लेआम करने के बाद में जॉर्डन के जो शासक थे उन्होंने ना केवल उसको करोड़ों अरबों रुपए दिए बल्कि उसको इतना शक्तिशाली बना दिया उसको इतना ख्वाब दिखा दिया कि तू भी जाकर के जुल्फीकार अली भुट्टो को फांसी पर चढ़ दे और वहां का शासन करता बन जा आज अगर एक भी मुसलमान को आप थप्पड़ मार दीजिए तो पूरे हिंदुस्तान को सिर पर उठा लेगा हिंदुस्तानी मुसलमान और पाकिस्तान का मुसलमान पूरे विश्व के अंदर उसका रिटल स्टार्ट हो जाता है पूरे विश्व के अंदर भारत का बहिष्कार शुरू हो जाता है और नरेंद्र मोदी को उसी समय पर नाजी और हिटलर बता दिया जाता है लेकिन 25000 मुसलमानों की हत्या करने वाले पाकिस्तानी मुसलमान जॉर्डन के मुसलमान आज भी बेगुनाह हैं और यह भारत के दोगले मुसलमान ही हैं जो आज भी फिलिस्तीनिज्म के मुसलमानों का सपोर्ट करते हैं पाकिस्तान की सेना का इस्तकबाल करते हैं और कहते हैं कि तुम दीन के काम के लिए जा रहे हो पूरे विश्व के अंदर आज तक भी किसी ने भी इस नर संघार की आलोचना बरसना निंदा नहीं की है और पाकिस्तान को आज भी वह किसी के सामने कटोरा लेकर के जाता है तो उसको भीख तत्काल मिल जाती है उसका कारण है कि उन्होंने खुद फिलिस्तीन मुक्ति संगठन के 25000 लोगों को उनके परिवार के लोग को मारा था मैं बात करूंगा नाजी और हिटलर शाही की हिटलर ने 60 लाख इजराइल हों को मारा था अर्थात जब भारत का मुसलमान नरेंद्र मोदी को हिटलर या नाज कह रहा होता है तो भारत का मुसलमान यह कहने का प्रयास कर रहा होता है कि जिस प्रकार से नाजियों ने मिलकर के 60 लाख इजराइल को मारा बेगुनाहों को मारा उसी प्रकार से नरेंद्र मोदी यहां मुसलमानों के साथ कर रहा है ऐसे में भारतीय मुसलमान अप्रत्यक्ष तौर पर ये कह रहा होता है कि इजराइली यहूदी बेगुनाह थे लेकिन मुसलमानों की खुद की किताब के अनुसार अंतिम इजराइली को अंतिम यहूदी को मारे बिना कयामत नहीं आएगी और इन लोगों को बेचार को जन्नत भी नहीं मिलेगी इनकी किताब के अनुसार सबसे बड़ा गुनहगार कोई है तो वो यहूदी है तो अब दुनिया के मुसलमानों को तय कर लेना चाहिए कि या तो नरेंद्र मोदी सही है और या फिर यहूदी सही है लेकिन इनका दोगलापन है कि ये इनकी निगाह में हर कोई गलत है कभी इसको गलत बता देंगे कभी उसको गलत बता देंगे लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर यह दोनों को ही सही बता रहे होते हैं और प्रत्यक्ष तौर पर दोनों की ही गलती निकाल रहे होते हैं एक्चुअली इनका जो मादर सा छाप माइंड है वो इनको सोचने से रोकता है वह इनको किसी भी चीज में अकल के दखल से इंकार करता है जिस प्रकार से पाकिस्तानियों ने खुद फिलिस्तीन को मारा उसकी आलोचना करने में इनकी अकल का दखल होता है यहूदी सही या नरेंद्र मोदी सही या दोनों सही या दोनों गलत इसमें भी इनका दिमाग अकल की दखल को मना करता है दोस्तों इस प्रकार की कौम जो दोगला रवैया अपनाती हो और अपनी कौम के मारे जाने के बाद भी जश्न मना रही हो और किसी को थप्पड़ लग जाने के बाद भी मामले को यूएनएफ रही हो ऐसी कौम से दूर रहना चाहिए मैं तो पूर्ण बहिष्कार की मांग करता हूं आपका क्या कहना है और इस विभ 25000 मुसलमानों की नरस ार की घटना पर आपका क्या कहना है और उसके बावजूद भी इनके दोगले पन पर क्या कहना है हमें नीचे कमेंट करके अवश्य बताएं और उसी प्रकार से आप हमारे विश्वानी सेवा फाउंडेशन को सपोर्ट करते रहे अगर यह वीडियो आपको अच्छा लगता है जानकारी से भरपूर लगता है तो इसको सबके साथ में शेयर अवश्य करें मेरे संग बोली सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय जय हिंद वंदे मातरम

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